माँ दुर्गा

mā durgā

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

परिचय

माँ दुर्गा आदिशक्ति का प्रचंड एवं करुणामय स्वरूप हैं, जिन्होंने महिषासुर सहित अनेक असुरों का संहार कर धर्म की रक्षा की। उनके नौ रूप — नवदुर्गा — नवरात्रि में पूजे जाते हैं।

सिंह पर सवार, अनेक भुजाओं में दिव्य अस्त्र धारण करने वाली माता शक्ति, साहस और विजय की प्रतीक हैं। वे भक्तों के कष्ट हरती हैं और अभय प्रदान करती हैं।

स्वरूप: सिंहवाहिनी, अष्टभुजा या दशभुजा, हाथों में त्रिशूल, चक्र, खड्ग, धनुष आदि अस्त्र; तेजोमय मुखमंडल।

५१ शक्ति पीठ

माता सती के इक्यावन शक्ति पीठ — वे स्थान जहाँ परंपरा के अनुसार उनके अंग गिरे। हर पीठ की अपनी शक्ति, अपना भैरव और अपनी कथा है।

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माँ दुर्गा भक्ति संग्रह

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संबंधित पर्व व व्रत

आगामी संग्रह

अष्टकम्

जल्द

ज्योतिष संबंध

ये केवल परंपरागत/ज्योतिषीय शैक्षिक संबंध हैं — व्यक्तिगत सलाह या भविष्यवाणी नहीं।

संक्षिप्त विवरण

अन्य नामअम्बे, भवानी, शेरावाली, महिषासुरमर्दिनी, जगदम्बा
वाहनसिंह
संगिनी/संगीभगवान शिव
क्षेत्रशक्ति, रक्षा, विजय, साहस
बीज मंत्रॐ दुं दुर्गायै नमः

माँ दुर्गा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न