FAQ
माँ दुर्गा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक। माँ दुर्गा आदिशक्ति का प्रचंड एवं करुणामय स्वरूप हैं, जिन्होंने महिषासुर सहित अनेक असुरों का संहार कर धर्म की रक्षा की। उनके नौ रूप — नवदुर्गा — नवरात्रि में पूजे जाते हैं।
परंपरा के अनुसार माँ दुर्गा का वाहन सिंह है। उनकी शक्ति/संगिनी भगवान शिव मानी जाती हैं।
माँ दुर्गा का बीज मंत्र "ॐ दुं दुर्गायै नमः" है। रोमन में इसे "Om Dum Durgayai Namah" लिखा जाता है। मंत्र-जप श्रद्धा व नियमितता पर आधारित परंपरा है।
माँ दुर्गा को अम्बे, भवानी, शेरावाली, महिषासुरमर्दिनी आदि नामों से भी जाना जाता है। हर नाम उनके किसी एक स्वरूप या गुण की ओर संकेत करता है।
सिंहवाहिनी, अष्टभुजा या दशभुजा, हाथों में त्रिशूल, चक्र, खड्ग, धनुष आदि अस्त्र; तेजोमय मुखमंडल। परंपरा में उन्हें शक्ति, रक्षा, विजय, साहस का अधिष्ठाता माना जाता है।
इस पृष्ठ पर माँ दुर्गा से जुड़े 37 भक्ति पाठ उपलब्ध हैं — आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र सहित। हर पाठ हिन्दी, IAST और रोमन तीनों लिपियों में पढ़ा जा सकता है।
