वापस
लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ देवकीसुत गोविन्द (सन्तान गोपाल मंत्र)

मंत्र · श्री कृष्ण

पाठ

1

ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. हे देवकीनन्दन गोविन्द, वासुदेव, जगत् के स्वामी कृष्ण! मुझे उत्तम सन्तान प्रदान कीजिए; मैं आपकी शरण में आया हूँ।

लाभ

  • सन्तान-प्राप्ति की कामना हेतु जपा जाता है।
  • सन्तान के स्वास्थ्य व कल्याण में सहायक माना जाता है।
  • कृष्ण-भक्ति व मन की स्थिरता बढ़ती है।

कब करें पाठ

बुधवार व जन्माष्टमी को · प्रातः व संध्या · सन्तान-कामना हेतु नित्य

स्रोत

devkatha.com — संतान गोपाल मंत्र · पाठ-भेद: devkatha का पाठ बीजाक्षरों सहित है — "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द …"

VedikMarg · निःशुल्क भक्ति संग्रह · vedikmarg.in