विद्यार्थी साधना
1. आरंभिक प्रार्थना — ॐ गं गणपतये नमः
11 बार — विघ्न-नाश हेतु।
ॐ गं गणपतये नमः॥
2. मंत्र — ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
विद्या व बुद्धि हेतु — 21 बार।
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः॥
3. मंत्र — गायत्री मंत्र
एकाग्रता हेतु — 11 बार।
ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्॥
4. आरती — श्री सरस्वती आरती
माँ सरस्वती की आराधना।
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी। सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥
बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला। शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला॥
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया। पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो। मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो॥
धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो। ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो॥
माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे। हितकारी सुखकारी ज्ञान भक्ति पावे॥
5. समापन चिंतन
अध्ययन में मन लगाने का संकल्प लें और कुछ क्षण शांत मन से अपने लक्ष्य का स्मरण करें।
