oṃ namo bhagavate dhanvantaraye
Dhanvantari Mantra
भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।
स्रोत: पारंपरिक धन्वन्तरि (आरोग्य देव) मंत्र
ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये अमृतकलशहस्ताय सर्वामयविनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्रीमहाविष्णवे नमः॥
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oṃ namo bhagavate dhanvantaraye amṛtakalaśahastāya sarvāmayavināśanāya trailokyanāthāya śrīmahāviṣṇave namaḥ ||
Om Namo Bhagavate Dhanvantaraye Amrita-kalasha-hastaya Sarvamaya-vinashanaya Trailokya-nathaya Shri-Maha-vishnave Namah.
उच्चारण मार्गदर्शन: "धन्-वन्-त-र-ये", "अमृत-कलश-हस्ताय", "सर्व-आमय-विनाशनाय", "त्रैलोक्य-नाथाय", "श्री-महा-विष्णवे नमः" को स्पष्ट रुककर बोलें।
जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।
माला: तुलसी माला
उत्तम समय: प्रातः व गुरुवार
भगवान धन्वन्तरि/विष्णु के समक्ष तुलसी अर्पित कर तुलसी या स्फटिक माला से 108 बार जप करें। धनतेरस को जप विशेष फलदायी माना जाता है।
Lord Vishnu
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