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लिपि:
॥ श्री ॥
श्री कार्तिकेय आरती
आरती
पाठ
1
जय जय आरती वेणु गोपाला। वेणु गोपाला वेणु लोला। पाप विदुरा नवनीत चोरा॥
2
जय जय आरती वेंकटरमणा। वेंकटरमणा संकटहरणा। सीता राम राधे श्याम॥
3
जय जय आरती गौरी मनोहर। गौरी मनोहर भवानी शंकर। साम्ब सदाशिव उमा महेश्वर॥
4
जय जय आरती राज राजेश्वरि। राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि। महा सरस्वती महा लक्ष्मी। महा काली महा लक्ष्मी॥
5
जय जय आरती आन्जनेय। आन्जनेय हनुमन्ता॥
6
जय जय आरति दत्तात्रेय। दत्तात्रेय त्रिमुर्ति अवतार॥
7
जय जय आरती सिद्धि विनायक। सिद्धि विनायक श्री गणेश॥
8
जय जय आरती सुब्रह्मण्य। सुब्रह्मण्य कार्तिकेय॥
अर्थ (हिन्दी)
- हे वेणुगोपाल (बाँसुरी वाले कृष्ण), आपकी आरती की जय हो! हे बाँसुरी में रमने वाले, पाप दूर करने वाले, माखन-चोर।
- हे वेंकटरमण, आपकी आरती की जय हो! हे संकट हरने वाले वेंकटरमण; सीता-राम, राधे-श्याम।
- हे गौरी के मन को हरने वाले (शिव), आपकी आरती की जय हो! भवानी-शंकर, अम्बा सहित सदाशिव, उमा-महेश्वर।
- हे राजराजेश्वरी, आपकी आरती की जय हो! हे राजराजेश्वरी त्रिपुरसुंदरी — महासरस्वती, महालक्ष्मी, महाकाली।
- हे आंजनेय (अंजनी-पुत्र), आपकी आरती की जय हो! हे आंजनेय हनुमान।
- हे दत्तात्रेय, आपकी आरती की जय हो! हे त्रिमूर्ति के अवतार दत्तात्रेय।
- हे सिद्धिविनायक, आपकी आरती की जय हो! हे सिद्धिविनायक श्री गणेश।
- हे सुब्रह्मण्य, आपकी आरती की जय हो! हे सुब्रह्मण्य कार्तिकेय।
लाभ
- कई देवताओं का एक साथ स्मरण — कृष्ण, वेंकटेश, शिव, देवी, हनुमान, दत्तात्रेय, गणेश और कार्तिकेय।
- सरल, छोटी आरती — किसी भी पूजा के अंत में गाई जा सकती है।
कब करें पाठ
स्कंद षष्ठी पर · मंगलवार को · किसी भी पूजा के अंत में
स्रोत
रचयिता: अज्ञात (किसी प्रति में नाम नहीं). hindi.webdunia.com — भगवान कार्तिकेय की आरती : जय जय आरती वेणु गोपाला (आधार-पाठ) · hinduismfaq.com — कार्तिकेय आरती
