सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये

sarvamaṅgalamāṅgalye

Sarva Mangala Mantra

समय
30 सेकंड
जप संख्या
11
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
नवरात्रि व मंगलवार-शुक्रवार
उद्देश्य:शुभ आरंभ (Auspicious Start)रक्षा (Protection)शांति (Peace)
✓ संपूर्ण

परिचय

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

स्रोत: दुर्गा सप्तशती (देवी स्तुति श्लोक)

मंत्र

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सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

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उच्चारण (Pronunciation)

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

sarvamaṅgalamāṅgalye śive sarvārthasādhike | śaraṇye tryambake gauri nārāyaṇi namo'stu te ||

Sarva-mangala-mangalye Shive Sarvartha-sadhike, Sharanye Tryambake Gauri Narayani Namostu Te.

उच्चारण मार्गदर्शन: "सर्व-मङ्गल-माङ्गल्ये", "शिवे", "सर्वार्थ-साधिके", "त्र्यम्बके", "गौरि", "नारायणि" को स्पष्ट रुककर बोलें। भक्तिभाव से पढ़ें।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

सर्वमङ्गलमाङ्गल्येसमस्त मंगलों की मंगल-स्वरूपा
शिवेकल्याणी
सर्वार्थसाधिकेसब प्रयोजन सिद्ध करने वाली
शरण्ये त्र्यम्बके गौरिशरण देने वाली, त्रिनेत्रा गौरी
नारायणि नमोऽस्तु तेहे नारायणी, आपको नमस्कार है

अर्थ (हिन्दी)

  1. हे समस्त मंगलों की मंगल-स्वरूपा, कल्याणी, सब प्रयोजन सिद्ध करने वाली, शरण देने वाली, त्रिनेत्रा गौरी, नारायणी देवी! आपको नमस्कार है।

लाभ

  • जीवन में मंगल व शुभता का संचार होता है।
  • भय व बाधाओं से रक्षा होकर कार्य सिद्ध होते हैं।
  • मन को शांति व देवी-कृपा प्राप्त होती है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 11 बार (एक माला)।

माला: आवश्यक नहीं (स्तुति पाठ)

उत्तम समय: प्रातः, संध्या व नवरात्रि

जप का उत्तम समय

नवरात्रि मेंमंगलवार व शुक्रवार कोपूजा के समापन व शुभ कार्य में

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

देवी दुर्गा के समक्ष यह स्तुति श्रद्धापूर्वक पढ़ें; प्रायः दुर्गा पूजा/सप्तशती पाठ के समापन में इसका पाठ किया जाता है। नवरात्रि में विशेष फलदायी।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरादुर्गा सप्तशती — देवी स्तुति
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

माँ दुर्गा

Goddess Durga

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

देवता वर्गशक्ति · रक्षा · विजय · साहस
वाहनसिंह
मुख्य मंत्रॐ दुं दुर्गायै नमः
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सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये — सामान्य प्रश्न

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