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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

मंत्र

पाठ

1

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. मंगल (भौम) देव को नमस्कार। "क्रां क्रीं क्रौं सः" मंगल के बीजाक्षर हैं जो साहस, ऊर्जा व पराक्रम प्रदान करते हैं तथा मंगल दोष शांत करते हैं।

लाभ

  • साहस, ऊर्जा व पराक्रम में वृद्धि होती है।
  • मंगल दोष व भूमि-सम्बन्धी बाधाओं में राहत मिलती है।
  • ऋण व विवाद से मुक्ति में सहायता मिलती है।

कब करें पाठ

मंगलवार को · प्रातः · मंगल दोष शांति हेतु

स्रोत

पारंपरिक नवग्रह बीज मंत्र परंपरा

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