FAQ
पूर्णिमा — सामान्य प्रश्न
पूर्णिमा पूर्णिमा तिथि, शुक्ल पक्ष, प्रत्येक माह को मनाया जाता है। यह पर्व वर्ष में एक से अधिक बार आता है। सटीक तिथि हर वर्ष पंचांग के अनुसार बदलती है — इसी संग्रह का पंचांग पृष्ठ देखें।
पूर्णिमा (पूर्ण चंद्र) तिथि सत्यनारायण व्रत, विष्णु व लक्ष्मी पूजन तथा दान-पुण्य के लिए शुभ मानी जाती है।
पूर्णिमा मुख्यतः श्री विष्णु व माँ लक्ष्मी की आराधना का पर्व माना जाता है। इसी पृष्ठ पर उनसे जुड़े आरती, चालीसा व मंत्र भी दिए गए हैं।
परंपरा में इस दिन सत्यनारायण कथा व पूजन, विष्णु व लक्ष्मी आराधना, दान-पुण्य, चंद्र दर्शन का विधान बताया जाता है। ये परंपरागत मान्यताएँ हैं; क्षेत्र और परिवार के अनुसार विधि में अंतर मिलता है।
अनुशंसित पाठ
पूर्णिमा के लिए अनुशंसित आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र
आराध्य देव
