समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
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FAQ
श्री संतोषी माता आरती — सामान्य प्रश्न
संतोषी माता की आरती शुक्रवार को व्रत व पूजन के पश्चात करना सर्वोत्तम माना जाता है।
शुक्रवार के व्रत में गुड़-चना का भोग लगाया जाता है तथा उस दिन खट्टी (खटाई) वस्तु का सेवन व स्पर्श वर्जित माना जाता है।
संतोषी माता संतोष व सुख-समृद्धि की देवी हैं, जिन्हें भगवान गणेश की पुत्री माना जाता है।
इससे मन में संतोष व शांति आती है, घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और श्रद्धापूर्वक व्रत से मनोकामना पूर्ण होती है।
