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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

मंत्र · श्री शनि देव

पाठ

1

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. शनैश्चर (शनि) देव को नमस्कार। "प्रां प्रीं प्रौं सः" शनि के बीजाक्षर हैं जो साढ़ेसाती, ढैया व शनि दोष की पीड़ा को शांत करते हैं।

लाभ

  • साढ़ेसाती, ढैया व शनि दोष की पीड़ा शांत होती है।
  • न्याय, धैर्य व कर्मफल में संतुलन आता है।
  • विघ्न व विलंब दूर होकर स्थिरता मिलती है।

कब करें पाठ

शनिवार को · संध्या व प्रातः · शनि दोष शांति हेतु

स्रोत

पारंपरिक नवग्रह बीज मंत्र परंपरा

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