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लिपि:
॥ श्री ॥
दुर्गा सहस्रनाम
सहस्रनाम · माँ दुर्गा
पाठ
॥ ध्यानम् ॥ या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
प्रमुख नाम (प्रमुख स्वरूप)
- दुर्गा — दुर्गम संकटों को हरने वाली
- शिवा — कल्याणकारिणी
- महालक्ष्मीः — महालक्ष्मी स्वरूपा
- महागौरी — अत्यंत गौर वर्ण वाली
- चण्डिका — प्रचंड रूपा
- सर्वमङ्गला — समस्त मंगल की दात्री
- भवानी — भव (शिव) की शक्ति
- अम्बिका — जगत् जननी
- जगदम्बा — संसार की माता
- कात्यायनी — कात्यायन ऋषि के यहाँ अवतरित
अर्थ (हिन्दी)
- जो देवी समस्त प्राणियों में शक्ति रूप में स्थित हैं, उन्हें बारंबार नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार।
लाभ
- शत्रु, भय व संकटों से रक्षा होती है।
- शक्ति, साहस व सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
- मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
कब करें पाठ
नवरात्रि में · शुक्रवार व अष्टमी को · प्रातः व संध्या पूजा में
स्रोत
रचयिता: देवी परंपरा. देवी पुराण / तंत्र परंपरा
