समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण
FAQ
श्री गंगा माता आरती — सामान्य प्रश्न
गंगा आरती संध्या काल में गंगा-तट पर तथा गंगा दशहरा व कार्तिक पूर्णिमा पर करना विशेष फलदायी माना जाता है।
पौराणिक मान्यता अनुसार गंगा शिव की जटाओं से होकर राजा भगीरथ की तपस्या से धरती पर अवतरित हुईं, इसीलिए इन्हें भागीरथी भी कहते हैं।
इससे पापों का नाश होता है, मन पवित्र होता है तथा मोक्ष-मार्ग व आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।
हाँ, गंगा-तट पर न जा पाने पर घर में गंगाजल के समक्ष श्रद्धापूर्वक दीप जलाकर आरती की जा सकती है।
पर्व
