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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवती माहेश्वरी अन्नपूर्णे स्वाहा

मंत्र · माँ दुर्गा

पाठ

1

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवती माहेश्वरी अन्नपूर्णे ममाभिलाषं देहि स्वाहा॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. हे माहेश्वरी, अन्न से परिपूर्ण करने वाली देवी अन्नपूर्णा! आपको नमस्कार। मुझे अन्न, समृद्धि व मेरी अभिलाषा प्रदान कीजिए।

लाभ

  • घर में अन्न, धन व समृद्धि की कमी नहीं रहती।
  • रसोई व भोजन में बरकत बनी रहती है।
  • परिवार में सुख-शांति व संतोष आता है।

कब करें पाठ

शुक्रवार को · अन्नपूर्णा जयंती पर · भोजन पकाने/परोसने से पूर्व

स्रोत

पारंपरिक अन्नपूर्णा मंत्र परंपरा

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