विष्णु सहस्रनाम
viṣṇu sahasranāma
Vishnu Sahasranama
परिचय
भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।
स्रोत: महाभारत — अनुशासन पर्व; भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को उपदेश
उद्भव / पृष्ठभूमि
विष्णु सहस्रनाम महाभारत के अनुशासन पर्व का अंश है, जिसमें पितामह भीष्म ने शरशय्या पर युधिष्ठिर को भगवान विष्णु के एक हजार (सहस्र) नामों का उपदेश दिया। यह कुल 108 श्लोकों में संकलित है और इसके ऋषि वेदव्यास माने जाते हैं।
यह पृष्ठ विष्णु सहस्रनाम का सम्पूर्ण पाठ — ध्यान-श्लोक, मूल श्लोक तथा सभी नामों का क्रमबद्ध अर्थ-सहित संग्रह — प्रस्तुत करता है। (मूल श्लोकों के व्याकरण-सम्मत पद-विच्छेद से 1015 नाम प्राप्त होते हैं, जो परम्परागत 1000 की संख्या से थोड़े अधिक हैं — अंतिम फल-श्रुति श्लोक 108 की पुनरुक्त उपाधियाँ इस गणना में सम्मिलित नहीं हैं।)
ध्यान व आरंभिक श्लोक
॥ ध्यानम् ॥ शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
शांत स्वरूप, शेषनाग पर शयन करने वाले, नाभि से कमल वाले, देवों के स्वामी, विश्व के आधार, आकाश के समान व्यापक, मेघ-वर्ण, शुभ अंगों वाले, लक्ष्मीपति, कमलनयन, योगियों द्वारा ध्यान में प्राप्य — संसार के भय को हरने वाले, समस्त लोकों के एकमात्र नाथ भगवान विष्णु की मैं वंदना करता हूँ।
ॐ विश्वं विष्णुर्वषट्कारो भूतभव्यभवत्प्रभुः। भूतकृद्भूतभृद्भावो भूतात्मा भूतभावनः॥
पहला श्लोक (प्रथम नाम-समूह): विष्णु ही "विश्व" हैं, वषट्कार स्वरूप हैं, भूत-भविष्य-वर्तमान के प्रभु हैं; वे भूतों के रचयिता, धारक, स्वरूप, आत्मा तथा पालक हैं। (इस प्रकार आगे क्रमशः एक हजार नाम आते हैं।)
लिपि बदलने के लिए ऊपर देवनागरी / IAST / Roman चुनें।
नाम सूची (Name List)
आरंभिक नाम (नाम 1–17)
- 1.विश्वम्समस्त ब्रह्मांड स्वरूप
- 2.विष्णुःसर्वत्र व्याप्त
- 3.वषट्कारःयज्ञ में वषट् रूप
- 4.भूतभव्यभवत्प्रभुःभूत, भविष्य व वर्तमान के प्रभु
- 5.भूतकृत्प्राणियों के रचयिता
- 6.भूतभृत्प्राणियों के धारक
- 7.भावःस्वयं प्रकट सत्ता
- 8.भूतात्मासमस्त प्राणियों की आत्मा
- 9.भूतभावनःप्राणियों का पालक व उत्पादक
- 10.पूतात्मापरम पवित्र आत्मा
- 11.परमात्मापरम आत्मा
- 12.मुक्तानां परमा गतिःमुक्त जीवों की परम गति
- 13.अव्ययःअविनाशी
- 14.पुरुषःपरम पुरुष
- 15.साक्षीसमस्त का साक्षी
- 16.क्षेत्रज्ञःक्षेत्र (शरीर) को जानने वाला
- 17.अक्षरःअविनाशी, अक्षर
योग-ऐश्वर्य नाम (नाम 18–50)
- 18.योगःयोगस्वरूप
- 19.योगविदां नेतायोगियों के मार्गदर्शक
- 20.प्रधानपुरुषेश्वरःप्रकृति व पुरुष के ईश्वर
- 21.नारसिंहवपुःनरसिंह रूप धारक
- 22.श्रीमान्श्री (लक्ष्मी) सहित
- 23.केशवःसुन्दर केशों वाले
- 24.पुरुषोत्तमःपुरुषों में सर्वोत्तम
- 25.सर्वःसब कुछ स्वरूप
- 26.शर्वःसंहारकर्ता
- 27.शिवःकल्याणकारी
- 28.स्थाणुःस्थिर, अचल
- 29.भूतादिःभूतों के आदि कारण
- 30.निधिरव्ययःअविनाशी निधि
- 31.सम्भवःउत्पत्ति के कारण
- 32.भावनःसबको उत्पन्न करने वाला
- 33.भर्तापालनकर्ता
- 34.प्रभवःउत्पत्ति-स्थान
- 35.प्रभुःस्वामी, समर्थ
- 36.ईश्वरःसर्वशक्तिमान नियंत्रक
- 37.स्वयम्भूःस्वयं उत्पन्न
- 38.शम्भुःकल्याण देने वाला
- 39.आदित्यःआदित्यरूप (सूर्यस्वरूप)
- 40.पुष्कराक्षःकमल-नेत्रों वाला
- 41.महास्वनःमहाध्वनि वाला
- 42.अनादिनिधनःजिसका न आदि न अन्त
- 43.धातासबका धारक
- 44.विधातासृष्टिकर्ता, विधान करने वाला
- 45.धातुरुत्तमःसब तत्वों में सर्वोत्तम
- 46.अप्रमेयःप्रमाण से अमेय, अपरिमित
- 47.हृषीकेशःइन्द्रियों के स्वामी
- 48.पद्मनाभःनाभि में कमल धारण करने वाले
- 49.अमरप्रभुःदेवताओं के स्वामी
- 50.विश्वकर्माविश्व की रचना करने वाले
काल-सिद्धि नाम (नाम 51–100)
- 51.मनुःमननशील, विचारशील
- 52.त्वष्टाशरीरों के निर्माता
- 53.स्थविष्ठःअत्यंत स्थूल रूप
- 54.स्थविरो ध्रुवःप्राचीन एवं अचल
- 55.अग्राह्यःइन्द्रियों से न पकड़ में आने वाला
- 56.शाश्वतःनित्य, सनातन
- 57.कृष्णःश्याम वर्ण वाले
- 58.लोहिताक्षःलाल नेत्रों वाले
- 59.प्रतर्दनःसंहारकर्ता
- 60.प्रभूतःसमृद्ध, विशाल
- 61.त्रिककुद्धामतीन लोकों के शिखर पर निवास
- 62.पवित्रम्पवित्र करने वाला
- 63.मङ्गलं परम्परम मंगलकारी
- 64.ईशानःशासक, नियंत्रक
- 65.प्राणदःप्राण देने वाला
- 66.प्राणःप्राणस्वरूप
- 67.ज्येष्ठःसबसे ज्येष्ठ
- 68.श्रेष्ठःसर्वोत्तम
- 69.प्रजापतिःप्रजाओं के पति
- 70.हिरण्यगर्भःस्वर्ण-गर्भ (ब्रह्मा रूप)
- 71.भूगर्भःपृथ्वी को गर्भ में धारण करने वाले
- 72.माधवःलक्ष्मीपति
- 73.मधुसूदनःमधु दैत्य के नाशक
- 74.ईश्वरःऐश्वर्यवान नियंत्रक
- 75.विक्रमीविशेष पराक्रमी
- 76.धन्वीधनुषधारी
- 77.मेधावीप्रकृष्ट बुद्धि वाला
- 78.विक्रमःपराक्रम स्वरूप
- 79.क्रमःव्यवस्थित गति वाला (वामन अवतार के पग)
- 80.अनुत्तमःजिससे श्रेष्ठ कोई नहीं
- 81.दुराधर्षःजिसे कोई पराजित न कर सके
- 82.कृतज्ञःकृत कर्मों को जानने वाला
- 83.कृतिःकर्मफल स्वरूप
- 84.आत्मवान्आत्मस्थ, स्वावलंबी
- 85.सुरेशःदेवताओं के ईश
- 86.शरणम्शरण देने वाला
- 87.शर्मसुखस्वरूप
- 88.विश्वरेताःविश्व का बीज
- 89.प्रजाभवःप्रजाओं की उत्पत्ति का कारण
- 90.अहःदिनस्वरूप (कालरूप)
- 91.संवत्सरःवर्षस्वरूप (काल)
- 92.व्यालःसर्परूप, दुर्निवार्य
- 93.प्रत्ययःज्ञानस्वरूप
- 94.सर्वदर्शनःसबको देखने वाला
- 95.अजःअजन्मा
- 96.सर्वेश्वरःसबके ईश्वर
- 97.सिद्धःसिद्धस्वरूप
- 98.सिद्धिःसिद्धिस्वरूप
- 99.सर्वादिःसबका आदिकारण
- 100.अच्युतःकभी च्युत न होने वाला, पतनरहित
ऋत-धर्म नाम (नाम 101–130)
- 101.वृषाकपिःधर्म-रक्षक स्वरूप
- 102.अमेयात्माअप्रमेय आत्मा
- 103.सर्वयोगविनिःसृतःसमस्त योगों से परे, स्वतः प्रकट
- 104.वसुःनिवास-स्थान स्वरूप
- 105.वसुमनाःउदार मन वाले
- 106.सत्यःसत्यस्वरूप
- 107.समात्मासम भाव वाली आत्मा
- 108.सम्मितःशास्त्रों द्वारा सम्यक् मापे गए
- 109.समःसमता स्वरूप
- 110.अमोघःजिसके कर्म कभी निष्फल न हों
- 111.पुण्डरीकाक्षःकमल-नेत्रों वाले
- 112.वृषकर्माधर्मानुसार कर्म करने वाले
- 113.वृषाकृतिःधर्मस्वरूप आकृति
- 114.रुद्रःदुःख-नाशक
- 115.बहुशिराअनेक मस्तकों वाले (विराट रूप)
- 116.बभ्रुःसबका पालन करने वाले
- 117.विश्वयोनिःविश्व के उत्पत्ति-स्थान
- 118.शुचिश्रवाःपवित्र यश वाले
- 119.अमृतःअमरस्वरूप
- 120.शाश्वतस्स्थाणुःनित्य व अचल स्तम्भ स्वरूप
- 121.वरारोहःउत्तम गति वाले
- 122.महातपाःमहान तपस्वी
- 123.सर्वगःसर्वत्र व्याप्त
- 124.सर्वविद्भानुःसर्वज्ञ व तेजोमय
- 125.विष्वक्सेनःसर्वत्र व्यूहित सेनाओं के स्वामी
- 126.जनार्दनःदुष्टों को पीड़ा देने वाले, भक्तों द्वारा प्रार्थित
- 127.वेदःवेदस्वरूप
- 128.वेदविद्वेद के ज्ञाता
- 129.अव्यङ्गःपूर्ण, अंगहीनता-रहित
- 130.वेदाङ्गःवेद के अंगस्वरूप
चतुर्व्यूह नाम (नाम 131–150)
- 131.वेदवित्वेद के सार को जानने वाले
- 132.कविःसर्वज्ञ, कवि स्वरूप
- 133.लोकाध्यक्षःलोकों के अध्यक्ष
- 134.सुराध्यक्षःदेवताओं के अध्यक्ष
- 135.धर्माध्यक्षःधर्म के अध्यक्ष
- 136.कृताकृतःकृत व अकृत दोनों स्वरूप
- 137.चतुरात्माचार स्वरूपों वाले (वासुदेव-संकर्षण-प्रद्युम्न-अनिरुद्ध)
- 138.चतुर्व्यूहःचार व्यूहों वाले
- 139.चतुर्दंष्ट्रःचार दाँतों वाले (वराह/नृसिंह रूप)
- 140.चतुर्भुजःचार भुजाओं वाले
- 141.भ्राजिष्णुःतेजस्वी, प्रकाशमान
- 142.भोजनम्भोग्य पदार्थ स्वरूप
- 143.भोक्ताभोगकर्ता
- 144.सहिष्णुःसहनशील
- 145.जगदादिजःजगत के आदि में उत्पन्न
- 146.अनघःपापरहित
- 147.विजयःविजय स्वरूप
- 148.जेताविजेता
- 149.विश्वयोनिःविश्व के उत्पत्ति-कारण
- 150.पुनर्वसुःपुनः-पुनः निवास करने वाले
उपेन्द्र-सुरारिहा नाम (नाम 151–208)
- 151.उपेन्द्रःइन्द्र के लघु भ्राता रूप (वामन अवतार)
- 152.वामनःवामन अवतार धारी
- 153.प्रांशुःत्रिविक्रम रूप में अत्यंत ऊँचे
- 154.अमोघःकभी निष्फल न होने वाले
- 155.शुचिःपवित्र
- 156.ऊर्जितःबलशाली, तेजस्वी
- 157.अतीन्द्रःइन्द्र से भी श्रेष्ठ
- 158.संग्रहःसबका आधार, संग्रहकर्ता
- 159.सर्गःसृष्टिस्वरूप
- 160.धृतात्मास्थिर आत्मा वाले
- 161.नियमःनियमस्वरूप
- 162.यमःनियंत्रक, संयमकर्ता
- 163.वेद्यःवेदों द्वारा जानने योग्य
- 164.वैद्यःभवरोग के वैद्य
- 165.सदायोगीसदैव योगयुक्त
- 166.वीरहादुष्ट वीरों का नाश करने वाले
- 167.माधवःलक्ष्मीपति
- 168.मधुःमधुर स्वभाव वाले
- 169.अतीन्द्रियःइन्द्रियों से परे
- 170.महामायःमहामाया के स्वामी
- 171.महोत्साहःमहान उत्साही
- 172.महाबलःमहाबलशाली
- 173.महाबुद्धिःमहाबुद्धिमान
- 174.महावीर्यःमहान वीर्यवान
- 175.महाशक्तिःमहाशक्तिशाली
- 176.महाद्युतिःमहातेजस्वी
- 177.अनिर्देश्यवपुःजिसका स्वरूप वर्णन से परे
- 178.श्रीमान्श्री-संपन्न
- 179.अमेयात्माअप्रमेय आत्मा
- 180.महाद्रिधृक्महान पर्वत को धारण करने वाले
- 181.महेष्वासःमहान धनुर्धर
- 182.महीभर्तापृथ्वी के पालक
- 183.श्रीनिवासःलक्ष्मी के निवास-स्थान
- 184.सतांगतिःसज्जनों की परम गति
- 185.अनिरुद्धःअबाधित, अप्रतिरुद्ध
- 186.सुरानन्दःदेवताओं को आनंद देने वाले
- 187.गोविन्दःगौओं व वेदवाणी के ज्ञाता-रक्षक
- 188.गोविदांपतिःज्ञानियों के स्वामी
- 189.मरीचिःकिरण स्वरूप
- 190.दमनःदुष्टों का दमन करने वाले
- 191.हंसःहंस स्वरूप (परमात्मा)
- 192.सुपर्णःगरुड़ रूप, सुंदर पंखों वाले
- 193.भुजगोत्तमःसर्पों में श्रेष्ठ (शेषनाग रूप)
- 194.हिरण्यनाभःस्वर्ण-नाभि वाले
- 195.सुतपाःउत्तम तप करने वाले
- 196.पद्मनाभःनाभि में कमल धारण करने वाले
- 197.प्रजापतिःप्रजाओं के पति
- 198.अमृत्युःमृत्युरहित
- 199.सर्वदृक्सबको देखने वाले
- 200.सिंहःसिंह स्वरूप (पराक्रमी)
- 201.संधातासंयोजक, मिलाने वाले
- 202.संधिमान्संधि करने में समर्थ
- 203.स्थिरःस्थिर, अचल
- 204.अजःअजन्मा
- 205.दुर्मर्षणःजिसे शत्रु सह न सकें
- 206.शास्ताशासक, नियंत्रक
- 207.विश्रुतात्माप्रसिद्ध स्वरूप
- 208.सुरारिहादेवताओं के शत्रुओं (दैत्यों) का नाश करने वाले
गुरु-भास्करद्युति नाम (नाम 209–284)
- 209.गुरुःगुरु, ज्ञान देने वाले
- 210.गुरुतमःगुरुओं में भी सर्वश्रेष्ठ
- 211.धामपरम तेज, निवास-स्थान
- 212.सत्यःसत्यस्वरूप
- 213.सत्यपराक्रमःसत्य पराक्रम वाले
- 214.निमिषःनिमेष (पलक झपकने) स्वरूप काल
- 215.अनिमिषःसदा जागृत, पलक न झपकाने वाले
- 216.स्रग्वीवैजयन्ती माला धारण करने वाले
- 217.वाचस्पतिःवाणी के स्वामी
- 218.उदारधीःउदार बुद्धि वाले
- 219.अग्रणीःसबको आगे ले जाने वाले
- 220.ग्रामणीःसमूहों के नेता
- 221.श्रीमान्श्री-संपन्न
- 222.न्यायःन्यायस्वरूप
- 223.नेतानेतृत्व करने वाले
- 224.समीरणःवायुस्वरूप, प्रेरक
- 225.सहस्रमूर्धासहस्र मस्तकों वाले
- 226.विश्वात्माविश्व की आत्मा
- 227.सहस्राक्षःसहस्र नेत्रों वाले
- 228.सहस्रपात्सहस्र चरणों वाले
- 229.आवर्तनःसंसार-चक्र चलाने वाले
- 230.निवृत्तात्मानिवृत्ति स्वरूप आत्मा
- 231.संवृतःसब ओर से आवृत
- 232.सम्प्रमर्दनःदुष्टों का संपूर्ण नाश करने वाले
- 233.अहःदिनस्वरूप
- 234.संवर्तकःप्रलयकर्ता
- 235.वह्निःअग्निस्वरूप
- 236.अनिलःवायुस्वरूप
- 237.धरणीधरःपृथ्वी को धारण करने वाले
- 238.सुप्रसादःसुंदर कृपा करने वाले
- 239.प्रसन्नात्माप्रसन्न आत्मा वाले
- 240.विश्वधृक्विश्व को धारण करने वाले
- 241.विश्वभुक्विश्व का भरण-पोषण करने वाले
- 242.विभुःसर्वव्यापी
- 243.सत्कर्तासत्कर्म करने वाले
- 244.सत्कृतःसत्पुरुषों द्वारा सम्मानित
- 245.साधुःसाधुस्वरूप
- 246.जह्नुःगंगा को धारण करने वाले
- 247.नारायणःजल में निवास करने वाले, सबके आश्रय
- 248.नरःनर रूप धारक
- 249.असंख्येयःजिसकी गणना न हो सके
- 250.अप्रमेयात्माअप्रमेय आत्मा वाले
- 251.विशिष्टःविशिष्ट, श्रेष्ठ
- 252.शिष्टकृत्सज्जनों का निर्माण करने वाले
- 253.शुचिःपवित्र
- 254.सिद्धार्थःजिनका प्रयोजन सिद्ध है
- 255.सिद्धसंकल्पःजिनके संकल्प सिद्ध होते हैं
- 256.सिद्धिदःसिद्धि देने वाले
- 257.सिद्धिसाधनःसिद्धि प्राप्ति का साधन
- 258.वृषाहीधर्म को धारण करने वाले
- 259.वृषभःधर्मस्वरूप वृषभ
- 260.विष्णुःसर्वव्यापी
- 261.वृषपर्वाधर्म जिनकी सीढ़ी है
- 262.वृषोदरःउदर में धर्म धारण करने वाले
- 263.वर्धनःवृद्धि करने वाले
- 264.वर्धमानःनिरंतर वृद्धि पाने वाले
- 265.विविक्तःविविक्त, शुद्ध
- 266.श्रुतिसागरःश्रुतियों (वेदों) के सागर
- 267.सुभुजःसुंदर भुजाओं वाले
- 268.दुर्धरःजिसे धारण करना कठिन हो
- 269.वाग्मीउत्तम वाणी वाले
- 270.महेन्द्रःमहान इन्द्र स्वरूप
- 271.वसुदःधन देने वाले
- 272.वसुःनिवासस्वरूप
- 273.नैकरूपःअनेक रूपों वाले
- 274.बृहद्रूपःविशाल रूप वाले
- 275.शिपिविष्टःकिरणों में प्रविष्ट, तीव्र तेजयुक्त
- 276.प्रकाशनःप्रकाश करने वाले
- 277.ओजस्तेजोद्युतिधरःओज, तेज व द्युति धारण करने वाले
- 278.प्रकाशात्माप्रकाशस्वरूप आत्मा
- 279.प्रतापनःप्रताप देने वाले
- 280.ऋद्धःसमृद्ध
- 281.स्पष्टाक्षरःस्पष्ट उच्चारण/अक्षर स्वरूप
- 282.मन्त्रःमंत्रस्वरूप
- 283.चन्द्रांशुःचंद्रमा की किरणों जैसे शीतल
- 284.भास्करद्युतिःसूर्य के समान तेजोमय
अमृतांशूद्भव-पद्मनिभेक्षण नाम (नाम 285–348)
- 285.अमृतांशूद्भवःअमृत की किरणों (चंद्रमा) से उत्पन्न
- 286.भानुःसूर्यस्वरूप, तेजोमय
- 287.शशबिन्दुःचंद्रमा रूप (हरिण-चिह्न धारी)
- 288.सुरेश्वरःदेवताओं के ईश्वर
- 289.औषधम्रोगनाशक औषधि स्वरूप
- 290.जगतःसेतुःसंसार-सागर को पार कराने वाला सेतु
- 291.सत्यधर्मपराक्रमःसत्य और धर्म में पराक्रमी
- 292.भूतभव्यभवन्नाथःभूत, भविष्य व वर्तमान के स्वामी
- 293.पवनःवायुस्वरूप
- 294.पावनःपवित्र करने वाले, शुद्धिकर्ता
- 295.अनलःअग्निस्वरूप
- 296.कामहाकाम (वासना) का नाश करने वाले
- 297.कामकृत्इच्छाएँ पूर्ण करने वाले
- 298.कान्तःअत्यंत सुंदर
- 299.कामःइच्छास्वरूप
- 300.कामप्रदःइच्छाएँ प्रदान करने वाले
- 301.प्रभुःसर्वसमर्थ स्वामी
- 302.युगादिकृत्युगों का आरंभ करने वाले
- 303.युगावर्तःयुगों का चक्र चलाने वाले
- 304.नैकमायःअनेक माया धारण करने वाले
- 305.महाशनःसब कुछ समाहित कर जाने वाले
- 306.अदृश्यःदिखाई न देने वाले
- 307.व्यक्तरूपःप्रकट रूप वाले
- 308.सहस्रजित्सहस्रों को जीतने वाले
- 309.अनन्तजित्अनंत को जीतने वाले, सदा विजयी
- 310.इष्टःसबको प्रिय
- 311.अविशिष्टःसर्वत्र समान रूप से व्याप्त
- 312.शिष्टेष्टःसज्जनों को प्रिय
- 313.शिखण्डीमोरपंख धारण करने वाले
- 314.नहुषःजीवों को मायाजाल में बाँधने वाले
- 315.वृषःधर्मस्वरूप
- 316.क्रोधहाक्रोध का नाश करने वाले
- 317.क्रोधकृत्धर्म-रक्षा हेतु क्रोध करने वाले
- 318.कर्तासृष्टिकर्ता
- 319.विश्वबाहुःविश्व ही जिनकी भुजाएँ हैं
- 320.महीधरःपृथ्वी को धारण करने वाले
- 321.अच्युतःकभी च्युत न होने वाले
- 322.प्रथितःसुप्रसिद्ध
- 323.प्राणःप्राणस्वरूप
- 324.प्राणदःप्राण देने वाले
- 325.वासवानुजःइन्द्र के लघु भ्राता (वामन रूप)
- 326.अपांनिधिःजल के निधि (समुद्र) स्वरूप
- 327.अधिष्ठानम्सबका आधार
- 328.अप्रमत्तःसदा सजग, असावधानी रहित
- 329.प्रतिष्ठितःसुस्थिर, सबका आश्रय
- 330.स्कन्दःतेजस्वरूप
- 331.स्कन्दधरःतेज को धारण करने वाले
- 332.धुर्यःसृष्टि का भार वहन करने वाले
- 333.वरदःवर देने वाले
- 334.वायुवाहनःवायु को चलाने वाले
- 335.वासुदेवःवसुदेव-पुत्र, सर्वव्यापी
- 336.बृहद्भानुःमहान तेजस्वी
- 337.आदिदेवःआदि देव (सबसे प्राचीन)
- 338.पुरन्दरःशत्रुओं के नगर नष्ट करने वाले
- 339.अशोकःशोकरहित
- 340.तारणःभवसागर से तारने वाले
- 341.तारःतारने वाले, ॐ स्वरूप
- 342.शूरःशूरवीर
- 343.शौरिःशूरसेन-वंशज (कृष्ण रूप)
- 344.जनेश्वरःप्रजाओं के ईश्वर
- 345.अनुकूलःसबके अनुकूल, हितकारी
- 346.शतावर्तःसैकड़ों रूपों में आवर्तित होने वाले
- 347.पद्मीकमल धारण करने वाले
- 348.पद्मनिभेक्षणःकमल के समान नेत्रों वाले
पद्मनाभ-धर्मविदुत्तम नाम (नाम 349–408)
- 349.पद्मनाभःनाभि में कमल धारण करने वाले
- 350.अरविन्दाक्षःकमल नेत्रों वाले
- 351.पद्मगर्भःकमल जिनके गर्भ में है
- 352.शरीरभृत्शरीर का धारण-पोषण करने वाले
- 353.महर्द्धिःमहान ऐश्वर्य वाले
- 354.ऋद्धःसमृद्ध
- 355.वृद्धात्मासनातन आत्मा वाले
- 356.महाक्षःविशाल नेत्रों वाले
- 357.गरुडध्वजःगरुड़-चिह्नित ध्वज वाले
- 358.अतुलःअतुलनीय
- 359.शरभःमहाबलशाली
- 360.भीमःभयानक, महाबलशाली
- 361.समयज्ञःउचित समय के ज्ञाता
- 362.हविःयज्ञ-हवि स्वरूप
- 363.हरिःपापों व दुखों का हरण करने वाले
- 364.सर्वलक्षणलक्षण्यःसभी शुभ लक्षणों से युक्त
- 365.लक्ष्मीवान्लक्ष्मी सहित
- 366.समितिञ्जयःयुद्धों में विजयी
- 367.विक्षरःक्षयरहित
- 368.रोहितःमत्स्य अवतार रूप
- 369.मार्गःमोक्ष-मार्ग स्वरूप
- 370.हेतुःसृष्टि का कारण
- 371.दामोदरःउदर में रज्जु-बंधन धारण करने वाले
- 372.सहःसहनशील, सर्वसमर्थ
- 373.महीधरःपृथ्वी को धारण करने वाले
- 374.महाभागःमहान सौभाग्य वाले
- 375.वेगवान्अत्यंत वेगवान्
- 376.अमिताशनःअसीमित संहार-शक्ति वाले
- 377.उद्भवःसृष्टि के उद्गम स्वरूप
- 378.क्षोभणःप्रकृति को क्षुब्ध (सक्रिय) करने वाले
- 379.देवःदेवस्वरूप
- 380.श्रीगर्भःश्री को गर्भ में धारण करने वाले
- 381.परमेश्वरःपरम ईश्वर
- 382.करणम्साधन/उपकरण स्वरूप
- 383.कारणम्मूल कारण स्वरूप
- 384.कर्तासृष्टिकर्ता
- 385.विकर्तासृष्टि को विविध रूपों में रचने वाले
- 386.गहनःअगाध, गूढ़ स्वरूप
- 387.गुहःगुहा (हृदय) में छिपे रहने वाले
- 388.व्यवसायःनिश्चयस्वरूप
- 389.व्यवस्थानःव्यवस्था करने वाले
- 390.संस्थानःसबका आश्रय-स्थान
- 391.स्थानदःस्थान/पद देने वाले
- 392.ध्रुवःअचल, स्थिर
- 393.परर्द्धिःपरम ऐश्वर्य वाले
- 394.परमस्पष्टःपूर्णतः स्पष्ट, प्रकट
- 395.तुष्टःसंतुष्ट
- 396.पुष्टःपूर्ण, समृद्ध
- 397.शुभेक्षणःशुभ दृष्टि वाले
- 398.रामःआनंदस्वरूप (रामावतार)
- 399.विरामःसबकी अंतिम विश्रांति (मोक्ष) स्वरूप
- 400.विरजःरजोगुण/मल रहित
- 401.मार्गःमार्गस्वरूप
- 402.नेयःप्रमाण द्वारा जानने योग्य
- 403.नयःनीतिस्वरूप
- 404.अनयःजिनका कोई नियंत्रक नहीं
- 405.वीरःवीर
- 406.शक्तिमतांश्रेष्ठःशक्तिशालियों में श्रेष्ठ
- 407.धर्मःधर्मस्वरूप
- 408.धर्मविदुत्तमःधर्म के ज्ञाताओं में सर्वोत्तम
वैकुण्ठ-विदारण नाम (नाम 409–469)
- 409.वैकुण्ठःवैकुंठ धाम के स्वामी
- 410.पुरुषःसर्वव्यापी पुरुष-स्वरूप
- 411.प्राणःप्राणस्वरूप
- 412.प्राणदःप्राण देने वाले
- 413.प्रणवःॐ (ओम्) स्वरूप
- 414.पृथुःविस्तृत स्वरूप वाले
- 415.हिरण्यगर्भःस्वर्ण-गर्भ (ब्रह्मा) स्वरूप
- 416.शत्रुघ्नःशत्रुओं का नाश करने वाले
- 417.व्याप्तःसर्वत्र व्याप्त
- 418.वायुःवायुस्वरूप
- 419.अधोक्षजःइन्द्रियों के अधीन न होने वाले
- 420.ऋतुःऋतुस्वरूप
- 421.सुदर्शनःशुभ दर्शन वाले, सुदर्शन-चक्रधारी
- 422.कालःकालस्वरूप
- 423.परमेष्ठीपरम पद पर स्थित (ब्रह्मा रूप)
- 424.परिग्रहःसबको ग्रहण करने वाले
- 425.उग्रःतीव्र, प्रचंड
- 426.संवत्सरःवर्ष-स्वरूप (काल-चक्र)
- 427.दक्षःकुशल, समर्थ
- 428.विश्रामःविश्राम-स्थल स्वरूप
- 429.विश्वदक्षिणःविश्व को दक्षिणा रूप में देने वाले
- 430.विस्तारःविस्तारस्वरूप
- 431.स्थावरस्थाणुःस्थावर वस्तुओं में स्थिर, अचल स्तंभ रूप
- 432.प्रमाणम्प्रमाणस्वरूप
- 433.बीजम्सृष्टि का मूल बीज
- 434.अव्ययम्अक्षय, नाशरहित
- 435.अर्थःप्रयोजन/धन स्वरूप
- 436.अनर्थःजिनके लिए कोई प्रयोजन शेष नहीं
- 437.महाकोशःमहान कोश (निधि) स्वरूप
- 438.महाभोगःमहान भोग वाले
- 439.महाधनःमहान धन वाले
- 440.अनिर्विण्णःकभी खिन्न न होने वाले
- 441.स्थविष्ठःअत्यंत स्थूल, विशाल
- 442.अभूःअजन्मा
- 443.धर्मयूपःधर्म-यज्ञ का यूप (स्तंभ) स्वरूप
- 444.महामखःमहान यज्ञ-स्वरूप
- 445.नक्षत्रनेमिःनक्षत्रों के चक्र की धुरी
- 446.नक्षत्रीनक्षत्रों के स्वामी (चंद्रमा रूप)
- 447.क्षमःसमर्थ
- 448.क्षामःक्षीण होते हुए भी अविनाशी
- 449.समीहनःउचित प्रयास करने वाले
- 450.यज्ञःयज्ञस्वरूप
- 451.इज्यःपूजनीय
- 452.महेज्यःमहान पूजा के योग्य
- 453.क्रतुःयज्ञ-कर्म स्वरूप
- 454.सत्रम्सत्रयज्ञ स्वरूप
- 455.सतांगतिःसज्जनों की परम गति
- 456.सर्वदर्शीसबको देखने वाले
- 457.विमुक्तात्मासदा मुक्त आत्मा वाले
- 458.सर्वज्ञःसर्वज्ञाता
- 459.ज्ञानमुत्तमम्परम उत्तम ज्ञान-स्वरूप
- 460.सुव्रतःउत्तम व्रत वाले
- 461.सुमुखःसुंदर मुख वाले
- 462.सूक्ष्मःसूक्ष्म, अतीन्द्रिय
- 463.सुघोषःमधुर घोष (शंखध्वनि) वाले
- 464.सुखदःसुख देने वाले
- 465.सुहृत्सबका सच्चा मित्र
- 466.मनोहरःमन को हरने वाले
- 467.जितक्रोधःक्रोध को जीतने वाले
- 468.वीरबाहुःवीर भुजाओं वाले
- 469.विदारणःदुष्टों का विदारण करने वाले
स्वापन-सात्वतांपति नाम (नाम 470–518)
- 470.स्वापनःसबको निद्रा में लय करने वाले
- 471.स्ववशःस्वयं अपने अधीन, स्वतंत्र
- 472.व्यापीसर्वव्यापी
- 473.नैकात्माअनेक रूपों में विद्यमान आत्मा
- 474.नैककर्मकृत्अनेक कर्म करने वाले
- 475.वत्सरःवर्षस्वरूप
- 476.वत्सलःप्रेमपूर्ण, स्नेही
- 477.वत्सीभक्तों के पालक
- 478.रत्नगर्भःरत्नों के गर्भ (समुद्र) स्वरूप
- 479.धनेश्वरःधन के स्वामी
- 480.धर्मगुप्धर्म की रक्षा करने वाले
- 481.धर्मकृत्धर्म का आचरण करने वाले
- 482.धर्मीधर्मस्वरूप
- 483.सत्सत्-स्वरूप (अस्तित्व)
- 484.असत्कार्य-कारण भेद से असत् रूप में भी प्रकट
- 485.क्षरम्नाशवान जगत-स्वरूप
- 486.अक्षरम्अविनाशी ब्रह्म-स्वरूप
- 487.अविज्ञाताइन्द्रियों द्वारा न जाने जा सकने वाले
- 488.सहस्रांशुःसहस्र किरणों वाले
- 489.विधातासृष्टि की विधि रचने वाले
- 490.कृतलक्षणःशास्त्रों में जिनके लक्षण निश्चित किए गए
- 491.गभस्तिनेमिःसूर्य की किरणों के चक्र स्वरूप
- 492.सत्त्वस्थःसत्त्वगुण में स्थित
- 493.सिंहःसिंह स्वरूप
- 494.भूतमहेश्वरःसमस्त प्राणियों के महान ईश्वर
- 495.आदिदेवःआदि देव
- 496.महादेवःमहान देव
- 497.देवेशःदेवताओं के ईश
- 498.देवभृत्देवताओं का भरण-पोषण करने वाले
- 499.गुरुःगुरु, ज्ञानदाता
- 500.उत्तरःसबसे श्रेष्ठ, उद्धारक
- 501.गोपतिःगौओं/पृथ्वी के स्वामी
- 502.गोप्तारक्षक
- 503.ज्ञानगम्यःज्ञान से प्राप्त होने योग्य
- 504.पुरातनःसनातन, प्राचीन
- 505.शरीरभूतभृत्शरीरधारी प्राणियों का पालक
- 506.भोक्ताभोगकर्ता
- 507.कपीन्द्रःवानरों के स्वामी (राम रूप)
- 508.भूरिदक्षिणःअपार दक्षिणा देने वाले
- 509.सोमपःसोमरस पीने वाले
- 510.अमृतपःअमृत पान करने वाले
- 511.सोमःसोमस्वरूप
- 512.पुरुजित्बहुतों को जीतने वाले
- 513.पुरुसत्तमःपुरुषों में सर्वश्रेष्ठ
- 514.विनयःविनयस्वरूप
- 515.जयःविजयस्वरूप
- 516.सत्यसन्धःसत्य की प्रतिज्ञा करने वाले
- 517.दाशार्हःदशार्ह कुल में अवतरित
- 518.सात्वतांपतिःसात्वत वंशजों के स्वामी (कृष्ण रूप)
जीव-महामना नाम (नाम 519–566)
- 519.जीवःजीवस्वरूप
- 520.विनयिताविनय कराने वाले
- 521.साक्षीसबके साक्षी
- 522.मुकुन्दःमोक्ष देने वाले
- 523.अमितविक्रमःअसीम पराक्रम वाले
- 524.अम्भोनिधिःजल के निधि (समुद्र) स्वरूप
- 525.अनन्तात्माअनंत आत्मा वाले
- 526.महोदधिशयःमहासागर में शयन करने वाले
- 527.अन्तकःअंत करने वाले (संहारक)
- 528.अजःअजन्मा
- 529.महार्हःमहान पूजा के योग्य
- 530.स्वाभाव्यःस्वाभाविक रूप से सिद्ध
- 531.जितामित्रःशत्रुओं को जीतने वाले
- 532.प्रमोदनःआनंद देने वाले
- 533.आनन्दःआनंदस्वरूप
- 534.नन्दनःआनंदित करने वाले
- 535.नन्दःआनंदस्वरूप
- 536.सत्यधर्मासत्य धर्म वाले
- 537.त्रिविक्रमःतीन पगों में त्रिलोक मापने वाले
- 538.महर्षिःमहान ऋषि
- 539.कपिलाचार्यःकपिल मुनि रूप आचार्य
- 540.कृतज्ञःभक्तों का भाव जानने वाले
- 541.मेदिनीपतिःपृथ्वी के स्वामी
- 542.त्रिपदःतीन पगों वाले (वामन रूप)
- 543.त्रिदशाध्यक्षःदेवताओं के अध्यक्ष
- 544.महाशृङ्गःमहान शृंग (मत्स्यावतार) वाले
- 545.कृतान्तकृत्प्रलयकर्ता
- 546.महावराहःमहान वराह अवतार
- 547.गोविन्दःगौओं व ज्ञान के रक्षक
- 548.सुषेणःसुंदर सेना वाले
- 549.कनकाङ्गदीस्वर्ण भुजबंध धारण करने वाले
- 550.गुह्यःरहस्यमय
- 551.गभीरःगंभीर स्वभाव वाले
- 552.गहनःअगाध
- 553.गुप्तःगुप्त, अप्रकट
- 554.चक्रगदाधरःचक्र व गदा धारण करने वाले
- 555.वेधाःसृष्टि-रचयिता
- 556.स्वाङ्गःस्वयं अपने अंगों से युक्त
- 557.अजितःअपराजित
- 558.कृष्णःकृष्ण रूप (श्याम वर्ण)
- 559.दृढःदृढ़, अचल
- 560.संकर्षणःप्रलयकाल में सबको खींच लेने वाले
- 561.अच्युतःकभी च्युत न होने वाले
- 562.वरुणःजल के देवता रूप
- 563.वारुणःवरुण-संबंधी
- 564.वृक्षःवृक्ष रूप (आश्रयदाता)
- 565.पुष्कराक्षःकमल जैसे नेत्रों वाले
- 566.महामनाःउदार हृदय वाले
भगवान्-श्रीमतांवर नाम (नाम 567–615)
- 567.भगवान्सर्व ऐश्वर्य संपन्न
- 568.भगहाप्रलयकाल में ऐश्वर्य का संहार करने वाले
- 569.आनन्दीआनंदस्वरूप
- 570.वनमालीवनमाला धारण करने वाले
- 571.हलायुधःहल को आयुध बनाने वाले (बलराम रूप)
- 572.आदित्यःआदिति-पुत्र (सूर्य रूप)
- 573.ज्योतिरादित्यःसूर्य रूप तेज
- 574.सहिष्णुःसहनशील
- 575.गतिसत्तमःसर्वोत्तम गति (मोक्ष) देने वाले
- 576.सुधन्वाउत्तम धनुष (शार्ङ्ग) धारण करने वाले
- 577.खण्डपरशुःपरशु धारण करने वाले (परशुराम रूप)
- 578.दारुणःदुष्टों के लिए भयानक
- 579.द्रविणप्रदःधन देने वाले
- 580.दिवस्पृक्आकाश को स्पर्श करने वाले (त्रिविक्रम रूप)
- 581.सर्वदृक्सबको देखने वाले
- 582.व्यासःवेद-विस्तारक (व्यास रूप)
- 583.वाचस्पतिःवाणी के स्वामी
- 584.अयोनिजःयोनि से उत्पन्न न होने वाले
- 585.त्रिसामातीन सामवेद-स्तुतियों से स्तुत
- 586.सामगःसामगान करने वाले
- 587.सामसामवेद-स्वरूप
- 588.निर्वाणम्मोक्षस्वरूप
- 589.भेषजम्औषधि स्वरूप
- 590.भिषक्वैद्य (रोगनाशक)
- 591.संन्यासकृत्संन्यास की स्थापना करने वाले
- 592.शमःमन की शांति स्वरूप
- 593.शान्तःशांतस्वरूप
- 594.निष्ठासबका आश्रय
- 595.शान्तिःशांतिस्वरूप
- 596.परायणम्परम लक्ष्य/आश्रय
- 597.शुभाङ्गःशुभ अंगों वाले
- 598.शान्तिदःशांति देने वाले
- 599.स्रष्टासृष्टिकर्ता
- 600.कुमुदःकुमुद के समान आनंद देने वाले
- 601.कुवलेशयःजल में शयन करने वाले
- 602.गोहितःगौओं/पृथ्वी का हित करने वाले
- 603.गोपतिःगौओं के स्वामी
- 604.गोप्तारक्षक
- 605.वृषभाक्षःवृषभ के समान नेत्रों वाले
- 606.वृषप्रियःधर्म को प्रिय मानने वाले
- 607.अनिवर्तीकभी पीछे न हटने वाले
- 608.निवृत्तात्मानिवृत्ति-स्वरूप आत्मा वाले
- 609.संक्षेप्ताप्रलयकाल में सृष्टि का संक्षेप करने वाले
- 610.क्षेमकृत्कल्याण करने वाले
- 611.शिवःमंगलस्वरूप
- 612.श्रीवत्सवक्षाःवक्षस्थल पर श्रीवत्स-चिह्न धारण करने वाले
- 613.श्रीवासःश्री के निवास-स्थान
- 614.श्रीपतिःलक्ष्मीपति
- 615.श्रीमतांवरःश्रीसंपन्नों में श्रेष्ठ
श्रीद-हरि नाम (नाम 616–663)
- 616.श्रीदःश्री (समृद्धि) देने वाले
- 617.श्रीशःश्री के स्वामी
- 618.श्रीनिवासःश्री के निवास-स्थान
- 619.श्रीनिधिःश्री की निधि स्वरूप
- 620.श्रीविभावनःश्री का प्रसार करने वाले
- 621.श्रीधरःश्री को धारण करने वाले
- 622.श्रीकरःश्री (शुभता) करने वाले
- 623.श्रेयःकल्याणस्वरूप
- 624.श्रीमान्श्री-संपन्न
- 625.लोकत्रयाश्रयःतीनों लोकों के आश्रय
- 626.स्वक्षःसुंदर नेत्रों वाले
- 627.स्वङ्गःसुंदर अंगों वाले
- 628.शतानन्दःअनंत आनंद-स्वरूप
- 629.नन्दिःआनंदस्वरूप
- 630.ज्योतिःतेजस्वरूप
- 631.गणेश्वरःगणों के स्वामी
- 632.विजितात्माजिनका मन पूर्ण विजित है
- 633.अविधेयात्माकिसी के नियंत्रण में न आने वाले
- 634.सत्कीर्तिःसत्य कीर्ति वाले
- 635.छिन्नसंशयःसंदेहों को छिन्न करने वाले
- 636.उदीर्णःउत्कृष्ट, सर्वोपरि
- 637.सर्वतश्चक्षुःसब दिशाओं में नेत्र वाले
- 638.अनीशःजिनका कोई स्वामी नहीं
- 639.शाश्वतःसनातन
- 640.स्थिरःस्थिर
- 641.भूशयःपृथ्वी पर शयन करने वाले
- 642.भूषणःआभूषण स्वरूप
- 643.भूतिःऐश्वर्यस्वरूप
- 644.विशोकःशोकरहित
- 645.शोकनाशनःशोक का नाश करने वाले
- 646.अर्चिष्मान्तेजोमय
- 647.अर्चितःपूजित
- 648.कुम्भःकुंभ स्वरूप, पूर्णता के प्रतीक
- 649.विशुद्धात्माविशुद्ध आत्मा वाले
- 650.विशोधनःशुद्ध करने वाले
- 651.अनिरुद्धःअबाधित
- 652.अप्रतिरथःजिनके समान कोई रथी (योद्धा) नहीं
- 653.प्रद्युम्नःअत्यंत तेजस्वी (कृष्ण-पुत्र रूप)
- 654.अमितविक्रमःअसीम पराक्रम वाले
- 655.कालनेमिनिहाकालनेमि दैत्य का नाश करने वाले
- 656.वीरःवीर
- 657.शौरिःशूरसेन-वंशज
- 658.शूरजनेश्वरःशूर पुरुषों के ईश्वर
- 659.त्रिलोकात्मातीनों लोकों की आत्मा
- 660.त्रिलोकेशःतीनों लोकों के ईश
- 661.केशवःसुंदर केशों वाले, केशी असुर के नाशक
- 662.केशिहाकेशी असुर का नाश करने वाले
- 663.हरिःपापों का हरण करने वाले
कामदेव-हवि नाम (नाम 664–711)
- 664.कामदेवःइच्छाओं के अधिष्ठाता
- 665.कामपालःइच्छाओं की रक्षा करने वाले
- 666.कामीसमस्त इच्छाओं से युक्त (पूर्ण-काम)
- 667.कान्तःअत्यंत सुंदर
- 668.कृतागमःशास्त्रों (आगमों) की रचना करने वाले
- 669.अनिर्देश्यवपुःजिनका स्वरूप वर्णन से परे
- 670.विष्णुःसर्वव्यापी
- 671.वीरःवीर
- 672.अनन्तःअनंत
- 673.धनञ्जयःधन को जीतने वाले (अर्जुन-सखा रूप)
- 674.ब्रह्मण्यःब्रह्मज्ञान के हितैषी
- 675.ब्रह्मकृत्वेदों की रचना करने वाले
- 676.ब्रह्मासृष्टिकर्ता ब्रह्मा-स्वरूप
- 677.ब्रह्मपरब्रह्म-स्वरूप
- 678.ब्रह्मविवर्धनःब्रह्मज्ञान को बढ़ाने वाले
- 679.ब्रह्मविद्ब्रह्मज्ञानी
- 680.ब्राह्मणःब्राह्मण-स्वरूप
- 681.ब्रह्मीब्रह्म से युक्त
- 682.ब्रह्मज्ञःब्रह्म को जानने वाले
- 683.ब्राह्मणप्रियःब्राह्मणों को प्रिय
- 684.महाक्रमःमहान पगों वाले (त्रिविक्रम रूप)
- 685.महाकर्मामहान कर्म करने वाले
- 686.महातेजाःमहान तेजस्वी
- 687.महोरगःमहान सर्प (शेषनाग) रूप
- 688.महाक्रतुःमहान यज्ञ-स्वरूप
- 689.महायज्वामहान यज्ञ करने वाले
- 690.महायज्ञःमहान यज्ञ-स्वरूप
- 691.महाहविःमहान हवि-स्वरूप
- 692.स्तव्यःस्तुति किए जाने योग्य
- 693.स्तवप्रियःस्तुति को प्रिय मानने वाले
- 694.स्तोत्रम्स्तोत्र-स्वरूप
- 695.स्तुतिःस्तुति-स्वरूप
- 696.स्तोतास्तुति करने वाले
- 697.रणप्रियःयुद्ध को प्रिय मानने वाले
- 698.पूर्णःपूर्ण
- 699.पूरयितासबकी इच्छाएँ पूर्ण करने वाले
- 700.पुण्यःपुण्यस्वरूप
- 701.पुण्यकीर्तिःपवित्र कीर्ति वाले
- 702.अनामयःरोगरहित
- 703.मनोजवःमन के समान वेगवान्
- 704.तीर्थकरःतीर्थों के निर्माता
- 705.वसुरेताःवसु रूप तेज वाले
- 706.वसुप्रदःधन देने वाले
- 707.वसुप्रदःधन देने वाले (मूल पाठ में पुनरुक्त नाम)
- 708.वासुदेवःवसुदेव-पुत्र
- 709.वसुःनिवासस्वरूप
- 710.वसुमनाःउदार हृदय वाले
- 711.हविःयज्ञ-हवि स्वरूप
सद्गति-चल नाम (नाम 712–759)
- 712.सद्गतिःसत्य गति (मोक्ष) देने वाले
- 713.सत्कृतिःसत्कर्म स्वरूप
- 714.सत्ताअस्तित्व-स्वरूप
- 715.सद्भूतिःसत् ऐश्वर्य वाले
- 716.सत्परायणःसज्जनों का परम आश्रय
- 717.शूरसेनःशूर सेना वाले
- 718.यदुश्रेष्ठःयदुवंशियों में श्रेष्ठ
- 719.सन्निवासःभक्तों का निवास-स्थान
- 720.सुयामुनःयमुना तट के निवासी
- 721.भूतावासःसमस्त प्राणियों के निवास-स्थान
- 722.वासुदेवःवसुदेव-पुत्र
- 723.सर्वासुनिलयःसब प्राणों के आश्रय
- 724.अनलःअग्निस्वरूप
- 725.दर्पहाअहंकार का नाश करने वाले
- 726.दर्पदःउचित आत्मगौरव देने वाले
- 727.दृप्तःतेजोमय, उल्लसित
- 728.दुर्धरःजिन्हें धारण करना कठिन
- 729.अपराजितःअपराजित
- 730.विश्वमूर्तिःविश्वस्वरूप मूर्ति वाले
- 731.महामूर्तिःमहान स्वरूप वाले
- 732.दीप्तमूर्तिःतेजोमय स्वरूप वाले
- 733.अमूर्तिमान्निराकार होते हुए भी आकार धारण करने वाले
- 734.अनेकमूर्तिःअनेक रूप धारण करने वाले
- 735.अव्यक्तःअप्रकट
- 736.शतमूर्तिःसैकड़ों रूप वाले
- 737.शताननःसैकड़ों मुख वाले
- 738.एकःएक, अद्वैत
- 739.नैकःअनेक रूपों में प्रकट
- 740.सवःसृष्टि-कर्ता
- 741.कःजिज्ञासित ब्रह्म-स्वरूप
- 742.किम्जिज्ञासा का विषय परमतत्त्व
- 743.यत्निर्गुण ब्रह्म का सूचक
- 744.तत्परम तत्त्व का सूचक
- 745.पदमनुत्तमम्सर्वोत्कृष्ट पद/अवस्था
- 746.लोकबन्धुःलोक के बंधु (सखा)
- 747.लोकनाथःलोक के स्वामी
- 748.माधवःलक्ष्मी के पति
- 749.भक्तवत्सलःभक्तों पर स्नेह रखने वाले
- 750.सुवर्णवर्णःस्वर्ण के समान वर्ण वाले
- 751.हेमाङ्गःस्वर्णिम अंगों वाले
- 752.वराङ्गःसुंदर अंगों वाले
- 753.चन्दनाङ्गदीचन्दन-लेपित भुजबंध धारण करने वाले
- 754.वीरहाशत्रु वीरों का नाश करने वाले
- 755.विषमःजिनके समान कोई नहीं
- 756.शून्यःशून्यस्वरूप (निर्गुण)
- 757.घृताशीःघृत समान आशीष देने वाले
- 758.अचलःअचल, स्थिर
- 759.चलःगतिमान (सृष्टि-संचालक रूप में)
अमानी-कृतागम नाम (नाम 760–802)
- 760.अमानीअहंकार रहित
- 761.मानदःसम्मान देने वाले
- 762.मान्यःसम्मान के योग्य
- 763.लोकस्वामीलोक के स्वामी
- 764.त्रिलोकधृक्तीनों लोकों को धारण करने वाले
- 765.सुमेधाउत्तम बुद्धि वाले
- 766.मेधजःयज्ञ से उत्पन्न
- 767.धन्यःधन्य, सौभाग्यशाली
- 768.सत्यमेधासत्य बुद्धि वाले
- 769.धराधरःपृथ्वी को धारण करने वाले
- 770.तेजोवृषःतेज की वर्षा करने वाले
- 771.द्युतिधरःदिव्य कांति धारण करने वाले
- 772.सर्वशस्त्रभृतांवरःसब शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ
- 773.प्रग्रहःनियंत्रण करने वाले
- 774.निग्रहःदमन करने वाले
- 775.व्यग्रःकार्यतत्पर
- 776.नैकशृङ्गःअनेक शृंगों (मत्स्यावतार) वाले
- 777.गदाग्रजःगद के अग्रज (बलराम रूप)
- 778.चतुर्मूर्तिःचार रूपों वाले
- 779.चतुर्बाहुःचार भुजाओं वाले
- 780.चतुर्व्यूहःचार व्यूह रूप
- 781.चतुर्गतिःचार प्रकार की गति देने वाले
- 782.चतुरात्माचतुर्विध आत्मा वाले
- 783.चतुर्भावःचार भावों वाले
- 784.चतुर्वेदविद्चारों वेदों को जानने वाले
- 785.एकपात्एक पाद (अंश) में स्थित
- 786.समावर्तःसंसार-चक्र चलाने वाले
- 787.अनिवृत्तात्माकभी निवृत्त न होने वाली आत्मा वाले
- 788.दुर्जयःजिन्हें जीतना कठिन
- 789.दुरतिक्रमःजिनका उल्लंघन कठिन
- 790.दुर्लभःदुर्लभ
- 791.दुर्गमःजिन तक पहुँचना कठिन
- 792.दुर्गःदुर्ग रूप, अभेद्य
- 793.दुरावासःजिनका निवास खोजना कठिन
- 794.दुरारिहादुष्ट शत्रुओं का नाश करने वाले
- 795.शुभाङ्गःशुभ अंगों वाले
- 796.लोकसारङ्गःलोक के सार को ग्रहण करने वाले
- 797.सुतन्तुःउत्तम विस्तार करने वाले
- 798.तन्तुवर्धनःसृष्टि के विस्तार को बढ़ाने वाले
- 799.इन्द्रकर्माइन्द्र के समान कर्म करने वाले
- 800.महाकर्मामहान कर्म करने वाले
- 801.कृतकर्माकर्म-सिद्ध
- 802.कृतागमःशास्त्रों की रचना करने वाले
उद्भव-भयनाशन नाम (नाम 803–848)
- 803.उद्भवःसृष्टि की उत्पत्ति-स्थान
- 804.सुन्दरःसुंदर
- 805.सुन्दःसौंदर्ययुक्त
- 806.रत्ननाभःरत्न समान नाभि वाले
- 807.सुलोचनःसुंदर नेत्रों वाले
- 808.अर्कःसूर्य रूप
- 809.वाजसनःबल/अन्न देने वाले
- 810.शृङ्गीशृंग धारण करने वाले (मत्स्यावतार)
- 811.जयन्तःविजय करने वाले
- 812.सर्वविद्सब कुछ जानने वाले
- 813.जयीसदा विजयी
- 814.सुवर्णबिन्दुःस्वर्ण के समान तेजोबिंदु वाले
- 815.अक्षोभ्यःकभी विचलित न होने वाले
- 816.सर्ववागीश्वरेश्वरःवाणी के सब स्वामियों के भी ईश्वर
- 817.महाह्रदःमहान सरोवर रूप
- 818.महागर्तःमहान गर्त (गहराई) रूप
- 819.महाभूतःमहाभूत-स्वरूप
- 820.महानिधिःमहान निधि-स्वरूप
- 821.कुमुदःकुमुद के समान आनंद देने वाले
- 822.कुन्दरःकुंद फूल के समान शुभ्र
- 823.कुन्दःकुंद-स्वरूप
- 824.पर्जन्यःमेघ रूप, वर्षा करने वाले
- 825.पावनःपवित्र करने वाले
- 826.अनिलःवायु रूप
- 827.अमृताशःअमृत की आशा/स्रोत वाले
- 828.अमृतवपुःअमृत समान शरीर वाले
- 829.सर्वज्ञःसर्वज्ञ
- 830.सर्वतोमुखःसब दिशाओं में मुख वाले
- 831.सुलभःभक्तों को सुलभ
- 832.सुव्रतःउत्तम व्रत वाले
- 833.सिद्धःसिद्ध
- 834.शत्रुजित्शत्रुओं को जीतने वाले
- 835.शत्रुतापनःशत्रुओं को संतप्त करने वाले
- 836.न्यग्रोधःवट वृक्ष रूप
- 837.उदुम्बरःगूलर वृक्ष रूप
- 838.अश्वत्थःपीपल वृक्ष रूप
- 839.चाणूरान्ध्रनिषूदनःचाणूर व आंध्र मल्लों का नाश करने वाले
- 840.सहस्रार्चिःसहस्र किरणों वाले
- 841.सप्तजिह्वःसात जिह्वा (अग्नि) रूप
- 842.सप्तैधाःसात ज्वालाओं वाले
- 843.सप्तवाहनःसात अश्व (सूर्य-रथ) वाहन वाले
- 844.अमूर्तिःनिराकार
- 845.अनघःपापरहित
- 846.अचिन्त्यःचिंतन से परे
- 847.भयकृत्दुष्टों में भय उत्पन्न करने वाले
- 848.भयनाशनःभक्तों का भय नाश करने वाले
अणु-रविलोचन नाम (नाम 849–899)
- 849.अणुःअणु रूप, सूक्ष्मतम
- 850.बृहत्बृहद् रूप, विशालतम
- 851.कृशःकृश, सूक्ष्म
- 852.स्थूलःस्थूल, विराट रूप
- 853.गुणभृत्गुणों को धारण करने वाले
- 854.निर्गुणःगुणातीत
- 855.महान्महान
- 856.अधृतःकिसी से समर्थित न होने वाले
- 857.स्वधृतःस्वयं अपने आधार पर स्थित
- 858.स्वास्यःसुंदर मुख वाले
- 859.प्राग्वंशःप्राचीन वंश के मूल
- 860.वंशवर्धनःवंश को बढ़ाने वाले
- 861.भारभृत्पृथ्वी के भार को धारण करने वाले
- 862.कथितःशास्त्रों में वर्णित
- 863.योगीयोगस्वरूप
- 864.योगीशःयोगियों के ईश
- 865.सर्वकामदःसब इच्छाएँ पूर्ण करने वाले
- 866.आश्रमःआश्रम-स्वरूप, शरणस्थल
- 867.श्रमणःतपस्वी
- 868.क्षामःक्षमाशील
- 869.सुपर्णःसुंदर पंखों वाले (गरुड़ रूप)
- 870.वायुवाहनःवायु को वाहन बनाने वाले
- 871.धनुर्धरःधनुष धारण करने वाले
- 872.धनुर्वेदःधनुर्विद्या-स्वरूप
- 873.दण्डःदंड-स्वरूप, न्यायकर्ता
- 874.दमयितादमन करने वाले
- 875.दमःआत्म-संयम स्वरूप
- 876.अपराजितःअपराजित
- 877.सर्वसहःसब कुछ सहन करने वाले
- 878.नियन्तानियंत्रक
- 879.अनियमःकिसी नियम से बंधे न होने वाले
- 880.अयमःमृत्यु (यम) से रहित
- 881.सत्त्ववान्सत्त्वगुण से युक्त
- 882.सात्त्विकःसात्त्विक
- 883.सत्यःसत्यस्वरूप
- 884.सत्यधर्मपरायणःसत्य धर्म में रत
- 885.अभिप्रायःसभी का अभिप्राय (लक्ष्य)
- 886.प्रियार्हःप्रिय होने योग्य
- 887.अर्हःपूजा के योग्य
- 888.प्रियकृत्प्रिय कार्य करने वाले
- 889.प्रीतिवर्धनःप्रीति बढ़ाने वाले
- 890.विहायसगतिःआकाश में गति करने वाले
- 891.ज्योतिःज्योतिस्वरूप
- 892.सुरुचिःसुंदर कांति वाले
- 893.हुतभुक्हवि (आहुति) ग्रहण करने वाले
- 894.विभुःसर्वव्यापी
- 895.रविःसूर्यरूप
- 896.विरोचनःप्रकाशमान
- 897.सूर्यःसूर्यस्वरूप
- 898.सविताउत्पत्तिकर्ता (सूर्यरूप)
- 899.रविलोचनःसूर्य के समान नेत्रों वाले
अनन्त-पर्यवस्थित नाम (नाम 900–945)
- 900.अनन्तःअनंत
- 901.हुतभुक्हवि ग्रहण करने वाले
- 902.भोक्ताभोगकर्ता
- 903.सुखदःसुख देने वाले
- 904.नैकजःअनेक रूपों में जन्म लेने वाले
- 905.अग्रजःसबसे पहले उत्पन्न
- 906.अनिर्विण्णःकभी खिन्न न होने वाले
- 907.सदामर्षीसदा सहनशील
- 908.लोकाधिष्ठानम्लोक का आधार
- 909.अद्भुतःअद्भुत
- 910.सनात्सनातन काल से
- 911.सनातनतमःसबसे प्राचीन, सनातनतम
- 912.कपिलःकपिल मुनि रूप
- 913.कपिःजल पीने वाले, वराह रूप
- 914.अव्ययःअव्यय, अक्षय
- 915.स्वस्तिदःकल्याण देने वाले
- 916.स्वस्तिकृत्कल्याण करने वाले
- 917.स्वस्तिकल्याण-स्वरूप
- 918.स्वस्तिभुक्कल्याण का उपभोग करने वाले
- 919.स्वस्तिदक्षिणःकल्याण रूपी दक्षिणा देने वाले
- 920.अरौद्रःक्रोध रहित
- 921.कुण्डलीकुंडल धारण करने वाले
- 922.चक्रीचक्र धारण करने वाले
- 923.विक्रमीपराक्रमी
- 924.ऊर्जितशासनःप्रबल शासन वाले
- 925.शब्दातिगःशब्दों (वर्णन) से परे
- 926.शब्दसहःशब्दों को सहन करने वाले (वेद-स्वरूप)
- 927.शिशिरःशीतल, शांत स्वभाव वाले
- 928.शर्वरीकरःरात्रि का निर्माण करने वाले
- 929.अक्रूरःक्रूरता रहित
- 930.पेशलःसौम्य, सुंदर
- 931.दक्षःकुशल, दक्ष
- 932.दक्षिणःउदार, दानशील
- 933.क्षमिणांवरःक्षमाशीलों में श्रेष्ठ
- 934.विद्वत्तमःविद्वानों में सर्वश्रेष्ठ
- 935.वीतभयःभयरहित
- 936.पुण्यश्रवणकीर्तनःजिनका श्रवण-कीर्तन पुण्यदायी है
- 937.उत्तारणःभवसागर से पार कराने वाले
- 938.दुष्कृतिहादुष्कर्मों का नाश करने वाले
- 939.पुण्यःपुण्यस्वरूप
- 940.दुःस्वप्ननाशनःबुरे स्वप्नों का नाश करने वाले
- 941.वीरहाशत्रु वीरों का नाश करने वाले
- 942.रक्षणःरक्षक
- 943.सन्तःसज्जनस्वरूप
- 944.जीवनःजीवनदाता
- 945.पर्यवस्थितःसर्वत्र व्यापक रूप से स्थित
अनन्तरूप-यज्ञवाहन नाम (नाम 946–990)
- 946.अनन्तरूपःअनंत रूपों वाले
- 947.अनन्तश्रीःअनंत ऐश्वर्य वाले
- 948.जितमन्युःक्रोध को जीतने वाले
- 949.भयापहःभय का नाश करने वाले
- 950.चतुरश्रःचतुष्कोणीय, पूर्णता का प्रतीक
- 951.गभीरात्मागंभीर आत्मा वाले
- 952.विदिशःदिशाओं को प्रदान करने वाले
- 953.व्यादिशःविशेष आदेश देने वाले
- 954.दिशःदिशाओं के स्वामी
- 955.अनादिःआदि रहित
- 956.भूःपृथ्वी-स्वरूप
- 957.भुवःअंतरिक्ष-स्वरूप
- 958.लक्ष्मीःलक्ष्मी-स्वरूप
- 959.सुवीरःउत्तम वीर
- 960.रुचिराङ्गदःसुंदर भुजबंध धारण करने वाले
- 961.जननःजन्मदाता
- 962.जनजन्मादिःजीवों के जन्म का मूल कारण
- 963.भीमःदुष्टों के लिए भयानक
- 964.भीमपराक्रमःभीम पराक्रम वाले
- 965.आधारनिलयःआधार रूप निवास-स्थान
- 966.अधाताअद्वितीय धारणकर्ता
- 967.पुष्पहासःफूलों के समान मुस्कान वाले
- 968.प्रजागरःसदा जागृत
- 969.ऊर्ध्वगःऊर्ध्व गति वाले
- 970.सत्पथाचारःसन्मार्ग पर चलने वाले
- 971.प्राणदःप्राण देने वाले
- 972.प्रणवःॐ-स्वरूप
- 973.पणःव्यवहार/विनिमय स्वरूप
- 974.प्रमाणम्प्रमाण-स्वरूप
- 975.प्राणनिलयःप्राणों के आश्रय
- 976.प्राणभृत्प्राणों को धारण करने वाले
- 977.प्राणजीवनःप्राणों को जीवन देने वाले
- 978.तत्त्वम्तत्त्व-स्वरूप
- 979.तत्त्वविद्तत्त्व को जानने वाले
- 980.एकात्माएक आत्मा वाले
- 981.जन्ममृत्युजरातिगःजन्म-मृत्यु-जरा से परे
- 982.भूर्भुवःस्वस्तरुःभूः-भुवः-स्वः लोकों के वृक्ष-स्वरूप
- 983.तारःतारणकर्ता
- 984.सविताउत्पत्तिकर्ता
- 985.प्रपितामहःब्रह्मा के भी पिता, परम पितामह
- 986.यज्ञःयज्ञ-स्वरूप
- 987.यज्ञपतिःयज्ञ के स्वामी
- 988.यज्वायज्ञ करने वाले
- 989.यज्ञाङ्गःयज्ञ के अंग-स्वरूप
- 990.यज्ञवाहनःयज्ञ को सम्पन्न कराने वाले
यज्ञभृत्-सर्वप्रहरणायुध नाम (नाम 991–1015)
- 991.यज्ञभृत्यज्ञ को धारण करने वाले
- 992.यज्ञकृत्यज्ञ संपन्न करने वाले
- 993.यज्ञीयज्ञस्वरूप
- 994.यज्ञभुक्यज्ञ-फल का भोग करने वाले
- 995.यज्ञसाधनःयज्ञ का साधन-स्वरूप
- 996.यज्ञान्तकृत्यज्ञ का समापन करने वाले
- 997.यज्ञगुह्यम्यज्ञ का रहस्य-स्वरूप
- 998.अन्नम्अन्न-स्वरूप
- 999.अन्नादःअन्न का भोग करने वाले
- 1000.आत्मयोनिःस्वयं अपने ही कारण
- 1001.स्वयंजातःस्वयं उत्पन्न
- 1002.वैखानःवराह रूप, पृथ्वी खोदने वाले
- 1003.सामगायनःसामगान करने वाले
- 1004.देवकीनन्दनःदेवकी के पुत्र (कृष्ण रूप)
- 1005.स्रष्टासृष्टिकर्ता
- 1006.क्षितीशःपृथ्वी के ईश
- 1007.पापनाशनःपापों का नाश करने वाले
- 1008.शङ्खभृत्शंख धारण करने वाले
- 1009.नन्दकीनंदक खड्ग धारण करने वाले
- 1010.चक्रीचक्र धारण करने वाले
- 1011.शार्ङ्गधन्वाशार्ङ्ग धनुष धारण करने वाले
- 1012.गदाधरःगदा धारण करने वाले
- 1013.रथाङ्गपाणिःरथचक्र (सुदर्शन) को हाथ में धारण करने वाले
- 1014.अक्षोभ्यःकभी विचलित न होने वाले
- 1015.सर्वप्रहरणायुधःसब प्रकार के शस्त्र-आयुध वाले — परंपरा में इसे सहस्रनाम का समापन-नाम माना जाता है
अर्थ (हिन्दी)
- शांत स्वरूप, शेषनाग पर शयन करने वाले, नाभि से कमल वाले, देवों के स्वामी, विश्व के आधार, आकाश के समान व्यापक, मेघ-वर्ण, शुभ अंगों वाले, लक्ष्मीपति, कमलनयन, योगियों द्वारा ध्यान में प्राप्य — संसार के भय को हरने वाले, समस्त लोकों के एकमात्र नाथ भगवान विष्णु की मैं वंदना करता हूँ।
- पहला श्लोक (प्रथम नाम-समूह): विष्णु ही "विश्व" हैं, वषट्कार स्वरूप हैं, भूत-भविष्य-वर्तमान के प्रभु हैं; वे भूतों के रचयिता, धारक, स्वरूप, आत्मा तथा पालक हैं। (इस प्रकार आगे क्रमशः एक हजार नाम आते हैं।)
लाभ
- मन को गहन शांति, एकाग्रता व आध्यात्मिक बल मिलता है।
- भय, रोग व बाधाओं का नाश माना जाता है।
- भगवान विष्णु के प्रति भक्ति व समर्पण बढ़ता है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
भगवान विष्णु के समक्ष तुलसीदल अर्पित कर ध्यान-श्लोक से आरंभ करें, फिर शुद्ध उच्चारण के साथ नामावली का पाठ करें। सम्पूर्ण पाठ में समय लगता है, अतः आरंभ में ध्यान-श्लोक व कुछ श्लोकों से अभ्यास करें।
प्रामाणिकता व स्रोत
देव परिचय
श्री विष्णु
Lord Vishnu
भगवान विष्णु त्रिदेवों में सृष्टि के पालनकर्ता हैं — धर्म की रक्षा हेतु अवतार लेने वाले जगदीश।
