समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
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FAQ
श्री अन्नपूर्णा माता आरती — सामान्य प्रश्न
अन्नपूर्णा आरती अन्नपूर्णा जयंती (मार्गशीर्ष पूर्णिमा), शुक्रवार तथा रसोई-पूजन व भोजन-आरंभ के समय करना शुभ माना जाता है।
माँ अन्नपूर्णा देवी पार्वती का अन्न-दात्री स्वरूप हैं, जो समस्त जगत को भोजन व पोषण प्रदान करती हैं; काशी में इनका प्रसिद्ध मंदिर है।
इससे घर में अन्न-धन की कमी नहीं रहती, रसोई में बरकत बनी रहती है और परिवार में सुख-शांति आती है।
अन्न का अनादर न करें, भोजन व्यर्थ न फेंकें तथा भूखे को भोजन कराना अन्नपूर्णा-कृपा का सर्वोत्तम साधन माना जाता है।
पर्व
