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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये

मंत्र · श्री विष्णु

पाठ

1

ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये अमृतकलशहस्ताय सर्वामयविनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्रीमहाविष्णवे नमः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. अमृत-कलश हाथ में धारण करने वाले, समस्त रोगों का नाश करने वाले, तीनों लोकों के नाथ, श्रीमहाविष्णु के अवतार भगवान धन्वन्तरि को नमस्कार।

लाभ

  • आरोग्य व रोग-नाश में सहायता मिलती है।
  • रोगी की शीघ्र चिकित्सा व स्वस्थता हेतु लाभकारी।
  • मन व शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

कब करें पाठ

धनतेरस (धन्वन्तरि जयंती) को · गुरुवार को · रोग-निवारण व स्वस्थता हेतु

स्रोत

पारंपरिक धन्वन्तरि मंत्र परंपरा

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