श्री विष्णु

śrī viṣṇu

भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।

परिचय

भगवान विष्णु त्रिदेवों में पालन के अधिष्ठाता हैं और क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर विराजमान रहते हैं। जब-जब धर्म की हानि होती है, वे अवतार लेकर सृष्टि की रक्षा करते हैं — राम, कृष्ण आदि उनके प्रमुख अवतार हैं।

शंख, चक्र, गदा और पद्म उनके चार आयुध हैं। "ॐ जय जगदीश हरे" आरती समस्त वैष्णव परंपरा में सार्वभौमिक रूप से गाई जाती है।

स्वरूप: चतुर्भुज, शंख-चक्र-गदा-पद्मधारी, पीतांबरधारी, शेषशायी; वाहन गरुड़, संग लक्ष्मी।

तीर्थ व मंदिर

पंच बद्री · 5

अलकनंदा घाटी के पाँच विष्णु मंदिर, जिनमें बद्रीनाथ सबसे प्रसिद्ध है — पर शेष चार उतने ही प्राचीन।

108 दिव्य देशम · 108

वे 108 विष्णु मंदिर जिन्हें आळ्वार संतों ने अपने तमिल पासुरम् में गाया — 106 पृथ्वी पर और 2 दिव्य लोक में।

तिरुवरंगम् (श्रीरंगम्)तिरुक्कोळि (उरैयूर)तिरुक्करंबनूरतिरुवेळ्ळरैतिरु अन्बिलतिरुप्पेर नगरतिरु तंजैमामणि कोइलतिरुक्कंडियूरतिरुक्कूडलूरतिरुक्कवितलम् (कबिस्थलम्)तिरुप्पुल्लम् भूतंकुडितिरु आदनूरतिरुक्कुडंतै (कुंभकोणम्)तिरु विण्णगरतिरुनारायूर (नाच्चियार कोइल)तिरुच्चेरैतिरुक्कण्णमंगैतिरुनंदिपुर विण्णगरम् (नाथन् कोइल)तिरुवेळ्ळियंकुडितिरु इंदळूरतिरुवऴुंदूरतिरु सिरुपुलियूरतिरुक्कण्णपुरम्तिरु नागै (नागपट्टिनम्)तिरुक्कण्णनकुडितिरु तलैच्चंग नान्मदियम्काऴिच्चीराम विण्णगरम्तिरुवेळ्ळक्कुळम् (अण्णन् कोविल)तिरु देवनार तोगैतिरुवाळि तिरुनगरितिरु कवलंपाडितिरु मणिक्कूडम्तिरु पार्थन्पळ्ळितिरु मणिमाड कोविलतिरु अरिमेय विण्णगरम्तिरु तेट्रि आंबलम्तिरु सेंपोन् सेइ कोविलतिरु वण् पुरुषोत्तमम्तिरु वैकुंड विण्णगरम्तिरुचित्रकूटम् (चिदंबरम्)तिरुवहींद्रपुरम्तिरुक्कोविलूरतिरुक्कच्चिअष्टभुजाकरम्तिरु वेक्कातिरु वेळुक्कैतिरुत्तंकातिरुक्कल्वनूरतिरु ऊरगम्तिरु नीरगम्तिरु कारगम्तिरुक्कार वाणम्तिरुपरमेश्वर विण्णगरम्तिरु पवळ वण्णन्तिरु निलात्तिंगळ् तुंडम्तिरु पाडगम्तिरुप्पुट्कुऴितिरुवल्लिक्केणितिरुनीर्मलैतिरुवेदंतैतिरु कडल्मलै (महाबलिपुरम्)तिरु निंद्रवूरतिरुएव्वुळूर (तिरुवळ्ळूर)तिरुक्कडिगै (शोलिंगर)तिरुक्कूडलतिरु मोघूरतिरुमालिरुंचोलै (अऴगर कोविल)तिरुक्कोट्टियूरतिरुमेय्यम्तिरुप्पुल्लाणितिरुत्तंगाल्तिरुविल्लिपुत्तूरतिरुवैकुंठम् (श्रीवैकुंठम्)तिरुवरगुणमंगैतिरुप्पुलिंगुडितिरुक्कुळंदैतिरुत्तोलै विल्लिमंगलम्तिरुप्पेरैतिरुक्कोळूरतिरुक्कुरुगूर (आळ्वार तिरुनगरि)तिरुवरमंगै वानमामलै (नांगुनेरि)तिरुक्कुरुंगुडितिरुवण्परिसारम्तिरु वट्टारुतिरुवनंतपुरम्तिरुपुलियूरतिरुच्चेंकुंड्रूरतिरुवारन् विलै (आरन्मुळा)तिरुवन्वंदूरतिरुवल्वाऴ (तिरुवल्ला)तिरुक्कडित्तानम्तिरुक्काट्करैतिरुमूऴिक्कळम्तिरुविदुवक्कोडुतिरु नावायतिरुपति (तिरुमला)तिरु सिंगवेल् कुंड्रम् (अहोबिलम्)तिरु द्वारकातिरु अयोध्यातिरु नैमिषारण्यम्तिरुवाइप्पाडि (गोकुल)तिरु वडमथुरातिरुक्कंडम् (देवप्रयाग)तिरुप्पिरुदि (जोशीमठ)तिरुवधरि आश्रमम् (बद्रीनाथ)तिरु सालग्रामम् (मुक्तिनाथ)तिरुप्पारकडल (क्षीरसागर)तिरुप्परमपदम् (वैकुंठ)
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श्री विष्णु भक्ति संग्रह

आरती, चालीसा, मंत्र, स्तोत्र, अष्टकम, सहस्रनाम और अन्य भक्ति पाठ

संबंधित पर्व व व्रत

ज्योतिष संबंध

ये केवल परंपरागत/ज्योतिषीय शैक्षिक संबंध हैं — व्यक्तिगत सलाह या भविष्यवाणी नहीं।

संक्षिप्त विवरण

शुभ दिनगुरुवार
अन्य नामनारायण, जगदीश, हरि, गोविंद, माधव
वाहनगरुड़
संगिनी/संगीमाँ लक्ष्मी
क्षेत्रपालन, रक्षा, धर्म-संस्थापना
बीज मंत्रॐ नमो भगवते वासुदेवाय

श्री विष्णु — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न