पूर्णिमा

Purnima (Full Moon)

पूर्णिमा

महत्व

पूर्णिमा वह तिथि है जब चंद्रमा पूर्ण रूप में उदित होता है — शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि, और दो पक्षों के बीच का विभाजन-बिंदु। यह प्रत्येक मास में एक बार आती है।

परंपरा में यह दिन सत्यनारायण व्रत तथा विष्णु-लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष माना जाता है। स्नान, दान और उपवास — ये तीन इस तिथि के प्रमुख कर्म कहे गए हैं।

वर्ष की कई पूर्णिमाओं का अपना स्वतंत्र पर्व भी है — आषाढ़ की गुरु पूर्णिमा, आश्विन की शरद पूर्णिमा, तथा उत्तर भारत में चैत्र की हनुमान जयंती।

पूजन विधि व परंपरा

  • सत्यनारायण कथा व पूजन
  • विष्णु तथा लक्ष्मी की आराधना
  • पवित्र नदी अथवा सरोवर में स्नान
  • चंद्र-दर्शन व अर्घ्य
  • उपवास तथा सात्त्विक आहार
  • दान-पुण्य व अन्न-सेवा
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ

तिथि / पंचांग

तिथिपूर्णिमा
पक्षशुक्ल
माहप्रत्येक माह
आराध्यश्री विष्णु, माँ लक्ष्मी
स्रोतhi.wikipedia.org/wiki/पूर्णिमा — पूर्ण चंद्र की तिथि; दो पक्षों के बीच का विभाजन
आज का पंचांग

पूर्णिमा — सामान्य प्रश्न

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