समय
2–3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
नाग पंचमी; नवरात्रि
उद्देश्य:रक्षा (Protection)संतान-सुख (Blessing of children)मनोकामना (Wish fulfilment)
✓ संपूर्ण
"जय मनसा माता, मैया जय मनसा माता, जो नर तुमको ध्याता मनवांछित फल पाता" मनसा देवी की प्रचलित आरती है। इसके चार पद और फलश्रुति में मनसा का पूरा परिचय है — "जरत्कारु मुनि पत्नी, तुम बासुक भगिनी; कश्यप की तुम कन्या, आस्तिक की माता": मुनि जरत्कारु की पत्नी, नागराज वासुकि की बहन, कश्यप की पुत्री और आस्तिक की माता।
FAQ
श्री मनसा देवी आरती — सामान्य प्रश्न
चार पद और एक फलश्रुति ("मनसा जी की आरती, जो कोई नर गाता")। तीनों प्रकाशित प्रतियों में ये सब हैं।
दूसरा पद — "जरत्कारु मुनि पत्नी, तुम बासुक भगिनी; कश्यप की तुम कन्या, आस्तिक की माता": मनसा ऋषि जरत्कारु की पत्नी, नागराज वासुकि की बहन, ऋषि कश्यप की पुत्री और आस्तिक मुनि की माता हैं।
तीन प्रकाशित प्रतियों से — हिंदूनिधि (आधार), श्रीधरम और नॉलेज गैलरी। चारों पद और फलश्रुति तीनों में हैं।
पर्व
