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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः

मंत्र · माँ लक्ष्मी

पाठ

1

ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये। धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. यक्षराज कुबेर, वैश्रवण, धन-धान्य के अधिपति को नमस्कार। हे कुबेर! मुझे धन-धान्य व समृद्धि प्रदान कीजिए।

लाभ

  • धन, धान्य व समृद्धि की प्राप्ति होती है।
  • व्यापार व आय में वृद्धि होती है।
  • आर्थिक स्थिरता व उन्नति आती है।

कब करें पाठ

शुक्रवार को · धनतेरस व दीपावली पर · प्रातः पूजा में

स्रोत

पारंपरिक कुबेर मंत्र परंपरा

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