समय
4 मिनट
श्लोक/चौपाई
9
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
नवरात्रि; मंगलवार
उद्देश्य:रक्षा (Protection)संकट-निवारण (Relief from troubles)विजय (Victory)
✓ संपूर्ण
"ॐ जय चामुण्डा माता, मैया जय चामुण्डा माता" चामुण्डा माता की प्रचलित आरती है, जिसके आठ पद हैं। पहला पद नाम का कारण कहता है — "चण्ड मुण्ड दो राक्षस, हुए है बलशाली; उनको तुमने मारा" — और आगे के पद माँ का धाम दिखाते हैं: शक्ति-धाम के पीछे शिव-मंदिर और पास बहती नदी।
FAQ
श्री चामुण्डा माता आरती — सामान्य प्रश्न
चण्ड और मुण्ड नाम के दो असुरों के वध से — आरती का पहला पद यही कहता है: "चण्ड मुण्ड दो राक्षस, हुए है बलशाली; उनको तुमने मारा"। दुर्गा सप्तशती के सातवें अध्याय में देवी के ललाट से प्रकट काली चण्ड-मुण्ड का संहार करती हैं।
टेक और आठ पद। नक्षत्र विचार, भक्तिभारत और ई-स्तुति — तीनों में ये सब हैं।
तीन प्रकाशित प्रतियों से — नक्षत्र विचार (आधार), भक्तिभारत और ई-स्तुति। टेक और आठों पद तीनों में हैं।
पर्व
