वापस
लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमलवासिन्यै नमः
मंत्र · माँ लक्ष्मी
पाठ
1
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमलवासिन्यै नमः॥
2
नमः कमलवासिन्यै स्वाहा॥
अर्थ (हिन्दी)
- श्री-बीज व माया-बीज सहित — कमल में निवास करने वाली (लक्ष्मी) को नमस्कार।
- (शास्त्रीय दशाक्षरी कमला मंत्र) कमल में निवास करने वाली को नमस्कार — यह आहुति समर्पित है।
लाभ
- परंपरा में इसे धन, समृद्धि व शुभता की कामना से जोड़ा जाता है।
- कमलवासिनी — लक्ष्मी का सबसे परिचित स्वरूप, कमल पर विराजमान।
- दीपावली व अक्षय तृतीया की उपासना में जप प्रचलित है।
- ध्यान दें: यह अष्टाक्षरी नहीं है — असली अष्टाक्षरी "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" है।
कब करें पाठ
शुक्रवार को · दीपावली व अक्षय तृतीया पर · धनतेरस व लक्ष्मी पूजन में · नए व्यापार या गृह-प्रवेश पर
स्रोत
इन्द्रकृत लक्ष्मी स्तोत्र — "ॐ नमः कमलवासिन्यै नारायण्यै नमो नमः" (नाम का स्रोत) · कमला उपासना परंपरा — दशाक्षरी मंत्र "नमः कमलवासिन्यै स्वाहा" · नोट: ठीक यह बीज-सहित विन्यास जाँची गई कमला मंत्र-सूची (एकाक्षरी से दशाक्षरी) में नहीं मिला
