ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये

oṃ namo bhagavate dhanvantaraye

Dhanvantari Mantra

समय
40 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
धनतेरस व गुरुवार
उद्देश्य:स्वास्थ्य (Health)आरोग्य (Healing)रक्षा (Protection)
✓ संपूर्ण

परिचय

भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।

स्रोत: पारंपरिक धन्वन्तरि (आरोग्य देव) मंत्र

मंत्र

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ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये अमृतकलशहस्ताय सर्वामयविनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्रीमहाविष्णवे नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये अमृतकलशहस्ताय सर्वामयविनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्रीमहाविष्णवे नमः॥

oṃ namo bhagavate dhanvantaraye amṛtakalaśahastāya sarvāmayavināśanāya trailokyanāthāya śrīmahāviṣṇave namaḥ ||

Om Namo Bhagavate Dhanvantaraye Amrita-kalasha-hastaya Sarvamaya-vinashanaya Trailokya-nathaya Shri-Maha-vishnave Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "धन्-वन्-त-र-ये", "अमृत-कलश-हस्ताय", "सर्व-आमय-विनाशनाय", "त्रैलोक्य-नाथाय", "श्री-महा-विष्णवे नमः" को स्पष्ट रुककर बोलें।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

धन्वन्तरयेभगवान धन्वन्तरि को
अमृतकलशहस्तायहाथ में अमृत-कलश धारण करने वाले को
सर्वामयविनाशनायसमस्त रोगों का नाश करने वाले को
त्रैलोक्यनाथायतीनों लोकों के नाथ को
श्रीमहाविष्णवे नमःश्रीमहाविष्णु को नमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. अमृत-कलश हाथ में धारण करने वाले, समस्त रोगों का नाश करने वाले, तीनों लोकों के नाथ, श्रीमहाविष्णु के अवतार भगवान धन्वन्तरि को नमस्कार।

लाभ

  • आरोग्य व रोग-नाश में सहायता मिलती है।
  • रोगी की शीघ्र चिकित्सा व स्वस्थता हेतु लाभकारी।
  • मन व शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: तुलसी माला

उत्तम समय: प्रातः व गुरुवार

जप का उत्तम समय

धनतेरस (धन्वन्तरि जयंती) कोगुरुवार कोरोग-निवारण व स्वस्थता हेतु

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

भगवान धन्वन्तरि/विष्णु के समक्ष तुलसी अर्पित कर तुलसी या स्फटिक माला से 108 बार जप करें। धनतेरस को जप विशेष फलदायी माना जाता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक धन्वन्तरि मंत्र परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री विष्णु

Lord Vishnu

भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।

देवता वर्गपालन · रक्षा · धर्म-संस्थापना
वाहनगरुड़
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