ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवती माहेश्वरी अन्नपूर्णे स्वाहा

oṃ hrīṃ śrīṃ klīṃ namo bhagavatī māheśvarī annapūrṇe svāhā

Annapurna Mantra

समय
40 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
शुक्रवार व अन्नपूर्णा जयंती
उद्देश्य:अन्न-समृद्धि (Nourishment)समृद्धि (Prosperity)घर की सुख-शांति (Household Wellbeing)
✓ संपूर्ण

परिचय

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

स्रोत: पारंपरिक अन्नपूर्णा (पार्वती) मंत्र

मंत्र

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ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवती माहेश्वरी अन्नपूर्णे ममाभिलाषं देहि स्वाहा॥

लिपि बदलने के लिए ऊपर देवनागरी / IAST / Roman चुनें।

उच्चारण (Pronunciation)

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवती माहेश्वरी अन्नपूर्णे ममाभिलाषं देहि स्वाहा॥

oṃ hrīṃ śrīṃ klīṃ namo bhagavatī māheśvarī annapūrṇe mamābhilāṣaṃ dehi svāhā ||

Om Hreem Shreem Kleem Namo Bhagavati Maheshwari Annapurne Mamabhilasham Dehi Svaha.

उच्चारण मार्गदर्शन: "ह्रीं", "श्रीं", "क्लीं" बीजाक्षरों को नासिक्य ध्वनि में बोलें; "अन्नपूर्णे", "स्वाहा" का उच्चारण स्पष्ट व दीर्घ रखें।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ह्रीं श्रीं क्लींशक्ति, समृद्धि व आकर्षण बीजाक्षर
भगवती माहेश्वरीमहेश्वर-पत्नी देवी (पार्वती)
अन्नपूर्णेअन्न से परिपूर्ण करने वाली देवी
देहि स्वाहाप्रदान कीजिए — आहुति समर्पित

अर्थ (हिन्दी)

  1. हे माहेश्वरी, अन्न से परिपूर्ण करने वाली देवी अन्नपूर्णा! आपको नमस्कार। मुझे अन्न, समृद्धि व मेरी अभिलाषा प्रदान कीजिए।

लाभ

  • घर में अन्न, धन व समृद्धि की कमी नहीं रहती।
  • रसोई व भोजन में बरकत बनी रहती है।
  • परिवार में सुख-शांति व संतोष आता है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: स्फटिक माला

उत्तम समय: प्रातः व शुक्रवार

जप का उत्तम समय

शुक्रवार कोअन्नपूर्णा जयंती परभोजन पकाने/परोसने से पूर्व

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

देवी अन्नपूर्णा (पार्वती) के समक्ष भोग अर्पित कर स्फटिक माला से 108 बार जप करें। रसोई में स्वच्छता व श्रद्धा रखते हुए जप विशेष फलदायी होता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक अन्नपूर्णा मंत्र परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

माँ दुर्गा

Goddess Durga

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

देवता वर्गशक्ति · रक्षा · विजय · साहस
वाहनसिंह
मुख्य मंत्रॐ दुं दुर्गायै नमः
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ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवती माहेश्वरी अन्नपूर्णे स्वाहा — सामान्य प्रश्न

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