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3 मिनट
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5
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FAQ
श्री गायत्री माता आरती — सामान्य प्रश्न
गायत्री आरती प्रातः व संध्या (संध्या-वंदन काल) में तथा गायत्री जप-उपासना के पश्चात करना सर्वोत्तम है; गायत्री जयंती पर इसका विशेष महत्व है।
गायत्री माता को वेदमाता व समस्त मंत्रों की जननी माना जाता है; वे ज्ञान, बुद्धि व तेज की अधिष्ठात्री देवी हैं।
इससे बुद्धि, विवेक व एकाग्रता बढ़ती है, मन शांत होता है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
हाँ, गायत्री उपासना व आरती विद्यार्थियों के लिए विशेष लाभकारी मानी जाती है क्योंकि यह बुद्धि व स्मरण-शक्ति बढ़ाती है।
