ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

oṃ namo bhagavate vāsudevāya

Om Namo Bhagavate Vasudevaya (Dwadashakshari Mantra)

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
गुरुवार व एकादशी
उद्देश्य:भक्ति (Devotion)आध्यात्मिक उन्नति (Spiritual Growth)मोक्ष (Liberation)
✓ संपूर्ण

परिचय

भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।

स्रोत: श्रीमद्भागवत परंपरा (द्वादशाक्षरी मंत्र)

मंत्र

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ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥

oṃ namo bhagavate vāsudevāya ||

Om Namo Bhagavate Vasudevaya.

उच्चारण मार्गदर्शन: "ॐ" दीर्घ, फिर "न-मो", "भ-ग-व-ते", तत्पश्चात "वा-सु-दे-वा-य"। "भगवते" व "वासुदेवाय" में दीर्घ स्वरों (वा, दे, वा) का स्पष्ट उच्चारण करें।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

प्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
नमोनमस्कार
भगवतेभगवान को (ऐश्वर्ययुक्त को)
वासुदेवायवासुदेव — श्रीकृष्ण/विष्णु को

अर्थ (हिन्दी)

  1. मैं भगवान वासुदेव (श्रीकृष्ण/विष्णु) को नमस्कार करता हूँ। यह द्वादशाक्षरी (बारह अक्षर) महामंत्र भगवान के प्रति पूर्ण शरणागति का प्रतीक है।

लाभ

  • भक्ति और मन की शुद्धि बढ़ती है।
  • पापों का नाश होकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
  • जीवन में शांति, संतोष और रक्षा प्राप्त होती है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: तुलसी माला

उत्तम समय: प्रातः, संध्या व एकादशी

जप का उत्तम समय

गुरुवार व एकादशी कोप्रातः व संध्याध्यान के समय

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

तुलसी की माला से सुखासन में बैठकर 108 बार जप करें। भगवान विष्णु या कृष्ण के चित्र के समक्ष तुलसीदल अर्पित कर शांत स्वर में उच्चारण करें।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराश्रीमद्भागवत परंपरा · पारंपरिक वैष्णव परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री विष्णु

Lord Vishnu

भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।

देवता वर्गपालन · रक्षा · धर्म-संस्थापना
वाहनगरुड़
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