वापस
लिपि:
॥ श्री ॥

दुर्गा सहस्रनाम

सहस्रनाम · माँ दुर्गा

पाठ

॥ ध्यानम् ॥ या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

प्रथम शतक (नाम 1–100)

  1. महाविद्या — महान विद्या-स्वरूपा
  2. जगन्माता — जगत् की माता
  3. महालक्ष्मी — महालक्ष्मी स्वरूपा
  4. शिवप्रिया — शिव की प्रिया
  5. विष्णुमाया — विष्णु की माया-शक्ति
  6. शुभा — कल्याणमयी
  7. शान्ता — शांत स्वरूपा
  8. सिद्धा — सिद्ध-स्वरूपा
  9. सिद्धसरस्वती — सिद्ध सरस्वती रूपा
  10. क्षमा — क्षमाशीला
  11. कान्तिः — कांति (तेज) स्वरूपा
  12. प्रभा — प्रभा (आभा) रूपा
  13. ज्योत्स्ना — चाँदनी-स्वरूपा
  14. पार्वती — पर्वतराज की पुत्री
  15. सर्वमङ्गला — सबका मंगल करने वाली
  16. हिङ्गुला — हिंगलाज देवी रूपा
  17. चण्डिका — प्रचंड रूपा
  18. दान्ता — संयमशीला
  19. पद्मा — कमल-स्वरूपा
  20. लक्ष्मी — लक्ष्मी रूपा
  21. हरिप्रिया — हरि (विष्णु) की प्रिया
  22. त्रिपुरा — त्रिपुरसुंदरी रूपा
  23. नन्दिनी — आनंद देने वाली
  24. नन्दा — आनंदमयी
  25. सुनन्दा — परम आनंदमयी
  26. सुरवन्दिता — देवताओं द्वारा वंदित
  27. यज्ञविद्या — यज्ञ-विद्या स्वरूपा
  28. महामाया — महामाया
  29. वेदमाता — वेदों की माता
  30. सुधा — अमृत-स्वरूपा
  31. धृतिः — धैर्य-स्वरूपा
  32. प्रीतिः — प्रीति (प्रेम) स्वरूपा
  33. प्रथा — प्रसिद्धि-स्वरूपा
  34. प्रसिद्धा — सर्वविख्यात
  35. मृडानी — शिव-पत्नी (मृड की शक्ति)
  36. विंध्यवासिनी — विंध्याचल पर निवास करने वाली
  37. सिद्धविद्या — सिद्ध-विद्या रूपा
  38. महाशक्तिः — महाशक्ति
  39. पृथ्वी — पृथ्वी-स्वरूपा
  40. नारदसेविता — नारद द्वारा सेवित
  41. पुरुहुतप्रिया — इंद्र की प्रिया (शक्ति)
  42. कान्ता — मनोहर रूपा
  43. कामिनी — कमनीय रूपा
  44. पद्मलोचना — कमल-नयनी
  45. प्रह्लादिनी — आनंद देने वाली
  46. महामाता — महान माता
  47. दुर्गा — दुर्गम संकट हरने वाली
  48. दुर्गतिनाशिनी — दुर्गति का नाश करने वाली
  49. ज्वालामुखी — ज्वालामुखी देवी रूपा
  50. सुगोत्रा — श्रेष्ठ गोत्र वाली
  51. ज्योतिः — ज्योति-स्वरूपा
  52. कुमुदवासिनी — कुमुद (कमल) में वास करने वाली
  53. दुर्गमा — कठिनता से प्राप्य
  54. दुर्लभा — दुर्लभ
  55. विद्या — विद्या-स्वरूपा
  56. स्वर्गतिः — उत्तम गति देने वाली
  57. पुरवासिनी — पुर (देह) में वास करने वाली
  58. अपर्णा — तप में पर्ण भी त्यागने वाली
  59. शाम्बरीमाया — शाम्बरी माया स्वरूपा
  60. मदिरा — आनंद-मद देने वाली
  61. कुलवागीश्वरी — कुल-वाणी की ईश्वरी
  62. नित्या — नित्य (शाश्वत)
  63. नित्यक्लिन्ना — सदा करुणा-आर्द्र
  64. कृशोदरी — कृश उदर वाली
  65. कामेश्वरी — काम की ईश्वरी
  66. नीला — नील-वर्णा
  67. भीरुण्डा — भयंकर रूपा
  68. वह्निवासिनी — अग्नि में वास करने वाली
  69. लम्बोदरी — विशाल उदर वाली
  70. महाकाली — महाकाली रूपा
  71. विद्याविद्येश्वरी — विद्या-अविद्या की ईश्वरी
  72. नरेश्वरी — मनुष्यों की ईश्वरी
  73. सत्या — सत्य-स्वरूपा
  74. सर्वसौभाग्यवर्धिनी — समस्त सौभाग्य बढ़ाने वाली
  75. सङ्कर्षणी — संहार-शक्ति रूपा
  76. नारसिंही — नृसिंह-शक्ति रूपा
  77. वैष्णवी — विष्णु-शक्ति रूपा
  78. महोदरी — विशाल उदर वाली
  79. कात्यायनी — कात्यायन-गोत्र में अवतरित
  80. चम्पा — चंपा-पुष्प सदृश
  81. सर्वसम्पत्तिकारिणी — समस्त संपत्ति देने वाली
  82. नारायणी — नारायण-शक्ति रूपा
  83. महानिद्रा — महानिद्रा रूपा
  84. योगनिद्रा — योगनिद्रा स्वरूपा
  85. प्रभावती — प्रभा (तेज) वाली
  86. प्रज्ञापारमिता — प्रज्ञा की पराकाष्ठा
  87. प्रज्ञा — प्रज्ञा (बुद्धि) रूपा
  88. तारा — तारने वाली (तारा देवी)
  89. मधुमती — मधुर बुद्धि वाली
  90. मधु — मधु (माधुर्य) रूपा
  91. क्षीरार्णवसुधाहारा — क्षीर-सागर के अमृत का हार धारिणी
  92. कालिका — कालिका रूपा
  93. सिंहवाहना — सिंह पर सवार
  94. ओंकारा — ॐकार-स्वरूपा
  95. वसुधाकारा — पृथ्वी रूपा
  96. चेतना — चेतना-शक्ति रूपा
  97. कोपनाकृतिः — कुपित आकृति वाली
  98. अर्धबिन्दुधरा — अर्ध-बिंदु (नाद) धारिणी
  99. धारा — धारा-स्वरूपा
  100. विश्वमाता — विश्व की माता

द्वितीय शतक (नाम 101–200)

  1. कलावती — कलाओं से युक्त
  2. पद्मावती — कमल-स्वरूपा
  3. सुवस्त्रा — सुंदर वस्त्र वाली
  4. प्रबुद्धा — पूर्ण जाग्रत ज्ञानमयी
  5. सरस्वती — सरस्वती रूपा
  6. कुण्डासना — कुंड-पीठ पर आसीन
  7. जगद्धात्री — जगत् को धारण करने वाली
  8. बुद्धमाता — बुद्ध की माता (शक्ति)
  9. जिनेश्वरी — जिनेंद्र की ईश्वरी
  10. जिनमता — जिन-मत स्वरूपा
  11. जिनेन्द्रा — जिनेंद्र-शक्ति रूपा
  12. शारदा — शारदा (सरस्वती) रूपा
  13. हंसवाहना — हंस पर सवार
  14. राज्यलक्ष्मी — राज्य की लक्ष्मी
  15. वषट्कारा — वषट्कार-स्वरूपा
  16. सुधाकारा — अमृतमयी
  17. सुधात्मिका — अमृत-स्वरूपा
  18. राजनीतिः — राजनीति-स्वरूपा
  19. त्रयी — तीन वेद रूपा
  20. वार्ता — वार्ता (कृषि-वाणिज्य) रूपा
  21. दण्डनीतिः — दंडनीति-स्वरूपा
  22. क्रियावती — क्रिया-शक्ति वाली
  23. सद्भूतिः — सत् ऐश्वर्य रूपा
  24. तारिणी — तारने वाली
  25. श्रद्धा — श्रद्धा-स्वरूपा
  26. सद्गतिः — सद्गति देने वाली
  27. सत्परायणा — सत्य में तत्पर
  28. सिन्धुः — सिंधु (सागर) रूपा
  29. मन्दाकिनी — आकाशगंगा रूपा
  30. गङ्गा — गंगा-स्वरूपा
  31. यमुना — यमुना-स्वरूपा
  32. सरस्वती — सरस्वती (नदी) रूपा
  33. गोदावरी — गोदावरी रूपा
  34. विपाशा — विपाशा (व्यास) नदी रूपा
  35. कावेरी — कावेरी रूपा
  36. शतद्रुका — शतद्रु (सतलज) रूपा
  37. सरयूः — सरयू रूपा
  38. चन्द्रभागा — चंद्रभागा (चिनाब) रूपा
  39. कौशिकी — कौशिकी (कोसी) रूपा
  40. गण्डकी — गंडकी रूपा
  41. गण्डकी — गंडकी नदी रूपा
  42. शुचिः — पवित्र-स्वरूपा
  43. नर्मदा — नर्मदा रूपा
  44. कर्मनाशा — कर्मनाशा नदी रूपा
  45. चर्मण्वती — चंबल नदी रूपा
  46. देविका — देविका नदी रूपा
  47. वेत्रवती — बेतवा नदी रूपा
  48. वितस्ता — झेलम नदी रूपा
  49. वरदा — वर देने वाली
  50. नरवाहना — नर को वाहन बनाने वाली
  51. सती — सती-स्वरूपा
  52. पतिव्रता — पतिव्रता
  53. साध्वी — साध्वी (सती)
  54. सुचक्षुः — सुंदर नेत्र वाली
  55. कुण्डवासिनी — कुंड में वास करने वाली
  56. एकचक्षुः — एक नेत्र वाली
  57. सहस्राक्षी — सहस्र नेत्र वाली
  58. सुश्रोणिः — सुंदर कटि वाली
  59. भगमालिनी — भग-मालाधारिणी
  60. सेना — सेना-शक्ति रूपा
  61. श्रेणिः — श्रेणी-स्वरूपा
  62. पताका — पताका (ध्वज) रूपा
  63. सुव्यूहा — उत्तम व्यूह वाली
  64. युद्धकान्क्षिणी — युद्ध की इच्छुक
  65. पताकिनी — ध्वजधारिणी
  66. दयारम्भा — दया का आरंभ रूपा
  67. विपञ्चीपञ्चमप्रिया — वीणा के पंचम स्वर की प्रेमी
  68. परापरकलाकान्ता — पर-अपर कलाओं से कांत
  69. त्रिशक्तिः — तीन शक्ति रूपा
  70. मोक्षदायिनी — मोक्ष देने वाली
  71. ऐन्द्री — इंद्र-शक्ति रूपा
  72. माहेश्वरी — महेश्वर-शक्ति रूपा
  73. ब्राह्मी — ब्रह्मा-शक्ति रूपा
  74. कौमारी — कुमार (कार्तिकेय) शक्ति रूपा
  75. कुलवासिनी — कुल में वास करने वाली
  76. इच्छा — इच्छा-शक्ति रूपा
  77. भगवती — ऐश्वर्यमयी भगवती
  78. शक्तिः — शक्ति-स्वरूपा
  79. कामधेनुः — कामधेनु रूपा
  80. कृपावति — कृपामयी
  81. वज्रायुधा — वज्र को आयुध रखने वाली
  82. वज्रहस्ता — हाथ में वज्र धारिणी
  83. चण्डी — चंडी रूपा
  84. चण्डपराक्रमा — प्रचंड पराक्रम वाली
  85. गौरी — गौर-वर्णा
  86. सुवर्णवर्णा — स्वर्ण-वर्णा
  87. स्थितिसंहारकारिणी — स्थिति व संहार करने वाली
  88. एका — एक (अद्वितीय)
  89. अनेका — अनेक रूपा
  90. महेज्या — महान पूज्या
  91. शतबाहुः — सौ भुजाओं वाली
  92. महाभुजा — विशाल भुजा वाली
  93. भुजङ्गभूषणा — सर्प के आभूषण वाली
  94. भूषा — आभूषण-स्वरूपा
  95. षट्चक्रक्रमवासिनी — षट्चक्रों में क्रमशः वास करने वाली
  96. षट्चक्रभेदिनी — षट्चक्रों का भेदन करने वाली
  97. श्यामा — श्याम-वर्णा
  98. कायस्था — देह में स्थित
  99. कायवर्जिता — देह से रहित
  100. सुस्मिता — मधुर मुस्कान वाली

तृतीय शतक (नाम 201–300)

  1. सुमुखी — सुंदर मुख वाली
  2. क्षामा — क्षमाशीला कृशा
  3. मूलप्रकृतिः — मूल प्रकृति रूपा
  4. ईश्वरी — ईश्वरी
  5. अजा — अजन्मा
  6. बहुवर्णा — अनेक वर्णों वाली
  7. पुरुषार्थप्रवर्तिनी — पुरुषार्थ में प्रवृत्त कराने वाली
  8. रक्ता — रक्त-वर्णा
  9. नीला — नील-वर्णा
  10. सिता — श्वेत-वर्णा
  11. श्यामा — श्याम-वर्णा
  12. कृष्णा — कृष्ण-वर्णा
  13. पीता — पीत-वर्णा
  14. कर्बुरा — चित्र-वर्णा
  15. क्षुधा — क्षुधा-स्वरूपा
  16. तृष्णा — तृष्णा-स्वरूपा
  17. जरावृद्धा — जरा से वृद्धा रूपा
  18. तरुणी — तरुण रूपा
  19. करुणालया — करुणा का धाम
  20. कला — कला-स्वरूपा
  21. काष्टा — काष्ठा (काल-अंश) रूपा
  22. मुहूर्ता — मुहूर्त-स्वरूपा
  23. निमेषा — निमेष (काल) रूपा
  24. कालरूपिणी — काल-रूपा
  25. सुकर्णरसना — उत्तम कर्ण-रसना इंद्रिय वाली
  26. नासा — घ्राण-इंद्रिय रूपा
  27. चक्षुः — नेत्र-इंद्रिय रूपा
  28. स्पर्शवती — स्पर्श-इंद्रिय रूपा
  29. रसा — रस-इंद्रिय रूपा
  30. गन्धप्रिया — गंध की प्रेमी
  31. सुगन्धा — सुगंध-स्वरूपा
  32. सुस्पर्शा — सुखद स्पर्श वाली
  33. मनोगतिः — मन की गति रूपा
  34. मृगनाभिः — कस्तूरी-स्वरूपा
  35. मृगाक्षी — मृग-नयनी
  36. कर्पूरामोदधारिणी — कर्पूर-सुगंध धारिणी
  37. पद्मयोनिः — कमल से उत्पन्न
  38. सुकेशी — सुंदर केश वाली
  39. सुलिङ्गा — शुभ लिंग (चिह्न) वाली
  40. भगरूपिणि — भग-रूपा
  41. योनिमुद्रा — योनि-मुद्रा रूपा
  42. महामुद्रा — महामुद्रा रूपा
  43. खेचरी — खेचरी-मुद्रा रूपा
  44. खगगामिनी — आकाश में गमन करने वाली
  45. मधुश्री — माधुर्य की शोभा
  46. माधवीवल्ली — माधवी-लता रूपा
  47. मधुमत्ता — मधु से मत्त
  48. मदोद्धता — मद से उद्धत
  49. मातङ्गी — मातंगी रूपा
  50. शुकहस्ता — हाथ में शुक (तोता) वाली
  51. पुष्पबाणा — पुष्प-बाण वाली
  52. इक्षुचापिनी — गन्ने का धनुष धारिणी
  53. रक्ताम्बरधरा — लाल वस्त्र धारिणी
  54. क्षीवा — आनंद-मत्त
  55. रक्तपुष्पावतंसिनी — लाल पुष्प का अवतंस धारिणी
  56. शुभ्राम्बरधरा — श्वेत वस्त्र धारिणी
  57. धीरा — धीर-स्वरूपा
  58. महाश्वेता — महाश्वेता रूपा
  59. वसुप्रिया — धन की प्रेमी
  60. सुवेणिः — सुंदर वेणी वाली
  61. पद्महस्ता — हाथ में कमल वाली
  62. मुक्ताहारविभूषणा — मुक्ता-हार से विभूषित
  63. कर्पूरामोदनिःश्वासा — कर्पूर-सुगंधित श्वास वाली
  64. पद्मिनी — कमलिनी रूपा
  65. पद्ममन्दिरा — कमल-मंदिर वाली
  66. खड्गिनी — खड्गधारिणी
  67. चक्रहस्ता — हाथ में चक्र वाली
  68. भुसुण्डी — भुशुंडी (अस्त्र) धारिणी
  69. परिघायुधा — परिघ-आयुध वाली
  70. चापिनी — धनुर्धारिणी
  71. पाशहस्ता — हाथ में पाश वाली
  72. त्रिशुलवरधारिणी — श्रेष्ठ त्रिशूल धारिणी
  73. सुबाणा — उत्तम बाण वाली
  74. शक्तिहस्ता — हाथ में शक्ति (अस्त्र) वाली
  75. मयूरवरवाहना — श्रेष्ठ मयूर वाहना
  76. वरायुधधरा — श्रेष्ठ आयुध धारिणी
  77. वीरा — वीर-स्वरूपा
  78. वीरपानमदोत्कटा — वीर-पान के मद से उत्कट
  79. वसुधा — पृथ्वी रूपा
  80. वसुधारा — धन-धारा देने वाली
  81. जया — विजय-स्वरूपा
  82. शाकम्भरी — शाकंभरी देवी रूपा
  83. शिवा — कल्याणकारिणी
  84. विजया — विजय देने वाली
  85. जयन्ती — जयंती रूपा
  86. सुस्तनी — सुंदर स्तन वाली
  87. शत्रुनाशिनी — शत्रुओं का नाश करने वाली
  88. अन्तर्वत्नी — गर्भवती रूपा
  89. वेदशक्तिः — वेद-शक्ति रूपा
  90. वरदा — वर देने वाली
  91. वरधारिणी — वर धारण कराने वाली
  92. शीतला — शीतलता देने वाली
  93. सुशीला — सुशील
  94. बालग्रहविनाशिनी — बाल-ग्रह बाधा नाश करने वाली
  95. कुमारी — कुमारी रूपा
  96. सुपर्वा — शुभ पर्व रूपा
  97. कामाख्या — कामाख्या देवी रूपा
  98. कामवन्दिता — काम (इच्छा) से वंदित
  99. जालन्धरधरा — जालंधर-पीठ धारिणी
  100. अनन्ता — अनंत-स्वरूपा

चतुर्थ शतक (नाम 301–400)

  1. कामरूपनिवासिनी — कामरूप में वास करने वाली
  2. कामबीजवती — काम-बीज (मंत्र) वाली
  3. सत्या — सत्य-स्वरूपा
  4. सत्यधर्मपरायणा — सत्य-धर्म में तत्पर
  5. स्थूलमार्गस्थिता — स्थूल मार्ग में स्थित
  6. सूक्ष्मा — सूक्ष्म-स्वरूपा
  7. सूक्ष्मबुद्धिप्रबोधिनी — सूक्ष्म बुद्धि जगाने वाली
  8. षट्कोणा — षट्कोण (यंत्र) रूपा
  9. त्रिकोणा — त्रिकोण रूपा
  10. त्रिनेत्रा — तीन नेत्रों वाली
  11. त्रिपुरसुन्दरी — त्रिपुरसुंदरी रूपा
  12. वृषप्रिया — वृष (धर्म) की प्रेमी
  13. वृषारूढा — वृष पर आरूढ़
  14. महिषासुरघातिनी — महिषासुर का वध करने वाली
  15. शुम्भदर्पहरा — शुंभ का दर्प हरने वाली
  16. दीप्ता — देदीप्यमान
  17. दीप्तपावकसन्निभा — प्रज्वलित अग्नि सदृश
  18. कपालभूषणा — कपाल-आभूषण वाली
  19. काली — काली रूपा
  20. कपालमाल्यधारिणी — कपाल-माला धारिणी
  21. कपालकुण्डला — कपाल-कुंडल वाली
  22. दीर्घा — दीर्घ-स्वरूपा
  23. शिवा दूती — शिवदूती रूपा
  24. घनध्वनिः — मेघ-गर्जन सदृश ध्वनि वाली
  25. सिद्धिदा — सिद्धि देने वाली
  26. बुद्धिदा — बुद्धि देने वाली
  27. नित्या — नित्य
  28. सत्यमार्गप्रबोधिनी — सत्य-मार्ग जगाने वाली
  29. कम्बुग्रीवा — शंख सदृश ग्रीवा वाली
  30. वसुमती — रत्नवती (पृथ्वी)
  31. छत्रच्छायाकृतालया — छत्र-छाया में निवास करने वाली
  32. जगद्गर्भा — जगत् को गर्भ में धारण करने वाली
  33. कुण्डलिनी — कुंडलिनी-शक्ति रूपा
  34. भुजगाकारशायनी — सर्प-आकार में शयन करने वाली
  35. प्रोल्लसत्सप्तपद्मा — सात कमलों में उल्लसित
  36. नाभिनालमृणालिनी — नाभि-नाल रूपी मृणाल वाली
  37. मूलाधारा — मूलाधार-स्थिता
  38. निराकारा — निराकार
  39. वह्रिकुण्डकृतालया — अग्नि-कुंड में निवास करने वाली
  40. वायुकुण्डसुखासीना — वायु-कुंड में सुखासीन
  41. निराधारा — आधार-रहित
  42. निराश्रया — आश्रय-रहित
  43. श्वासोच्छ्वासगतिः — श्वास-प्रश्वास की गति रूपा
  44. जीवा — जीव-शक्ति रूपा
  45. ग्रहिणी — ग्रहण करने वाली
  46. वह्निसंश्रया — अग्नि का आश्रय
  47. वह्नितन्तुसमुत्थाना — अग्नि-तंतु से उत्थित
  48. षड्रसास्वादलोलुपा — छह रसों के स्वाद में रत
  49. तपस्विनी — तपस्विनी
  50. तपः सिद्धिः — तप की सिद्धि रूपा
  51. तापसी — तपस्या करने वाली
  52. तपः प्रिया — तप की प्रेमी
  53. तपोनिष्ठा — तप में निष्ठ
  54. तपोयुक्ता — तप से युक्त
  55. तपसःसिद्धिदायिनी — तप की सिद्धि देने वाली
  56. सप्तधातुमयी मूर्तिः — सप्त-धातुमयी मूर्ति
  57. सप्तधात्वन्तराश्रया — सप्त-धातुओं में अंतर्निहित
  58. देहपुष्टिः — देह की पुष्टि रूपा
  59. मनस्तुष्टिः — मन की तुष्टि रूपा
  60. अन्नपुष्टिः — अन्न से पुष्टि देने वाली
  61. बलोद्धता — बल से उद्धत
  62. ओषधिः — औषधि-स्वरूपा
  63. वैद्यमाता — वैद्यों की माता
  64. द्रव्यशाक्तिः — द्रव्य-शक्ति रूपा
  65. प्रभाविनी — प्रभावशालिनी
  66. वैद्या — वैद्य-विद्या रूपा
  67. वैद्यचिकित्सा — चिकित्सा-शक्ति रूपा
  68. सुपथ्या — हितकर पथ्य रूपा
  69. रोगनाशिनी — रोगों का नाश करने वाली
  70. मृगया — आखेट-शक्ति रूपा
  71. मृगमांसादा — मृग-मांस भक्षण रूपा
  72. मृगत्वक् — मृग-चर्म धारिणी
  73. मृगलोचना — मृग-नयनी
  74. वागुरा — जाल-स्वरूपा
  75. बन्धरूपा — बंधन-रूपा
  76. वधरूपा — वध-रूपा
  77. वधोद्धता — वध को उद्यत
  78. बन्दी — बंदी (स्तुति-पाठिका) रूपा
  79. वन्दिस्तुताकारा — वंदीजनों से स्तुत
  80. काराबन्धविमोचनी — कारागार-बंधन से मुक्त करने वाली
  81. शृङ्खला — शृंखला (बेड़ी) रूपा
  82. खलहा — दुष्टों का नाश करने वाली
  83. विद्युत — विद्युत-स्वरूपा
  84. दृढबन्धविमोचनी — दृढ़ बंधन से मुक्त करने वाली
  85. अम्बिका — जगज्जननी अम्बिका
  86. अम्बालिका — अम्बालिका रूपा
  87. अम्बा — माता अम्बा
  88. स्वक्षा — सुंदर नेत्र वाली
  89. साधुजनार्चिता — साधुजनों द्वारा पूजित
  90. कौलिकी — कुल-मार्ग की देवी
  91. कुलविद्या — कुल-विद्या रूपा
  92. सुकुला — श्रेष्ठ कुल वाली
  93. कुलपूजिता — कुल द्वारा पूजित
  94. कालचक्रभ्रमा — कालचक्र में भ्रमण करने वाली
  95. भ्रान्ता — भ्रमणशील
  96. विभ्रमा — विभ्रम-स्वरूपा
  97. भ्रमनाशिनी — भ्रम का नाश करने वाली
  98. वात्याली — बवंडर-स्वरूपा
  99. मेघमाला — मेघ-माला रूपा
  100. सुवृष्टिः — शुभ वृष्टि देने वाली

पंचम शतक (नाम 401–500)

  1. सस्यवर्धिनी — फसल बढ़ाने वाली
  2. अकारा — अ-अक्षर रूपा
  3. इकारा — इ-अक्षर रूपा
  4. उकारा — उ-अक्षर रूपा
  5. ऐकाररूपिणी — ऐ-अक्षर रूपा
  6. ह्रींकारी — ह्रीं-बीज रूपा
  7. बीजरूपा — बीज-मंत्र रूपा
  8. क्लींकारा — क्लीं-बीज रूपा
  9. अम्बरवासिनी — आकाश में वास करने वाली
  10. सर्वाक्षरमयी शक्तिः — समस्त अक्षरमयी शक्ति
  11. अक्षरा — अक्षर (अविनाशी) रूपा
  12. वर्णमालिनी — वर्ण-माला रूपा
  13. सिन्दूरारुणवक्त्रा — सिंदूर सदृश अरुण मुख वाली
  14. सिन्दूरतिलकप्रिया — सिंदूर-तिलक की प्रेमी
  15. वश्या — वश में करने वाली
  16. वश्यबीजा — वशीकरण-बीज रूपा
  17. लोकवश्यविभाविनी — लोक को वश में करने वाली
  18. नृपवश्या — राजाओं को वश करने वाली
  19. नृपैः सेव्या — राजाओं द्वारा सेव्य
  20. नृपवश्यकरी — राजाओं को वश में करने वाली
  21. प्रिया — प्रिय-स्वरूपा
  22. महिषी — पटरानी (महिषी) रूपा
  23. नृपमान्या — राजाओं द्वारा माननीय
  24. नृमान्या — मनुष्यों द्वारा माननीय
  25. नृपनन्दिनी — राजाओं को आनंद देने वाली
  26. नृपधर्ममयी — राज-धर्ममयी
  27. धन्या — धन्य-स्वरूपा
  28. धनधान्यविवर्धिनी — धन-धान्य बढ़ाने वाली
  29. चतुर्वर्णमयी मूर्तिः — चार वर्णों की मूर्ति
  30. चतुर्वर्णैश्च पूजिता — चारों वर्णों द्वारा पूजित
  31. सर्वधर्ममयी सिद्धिः — सर्व-धर्ममयी सिद्धि
  32. चतुराश्रमवासिनी — चार आश्रमों में वास करने वाली
  33. ब्राह्मणी — ब्राह्मण-शक्ति रूपा
  34. क्षत्रिया — क्षत्रिय-शक्ति रूपा
  35. वैश्या — वैश्य-शक्ति रूपा
  36. शूद्रा — शूद्र-शक्ति रूपा
  37. अवरवर्णजा — अवर वर्ण में उत्पन्न
  38. वेदमार्गरता — वेद-मार्ग में रत
  39. यज्ञा — यज्ञ-स्वरूपा
  40. वेदविश्वविभाविनी — वेद-विश्व को प्रकट करने वाली
  41. अस्त्रशस्त्रमयी विद्या — अस्त्र-शस्त्र विद्या रूपा
  42. वरशस्त्रास्त्रधारिणी — श्रेष्ठ शस्त्र-अस्त्र धारिणी
  43. सुमेधा — उत्तम बुद्धि वाली
  44. सत्यमेधा — सत्य-बुद्धि रूपा
  45. भद्रकाली — भद्रकाली रूपा
  46. अपराजिता — अपराजेय
  47. गायत्री — गायत्री रूपा
  48. सत्कृतिः — सत्कर्म रूपा
  49. सन्ध्या — संध्या-स्वरूपा
  50. सावित्री — सावित्री रूपा
  51. त्रिपदाश्रया — त्रिपदा (गायत्री) का आश्रय
  52. त्रिसन्ध्या — तीनों संध्या रूपा
  53. त्रिपदी — त्रिपदा रूपा
  54. धात्री — धारण-पोषण करने वाली
  55. सुपर्वा — शुभ पर्व रूपा
  56. सामगायनी — सामवेद गाने वाली
  57. पाञ्चाली — पांचाली रूपा
  58. बालिका — बालिका रूपा
  59. बाला — बाला रूपा
  60. बालक्रीडा — बाल-क्रीड़ा रूपा
  61. सनातनी — सनातन-स्वरूपा
  62. गर्भाधारधरा — गर्भ का आधार धारण करने वाली
  63. शून्या — शून्य-स्वरूपा
  64. गर्भाशयनिवासिनी — गर्भाशय में वास करने वाली
  65. सुरारिघातिनी कृत्या — देव-शत्रुओं का नाश करने वाली कृत्या
  66. पूतना — पूतना-संहार रूपा
  67. तिलोत्तमा — तिलोत्तमा (अप्सरा) रूपा
  68. लज्जा — लज्जा-स्वरूपा
  69. रसवती — रसमयी
  70. नन्दा — आनंदमयी
  71. भवानी — भव (शिव) की शक्ति
  72. पापनाशिनी — पापों का नाश करने वाली
  73. पट्टाम्बरधरा — रेशमी वस्त्र धारिणी
  74. गीतिः — गीत-स्वरूपा
  75. सुगीतिः — मधुर गीत रूपा
  76. ज्ञानलोचना — ज्ञान-नेत्र वाली
  77. सप्तस्वरमयी तन्त्री — सप्त-स्वरमयी वीणा रूपा
  78. षड्जमध्यमधैवता — षड्ज-मध्यम-धैवत स्वर रूपा
  79. मूर्च्छनाग्रामसंस्थाना — मूर्च्छना-ग्राम में स्थित
  80. स्वस्था — स्वस्थ (आत्मस्थ)
  81. स्वस्थानवासिनी — अपने स्थान में वास करने वाली
  82. अट्टाटहासिनी — अट्टहास करने वाली
  83. प्रेता — प्रेत (शव) पर स्थित
  84. प्रेतासननिवासिनी — प्रेतासन पर विराजमान
  85. गीतनृत्यप्रिया — गीत-नृत्य की प्रेमी
  86. अकामा — कामना-रहित
  87. तुष्टिदा — तुष्टि देने वाली
  88. पुष्टिदा — पुष्टि देने वाली
  89. अक्षया — अक्षय-स्वरूपा
  90. निष्ठा — निष्ठा-स्वरूपा
  91. सत्यप्रिया — सत्य की प्रेमी
  92. प्राज्ञा — प्रज्ञावती
  93. लोकेशी — लोकों की ईश्वरी
  94. सुरोत्तमा — देवताओं में श्रेष्ठ
  95. सविषा — विष-सहित रूपा
  96. ज्वालिनी — ज्वाला रूपा
  97. ज्वाला — ज्वाला-स्वरूपा
  98. विषमोहार्तिनाशिनी — विष-मोह-पीड़ा नाश करने वाली
  99. विषारिः — विष की शत्रु
  100. नागदमनी — नागों का दमन करने वाली

षष्ठ शतक (नाम 501–600)

  1. कुरुकुल्ला — कुरुकुल्ला देवी रूपा
  2. अमृतोद्भवा — अमृत से उत्पन्न
  3. भूतभीतिहरा रक्षा — भूत-भय हरने वाली रक्षा
  4. भूतावेशविनाशिनी — भूतावेश का नाश करने वाली
  5. रक्षोघ्नी — राक्षसों का नाश करने वाली
  6. राक्षसी — राक्षस-शक्ति रूपा
  7. रात्रिः — रात्रि-स्वरूपा
  8. दीर्घनिद्रा — दीर्घ निद्रा रूपा
  9. दिवागतिः — दिवस की गति रूपा
  10. चन्द्रिका — चाँदनी रूपा
  11. चन्द्रकान्तिः — चंद्र-कांति वाली
  12. सूर्यकान्तिः — सूर्य-कांति वाली
  13. निशाचरी — रात्रि में विचरने वाली
  14. डाकिनी — डाकिनी-शक्ति रूपा
  15. शाकिनी — शाकिनी-शक्ति रूपा
  16. शिष्या — शिष्या रूपा
  17. हाकिनी — हाकिनी-शक्ति रूपा
  18. चक्रवाकिनी — चक्रवाक रूपा
  19. सितासितप्रिया — श्वेत-कृष्ण की प्रेमी
  20. स्वङ्गा — सुंदर अंगों वाली
  21. सकला — समस्त कलाओं वाली
  22. वनदेवता — वन-देवता रूपा
  23. गुरुरूपधरा — गुरु-रूप धारिणी
  24. गुर्वी — गुरुतर रूपा
  25. मृत्युः — मृत्यु-स्वरूपा
  26. मारी — मारी (महामारी) रूपा
  27. विशारदा — निपुण
  28. महामारी — महामारी रूपा
  29. विनिद्रा — निद्रा-रहित
  30. तन्द्रा — तंद्रा-स्वरूपा
  31. मृत्युविनाशिनी — मृत्यु का नाश करने वाली
  32. चन्द्रमण्डलसङ्काशा — चंद्र-मंडल सदृश
  33. चन्द्रमण्डलवासिनी — चंद्र-मंडल में वास करने वाली
  34. अणिमादिगुणोपेता — अणिमादि सिद्धियों से युक्त
  35. सुस्पृहा — शुभ अभिलाषा रूपा
  36. कामरूपिणी — इच्छानुसार रूप धारिणी
  37. अष्टसिद्धिप्रदा — आठ सिद्धियाँ देने वाली
  38. प्रौढा — प्रौढ़ रूपा
  39. दुष्टदानवघातिनी — दुष्ट दानवों का नाश करने वाली
  40. अनादिनिधना पुष्टिः — आदि-अंत रहित पुष्टि रूपा
  41. चतुर्बाहुः — चार भुजाओं वाली
  42. चतुर्मुखी — चार मुख वाली
  43. चतुःसमुद्रशयना — चार समुद्रों पर शयन करने वाली
  44. चतुर्वर्गफलप्रदा — चतुर्वर्ग फल देने वाली
  45. काशपुष्पप्रतीकाशा — काश-पुष्प सदृश
  46. शरत्कुमुदलोचना — शरद् कमल सदृश नयनों वाली
  47. भूता — भूत (हुई) रूपा
  48. भव्या — भव्य-स्वरूपा
  49. भविष्या — भविष्य रूपा
  50. शैलजा — पर्वत-पुत्री
  51. शैलवासिनी — पर्वत में वास करने वाली
  52. वाममार्गरता — वाम-मार्ग में रत
  53. वामा — वामा रूपा
  54. शिववामाङ्गवासिनी — शिव के वाम अंग में वास करने वाली
  55. वामाचारप्रिया — वामाचार की प्रेमी
  56. तुष्टा — संतुष्ट
  57. लोपामुद्रा — लोपामुद्रा रूपा
  58. प्रबोधिनी — जाग्रत करने वाली
  59. भूतात्मा — भूतों की आत्मा
  60. परमात्मा — परमात्मा-स्वरूपा
  61. भूतभाविविभाविनी — भूत-भविष्य प्रकट करने वाली
  62. मङ्गला — मंगलमयी
  63. सुशीला — सुशील
  64. परमार्थप्रबोधिनी — परमार्थ का बोध कराने वाली
  65. दक्षिणा — दक्षिणा-स्वरूपा
  66. दक्षिणामूर्तिः — दक्षिणामूर्ति रूपा
  67. सुदक्षिणा — उत्तम दक्षिणा रूपा
  68. हरिप्रिया — हरि की प्रिया
  69. योगिनी — योगिनी रूपा
  70. योगयुक्ता — योग से युक्त
  71. योगाङ्गा — योग के अंग रूपा
  72. ध्यानशालिनी — ध्यानमयी
  73. योगपट्टधरा — योग-पट्ट धारिणी
  74. मुक्ता — मुक्त-स्वरूपा
  75. मुक्तानांपरमागतिः — मुक्तों की परम गति
  76. नारसिंही — नृसिंह-शक्ति रूपा
  77. सुजन्मा — शुभ जन्म वाली
  78. त्रिवर्गफलदायिनी — त्रिवर्ग फल देने वाली
  79. धर्मदा — धर्म देने वाली
  80. धनदा — धन देने वाली
  81. कामदा — काम (इच्छा) पूर्ण करने वाली
  82. मोक्षदा — मोक्ष देने वाली
  83. द्युतिः — कांति-स्वरूपा
  84. साक्षिणी — साक्षी-स्वरूपा
  85. क्षणदा — रात्रि क्षण रूपा
  86. दक्षा — दक्ष (निपुण)
  87. दक्षजा — दक्ष की पुत्री (सती)
  88. कोटिरूपिणी — करोड़ों रूप धारिणी
  89. क्रतुः — यज्ञ-स्वरूपा
  90. कात्यायनी — कात्यायनी रूपा
  91. स्वछा — स्वच्छ-स्वरूपा
  92. स्वच्छन्दा — स्वच्छंद रूपा
  93. कविप्रिया — कवियों की प्रेमी
  94. सत्यागमा — सत्य-आगम रूपा
  95. बहिःस्था — बाहर स्थित
  96. काव्यशक्तिः — काव्य-शक्ति रूपा
  97. कवित्वदा — कवित्व देने वाली
  98. मेनापुत्री — मेना की पुत्री
  99. सतीमाता — सती की माता रूपा
  100. मैनाकभगिनी — मैनाक की भगिनी

सप्तम शतक (नाम 601–700)

  1. तडित् — बिजली-स्वरूपा
  2. सौदामिनी — सौदामिनी (विद्युत) रूपा
  3. स्वधामा — अपने धाम वाली
  4. सुधामा — शुभ धाम वाली
  5. धामशालिनी — तेज से युक्त
  6. सौभाग्यदायिनी — सौभाग्य देने वाली
  7. द्यौः — द्युलोक रूपा
  8. सुभगा — सौभाग्यवती
  9. द्युतिवर्धिनी — कांति बढ़ाने वाली
  10. श्रीः — श्री (लक्ष्मी) रूपा
  11. कृत्तिवसना — मृग-चर्म वस्त्र वाली
  12. कङ्काली — कंकाल (अस्थि) धारिणी
  13. कलिनाशिनी — कलि-दोष का नाश करने वाली
  14. रक्तबीजवधोद्दृप्ता — रक्तबीज वध में उद्यत
  15. सुतन्तुः — उत्तम तंतु (विस्तार) रूपा
  16. बीजसन्ततिः — बीज-संतति रूपा
  17. जगज्जीवा — जगत् का जीवन रूपा
  18. जगद्बीजा — जगत् का बीज रूपा
  19. जगत्त्रयहितैषिणी — तीनों लोकों का हित चाहने वाली
  20. चामीकररुचिः — स्वर्ण सदृश कांति वाली
  21. चान्द्रीसाक्षयाषोडशीकला — चंद्र की अक्षय षोडशी कला रूपा
  22. यत्तत्पदानुबन्धा — यत्-तत् पद से संबद्ध
  23. यक्षिणी — यक्षिणी-शक्ति रूपा
  24. धनदार्चिता — कुबेर द्वारा पूजित
  25. चित्रिणी — चित्रिणी रूपा
  26. चित्रमाया — विचित्र माया वाली
  27. विचित्रा — विचित्र-स्वरूपा
  28. भुवनेश्वरी — भुवनों की ईश्वरी
  29. चामुण्डा — चंड-मुंड का वध करने वाली
  30. मुण्डहस्ता — हाथ में मुंड वाली
  31. चण्डमुण्डवधोद्धुरा — चंड-मुंड वध में उद्यत
  32. अष्टमी — अष्टमी तिथि रूपा
  33. एकादशी — एकादशी तिथि रूपा
  34. पूर्णा — पूर्णिमा रूपा
  35. नवमी — नवमी तिथि रूपा
  36. चतुर्दशी — चतुर्दशी तिथि रूपा
  37. अमा — अमावस्या रूपा
  38. कलशहस्ता — हाथ में कलश वाली
  39. पूर्णकुम्भधरा — पूर्ण कुंभ धारिणी
  40. धरा — धारण करने वाली
  41. अभीरुः — निर्भय
  42. भैरवी — भैरवी रूपा
  43. भीरा — भीरु (कोमल) रूपा
  44. भीमा — भीम (भयंकर) रूपा
  45. त्रिपुरभैरवी — त्रिपुर-भैरवी रूपा
  46. महारुण्डा — महारुण्डा रूपा
  47. रौद्री — रुद्र-शक्ति रूपा
  48. महाभैरवपूजिता — महाभैरव द्वारा पूजित
  49. निर्मुण्डा — मुंड-रहित रूपा
  50. हस्तिनी — हस्तिनी रूपा
  51. चण्डा — प्रचंड रूपा
  52. करालदशनानना — विकराल दाँतों वाले मुख वाली
  53. कराला — विकराल रूपा
  54. विकराला — अति विकराल
  55. घोरघुर्घुरनादिनी — घोर घुर्घुर नाद करने वाली
  56. रक्तदन्ता — रक्त दाँतों वाली
  57. ऊर्ध्वकेशी — ऊपर उठे केश वाली
  58. बन्धूककुसुमारुणा — बंधूक-पुष्प सदृश अरुण
  59. कादम्बरी — कादंबरी (मधु) रूपा
  60. पटासा — पटा-वस्त्र वाली
  61. काश्मीरी — काश्मीर देवी रूपा
  62. कुंकुमप्रिया — कुंकुम की प्रेमी
  63. क्षान्तिः — क्षमा-स्वरूपा
  64. बहुसुवर्णा — बहुत स्वर्ण वाली
  65. रतिः — रति-स्वरूपा
  66. बहुसुवर्णदा — बहुत स्वर्ण देने वाली
  67. मातङ्गिनी — मातंगी रूपा
  68. वरारोहा — सुंदर रूपा
  69. मत्तमातङ्गगामिनी — मत्त गज सदृश गति वाली
  70. हिंसा — हिंसा-शक्ति रूपा
  71. हंसगतिः — हंस सदृश गति वाली
  72. हंसी — हंसी रूपा
  73. हंसोज्ज्वलशिरोरुहा — हंस सदृश उज्ज्वल केश वाली
  74. पूर्णचन्द्रमुखी — पूर्ण चंद्र सदृश मुख वाली
  75. श्यामा — श्याम-वर्णा
  76. स्मितास्या — मुस्कान युक्त मुख वाली
  77. श्यामकुण्डला — श्याम कुंडल वाली
  78. मषी — स्याही-स्वरूपा
  79. लेखिनी — लेखनी रूपा
  80. लेख्या — लेख्य-स्वरूपा
  81. सुलेखा — सुंदर लेख वाली
  82. लेखकप्रिया — लेखकों की प्रेमी
  83. शङ्खिनी — शंखिनी रूपा
  84. शङ्खहस्ता — हाथ में शंख वाली
  85. जलस्था — जल में स्थित
  86. जलदेवता — जल-देवता रूपा
  87. कुरुक्षेत्रावनिः — कुरुक्षेत्र भूमि रूपा
  88. काशी — काशी क्षेत्र रूपा
  89. मथुरा — मथुरा क्षेत्र रूपा
  90. काञ्ची — कांची क्षेत्र रूपा
  91. अवन्तिका — अवंतिका (उज्जैन) रूपा
  92. अयोध्या — अयोध्या क्षेत्र रूपा
  93. द्वारका — द्वारका क्षेत्र रूपा
  94. माया — मायापुरी (हरिद्वार) रूपा
  95. तीर्था — तीर्थ-स्वरूपा
  96. तीर्थकरप्रिया — तीर्थकर की प्रेमी
  97. त्रिपुष्करा — त्रिपुष्कर तीर्थ रूपा
  98. अप्रमेया — अप्रमेय (अमाप्य)
  99. कोशस्था — कोश में स्थित
  100. कोशवासिनी — कोश में वास करने वाली

अष्टम शतक (नाम 701–800)

  1. कौशिकी — कौशिकी रूपा
  2. कुशावर्ता — कुशावर्त तीर्थ रूपा
  3. कौशाम्बी — कौशांबी रूपा
  4. कोशवर्धिनी — कोश (भंडार) बढ़ाने वाली
  5. कोशदा — कोश देने वाली
  6. पद्मकोशाक्षी — कमल-कोश सदृश नयनों वाली
  7. कुसुमा — पुष्प-स्वरूपा
  8. कुसुमप्रिया — पुष्प की प्रेमी
  9. तोतुला — तुला-स्वरूपा
  10. तुलाकोटिः — तुला-कोटि रूपा
  11. कूटस्था — कूटस्थ (अचल) रूपा
  12. कोटराश्रया — कोटर में आश्रित
  13. स्वयम्भूः — स्वयंभू
  14. सुरूपा — सुंदर रूप वाली
  15. स्वरूपा — स्व-रूपा
  16. रूपवर्धिनी — रूप बढ़ाने वाली
  17. तेजस्विनी — तेजस्विनी
  18. सुभिक्षा — सुभिक्ष (समृद्धि) रूपा
  19. बलदा — बल देने वाली
  20. बलदायिनी — बल प्रदान करने वाली
  21. महाकोशी — महान कोश वाली
  22. महावर्ता — महावर्त रूपा
  23. बुद्धिः सदसदात्मिका — सत्-असत् रूपी बुद्धि
  24. महाग्रहहरा — महाग्रह-बाधा हरने वाली
  25. सौम्या — सौम्य-स्वरूपा
  26. विशोका — शोक-रहित
  27. शोकनाशिनी — शोक का नाश करने वाली
  28. सात्त्विकी — सत्त्व-गुण रूपा
  29. सत्त्वसंस्था — सत्त्व में स्थित
  30. राजसी — रजोगुण रूपा
  31. रजोवृता — रजोगुण से आवृत
  32. तामसी — तमोगुण रूपा
  33. तमोयुक्ता — तमोगुण से युक्त
  34. गुणत्रयविभाविनी — तीनों गुणों को प्रकट करने वाली
  35. अव्यक्ता — अव्यक्त-स्वरूपा
  36. व्यक्तरूपा — व्यक्त रूपा
  37. वेदविद्या — वेद-विद्या रूपा
  38. शाम्भवी — शंभु (शिव) की शक्ति
  39. शङ्कराकल्पिनी कल्पा — शंकर की कल्प-शक्ति रूपा
  40. मनः सङ्कल्पसन्ततिः — मन के संकल्पों की संतति रूपा
  41. सर्वलोकमयीशक्तिः — समस्त लोकमयी शक्ति
  42. सर्वश्रवणगोचरा — सबके श्रवण-गोचर
  43. सर्वज्ञानवतीवाञ्छा — सर्वज्ञानमयी इच्छा रूपा
  44. सर्वतत्त्वानुबोधिनी — समस्त तत्त्वों का बोध कराने वाली
  45. जागृती — जाग्रत अवस्था रूपा
  46. सुषुप्तिः — सुषुप्ति अवस्था रूपा
  47. स्वप्नावस्था — स्वप्न अवस्था रूपा
  48. तुरीयका — तुरीय अवस्था रूपा
  49. त्वरा — त्वरा (शीघ्रता) रूपा
  50. मन्दगतिः — मंद गति वाली
  51. मन्दा — मंद-स्वरूपा
  52. मन्दिरामोदधारिणी — मदिरा-सुगंध धारिणी
  53. पानभूमिः — पान-भूमि रूपा
  54. पानपात्रा — पान-पात्र रूपा
  55. पानदानकरोद्यता — पान-दान में उद्यत
  56. अघूर्णारुणनेत्रा — घूर्णायमान अरुण नेत्रों वाली
  57. किञ्चिदव्यक्तभाषिणी — कुछ अव्यक्त बोलने वाली
  58. आशापूरा — आशा पूर्ण करने वाली
  59. दीक्षा — दीक्षा-स्वरूपा
  60. दक्षा — दक्ष (निपुण)
  61. दीक्षितपूजिता — दीक्षितों द्वारा पूजित
  62. नागवल्ली — नागवल्ली (पान) रूपा
  63. नागकन्या — नाग-कन्या रूपा
  64. भोगिनी — भोग-शक्ति रूपा
  65. भोगवल्लभा — भोग की प्रिया
  66. सर्वशास्त्रवतीविद्या — समस्त शास्त्रमयी विद्या
  67. सुस्मृतिः — उत्तम स्मृति रूपा
  68. धर्मवादिनी — धर्म का प्रतिपादन करने वाली
  69. श्रुतिः — श्रुति (वेद) रूपा
  70. श्रुतिधरा — श्रुति को धारण करने वाली
  71. ज्येष्ठा — ज्येष्ठा रूपा
  72. श्रेष्ठा — श्रेष्ठ रूपा
  73. पातालवासिनी — पाताल में वास करने वाली
  74. मीमांसा — मीमांसा-शास्त्र रूपा
  75. तर्कविद्या — तर्क-विद्या रूपा
  76. सुभक्तिः — उत्तम भक्ति रूपा
  77. भक्तवत्सला — भक्तों पर वत्सल
  78. सुनाभिः — सुंदर नाभि वाली
  79. यातना — यातना (दंड) रूपा
  80. जातीः — जाति-स्वरूपा
  81. गम्भीरा — गंभीर-स्वरूपा
  82. भाववर्जिता — भाव-रहित
  83. नागपाशधरा — नाग-पाश धारिणी
  84. अगाधा — अथाह
  85. नागकुण्डला — नाग-कुंडल वाली
  86. सुचक्रा — उत्तम चक्र वाली
  87. चक्रमध्यस्था — चक्र के मध्य स्थित
  88. चक्रकोणनिवासिनी — चक्र-कोण में वास करने वाली
  89. सर्वमन्त्रमयी — समस्त मंत्रमयी
  90. सर्वमन्त्राक्षरावलिः — समस्त मंत्र-अक्षर माला रूपा
  91. मधुस्रवा — मधु बहाने वाली
  92. स्रवन्ती — बहती (नदी) रूपा
  93. भ्रामरी — भ्रामरी देवी रूपा
  94. भ्रमरालका — भ्रमर सदृश अलकों वाली
  95. मातृमण्डलमध्यस्था — मातृ-मंडल के मध्य स्थित
  96. मातृमण्डलवासिनी — मातृ-मंडल में वास करने वाली
  97. कुमारजननी — कुमार (कार्तिकेय) की जननी
  98. क्रूरा — उग्र रूपा
  99. सुमुखी — सुंदर मुख वाली
  100. ज्वरनाशिनी — ज्वर का नाश करने वाली

नवम शतक (नाम 801–900)

  1. अतीता — अतीत (परे) रूपा
  2. विद्यमाना — विद्यमान (वर्तमान) रूपा
  3. भाविनी — भविष्य रूपा
  4. प्रीतिमञ्जरी — प्रीति की मंजरी
  5. सर्वसौख्यवती — समस्त सुखों से युक्त
  6. आहारपरिणामिनी — आहार का परिणाम करने वाली
  7. पञ्चभूतानां निधानं — पंच-भूतों का आधार
  8. भवसागरतारिणी — भव-सागर से तारने वाली
  9. अक्रूरा — अक्रूर (कोमल)
  10. ग्रहवती — ग्रहों से युक्त
  11. विग्रहा — विग्रह (रूप) वाली
  12. ग्रहवर्जिता — ग्रह-रहित
  13. रोहिणी — रोहिणी रूपा
  14. भूमिगर्भा — पृथ्वी के गर्भ रूपा
  15. कालभूः — काल की उत्पत्ति-भूमि
  16. कालवर्तिनी — काल में वर्तमान
  17. कलङ्करहिता — कलंक-रहित
  18. चतुष्षष्ट्यभिधावती — चौंसठ कलाओं वाली
  19. जीर्णा — जीर्ण (पुरातन) रूपा
  20. जीर्णवस्त्रा — जीर्ण वस्त्र वाली
  21. नूतना — नवीन रूपा
  22. नववल्लभा — नित नवीन प्रिय
  23. अरजा — रजोगुण-रहित
  24. रतिः — रति-स्वरूपा
  25. प्रीतिः — प्रीति-स्वरूपा
  26. रतिरागविवर्धिनी — रति-राग बढ़ाने वाली
  27. पञ्चवातगतिर्भिन्ना — पाँच वायुओं की गति रूपा
  28. पञ्चश्लेष्माशयाधरा — पंच-श्लेष्म आशय धारिणी
  29. पञ्चपित्तवतीशक्तिः — पंच-पित्त शक्ति रूपा
  30. पञ्चस्थानविबोधिनी — पाँच स्थानों को जगाने वाली
  31. उदक्या — रजस्वला रूपा
  32. वृषस्यन्ती — कामना करने वाली
  33. बहिः प्रस्रविणी — बाहर प्रवाहित होने वाली
  34. रजःशुक्रधरा — रज-शुक्र धारिणी
  35. जरायुः — जरायु (गर्भ-आवरण) रूपा
  36. गर्भधारिणी — गर्भ धारण करने वाली
  37. त्रिकालज्ञा — तीनों कालों को जानने वाली
  38. त्रिलिङ्गा — तीन लिंग (रूप) वाली
  39. त्रिमूर्तिः — त्रिमूर्ति-स्वरूपा
  40. त्रिपुरवासिनी — त्रिपुर में वास करने वाली
  41. अरागा — राग-रहित
  42. शिवतत्त्वा — शिव-तत्त्व रूपा
  43. कामतत्त्वानुरागिणी — काम-तत्त्व में अनुरक्त
  44. प्राची — पूर्व दिशा रूपा
  45. अवाची — दक्षिण दिशा रूपा
  46. प्रतीची — पश्चिम दिशा रूपा
  47. उदीची — उत्तर दिशा रूपा
  48. विदिग्दिशा — विदिशा-स्वरूपा
  49. अहङ्कृतिः — अहंकार-तत्त्व रूपा
  50. अहङ्कारा — अहंकार-स्वरूपा
  51. बलिमाया — बलि (आहुति) की माया
  52. बलिप्रिया — बलि की प्रेमी
  53. स्रुक् — स्रुक् (यज्ञ-पात्र) रूपा
  54. स्रुवा — स्रुवा (यज्ञ-पात्र) रूपा
  55. सामिधेनी — समिधा-मंत्र रूपा
  56. सश्रद्धा — श्रद्धा-सहित
  57. श्राद्धदेवता — श्राद्ध-देवता रूपा
  58. माता — माता-स्वरूपा
  59. मातामही — नानी रूपा
  60. तृप्तिः — तृप्ति-स्वरूपा
  61. पितृमाता — पितरों की माता
  62. पितामही — दादी रूपा
  63. स्नुषा — पुत्रवधू रूपा
  64. दौहित्रिणी — दौहित्री (नातिन) रूपा
  65. पुत्री — पुत्री रूपा
  66. पौत्री — पौत्री रूपा
  67. नप्त्री — नप्त्री रूपा
  68. शिशुप्रिया — शिशुओं की प्रेमी
  69. स्तनदा — स्तन-पान कराने वाली
  70. स्तनधारा — स्तन-धारा देने वाली
  71. विश्वयोनिः — विश्व की योनि (उत्पत्ति-स्थान)
  72. स्तनन्धयी — स्तन-पान करने वाली
  73. शिशूत्सङ्गधरा — शिशु को गोद में धारण करने वाली
  74. दोला — झूला-स्वरूपा
  75. दोलाक्रीडाभिनन्दिनी — झूला-क्रीड़ा में आनंदित
  76. उर्वशी — उर्वशी रूपा
  77. कदली — कदली (केला) रूपा
  78. केका — मयूर-नाद रूपा
  79. विशिखा — बाण-स्वरूपा
  80. शिखिवर्तिनी — मयूर पर स्थित
  81. खट्वाङ्गधारिणी — खट्वांग (अस्त्र) धारिणी
  82. खट्वा — खट्वा (शय्या) रूपा
  83. बाणपुङ्खानुवर्तिनी — बाण-पुंख के अनुसार चलने वाली
  84. लक्ष्यप्राप्तिः — लक्ष्य-प्राप्ति रूपा
  85. कला — कला-स्वरूपा
  86. अलक्ष्या — अलक्ष्य (अदृश्य)
  87. लक्ष्या — लक्ष्य-स्वरूपा
  88. शुभलक्षणा — शुभ लक्षणों वाली
  89. वर्तिनी — मार्ग रूपा
  90. सुपथाचारा — सन्मार्ग पर चलने वाली
  91. परिखा — परिखा (खाई) रूपा
  92. खनिः — खान-स्वरूपा
  93. वृतिः — आवरण रूपा
  94. प्राकारवलया — प्राकार (परकोटा) रूपा
  95. वेला — वेला (तट) रूपा
  96. मर्यादा — मर्यादा-स्वरूपा
  97. पोषणी — पोषण करने वाली
  98. शोषणी — शोषण करने वाली
  99. दीर्घकेशी — लंबे केश वाली
  100. सुलोमशा — सुंदर रोम वाली

दशम शतक (नाम 901–1000)

  1. ललिता — ललिता रूपा
  2. मांसला — पुष्ट देह वाली
  3. तन्वी — कृशांगी
  4. वेदवेदाङ्गधारिणी — वेद-वेदांग धारिणी
  5. नरासृक्पानमत्ता — नर-रक्त पान से मत्त
  6. नरमुण्डास्थिभूषणा — नर-मुंड व अस्थि से विभूषित
  7. अक्षक्रीडारतिः — पाशा-क्रीड़ा में रत
  8. शारी — शारी (पाशा) रूपा
  9. शारिकाशुकभाषिणी — मैना-तोता सदृश बोलने वाली
  10. शाम्बरी — शांबरी विद्या रूपा
  11. गारुडीविद्या — गारुड़ी (विष-हर) विद्या रूपा
  12. वारुणी — वरुण-शक्ति रूपा
  13. वरुणार्चिता — वरुण द्वारा पूजित
  14. वाराही — वाराही रूपा
  15. मुण्डहस्ता — हाथ में मुंड वाली
  16. दंष्ट्रोद्धृतवसुन्धरा — दाढ़ से पृथ्वी उद्धार करने वाली
  17. मीनमूर्तिधरा — मत्स्य-रूप धारिणी
  18. मूर्ता — मूर्त (साकार) रूपा
  19. वदन्या — दानशीला
  20. प्रतिमाश्रया — प्रतिमा में आश्रित
  21. अमूर्ता — अमूर्त (निराकार)
  22. निधिरूपा — निधि-स्वरूपा
  23. शालग्रामशिलाशुचिः — शालग्राम-शिला सदृश पवित्र
  24. स्मृतिः — स्मृति-स्वरूपा
  25. संस्काररूपा — संस्कार-रूपा
  26. सुसंस्कारा — उत्तम संस्कार वाली
  27. संस्कृतिः — संस्कृति-स्वरूपा
  28. प्राकृता — प्राकृत-स्वरूपा
  29. देशभाषा — देश-भाषा रूपा
  30. गाथा — गाथा-स्वरूपा
  31. गीतिः — गीत-स्वरूपा
  32. प्रहेलिका — पहेली-स्वरूपा
  33. इडा — इडा-नाड़ी रूपा
  34. पिङ्गला — पिंगला-नाड़ी रूपा
  35. पिङ्गा — पिंग-वर्णा
  36. सुषुम्णा — सुषुम्ना-नाड़ी रूपा
  37. सूर्यवाहिनी — सूर्य-नाड़ी रूपा
  38. शशिस्रवा — चंद्र-अमृत बहाने वाली
  39. तालुस्था — तालु में स्थित
  40. काकिनी — काकिनी-शक्ति रूपा
  41. अमृतजीविनी — अमृत से जीवन देने वाली
  42. अणुरूपा — अणु सदृश सूक्ष्म रूपा
  43. बृहद्रूपा — विशाल रूपा
  44. लघुरूपा — लघु (सूक्ष्म) रूपा
  45. गुरुस्थिरा — गुरु व स्थिर रूपा
  46. स्थावरा — स्थावर (अचल) रूपा
  47. जङ्गमा — जंगम (चल) रूपा
  48. देवी — देवी-स्वरूपा
  49. कृतकर्मफलप्रदा — किए कर्मों का फल देने वाली
  50. विषयाक्रान्तदेहा — विषयों से आक्रांत देह रूपा
  51. निर्विशेषा — भेद-रहित
  52. जितेन्द्रिया — इंद्रियों को जीतने वाली
  53. विश्वरूपा — विश्व-रूपा
  54. चिदानन्दा — चित्-आनंद स्वरूपा
  55. परब्रह्मप्रबोधिनी — परब्रह्म का बोध कराने वाली
  56. निर्विकारा — विकार-रहित
  57. निर्वैरा — वैर-रहित
  58. विरतिः — विरक्ति-स्वरूपा
  59. सत्यवर्धिनी — सत्य बढ़ाने वाली
  60. पुरुषाज्ञा — पुरुष (परमात्मा) की आज्ञा रूपा
  61. भिन्ना — भिन्न (पृथक्) रूपा
  62. क्षान्तिः — क्षमा-स्वरूपा
  63. विविक्तसेविनी — एकांत-सेवी
  64. प्रज्ञाजनयित्री — प्रज्ञा को जन्म देने वाली
  65. बहुश्रुतिः — बहुश्रुत (विदुषी)
  66. निरीहा — इच्छा-रहित
  67. समस्तैका — समस्त में एक
  68. सर्वलोकैकसेविता — समस्त लोकों द्वारा सेवित
  69. सेवा — सेवा-स्वरूपा
  70. सेवाप्रिया — सेवा की प्रेमी
  71. सेव्या — सेवनीय
  72. सेवाफलविवर्धिनी — सेवा का फल बढ़ाने वाली
  73. कलौ — कलियुग में रक्षक रूपा
  74. दुष्टम्लेच्छविनाशिनी — दुष्ट म्लेच्छों का नाश करने वाली
  75. प्रत्यञ्चा — धनुष की प्रत्यंचा रूपा
  76. धनुर्यष्टिः — धनुष-यष्टि रूपा
  77. खड्गधारा — खड्ग की धार रूपा
  78. दुरानतिः — दुर्नमनीय (दुर्जेय)
  79. अश्वप्लुतिः — अश्व की कुलाँच रूपा
  80. वल्गा — लगाम-स्वरूपा
  81. सृणिः — अंकुश-स्वरूपा
  82. सन्मत्तवारणा — मत्त गज को वश करने वाली
  83. वीरभूः — वीरों की जन्मभूमि
  84. वीरमाता — वीरों की माता
  85. वीरसूः — वीरों को जन्म देने वाली
  86. वीरनन्दिनी — वीरों को आनंद देने वाली
  87. जयश्रीः — विजय-लक्ष्मी रूपा
  88. जयदीक्षा — विजय की दीक्षा रूपा
  89. जयदा — विजय देने वाली
  90. जयवर्धिनी — विजय बढ़ाने वाली
  91. सौभाग्यसुभगाकारा — सौभाग्य व सुभग रूपा
  92. सर्वसौभाग्यवर्धिनी — समस्त सौभाग्य बढ़ाने वाली
  93. क्षेमङ्करी — क्षेम (कल्याण) करने वाली
  94. सिद्धिरूपा — सिद्धि-स्वरूपा
  95. सत्कीर्तिः — सत्कीर्ति-स्वरूपा
  96. पथिदेवता — मार्ग की देवता रूपा
  97. सर्वतीर्थमयीमूर्तिः — समस्त तीर्थमयी मूर्ति
  98. सर्वदेवमयीप्रभा — समस्त देवमयी प्रभा
  99. सर्वसिद्धिप्रदाशक्तिः — समस्त सिद्धि देने वाली शक्ति
  100. सर्वमङ्गलमङ्गला — समस्त मंगलों की मंगल (सर्वमंगला)

अर्थ (हिन्दी)

  1. जो देवी समस्त प्राणियों में शक्ति रूप में स्थित हैं, उन्हें बारंबार नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार।

लाभ

  • शत्रु, भय व संकटों से रक्षा होती है।
  • शक्ति, साहस व सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
  • रोग, दोष व नकारात्मकता का नाश होता है।
  • मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

कब करें पाठ

नवरात्रि में · शुक्रवार व अष्टमी को · प्रातः व संध्या पूजा में

स्रोत

रचयिता: तंत्र परंपरा. रुद्रयामल तंत्र — भवानी नाम सहस्र स्तोत्र · drikpanchang.com — दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (नाम-मिलान 87%) · srimandir.com — दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (87%)

VedikMarg · निःशुल्क भक्ति संग्रह · vedikmarg.in