श्री बालाजी आरती
śrī bālājī āratī
Balaji Aarti (Venkatesh / Tirupati Balaji)
परिचय
भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।
स्रोत: पारंपरिक तिरुपति बालाजी (वेंकटेश) आरती
उद्भव / पृष्ठभूमि
श्री बालाजी (वेंकटेश/श्रीनिवास) भगवान विष्णु के स्वरूप हैं, जो तिरुपति-तिरुमला में विराजमान हैं। यह आरती बालाजी पूजन व शनिवार को गाई जाती है, जिससे ऋण-मुक्ति, मनोकामना-पूर्ति व समृद्धि प्राप्त होती है।
आरती (लिरिक्स)
जय बालाजी देवा, प्रभु जय वेंकटेशा। भक्तन के दुख हरते, श्रीनिवास परमेशा॥
हे बालाजी देव, हे वेंकटेश, आपकी जय हो! हे श्रीनिवास परमेश्वर, आप भक्तों के दुःख हरने वाले हैं।
शेष-शैल विराजत, सप्तगिरि पर धामा। लक्ष्मी संग विराजे, सुन्दर अति अभिरामा॥
शेषशैल (सात पर्वतों) पर आपका धाम सुशोभित है; लक्ष्मी (पद्मावती) के संग आप अति सुन्दर व मनोहर रूप में विराजमान हैं।
कलियुग के तुम स्वामी, दर्शन सुख देते। ऋण-संकट सब हरते, मनवांछित देते॥
आप कलियुग के स्वामी हैं और दर्शन का सुख देते हैं; आप ऋण व संकट हर लेते हैं तथा मनोवांछित फल देते हैं।
गोविंदा गोविंदा, जयकारा गूँजे। शरण पड़े की रक्षा, बालाजी कीजे॥
"गोविंदा-गोविंदा" का जयकारा गूँजता है; हे बालाजी, शरण में आए हुए जनों की रक्षा कीजिए।
बालाजी की आरती, जो जन श्रद्धा गावे। ऋण-संकट सब मिटते, सुख-सम्पति पावे॥
जो भक्त श्रद्धा से बालाजी की यह आरती गाता है, उसके ऋण व संकट मिट जाते हैं और वह सुख-सम्पत्ति प्राप्त करता है।
लिपि बदलने के लिए ऊपर देवनागरी / IAST / Roman चुनें।
अर्थ (हिन्दी)
- हे बालाजी देव, हे वेंकटेश, आपकी जय हो! हे श्रीनिवास परमेश्वर, आप भक्तों के दुःख हरने वाले हैं।
- शेषशैल (सात पर्वतों) पर आपका धाम सुशोभित है; लक्ष्मी (पद्मावती) के संग आप अति सुन्दर व मनोहर रूप में विराजमान हैं।
- आप कलियुग के स्वामी हैं और दर्शन का सुख देते हैं; आप ऋण व संकट हर लेते हैं तथा मनोवांछित फल देते हैं।
- "गोविंदा-गोविंदा" का जयकारा गूँजता है; हे बालाजी, शरण में आए हुए जनों की रक्षा कीजिए।
- जो भक्त श्रद्धा से बालाजी की यह आरती गाता है, उसके ऋण व संकट मिट जाते हैं और वह सुख-सम्पत्ति प्राप्त करता है।
लाभ
- ऋण-मुक्ति व आर्थिक संकट से राहत मिलती है।
- मनोकामना पूर्ण होकर समृद्धि आती है।
- भक्ति, सुख-शांति व विष्णु-कृपा प्राप्त होती है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
श्री बालाजी के समक्ष तुलसी व पुष्प अर्पित करें, दीप-धूप जलाकर "ॐ नमो वेंकटेशाय" तथा "गोविंदा-गोविंदा" का स्मरण करते हुए आरती गाएँ और प्रसाद वितरण करें।
प्रामाणिकता व स्रोत
देव परिचय
श्री विष्णु
Lord Vishnu
भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।
