समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण
FAQ
श्री दत्तात्रेय आरती — सामान्य प्रश्न
भगवान दत्तात्रेय ब्रह्मा, विष्णु व महेश — तीनों देवों के संयुक्त अवतार हैं; वे ऋषि अत्रि व अनसूया के पुत्र तथा गुरु-परम्परा के आदिगुरु माने जाते हैं।
दत्तात्रेय आरती दत्त जयंती (मार्गशीर्ष पूर्णिमा) व गुरुवार को तथा नित्य प्रातः-संध्या पूजा में करना शुभ है।
दत्तात्रेय ने प्रकृति व जीवों (पृथ्वी, वायु, जल, अग्नि, मधुमक्खी आदि) से सीखकर चौबीस गुरु बनाए — यह उपदेश भागवत में वर्णित है।
इससे गुरु-कृपा, ज्ञान व आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिलता है तथा भय व संकट दूर होते हैं।
पर्व
