समय
3–4 मिनट
श्लोक
7
कठिनाई
मध्यम (Intermediate)
शुभ दिन
शुक्रवार व अष्टमी; नवरात्रि
उद्देश्य:रक्षा (Protection)शक्ति (Strength)दुःख नाश (Relief)
✓ संपूर्ण (7/7 श्लोक)
श्री दुर्गा सप्तश्लोकी दुर्गा सप्तशती से चुने गए सात श्लोकों का छोटा स्तोत्र है, जो "ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा" से शुरू होता है। इसके श्लोक सप्तशती के पहले, चौथे और ग्यारहवें अध्याय से हैं — जिनमें "सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके" भी है। पूरी सप्तशती का पाठ न हो सके, तो यह उसका संक्षिप्त रूप है।
FAQ
दुर्गा सप्तश्लोकी — सामान्य प्रश्न
यह दुर्गा सप्तशती (देवी महात्म्य) से संकलित सात श्लोकों का संक्षिप्त स्तोत्र है, जिसे सम्पूर्ण सप्तशती का सार माना जाता है।
नवरात्रि में नित्य, तथा शुक्रवार व अष्टमी को इसका पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।
पहला श्लोक अध्याय 1 (श्लोक 55) से, दूसरा अध्याय 4 (श्लोक 17) से, और बाक़ी पाँच अध्याय 11 की नारायणी स्तुति से — श्लोक 10, 12, 24, 29 और 39। इस साइट पर पूरी सप्तशती भी है।
दो प्रकाशित प्रतियों से — vedadhara.com और hinduismfaq.com — और इस साइट की अपनी दुर्गा सप्तशती से, जिसमें सातों श्लोक उन्हीं शब्दों में हैं।
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