समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
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FAQ
श्री मंगला गौरी आरती — सामान्य प्रश्न
माँ मंगला गौरी देवी पार्वती का मंगलकारी गौरी-स्वरूप हैं, जो सौभाग्य, सुखी दाम्पत्य व सन्तान-सुख प्रदान करती हैं।
मंगला गौरी व्रत श्रावण मास के प्रत्येक मंगलवार को किया जाता है, विशेषकर नवविवाहित सुहागिन स्त्रियों द्वारा।
इससे अखण्ड सौभाग्य व सुखी दाम्पत्य मिलता है, सन्तान-सुख व पति-पुत्र की रक्षा होती है और घर में सुख-शांति आती है।
मंगला गौरी को सोलह शृंगार-सामग्री, चूड़ियाँ, पुष्प, फल व मिष्ठान्न अर्पित करना शुभ माना जाता है।
पर्व
