Ashtakam
आठ श्लोकों की स्तुति — संक्षिप्त व शक्तिशाली स्तोत्र।
श्री गणेश
13 श्लोक · पाठ 5–6 मिनट
गणेशाष्टकम् गणेश पुराण के उपासना खण्ड, अध्याय 91 का स्तोत्र है। इसमें आठ स्तुति-श्लोक तथा पाँच फलश्रुति-श्लोक, कुल तेरह श्लोक हैं।
श्री शिव
8 श्लोक · पाठ 3–4 मिनट
लिंगाष्टकम् आठ श्लोकों का एक प्रसिद्ध शैव स्तोत्र है जिसमें शिवलिंग की महिमा का गान किया गया है।
श्री हनुमान
8 श्लोक · पाठ 5–6 मिनट
संकटमोचन हनुमानाष्टक गोस्वामी तुलसीदास की रचना है और हनुमान चालीसा के बाद उनकी सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली हनुमान-स्तुति है।
माँ दुर्गा
श्री दुर्गाष्टकम् आठ अनुष्टुप् श्लोकों का स्तोत्र है और माँ दुर्गा की सबसे छोटी, सबसे सरल स्तुतियों में गिना जाता है।
श्री विष्णु
8 श्लोक · पाठ 4–5 मिनट
श्री विष्ण्वष्टकम् आठ श्लोकों की स्तुति है, जो उपजाति छंद में रची गई है और "विष्णुं विशालारुणपद्मनेत्रं" — विशाल, अरुण कमल जैसे नेत्रों वाले विष्णु —…
श्री राम
श्री रामाष्टकम् आठ श्लोकों की छोटी स्तुति है और इसका हर श्लोक उसी एक पंक्ति पर लौटता है — "नमामि राममीश्वरम्", अर्थात "मैं उन राम-रूपी ईश्वर को नमन…
श्री सूर्य देव
श्री सूर्याष्टकम् आठ अनुष्टुप् श्लोकों की सूर्य-स्तुति है और इसके अधिकांश श्लोक उसी एक पंक्ति पर लौटते हैं — "तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्", अर्थात "उन…
श्री कृष्ण
मधुराष्टकम् की रचना भक्ति परंपरा के महान आचार्य श्री वल्लभाचार्य ने की थी। आठ श्लोकों का यह स्तोत्र श्री कृष्ण की सम्पूर्ण माधुरी (मधुरता) का गान…
माँ लक्ष्मी
महालक्ष्मी अष्टकम् पद्म पुराण से लिया गया एक प्रसिद्ध स्तोत्र है, जिसकी स्तुति देवराज इंद्र द्वारा की गई मानी जाती है।
9 श्लोक · पाठ 4–5 मिनट
अच्युताष्टकम् आदि शंकराचार्य द्वारा रचित स्तोत्र है जिसमें भगवान विष्णु के दो अवतारों — राम और कृष्ण — की एक साथ स्तुति की गई है।
बाल मुकुन्दाष्टकम् आठ श्लोकों का स्तोत्र है जो श्रीकृष्ण के केवल बाल-स्वरूप का ध्यान कराता है।
जगन्नाथाष्टकम् आदि शंकराचार्य द्वारा रचित आठ श्लोकों का स्तोत्र है, जिसकी हर पंक्ति एक ही प्रार्थना पर आकर ठहरती है — "जगन्नाथः स्वामी नयनपथगामी भवतु…
9 श्लोक · पाठ 2–3 मिनट
श्री कृष्णाष्टकम् आठ अनुष्टुप् श्लोकों का स्तोत्र है जिसका प्रत्येक श्लोक "कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्" — "उन जगद्गुरु श्रीकृष्ण की मैं वंदना करता हूँ" —…
9 श्लोक · पाठ 5–6 मिनट
श्री यमुनाष्टकम् महाप्रभु वल्लभाचार्य की रचना है और उनके षोडशग्रंथ — सोलह ग्रंथों — में प्रथम है।
माँ सरस्वती
श्री सरस्वती अष्टकम् पद्म पुराण का आठ-श्लोकी पाठ है, और उसकी पुष्पिका इसे "दिव्यज्ञानप्रदायक" कहती है — दिव्य ज्ञान देने वाला।
श्री शनि देव
9 श्लोक · पाठ 3–4 मिनट
श्री शनैश्चराष्टकम् शनिदेव का सबसे संक्षिप्त और सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला स्तोत्र है।
श्री साईं बाबा
श्री सायिनाथ अष्टकम् शिरडी के साईं बाबा की स्तुति में रचा गया आठ श्लोकों का संस्कृत स्तोत्र है।
श्री खाटू श्याम
18 श्लोक · पाठ 5–6 मिनट
श्री खाटू श्याम अष्टक खाटू श्याम — अर्थात महाभारत के वीर बर्बरीक — की स्तुति में रची गई दोहा-चौपाई की रचना है।