समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण
FAQ
श्री सत्यनारायण आरती — सामान्य प्रश्न
सत्यनारायण आरती व्रत-कथा व पूजा के समापन में, विशेषकर पूर्णिमा को तथा किसी शुभ/मांगलिक अवसर पर करना सर्वोत्तम है।
सत्यनारायण भगवान श्रीविष्णु का सत्य-स्वरूप हैं, जिनकी व्रत-कथा सुख, समृद्धि व मनोकामना-पूर्ति हेतु प्रसिद्ध है।
इसमें पंचामृत तथा सूजी/आटे की पंजीरी (चूरमा) का भोग प्रसिद्ध है, जिसे प्रसाद रूप में वितरित किया जाता है।
इससे घर में सुख-समृद्धि व शांति आती है, मनोकामना पूर्ण होती है और पापों का नाश होता है।
पर्व
