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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ कपर्दिने नमः
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ कपर्दिने नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- कपर्दी शिव को नमस्कार। जिनके सिर पर तपस्वियों जैसा जटाजूट सुशोभित है — जो संयम, तप और योग के प्रतीक हैं — उन महादेव को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे तप, संयम व साधना-दृढ़ता से जोड़ा जाता है।
- व्रत या दीर्घ साधना के संकल्प में मन टिकाने हेतु जप प्रचलित है।
- इंद्रिय-संयम व वैराग्य-भाव जगने की मान्यता है।
- वैदिक श्री रुद्रम् परंपरा से जुड़ा प्राचीन नाम माना जाता है।
कब करें पाठ
ब्रह्म मुहूर्त में साधना के समय · सोमवार व प्रदोष काल में · महाशिवरात्रि की रात्रि जागरण में · व्रत या दीर्घ संकल्प के आरंभ पर
स्रोत
शिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 8 "ॐ कपर्दिने नमः" · शिव शतनामावली — नाम "कपर्दी" (drikpanchang) · श्री रुद्रम् (यजुर्वेद) — "कपर्दिने" संबोधन
