समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण
FAQ
श्री चामुंडा माता आरती — सामान्य प्रश्न
माँ चामुंडा आदिशक्ति का उग्र रक्षक स्वरूप हैं, जिन्होंने चण्ड व मुण्ड दैत्यों का संहार किया; इसी कारण उन्हें "चामुंडा" कहा जाता है।
चामुंडा आरती नवरात्रि व अष्टमी को, मंगलवार-शुक्रवार को तथा संध्या पूजा में करना विशेष फलदायी है।
देवी ने चण्ड व मुण्ड नामक दो दैत्यों का वध किया, इसी से वे "चामुंडा" कहलाईं — यह कथा दुर्गा सप्तशती में वर्णित है।
इससे भय, शत्रु-बाधा व संकट का नाश होता है तथा साहस, शक्ति व आत्मबल प्राप्त होता है।
पर्व
