संतोषी माता मंत्र

saṃtoṣī mātā maṃtra

Santoshi Mata Mantra (Om Shri Santoshi Mahamaya)

समय
20 सेकंड (एक बार)
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
शुक्रवार
उद्देश्य:संतोष (Contentment)सुख-शांति (Wellbeing)मनोकामना पूर्ति (Wish fulfilment)
✓ संपूर्ण साधना मंत्र

संतोषी माता मंत्र "ॐ श्री संतोषी महामाया गजानंदम दायिनी शुक्रवार प्रिये देवी नारायणी नमोस्तुते" शुक्रवार के संतोषी माता व्रत में जपा जाने वाला प्रचलित मंत्र है। इसमें माँ को महामाया, गणेश जी से जुड़ी आनंददायिनी, शुक्रवार की प्रिय और नारायणी कहकर नमस्कार किया जाता है। इसका जप प्रायः 108 बार किया जाता है।

परिचय

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

स्रोत: लोक-परंपरा का मंत्र — शुक्रवार के संतोषी माता व्रत में जपा जाता है

एक नज़र में

मंत्र / पाठसंतोषी माता मंत्र
IASTsaṃtoṣī mātā maṃtra
प्रकारसाधना मंत्र
देवतामाँ दुर्गा
मूल स्रोतलोक-परंपरा का मंत्र — शुक्रवार के संतोषी माता व्रत में जपा जाता है
जप संख्या108
मालास्फटिक माला
शुभ दिनशुक्रवार
पाठ समय20 सेकंड (एक बार)
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

संतोषी माता का व्रत शुक्रवार को होता है, और यह मंत्र उसी दिन की पूजा में जपा जाता है।

मंत्र में क्या है. "शुक्रवार प्रिये" — माँ को शुक्रवार प्रिय है; "देवी नारायणी नमोस्तुते" — हे देवी नारायणी, आपको नमस्कार। परंपरा में संतोषी माता को गणेश जी की पुत्री माना जाता है, और मंत्र का "गजानंदम" शब्द उसी ओर संकेत करता है।

भाषा. यह लोक-परंपरा का मंत्र है — इसकी संस्कृत व्याकरण से शुद्ध नहीं, पर प्रकाशक इसे इसी रूप में छापते हैं, इसलिए यहाँ शब्द नहीं बदले गए।

मंत्र

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ॐ श्री संतोषी महामाया गजानंदम दायिनी। शुक्रवार प्रिये देवी नारायणी नमोस्तुते॥

लिपि बदलने के लिए ऊपर देवनागरी / IAST / Roman चुनें।

उच्चारण (Pronunciation)

ॐ श्री संतोषी महामाया गजानंदम दायिनी। शुक्रवार प्रिये देवी नारायणी नमोस्तुते॥

oṃ śrī saṃtoṣī mahāmāyā gajānaṃdama dāyinī| śukravāra priye devī nārāyaṇī namostute||

Om shree santoshee mahaamaayaa gajaanandama daayinee, Shukravaara priye devee naaraayanee namostute.

उच्चारण मार्गदर्शन: "संतोषी", "महामाया", "गजानंदम", "दायिनी" और "नमोस्तुते" को स्पष्ट और धीरे बोलें।

अर्थ (हिन्दी)

  1. हे श्री संतोषी माता, हे महामाया, आनंद देने वाली (गजानन से जुड़ी देवी), शुक्रवार की प्रिय देवी नारायणी — आपको नमस्कार।

लाभ

  • संतोष और मन की शांति — संतोषी माता का नाम ही संतोष से है।
  • शुक्रवार के व्रत और पूजा का समापन।
  • मनोकामना-पूर्ति का भाव।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: स्फटिक माला

उत्तम समय: प्रातः व शुक्रवार

जप का उत्तम समय

शुक्रवार कोसंतोषी माता व्रत मेंप्रातः पूजा में

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

शुक्रवार को संतोषी माता के चित्र के सामने दीपक जलाएँ और गुड़-चने का भोग लगाएँ। फिर मंत्र का जप करें। संतोषी माता के व्रत में उस दिन खटाई नहीं खाई जाती।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराchalisasangrah.in — संतोषी माता मंत्र (आधार-पाठ) · raftaar.in — शुक्रवार मंत्र: मां संतोषी · m.punjabkesari.in — संतोषी माता की पूजा में जरूर करें इन मंत्रों का जप · republicbharat.com — मां संतोषी मंत्र · chalisaonline.in — संतोषी माता मंत्र (सरल नाम-मंत्र)
अंतिम अद्यतनअक्टूबर 2026

यह भी देखें

देव परिचय

माँ दुर्गा

Goddess Durga

माँ दुर्गा आदिशक्ति का स्वरूप हैं — दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षक।

देवता वर्गशक्ति · रक्षा · विजय · साहस
वाहनसिंह
मुख्य मंत्रॐ दुं दुर्गायै नमः
सभी पाठ देखें

संतोषी माता मंत्र — सामान्य प्रश्न

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