समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
6
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
अन्नपूर्णा जयंती; शुक्रवार; रसोई-पूजन
उद्देश्य:अन्न-धन की समृद्धि (Plenty)शांति (Peace)शरणागति (Surrender)
✓ संपूर्ण
अन्नपूर्णा माता की प्रचलित आरती की टेक है — "बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम"। टेक के बाद इसके पाँच पद हैं, और पहला ही पद इसका भाव कह देता है: "जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम" — जो माँ का ध्यान नहीं करता, उसे विश्राम कहाँ। अंतिम पद देवी के बीज-मंत्रों (श्रीं, ह्रीं, ऐं, क्लीं) को गूँथता है।
FAQ
श्री अन्नपूर्णा माता आरती — सामान्य प्रश्न
टेक ("बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम") और पाँच पद। द्रिक पंचांग, हिंदूनिधि और भक्तवत्सल — तीनों में ये सब हैं।
ये देवी के बीज-मंत्र (बीजाक्षर) हैं। अंतिम पद इन्हें देवी के गुणों से जोड़ता है — "श्रीं, ह्रीं, श्रद्धा, श्रीं ऐं विद्या, श्रीं क्लीं कमल काम"।
तीन प्रकाशित प्रतियों से — द्रिक पंचांग (आधार), हिंदूनिधि और भक्तवत्सल। अंतर केवल वर्तनी के हैं।
पर्व
