ॐ दुं दुर्गायै नमः

oṃ duṃ durgāyai namaḥ

Durga Mantra

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
शुक्रवार व अष्टमी; नवरात्रि
उद्देश्य:रक्षा (Protection)शक्ति (Strength)विजय (Victory)
✓ संपूर्ण

परिचय

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

स्रोत: पारंपरिक दुर्गा बीज मंत्र

मंत्र

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ॐ दुं दुर्गायै नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ दुं दुर्गायै नमः॥

oṃ duṃ durgāyai namaḥ ||

Om Dum Durgayai Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "दुं" को अनुस्वार सहित ("दुम्") नासिक्य ध्वनि में बोलें। फिर "दु-र्गा-यै" में "र्गा" का स्पष्ट उच्चारण करें और अंत में "न-मः"।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

प्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
दुंदुर्गा का बीजाक्षर
दुर्गायैमाँ दुर्गा को
नमःनमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. माँ दुर्गा को नमस्कार। यहाँ "दुं" माँ दुर्गा का बीजाक्षर है, जो उनकी रक्षक शक्ति और प्रचंड ऊर्जा का प्रतीक है।

लाभ

  • शत्रु, भय और संकटों से रक्षा होती है।
  • मनोबल, साहस और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
  • मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और विजय प्राप्त होती है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: लाल चंदन या रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: प्रातः, संध्या व नवरात्रि

जप का उत्तम समय

नवरात्रि में नित्यशुक्रवार व अष्टमी कोप्रातः व संध्या

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

माँ दुर्गा के समक्ष लाल पुष्प व सिंदूर अर्पित कर लाल चंदन या रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। नवरात्रि में नित्य जप विशेष फलदायी होता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक दुर्गा बीज मंत्र परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

माँ दुर्गा

Goddess Durga

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

देवता वर्गशक्ति · रक्षा · विजय · साहस
वाहनसिंह
मुख्य मंत्रॐ दुं दुर्गायै नमः
माँ दुर्गा के पाठ
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ॐ दुं दुर्गायै नमः — सामान्य प्रश्न

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