श्री वैष्णो देवी आरती
śrī vaiṣṇo devī āratī
Vaishno Devi Aarti (Jai Vaishnavi Mata)
परिचय
माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।
स्रोत: पारंपरिक वैष्णो देवी आरती
उद्भव / पृष्ठभूमि
माता वैष्णो देवी आदिशक्ति का स्वरूप हैं, जो त्रिकूट पर्वत (कटरा, जम्मू) की पवित्र गुफा में महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती — तीन पिण्डियों के रूप में विराजमान हैं। यह आरती नवरात्रि व नित्य संध्या में गाई जाती है, जिससे रक्षा, मनोकामना-पूर्ति व देवी-कृपा प्राप्त होती है।
आरती (लिरिक्स)
जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता। त्रिकूट पर्वत वासिनि, तू जग की दाता॥
हे वैष्णवी माता, आपकी जय हो! त्रिकूट पर्वत पर निवास करने वाली आप समस्त जगत को देने वाली हैं।
महाकाली महालक्ष्मी, महासरस्वती रूपा। तीन पिण्डियों में विराजे, ज्योति-स्वरूपा॥
महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती के रूप में आप तीन पिण्डियों में ज्योति-स्वरूप विराजमान हैं।
भैरव संग विराजे, गुफा अति पावन। शेर सवारी करती, हरती भक्तन के अघन॥
भैरव बाबा के संग अति पवित्र गुफा में आप विराजती हैं; सिंह की सवारी करती हुई आप भक्तों के पाप हर लेती हैं।
जो जन शरण में आता, खाली नहीं जाता। मनवांछित फल देती, हे जग की माता॥
जो भी आपकी शरण में आता है, वह खाली नहीं लौटता; हे जगत की माता, आप मनोवांछित फल देती हैं।
वैष्णो माँ की आरती, जो जन श्रद्धा गावे। भय-संकट सब मिटते, सुख-सम्पति पावे॥
जो भक्त श्रद्धा से वैष्णो माँ की यह आरती गाता है, उसके समस्त भय-संकट मिट जाते हैं और वह सुख-सम्पत्ति प्राप्त करता है।
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अर्थ (हिन्दी)
- हे वैष्णवी माता, आपकी जय हो! त्रिकूट पर्वत पर निवास करने वाली आप समस्त जगत को देने वाली हैं।
- महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती के रूप में आप तीन पिण्डियों में ज्योति-स्वरूप विराजमान हैं।
- भैरव बाबा के संग अति पवित्र गुफा में आप विराजती हैं; सिंह की सवारी करती हुई आप भक्तों के पाप हर लेती हैं।
- जो भी आपकी शरण में आता है, वह खाली नहीं लौटता; हे जगत की माता, आप मनोवांछित फल देती हैं।
- जो भक्त श्रद्धा से वैष्णो माँ की यह आरती गाता है, उसके समस्त भय-संकट मिट जाते हैं और वह सुख-सम्पत्ति प्राप्त करता है।
लाभ
- भय, संकट व नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
- श्रद्धा व विश्वास से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
- मन में भक्ति, साहस व सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
माता वैष्णो देवी के समक्ष लाल चुनरी, पुष्प व दीप अर्पित करें, "जय माता दी" का जयघोष करते हुए आरती गाएँ। नवरात्रि में जप-आरती विशेष फलदायी मानी जाती है।
प्रामाणिकता व स्रोत
देव परिचय
माँ दुर्गा
Goddess Durga
माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।
