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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ महाकालाय नमः
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ महाकालाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- महाकाल को नमस्कार। जो काल (समय व मृत्यु) के भी स्वामी हैं, जिनके आगे काल स्वयं नतमस्तक है — उन शिव को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे अकाल मृत्यु के भय व काल-भय का निवारक माना जाता है।
- मन से मृत्यु, रोग व अनिश्चितता का डर घटने की मान्यता है।
- समय के सदुपयोग व निर्णय-शक्ति में स्थिरता आने की बात कही जाती है।
- महाकालेश्वर उपासना में इसे मूल जप-मंत्र के रूप में प्रयोग किया जाता है।
कब करें पाठ
प्रातःकाल भस्म आरती के समय · सोमवार व प्रदोष काल में · महाशिवरात्रि पर · रोग, भय या अनिश्चितता के समय
स्रोत
शिव शतनामावली — नाम "काल" व "कालावयवरूपी" (drikpanchang) · शिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम "कालकालाय" · महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उपासना परंपरा, उज्जैन
