श्री विष्णु

śrī viṣṇu

भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।

परिचय

भगवान विष्णु त्रिदेवों में पालन के अधिष्ठाता हैं और क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर विराजमान रहते हैं। जब-जब धर्म की हानि होती है, वे अवतार लेकर सृष्टि की रक्षा करते हैं — राम, कृष्ण आदि उनके प्रमुख अवतार हैं।

शंख, चक्र, गदा और पद्म उनके चार आयुध हैं। "ॐ जय जगदीश हरे" आरती समस्त वैष्णव परंपरा में सार्वभौमिक रूप से गाई जाती है।

स्वरूप: चतुर्भुज, शंख-चक्र-गदा-पद्मधारी, पीतांबरधारी, शेषशायी; वाहन गरुड़, संग लक्ष्मी।

श्री विष्णु भक्ति संग्रह

संबंधित पर्व व व्रत

आगामी संग्रह

अष्टकम्

जल्द

ज्योतिष संबंध

ये केवल परंपरागत/ज्योतिषीय शैक्षिक संबंध हैं — व्यक्तिगत सलाह या भविष्यवाणी नहीं।

संक्षिप्त विवरण

शुभ दिनगुरुवार
अन्य नामनारायण, जगदीश, हरि, गोविंद, माधव
वाहनगरुड़
संगिनी/संगीमाँ लक्ष्मी
क्षेत्रपालन, रक्षा, धर्म-संस्थापना
बीज मंत्रॐ नमो भगवते वासुदेवाय