ॐ क्रीं कालिकायै नमः

oṃ krīṃ kālikāyai namaḥ

Kali Mantra

समय
20 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
मंगलवार, अमावस्या व कालरात्रि
उद्देश्य:रक्षा (Protection)भय नाश (Fearlessness)संकट मोचन (Relief from Crisis)
✓ संपूर्ण बीज मंत्र

ॐ क्रीं कालिकायै नमः माँ काली का बीज मंत्र है — इसमें "क्रीं" काली का बीजाक्षर है, और अर्थ है "माँ काली को नमस्कार"। इसे रक्षा, भय दूर करने और संकट से मुक्ति के भाव से जपा जाता है, प्रायः 108 बार, विशेषकर अमावस्या और नवरात्रि में।

परिचय

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

स्रोत: पारंपरिक काली बीज मंत्र

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ क्रीं कालिकायै नमः
IASToṃ krīṃ kālikāyai namaḥ
प्रकारबीज मंत्र
देवतामाँ दुर्गा
मूल स्रोतपारंपरिक काली बीज मंत्र
जप संख्या108
मालारुद्राक्ष माला
शुभ दिनमंगलवार, अमावस्या व कालरात्रि
पाठ समय20 सेकंड
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

ॐ क्रीं कालिकायै नमः पारंपरिक काली बीज मंत्र के रूप में जाना जाता है। माँ काली को नमस्कार। "क्रीं" काली का बीजाक्षर है जो उनकी संहारक, भय-नाशक व रक्षक शक्ति का प्रतीक है।

मंत्र के प्रत्येक पद का अपना अर्थ है: ॐ — प्रणव — परब्रह्म का प्रतीक; क्रीं — काली का बीजाक्षर — संहार व रक्षा; कालिकायै — देवी कालिका को; नमः — नमस्कार। इन्हीं पदों के मेल से पूरे मंत्र का भाव बनता है, इसलिए जप करते समय इनका स्मरण रखना उपयोगी कहा जाता है।

यह बीज मंत्र है — अर्थात इसका केंद्र बीजाक्षर है, जिसका अर्थ शब्दकोश से नहीं, ध्वनि व परंपरा से लिया जाता है। इसी कारण बीज मंत्रों में उच्चारण-शुद्धि पर सबसे अधिक बल दिया जाता है, और परंपरा इनके लिए गुरु-दीक्षा को श्रेष्ठ मानती है।

परंपरा में इसका जप 108 बार — एक माला — कहा जाता है, और इसके लिए रुद्राक्ष माला बताई जाती है। इसके लिए मंगलवार, अमावस्या व कालरात्रि विशेष कहे जाते हैं। परंपरा में यह भी कहा जाता है कि संख्या से अधिक महत्व नियमितता का है।

मंत्र

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ॐ क्रीं कालिकायै नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ क्रीं कालिकायै नमः॥

oṃ krīṃ kālikāyai namaḥ ||

Om Kreem Kalikayei Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "क्रीं" को दीर्घ ई व अनुस्वार सहित नासिक्य ध्वनि में बोलें, फिर "का-लि-कायै" व "न-मः"। दृढ़ व निर्भय स्वर में दोहराएँ।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
क्रींकाली का बीजाक्षर — संहार व रक्षा
कालिकायैदेवी कालिका को
नमःनमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. माँ काली को नमस्कार। "क्रीं" काली का बीजाक्षर है जो उनकी संहारक, भय-नाशक व रक्षक शक्ति का प्रतीक है।

लाभ

  • भय, शत्रु व नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
  • संकट व विपत्ति से शीघ्र रक्षा मिलती है।
  • साहस, निर्भयता व आत्मबल बढ़ता है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: रात्रि व मंगलवार

जप का उत्तम समय

मंगलवार व अमावस्या कोकालरात्रि (नवरात्रि) मेंभय या संकट के समय

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

देवी काली के समक्ष लाल पुष्प व दीप अर्पित कर रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। रात्रि व अमावस्या को जप विशेष प्रभावी माना जाता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराhindunidhi.com — माँ काली मंत्र · instaastro.com — काली मंत्र
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

माँ दुर्गा

Goddess Durga

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

देवता वर्गशक्ति · रक्षा · विजय · साहस
वाहनसिंह
मुख्य मंत्रॐ दुं दुर्गायै नमः
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ॐ क्रीं कालिकायै नमः — सामान्य प्रश्न

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