श्री कार्तिकेय आरती

śrī kārtikeya āratī

Kartikeya Aarti (Jai Jai Aarti Venu Gopala — group aarti)

समय
2 मिनट
श्लोक/चौपाई
8
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
स्कंद षष्ठी; मंगलवार
उद्देश्य:भक्ति (Devotion)रक्षा (Protection)विजय (Victory)
✓ संपूर्ण

प्रकाशक "भगवान कार्तिकेय की आरती" शीर्षक से जो आरती छापते हैं, वह "जय जय आरती वेणु गोपाला" है — यह असल में कई देवताओं की सामूहिक आरती है। इसकी आठ पंक्तियाँ बारी-बारी से वेणुगोपाल (कृष्ण), वेंकटरमण, गौरी-शंकर, राजराजेश्वरी, आंजनेय (हनुमान), दत्तात्रेय और सिद्धिविनायक (गणेश) की जय करती हैं, और अंत में "जय जय आरती सुब्रह्मण्य, सुब्रह्मण्य कार्तिकेय"।

परिचय

स्रोत: "जय जय आरती वेणु गोपाला" — कई देवताओं की सामूहिक आरती; अंतिम पंक्ति सुब्रह्मण्य-कार्तिकेय की

एक नज़र में

मंत्र / पाठश्री कार्तिकेय आरती
IASTśrī kārtikeya āratī
मूल स्रोत"जय जय आरती वेणु गोपाला" — कई देवताओं की सामूहिक आरती; अंतिम पंक्ति सुब्रह्मण्य-कार्तिकेय की
शुभ दिनस्कंद षष्ठी; मंगलवार
पाठ समय2 मिनट
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

कार्तिकेय — जिन्हें दक्षिण भारत में सुब्रह्मण्य और मुरुगन कहते हैं — की कोई अलग हिन्दी आरती हमें दो प्रकाशित प्रतियों में नहीं मिली। प्रकाशक उनके लिए जो आरती छापते हैं, वह "जय जय आरती" शैली की सामूहिक आरती है, और उसे वैसे ही यहाँ रखा गया है।

बनावट. हर पंक्ति "जय जय आरती" से शुरू होती है और एक देवता के दो-तीन नाम लेती है — वेणुगोपाल ("पाप विदुरा, नवनीत चोरा"), वेंकटरमण ("संकटहरणा"), गौरी-मनोहर शंकर, राजराजेश्वरी त्रिपुरसुंदरी (महासरस्वती, महालक्ष्मी, महाकाली), आंजनेय हनुमान, दत्तात्रेय ("त्रिमूर्ति अवतार"), सिद्धिविनायक गणेश — और अंत में सुब्रह्मण्य कार्तिकेय।

कार्तिकेय पृष्ठ पर क्यों. अंतिम पंक्ति कार्तिकेय की है, और वेबदुनिया व हिन्दूइज़्म FAQ जैसे प्रकाशक इसे कार्तिकेय आरती के रूप में ही छापते हैं। सामूहिक आरती होने की बात छिपाई नहीं गई है।

आरती (लिरिक्स)

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जय जय आरती वेणु गोपाला। वेणु गोपाला वेणु लोला। पाप विदुरा नवनीत चोरा॥

हे वेणुगोपाल (बाँसुरी वाले कृष्ण), आपकी आरती की जय हो! हे बाँसुरी में रमने वाले, पाप दूर करने वाले, माखन-चोर।

जय जय आरती वेंकटरमणा। वेंकटरमणा संकटहरणा। सीता राम राधे श्याम॥

हे वेंकटरमण, आपकी आरती की जय हो! हे संकट हरने वाले वेंकटरमण; सीता-राम, राधे-श्याम।

जय जय आरती गौरी मनोहर। गौरी मनोहर भवानी शंकर। साम्ब सदाशिव उमा महेश्वर॥

हे गौरी के मन को हरने वाले (शिव), आपकी आरती की जय हो! भवानी-शंकर, अम्बा सहित सदाशिव, उमा-महेश्वर।

जय जय आरती राज राजेश्वरि। राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि। महा सरस्वती महा लक्ष्मी। महा काली महा लक्ष्मी॥

हे राजराजेश्वरी, आपकी आरती की जय हो! हे राजराजेश्वरी त्रिपुरसुंदरी — महासरस्वती, महालक्ष्मी, महाकाली।

जय जय आरती आन्जनेय। आन्जनेय हनुमन्ता॥

हे आंजनेय (अंजनी-पुत्र), आपकी आरती की जय हो! हे आंजनेय हनुमान।

जय जय आरति दत्तात्रेय। दत्तात्रेय त्रिमुर्ति अवतार॥

हे दत्तात्रेय, आपकी आरती की जय हो! हे त्रिमूर्ति के अवतार दत्तात्रेय।

जय जय आरती सिद्धि विनायक। सिद्धि विनायक श्री गणेश॥

हे सिद्धिविनायक, आपकी आरती की जय हो! हे सिद्धिविनायक श्री गणेश।

जय जय आरती सुब्रह्मण्य। सुब्रह्मण्य कार्तिकेय॥

हे सुब्रह्मण्य, आपकी आरती की जय हो! हे सुब्रह्मण्य कार्तिकेय।

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अर्थ (हिन्दी)

  1. हे वेणुगोपाल (बाँसुरी वाले कृष्ण), आपकी आरती की जय हो! हे बाँसुरी में रमने वाले, पाप दूर करने वाले, माखन-चोर।
  2. हे वेंकटरमण, आपकी आरती की जय हो! हे संकट हरने वाले वेंकटरमण; सीता-राम, राधे-श्याम।
  3. हे गौरी के मन को हरने वाले (शिव), आपकी आरती की जय हो! भवानी-शंकर, अम्बा सहित सदाशिव, उमा-महेश्वर।
  4. हे राजराजेश्वरी, आपकी आरती की जय हो! हे राजराजेश्वरी त्रिपुरसुंदरी — महासरस्वती, महालक्ष्मी, महाकाली।
  5. हे आंजनेय (अंजनी-पुत्र), आपकी आरती की जय हो! हे आंजनेय हनुमान।
  6. हे दत्तात्रेय, आपकी आरती की जय हो! हे त्रिमूर्ति के अवतार दत्तात्रेय।
  7. हे सिद्धिविनायक, आपकी आरती की जय हो! हे सिद्धिविनायक श्री गणेश।
  8. हे सुब्रह्मण्य, आपकी आरती की जय हो! हे सुब्रह्मण्य कार्तिकेय।

लाभ

  • कई देवताओं का एक साथ स्मरण — कृष्ण, वेंकटेश, शिव, देवी, हनुमान, दत्तात्रेय, गणेश और कार्तिकेय।
  • सरल, छोटी आरती — किसी भी पूजा के अंत में गाई जा सकती है।

कब करें पाठ

स्कंद षष्ठी परमंगलवार कोकिसी भी पूजा के अंत में

पाठ विधि

दीपक जलाकर हर पंक्ति "जय जय आरती" के साथ गाएँ; हर पंक्ति पर उस देवता का स्मरण करें। कार्तिकेय-पूजन में अंतिम पंक्ति "जय जय आरती सुब्रह्मण्य" पर विशेष ध्यान रखें।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराhindi.webdunia.com — भगवान कार्तिकेय की आरती : जय जय आरती वेणु गोपाला (आधार-पाठ) · hinduismfaq.com — कार्तिकेय आरती
रचयिताअज्ञात (किसी प्रति में नाम नहीं)
अंतिम अद्यतनसितंबर 2026

श्री कार्तिकेय आरती — सामान्य प्रश्न