श्री मनसा देवी आरती
śrī mansā devī āratī
Mansa Devi Aarti (Haridwar)
परिचय
माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।
स्रोत: मनसा देवी मंदिर, शिवालिक पर्वत, हरिद्वार (उत्तराखंड)
उद्भव / पृष्ठभूमि
माँ मनसा देवी आदिशक्ति का मनोकामना-पूर्ति करने वाला स्वरूप हैं ("मनसा" अर्थात् मन की इच्छा)। इनका प्रसिद्ध मंदिर हरिद्वार के शिवालिक पर्वत (बिल्व पर्वत) पर स्थित है, जहाँ भक्त मनोकामना हेतु वृक्ष पर मौली (धागा) बाँधते हैं।
आरती (लिरिक्स)
जय मनसा देवी माता, मैया जय मनसा देवी। मन की इच्छा पूरण करती, तू वर-दायिनी देवी॥
हे मनसा देवी माता, आपकी जय हो! आप मन की इच्छा पूर्ण करती हैं और वरदान देने वाली देवी हैं।
शिवालिक पर्वत शोभे, हरिद्वार में धामा। गंगा-तट के निकट हो, पूरण करती कामा॥
शिवालिक पर्वत पर सुशोभित, आपका धाम हरिद्वार में है; गंगा-तट के निकट विराजमान आप (भक्तों की) कामनाएँ पूर्ण करती हैं।
मौली बाँधे भक्त वृक्ष पर, मन्नत माँगे प्यारी। पूरण होने पर खोलें, ऐसी रीति न्यारी॥
भक्त वृक्ष पर मौली (धागा) बाँधकर प्रिय मन्नत माँगते हैं; मनोकामना पूर्ण होने पर धागा खोलते हैं — ऐसी अनूठी रीति है।
भय-संकट सब हरती, मनोरथ पूरण करती। शरण पड़े की रक्षा, हे जग की महतारी॥
आप भय-संकट हरती हैं और मनोरथ पूर्ण करती हैं; हे जगत की माता, शरण में आए जनों की रक्षा करती हैं।
मनसा देवी आरती, जो जन श्रद्धा गावे। मन की इच्छा पूरण, सुख-समृद्धि पावे॥
जो भक्त श्रद्धा से मनसा देवी की यह आरती गाता है, उसकी मन की इच्छा पूर्ण होती है और वह सुख-समृद्धि प्राप्त करता है।
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अर्थ (हिन्दी)
- हे मनसा देवी माता, आपकी जय हो! आप मन की इच्छा पूर्ण करती हैं और वरदान देने वाली देवी हैं।
- शिवालिक पर्वत पर सुशोभित, आपका धाम हरिद्वार में है; गंगा-तट के निकट विराजमान आप (भक्तों की) कामनाएँ पूर्ण करती हैं।
- भक्त वृक्ष पर मौली (धागा) बाँधकर प्रिय मन्नत माँगते हैं; मनोकामना पूर्ण होने पर धागा खोलते हैं — ऐसी अनूठी रीति है।
- आप भय-संकट हरती हैं और मनोरथ पूर्ण करती हैं; हे जगत की माता, शरण में आए जनों की रक्षा करती हैं।
- जो भक्त श्रद्धा से मनसा देवी की यह आरती गाता है, उसकी मन की इच्छा पूर्ण होती है और वह सुख-समृद्धि प्राप्त करता है।
लाभ
- मन की इच्छा व मनोकामना की पूर्ति होती है।
- भय, संकट व बाधाओं से रक्षा होती है।
- सुख, समृद्धि व सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
माँ मनसा देवी के समक्ष लाल चुनरी, पुष्प व दीप अर्पित करें; मनोकामना हेतु वृक्ष पर मौली बाँधकर श्रद्धापूर्वक आरती गाएँ। मनोकामना पूर्ण होने पर धागा खोलने की परंपरा है।
प्रामाणिकता व स्रोत
देव परिचय
माँ दुर्गा
Goddess Durga
माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।
