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लिपि:
॥ श्री ॥

दुर्गा सहस्रनाम

सहस्रनाम · माँ दुर्गा

पाठ

॥ ध्यानम् ॥ या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

प्रमुख नाम (प्रमुख स्वरूप)

  1. दुर्गादुर्गम संकटों को हरने वाली
  2. शिवाकल्याणकारिणी
  3. महालक्ष्मीःमहालक्ष्मी स्वरूपा
  4. महागौरीअत्यंत गौर वर्ण वाली
  5. चण्डिकाप्रचंड रूपा
  6. सर्वमङ्गलासमस्त मंगल की दात्री
  7. भवानीभव (शिव) की शक्ति
  8. अम्बिकाजगत् जननी
  9. जगदम्बासंसार की माता
  10. कात्यायनीकात्यायन ऋषि के यहाँ अवतरित

अर्थ (हिन्दी)

  1. जो देवी समस्त प्राणियों में शक्ति रूप में स्थित हैं, उन्हें बारंबार नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार।

लाभ

  • शत्रु, भय व संकटों से रक्षा होती है।
  • शक्ति, साहस व सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
  • मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

कब करें पाठ

नवरात्रि में · शुक्रवार व अष्टमी को · प्रातः व संध्या पूजा में

स्रोत

रचयिता: देवी परंपरा. देवी पुराण / तंत्र परंपरा

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