Stotram
संस्कृत स्तुति-स्तोत्र — देव महिमा का काव्यमय गान।
श्री गणेश
8 श्लोक · पाठ 3–4 मिनट
संकटनाशन गणेश स्तोत्र नारद पुराण का स्तोत्र है और इसे स्वयं देवर्षि नारद ने कहा — पुष्पिका यही बताती है।
6 श्लोक · पाठ 3–4 मिनट
पंचरत्न का शाब्दिक अर्थ है "पाँच रत्न" — और यहाँ रत्न से तात्पर्य श्लोकों से है।
श्री शिव
पाठ 1 मिनट
यह श्लोक पूजा के अंत में पढ़ी जाने वाली क्षमा-प्रार्थना है। भाव सीधा और मार्मिक है — साधक कहता है कि हाथ-पैर से, वाणी से, शरीर से, कर्म से,…
पाठ 2–3 मिनट
मार्कण्डेय पुराण (अध्याय 92–94) की कथा है कि ब्रह्मचारी ऋषि रुचि को उनके पितरों ने दर्शन देकर कहा कि वे विवाह करें और वंश आगे बढ़ाएँ।
श्री हनुमान
पाठ 10–12 मिनट
बजरंग बाण हनुमान जी को समर्पित एक तीव्र आराधना-स्तोत्र है। "बाण" अर्थात् तीर — परंपरा में माना जाता है कि यह पाठ भक्त की पुकार को सीधे हनुमान जी तक…
श्री राम
35 श्लोक · पाठ 10–12 मिनट
श्री रामरक्षा स्तोत्र भगवान श्रीराम की सबसे प्रसिद्ध रक्षा-स्तुति है और महाराष्ट्र सहित अनेक क्षेत्रों में इसका नित्य-पाठ घर-घर में होता है।
15 श्लोक · पाठ 6–8 मिनट
शिव तांडव स्तोत्र की लय ही इसकी पहचान है — छोटे-छोटे अक्षरों की लगातार चोट, जैसे डमरू बज रहा हो। तांडव का दृश्य (श्लोक 1).
माँ लक्ष्मी
21 श्लोक · पाठ 5–7 मिनट
कनकधारा का अर्थ है सोने की धारा। स्तोत्र का लगभग हर श्लोक एक ही चीज़ माँगता है — लक्ष्मी की एक नज़र। कथा.
श्री राधा
19 श्लोक · पाठ 8–10 मिनट
श्री राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र ऊर्ध्वाम्नाय तंत्र से लिया गया उन्नीस श्लोकों का स्तोत्र है, जिसमें भगवान शिव माता पार्वती को श्रीराधा रानी को प्रसन्न…
श्री कृष्ण
31 श्लोक · पाठ 12–15 मिनट
भज गोविन्दम् आदि शंकराचार्य की सबसे प्रसिद्ध लघु रचना है, जिसका दूसरा नाम मोहमुद्गर है — "मोह को तोड़ने वाला हथौड़ा"।
71 श्लोक · पाठ 25–30 मिनट
श्री गोविन्द दामोदर स्तोत्रम् बिल्वमंगलाचार्य (लीलाशुक) की रचना है, जिसके इकहत्तर श्लोकों में से प्रत्येक एक ही टेक पर आकर समाप्त होता है — "गोविन्द…
श्री सूर्य देव
31 श्लोक · पाठ 6–8 मिनट
आदित्य हृदयम् एक कहानी के भीतर रखा स्तोत्र है — युद्ध के बीच का एक क्षण। प्रसंग (श्लोक 1–3).
श्री विष्णु
26 श्लोक · पाठ 8–10 मिनट
नारायण कवच एक प्रसंग से निकला है: असुरों से हारे इंद्र को उनके पुरोहित विश्वरूप यह कवच देते हैं, और कहते हैं — "विजेष्यस्यञ्जसा येन…
33 श्लोक · पाठ 8–10 मिनट
गजेन्द्र की कथा एक बहुत सीधी बात कहती है — जब सारा बल हार जाए, तब पुकार ही बचती है। पुकार (श्लोक 1–2).
माँ दुर्गा
7 श्लोक · पाठ 3–4 मिनट
दुर्गा सप्तश्लोकी दुर्गा सप्तशती (देवी महात्म्य) से संकलित सात चुने हुए श्लोकों का संक्षिप्त स्तोत्र है।
माँ सरस्वती
21 श्लोक · पाठ 7–9 मिनट
श्री सरस्वती स्तोत्र अगस्त्य मुनि द्वारा कहा गया 21 श्लोकों का पाठ है, और रचयिता का नाम अनुमान से नहीं — स्तोत्र के भीतर से ज्ञात होता है।
श्री शनि देव
13 श्लोक · पाठ 4–5 मिनट
श्री शनैश्चर स्तोत्रम् उन थोड़े स्तोत्रों में है जिनके पीछे एक पूरी कथा है, और वह कथा स्वयं स्तोत्र के साथ ही मिलती है। कथा इस प्रकार है।
श्री साईं बाबा
5 श्लोक · पाठ 2–3 मिनट
श्री सायिनाथ पञ्चरत्न स्तोत्रम् शिरडी के साईं बाबा की स्तुति में रचे गए पाँच श्लोकों का संस्कृत स्तोत्र है — "पञ्चरत्न" अर्थात पाँच रत्न।
श्री खाटू श्याम
6 श्लोक · पाठ 2–3 मिनट
श्याम पुष्पांजलि खाटू श्याम की स्तुति में रची गई एक छोटी विनती है — चार पद, एक समापन-दोहा और अंत में जयकारा।