समय
5 मिनट
श्लोक/चौपाई
13
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
नवरात्रि; मंगलवार व शुक्रवार
उद्देश्य:रक्षा (Protection)संकट-निवारण (Relief from troubles)मनोकामना (Wish fulfilment)
✓ संपूर्ण
"ॐ जय ज्वाला माई, मैया जय ज्वाला माई" ज्वाला देवी की प्रचलित आरती है। इसके तेरह पद माँ की अखंड ज्योति के गीत हैं — "अटल अखंड तेरी ज्योति, युग युग से ही जगे" — और उस प्रसंग का भी, जब अभिमानी राजा ज्योति बुझाने आए और हार गए। आरती भक्त ध्यानु का नाम भी लेती है।
FAQ
श्री ज्वाला देवी आरती — सामान्य प्रश्न
तेरह — "ॐ जय ज्वाला माई" से "माई ज्वाला तेरी आरती, श्रद्धा से जो गाये" तक। नॉलेज गैलरी और नक्षत्र विचार — दोनों में ये सब पद हैं।
आरती का आठवाँ पद कहता है — "चरण कमल तेरे धोकर, ध्यानु ने रस था पिया; तेरी धुन में खोकर, शीश तेरे भेंट किया": ध्यानु माँ के भक्त थे, जिन्होंने माँ की धुन में अपना शीश भेंट कर दिया।
दो प्रकाशित प्रतियों से — नॉलेज गैलरी (आधार) और नक्षत्र विचार। पद दोनों में एक हैं; अंतर केवल वर्तनी के हैं।
पर्व
