गणेश सहस्रनाम
gaṇeśa sahasranāma
Ganesha Sahasranama
परिचय
विघ्नहर्ता श्री गणेश हर शुभ कार्य के प्रथम पूज्य देव हैं — बुद्धि, विवेक और समृद्धि के दाता।
स्रोत: गणेश पुराण के उपासना खण्ड में वर्णित श्री गणेश सहस्रनाम (सम्पूर्ण नामावली)
उद्भव / पृष्ठभूमि
गणेश सहस्रनाम भगवान गणेश के एक सहस्र (हजार) नामों का स्तोत्र है, जो गणेश पुराण के उपासना खण्ड में वर्णित है। इसका आरंभ "गणेश्वरः गणक्रीडः" से होता है और समापन "अनन्तानन्तसौख्यदः" पर। प्रत्येक नाम गणपति के किसी रूप, गुण, शक्ति या महिमा को प्रकट करता है।
यह पृष्ठ ध्यान-श्लोक तथा सम्पूर्ण नामावली को क्रमबद्ध, अर्थ-सहित, शतकों (खंडों) में प्रस्तुत करता है। (परंपरागत रूप से इसे "सहस्र" अर्थात् एक हजार नाम कहा जाता है; विभिन्न संस्करणों में समासों के विभाजन व पुनरुक्त नामों की गणना भिन्न होने से संख्या 1000 के आसपास रहती है — इस संरचित नामावली में 996 नाम हैं।)
ध्यान व आरंभिक श्लोक
॥ ध्यानम् ॥ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
वक्र सूँड वाले, विशाल काय, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हे देव! मेरे समस्त कार्यों को सदा निर्विघ्न कीजिए।
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नाम सूची (Name List)
प्रथम शतक (नाम 1–100)
- 1.गणेश्वरःगणों के ईश्वर
- 2.गणक्रीडःगणों के साथ क्रीड़ा करने वाले
- 3.गणनाथःगणों के नाथ
- 4.गणाधिपःगणों के अधिपति
- 5.एकदन्तःएक दाँत वाले
- 6.वक्रतुण्डःवक्र सूँड वाले
- 7.गजवक्त्रःगजमुख वाले
- 8.महोदरःविशाल उदर वाले
- 9.लम्बोदरःलंबे उदर वाले
- 10.धूम्रवर्णःधूम्र वर्ण वाले
- 11.विकटःविशाल/विकट रूप वाले
- 12.विघ्ननाशकःविघ्नों का नाश करने वाले
- 13.सुमुखःसुंदर मुख वाले
- 14.दुर्मुखःउग्र मुख वाले
- 15.बुद्धःज्ञानस्वरूप
- 16.विघ्नराजःविघ्नों के राजा
- 17.गजाननःगजमुख वाले
- 18.भीमःभयंकर रूप वाले
- 19.प्रमोदःपरम आनंद रूप
- 20.आमोदःआनंद-स्वरूप
- 21.सुरानन्दःदेवताओं को आनंद देने वाले
- 22.मदोत्कटःमद से उत्कट
- 23.हेरम्बःदीनों के रक्षक हेरम्ब
- 24.शम्बरःशम्बर रूप
- 25.शम्भुःकल्याणकारी
- 26.लम्बकर्णःलंबे कान वाले
- 27.महाबलःमहाबलशाली
- 28.नन्दनःआनंद देने वाले
- 29.अलम्पटःनिर्लिप्त
- 30.अभीरुःनिर्भय
- 31.मेघनादःमेघ-गर्जन सम नाद वाले
- 32.गणञ्जयःगणों में विजयी
- 33.विनायकःश्रेष्ठ नायक
- 34.विरूपाक्षःविशिष्ट नेत्रों वाले
- 35.धीरशूरःधीर व शूर
- 36.वरप्रदःवर देने वाले
- 37.महागणपतिःमहान गणपति
- 38.बुद्धिप्रियःबुद्धि के प्रेमी
- 39.क्षिप्रप्रसादनःशीघ्र प्रसन्न होने वाले
- 40.रुद्रप्रियःरुद्र (शिव) के प्रिय
- 41.गणाध्यक्षःगणों के अध्यक्ष
- 42.उमापुत्रःउमा के पुत्र
- 43.अघनाशनःपापों का नाश करने वाले
- 44.कुमारगुरुःकुमार (कार्तिकेय) के गुरु
- 45.ईशानपुत्रःईशान (शिव) के पुत्र
- 46.मूषकवाहनःमूषक वाहन वाले
- 47.सिद्धिप्रियःसिद्धि के प्रेमी
- 48.सिद्धिपतिःसिद्धि के पति
- 49.सिद्धिःसिद्धि-स्वरूप
- 50.सिद्धिविनायकःसिद्धि देने वाले विनायक
- 51.अविघ्नःविघ्न-रहित
- 52.तुम्बरुःतुम्बरु रूप
- 53.सिंहवाहनःसिंह वाहन वाले
- 54.मोहिनीप्रियःमोहिनी के प्रिय
- 55.कटङ्कटःकटंकट रूप
- 56.राजपुत्रःराजपुत्र रूप
- 57.शालकःशालक रूप
- 58.सम्मितःसम्यक् मित
- 59.अमितःअपरिमित
- 60.कूष्माण्डसामसम्भूतिःकूष्माण्ड-साम से प्रकट
- 61.दुर्जयःदुर्जेय
- 62.धूर्जयःधूर्जय रूप
- 63.जयःविजय-स्वरूप
- 64.भूपतिःपृथ्वी के पति
- 65.भुवनपतिःभुवनों के पति
- 66.भूतानां पतिःसमस्त भूतों के पति
- 67.अव्ययःअविनाशी
- 68.विश्वकर्ताविश्व के रचयिता
- 69.विश्वमुखःविश्व के मुख रूप
- 70.विश्वरूपःविश्व-रूप
- 71.निधिःनिधि-स्वरूप
- 72.घृणिःकरुणामय तेज रूप
- 73.कविःकवि-स्वरूप
- 74.कवीनामृषभःकवियों में श्रेष्ठ
- 75.ब्रह्मण्यःब्रह्म-हितैषी
- 76.ब्रह्मणस्पतिःब्रह्म (वेद) के पति
- 77.ज्येष्ठराजःज्येष्ठ राजा
- 78.निधिपतिःनिधियों के पति
- 79.निधिप्रियपतिप्रियःनिधि-प्रिय (कुबेर) के प्रिय
- 80.हिरण्मयपुरान्तःस्थःस्वर्णमय पुर में स्थित
- 81.सूर्यमण्डलमध्यगःसूर्य-मंडल के मध्य स्थित
- 82.कराहतिविध्वस्तसिन्धुसलिलःकर-प्रहार से सिंधु-जल विध्वस्त करने वाले
- 83.पूषदन्तभित्पूषा के दाँत तोड़ने वाले
- 84.उमाङ्ककेलिकुतुकीउमा की गोद में क्रीड़ा-रत
- 85.मुक्तिदःमुक्ति देने वाले
- 86.कुलपालनःकुल का पालन करने वाले
- 87.किरीटीमुकुटधारी
- 88.कुण्डलीकुंडलधारी
- 89.हारीहारधारी
- 90.वनमालीवनमाला धारी
- 91.मनोमयःमनोमय
- 92.वैमुख्यहतदैत्यश्रीःविमुख होने पर दैत्यों की श्री हरने वाले
- 93.पादाहतिजितक्षितिःपाद-प्रहार से पृथ्वी जीतने वाले
- 94.सद्योजातस्वर्णमुञ्जमेखलीस्वर्ण-मुञ्ज मेखला धारी
- 95.दुर्निमित्तहृत्अपशकुनों को हरने वाले
- 96.दुःस्वप्नहृत्दुःस्वप्नों को हरने वाले
- 97.प्रसहनःसहनशील/पराक्रमी
- 98.गुणीगुणवान
- 99.नादप्रतिष्ठितःनाद में प्रतिष्ठित
- 100.सुरूपःसुंदर रूप वाले
द्वितीय शतक (नाम 101–200)
- 101.सर्वनेत्राधिवासःसमस्त नेत्रों में निवास करने वाले
- 102.वीरासनाश्रयःवीरासन के आश्रय
- 103.पीताम्बरःपीत वस्त्र वाले
- 104.खण्डरदःखंडित दाँत वाले
- 105.खण्डेन्दुकृतशेखरःखंडित चंद्र को शिखर पर धारण करने वाले
- 106.चित्राङ्कश्यामदशनःचित्र-चिह्नित श्याम दाँत वाले
- 107.भालचन्द्रःभाल पर चंद्र धारण करने वाले
- 108.चतुर्भुजःचार भुजाओं वाले
- 109.योगाधिपःयोग के अधिपति
- 110.तारकस्थःतारक में स्थित
- 111.पुरुषःपुरुष-स्वरूप
- 112.गजकर्णकःगज के कान वाले
- 113.गणाधिराजःगणों के अधिराज
- 114.विजयस्थिरःविजय में स्थिर
- 115.गजपतिर्ध्वजीध्वजधारी गजपति
- 116.देवदेवःदेवों के देव
- 117.स्मरप्राणदीपकःकाम के प्राण को प्रदीप्त करने वाले
- 118.वायुकीलकःवायु के कीलक
- 119.विपश्चिद्वरदःविद्वानों को वर देने वाले
- 120.नादोन्नादभिन्नबलाहकःउच्च नाद से मेघों को भेदने वाले
- 121.वराहरदनःवराह सम दाँत वाले
- 122.मृत्युञ्जयःमृत्यु को जीतने वाले
- 123.व्याघ्राजिनाम्बरःव्याघ्र-चर्म वस्त्र वाले
- 124.इच्छाशक्तिधरःइच्छा-शक्ति धारण करने वाले
- 125.देवत्रातादेवताओं की रक्षा करने वाले
- 126.दैत्यविमर्दनःदैत्यों का मर्दन करने वाले
- 127.शम्भुवक्त्रोद्भवःशम्भु के मुख से प्रकट
- 128.शम्भुकोपहाशम्भु का कोप हरने वाले
- 129.शम्भुहास्यभूःशम्भु के हास्य से उत्पन्न
- 130.शम्भुतेजस्शम्भु के तेज रूप
- 131.शिवाशोकहारीपार्वती का शोक हरने वाले
- 132.गौरीसुखावहःगौरी को सुख देने वाले
- 133.उमाङ्गमलजःउमा के अंग-मल से उत्पन्न
- 134.गौरीतेजोभूःगौरी के तेज से उत्पन्न
- 135.स्वर्धुनीभवःआकाशगंगा से प्रकट
- 136.यज्ञकायःयज्ञ-स्वरूप काय वाले
- 137.महानादःमहान नाद वाले
- 138.गिरिवर्ष्मापर्वत सम विशाल देह वाले
- 139.शुभाननःशुभ मुख वाले
- 140.सर्वात्मासबकी आत्मा
- 141.सर्वदेवात्मासमस्त देवों की आत्मा
- 142.ब्रह्ममूर्धाब्रह्मा रूपी मस्तक वाले
- 143.ककुप्श्रुतिःदिशाएँ जिनके कान
- 144.ब्रह्माण्डकुम्भःब्रह्मांड रूपी कुंभ (मस्तक) वाले
- 145.चिद्व्योमभालःचिदाकाश रूपी भाल वाले
- 146.सत्यशिरोरुहःसत्य रूपी केश वाले
- 147.जगज्जन्मलयोन्मेषनिमेषःजगत् की सृष्टि-लय जिनके उन्मेष-निमेष
- 148.अग्न्यर्कसोमदृक्अग्नि-सूर्य-चंद्र जिनके नेत्र
- 149.गिरीन्द्रैकरदःगिरिराज रूपी एक दाँत वाले
- 150.धर्माधर्मोष्ठःधर्म-अधर्म जिनके ओष्ठ
- 151.सामबृंहितःसामगान से वर्धित
- 152.ग्रहर्क्षदशनःग्रह-नक्षत्र रूपी दाँत वाले
- 153.वाणीजिह्वःवाणी रूपी जिह्वा वाले
- 154.वासवनासिकःइंद्र रूपी नासिका वाले
- 155.कुलाचलांसःकुलाचल रूपी कंधों वाले
- 156.सोमार्कघण्टःचंद्र-सूर्य रूपी घंटे वाले
- 157.रुद्रशिरोधरःरुद्र रूपी ग्रीवा वाले
- 158.नदीनदभुजःनदी-नद रूपी भुजाओं वाले
- 159.सर्पाङ्गुलीकःसर्प रूपी अंगुलियों वाले
- 160.तारकानखःतारे जिनके नख
- 161.भ्रूमध्यसंस्थितकरःभ्रू-मध्य में स्थित कर वाले
- 162.ब्रह्मविद्यामदोत्कटःब्रह्मविद्या के मद से उत्कट
- 163.व्योमनाभःआकाश रूपी नाभि वाले
- 164.श्रीहृदयःश्री (लक्ष्मी) जिनके हृदय में
- 165.मेरुपृष्ठःमेरु रूपी पृष्ठ वाले
- 166.अर्णवोदरःसमुद्र रूपी उदर वाले
- 167.कुक्षिस्थयक्षगन्धर्वरक्षःकिन्नरमानुषःकुक्षि में यक्ष-गंधर्व-राक्षस-किन्नर-मनुष्य धारण करने वाले
- 168.पृथ्विकटिःपृथ्वी रूपी कटि वाले
- 169.सृष्टिलिङ्गःसृष्टि के लिंग (चिह्न) रूप
- 170.शैलोरुःपर्वत रूपी जंघा वाले
- 171.दस्रजानुकःअश्विनीकुमार रूपी जानु वाले
- 172.पातालजङ्घःपाताल रूपी जंघा वाले
- 173.मुनिपात्मुनि रूपी चरण वाले
- 174.कालाङ्गुष्ठःकाल रूपी अंगुष्ठ वाले
- 175.त्रयीतनुःतीन वेद रूपी तनु वाले
- 176.ज्योतिर्मण्डललाङ्गूलःज्योतिर्मंडल रूपी पुच्छ वाले
- 177.हृदयालाननिश्चलःहृदय रूपी स्तंभ में निश्चल
- 178.हृत्पद्मकर्णिकाशालिवियत्केलिसरोवरःहृदय-कमल की कर्णिका रूपी आकाश-क्रीड़ा सरोवर वाले
- 179.सद्भक्तध्याननिगडःसद्भक्तों के ध्यान में बँधे रहने वाले
- 180.पूजावारिनिवारितःपूजा-जल से प्रसन्न होने वाले
- 181.प्रतापीप्रतापशाली
- 182.कश्यपसुतःकश्यप के पुत्र (अवतार)
- 183.गणपःगणों के रक्षक
- 184.विष्टपीत्रिलोक के स्वामी
- 185.बलीबलशाली
- 186.यशस्वीयशस्वी
- 187.धार्मिकःधर्मनिष्ठ
- 188.स्वोजस्स्व-तेज वाले
- 189.प्रथमःप्रथम (आदि)
- 190.प्रथमेश्वरःप्रथम ईश्वर
- 191.चिन्तामणिद्वीपपतिःचिंतामणि-द्वीप के पति
- 192.कल्पद्रुमवनालयःकल्पवृक्ष-वन में निवास करने वाले
- 193.रत्नमण्डपमध्यस्थःरत्न-मंडप के मध्य स्थित
- 194.रत्नसिंहासनाश्रयःरत्न-सिंहासन के आश्रय
- 195.तीव्राशिरोद्धृतपदःतीव्रा-शक्ति के शिर पर पद रखने वाले
- 196.ज्वालिनीमौलिलालितःज्वालिनी-शक्ति के मौलि से लालित
- 197.नन्दानन्दितपीठश्रीःनंदा-शक्ति से आनंदित पीठ-श्री वाले
- 198.भोगदाभूषितासनःभोगदा-शक्ति से विभूषित आसन वाले
- 199.सकामदायिनीपीठःकामदायिनी-पीठ वाले
- 200.स्फुरदुग्रासनाश्रयःस्फुरित उग्रासन के आश्रय
तृतीय शतक (नाम 201–300)
- 201.तेजोवतीशिरोरत्नःतेजोवती-शक्ति के शिर-रत्न वाले
- 202.सत्यानित्यावतंसितःसत्या-नित्या शक्तियों से अलंकृत
- 203.सविघ्ननाशिनीपीठःविघ्ननाशिनी-पीठ वाले
- 204.सर्वशक्त्यम्बुजाश्रयःसमस्त शक्ति-कमलों के आश्रय
- 205.लिपिपद्मासनाधारःलिपि-कमलासन के आधार
- 206.वह्निधामत्रयाश्रयःतीन अग्नि-धामों के आश्रय
- 207.उन्नतप्रपदःउन्नत प्रपद वाले
- 208.गूढगुल्फःगूढ़ गुल्फ वाले
- 209.संवृतपार्ष्णिकःसंवृत एड़ी वाले
- 210.पीनजङ्घःपुष्ट जंघा वाले
- 211.श्लिष्टजानुःसुगठित जानु वाले
- 212.स्थूलोरुःस्थूल ऊरु वाले
- 213.प्रोन्नमत्कटिःउन्नत कटि वाले
- 214.निम्ननाभिःगहरी नाभि वाले
- 215.स्थूलकुक्षिःविशाल कुक्षि वाले
- 216.पीनवक्षाःपुष्ट वक्ष वाले
- 217.बृहद्भुजःविशाल भुजाओं वाले
- 218.पीनस्कन्धःपुष्ट स्कंध वाले
- 219.कम्बुकण्ठःशंख सम कंठ वाले
- 220.लम्बोष्ठःलंबे ओष्ठ वाले
- 221.लम्बनासिकःलंबी नासिका वाले
- 222.भग्नवामरदःखंडित वाम दाँत वाले
- 223.तुङ्गसव्यदन्तःउन्नत दक्षिण दाँत वाले
- 224.महाहनुःविशाल ठोड़ी वाले
- 225.ह्रस्वनेत्रत्रयःतीन छोटे नेत्रों वाले
- 226.शूर्पकर्णःसूप सम कान वाले
- 227.निबिडमस्तकःदृढ़ मस्तक वाले
- 228.स्तबकाकारकुम्भाग्रःस्तबक सम कुंभ-अग्र वाले
- 229.रत्नमौलिःरत्न-मुकुट वाले
- 230.निरङ्कुशःअंकुश-रहित (स्वतंत्र)
- 231.सर्पहारकटीसूत्रःसर्प-हार व कटि-सूत्र वाले
- 232.सर्पयज्ञोपवीतवान्सर्प-यज्ञोपवीत वाले
- 233.सर्पकोटीरकटकःसर्प-मुकुट व कंकण वाले
- 234.सर्पग्रैवेयकाङ्गदःसर्प-कंठहार व बाजूबंद वाले
- 235.सर्पकक्ष्योदराबन्धःसर्प-उदरबंध वाले
- 236.सर्पराजोत्तरीयकःनागराज रूपी उत्तरीय वाले
- 237.रक्तःरक्त वर्ण वाले
- 238.रक्ताम्बरधरःलाल वस्त्र वाले
- 239.रक्तमाल्यविभूषणःलाल माला से विभूषित
- 240.रक्तेक्षणःरक्त नेत्रों वाले
- 241.रक्तकरःलाल कर वाले
- 242.रक्तताल्वोष्ठपल्लवःलाल तालु-ओष्ठ रूपी पल्लव वाले
- 243.श्वेतःश्वेत वर्ण वाले
- 244.श्वेताम्बरधरःश्वेत वस्त्र वाले
- 245.श्वेतमाल्यविभूषणःश्वेत माला से विभूषित
- 246.श्वेतातपत्ररुचिरःश्वेत छत्र से सुशोभित
- 247.श्वेतचामरवीजितःश्वेत चामर से सेवित
- 248.सर्वावयवसम्पूर्णसर्वलक्षणलक्षितःसमस्त अवयव व लक्षणों से युक्त
- 249.सर्वाभरणशोभाढ्यःसमस्त आभूषणों से सुशोभित
- 250.सर्वशोभासमन्वितःसमस्त शोभा से युक्त
- 251.सर्वमङ्गलमाङ्गल्यःसमस्त मंगलों के मंगल
- 252.सर्वकारणकारणःसमस्त कारणों के कारण
- 253.सर्वदैककरःसबको देने वाले एकमात्र हाथ वाले
- 254.शार्ङ्गीशार्ङ्ग धनुष धारी
- 255.बीजापूरीबिजौरा फल धारी
- 256.गदाधरःगदा धारी
- 257.इक्षुचापधरःइक्षु-धनुष धारी
- 258.शूलीत्रिशूल धारी
- 259.चक्रपाणिःचक्र धारण करने वाले
- 260.सरोजभृत्कमल धारण करने वाले
- 261.पाशीपाश धारी
- 262.धृतोत्पलःनीलकमल धारण करने वाले
- 263.शालीमञ्जरीभृत्धान की मंजरी धारण करने वाले
- 264.स्वदन्तभृत्अपना दाँत धारण करने वाले
- 265.कल्पवल्लीधरःकल्पलता धारण करने वाले
- 266.विश्वाभयदैककरःविश्व को अभय देने वाले हाथ वाले
- 267.वशीजितेंद्रिय
- 268.अक्षमालाधरःजपमाला धारी
- 269.ज्ञानमुद्रावान्ज्ञानमुद्रा धारी
- 270.मुद्गरायुधःमुद्गर आयुध वाले
- 271.पूर्णपात्रीपूर्ण पात्र धारी
- 272.कम्बुधरःशंख धारी
- 273.विधृतालिसमुद्गकःभौंरों सहित समुद्गक धारी
- 274.मातुलिङ्गधरःबिजौरा फल धारी
- 275.चूतकलिकाभृत्आम्र-मंजरी धारण करने वाले
- 276.कुठारवान्कुठार (फरसा) धारी
- 277.पुष्करस्थस्वर्णघटीपूर्णरत्नाभिवर्षकःसूँड की स्वर्ण-घटी से रत्न बरसाने वाले
- 278.भारतीसुन्दरीनाथःभारती (वाणी) सुंदरी के नाथ
- 279.विनायकरतिप्रियःविनायकी (शक्ति) की रति के प्रिय
- 280.महालक्ष्मीप्रियतमःमहालक्ष्मी के प्रियतम
- 281.सिद्धलक्ष्मीमनोरमःसिद्धलक्ष्मी के मनोरम
- 282.रमारमेशपूर्वाङ्गःरमा-रमेश जिनके पूर्व अंग
- 283.दक्षिणोमामहेश्वरःदक्षिण में उमा-महेश्वर वाले
- 284.महीवराहवामाङ्गःवाम अंग में महीवराह वाले
- 285.रतिकन्दर्पपश्चिमःपश्चिम में रति-कंदर्प वाले
- 286.आमोदप्रमोदजननःआमोद-प्रमोद को जन्म देने वाले
- 287.सप्रमोदप्रमोदनःप्रमोद सहित आनंदित करने वाले
- 288.समेधितसमृद्धिश्रीःवर्धित समृद्धि-श्री वाले
- 289.ऋद्धिसिद्धिप्रवर्तकःऋद्धि-सिद्धि के प्रवर्तक
- 290.दत्तसौमुख्यसुमुखःसौमुख्य प्रदान करने वाले सुमुख
- 291.कान्तिकन्दलिताश्रयःकांति से पल्लवित आश्रय वाले
- 292.मदनावत्याश्रिताङ्घ्रिःमदनावती द्वारा आश्रित चरण वाले
- 293.कृत्तदौर्मुख्यदुर्मुखःदौर्मुख्य का नाश करने वाले दुर्मुख
- 294.विघ्नसम्पल्लवोपघ्नःविघ्न-पल्लवों को रोकने वाले
- 295.सेवोन्निद्रमदद्रवःसेवा से जाग्रत मद बहाने वाले
- 296.विघ्नकृन्निघ्नचरणःविघ्नकर्ताओं को दबाने वाले चरण वाले
- 297.द्राविणीशक्तिसत्कृतःद्राविणी-शक्ति द्वारा सत्कृत
- 298.तीव्राप्रसन्ननयनःतीव्रा-शक्ति से प्रसन्न नयन वाले
- 299.ज्वालिनीपालितैकदृक्ज्वालिनी द्वारा पालित एक दृष्टि वाले
- 300.मोहिनीमोहनःमोहिनी को भी मोहित करने वाले
चतुर्थ शतक (नाम 301–400)
- 301.भोगदायिनीकान्तिमण्डितःभोगदायिनी की कांति से मंडित
- 302.कामिनीकान्तवक्त्रश्रीःकामिनी-कांत मुख-श्री वाले
- 303.अधिष्ठितवसुन्धरःपृथ्वी पर अधिष्ठित
- 304.नमद्वसुमतीमौलिमहापद्मनिधिप्रभुःनत पृथ्वी के मौलि-महापद्मनिधि के प्रभु
- 305.सर्वसद्गुरुसंसेव्यःसमस्त सद्गुरुओं द्वारा सेव्य
- 306.शोचिष्केशहृदाश्रयःअग्नि-केश (शिव) के हृदय में आश्रित
- 307.ईशानमूर्द्धाईशान रूपी मस्तक वाले
- 308.देवेन्द्रशिखादेवेंद्र रूपी शिखा वाले
- 309.पवननन्दनःपवन को आनंद देने वाले
- 310.अग्रप्रत्यग्रनयनःआगे-पीछे देखने वाले नेत्र वाले
- 311.दिव्यास्त्र प्रयोगवित्दिव्यास्त्रों के प्रयोग में निपुण
- 312.ऐरावतादिसर्वाशावारणावरणप्रियःऐरावत आदि दिग्गजों के प्रिय
- 313.वज्राद्यस्त्रपरिवारःवज्र आदि अस्त्रों से युक्त
- 314.गणचण्डसमाश्रयःप्रचंड गणों के आश्रय
- 315.जयाजयापरीवारःजया-अजया से परिवृत
- 316.विजयाविजयावहःविजया सहित विजय देने वाले
- 317.अजितार्चितपादाब्जःअजित (विष्णु) द्वारा पूजित चरण-कमल वाले
- 318.नित्यानित्यावतंसितःनित्या-शक्ति से अलंकृत
- 319.विलासिनीकृतोल्लासःविलासिनी द्वारा उल्लसित
- 320.शौण्डीसौन्दर्यमण्डितःशौण्डी के सौंदर्य से मंडित
- 321.अनन्तानन्तसुखदःअनंत-अनंत सुख देने वाले
- 322.सुमङ्गलसुमङ्गलःमंगलों में परम मंगल
- 323.इच्छाशक्तिज्ञानशक्तिक्रियाशक्तिनिषेवितःइच्छा-ज्ञान-क्रिया शक्तियों द्वारा सेवित
- 324.सुभगासंश्रितपदःसुभगा द्वारा आश्रित चरण वाले
- 325.ललिताललिताश्रयःललिता-शक्ति के आश्रय
- 326.कामिनीकामनःकामिनी द्वारा वांछित
- 327.काममालिनीकेलिलालितःकाममालिनी की क्रीड़ा से लालित
- 328.सरस्वत्याश्रयःसरस्वती के आश्रय
- 329.गौरीनन्दनःगौरी के पुत्र
- 330.श्रीनिकेतनःश्री (लक्ष्मी) के निवास
- 331.गुरुगुप्तपदःगुरु-गुप्त पद वाले
- 332.वाचासिद्धःवाणी में सिद्ध
- 333.वागीश्वरीपतिःवागीश्वरी के पति
- 334.नलिनीकामुकःनलिनी (कमलिनी) के कामुक
- 335.वामारामःवामा-शक्ति में रमण करने वाले
- 336.ज्येष्ठामनोरमःज्येष्ठा-शक्ति के मनोरम
- 337.रौद्रीमुद्रितपादाब्जःरौद्री द्वारा अंकित चरण-कमल वाले
- 338.हुंबीजः'हुं' बीज रूप
- 339.तुङ्गशक्तिकःउन्नत शक्ति वाले
- 340.विश्वादिजननत्राणःविश्व आदि की उत्पत्ति व रक्षा करने वाले
- 341.स्वाहाशक्तिःस्वाहा-शक्ति रूप
- 342.सकीलकःकीलक सहित
- 343.अमृताब्धिकृतावासःअमृत-सागर में निवास करने वाले
- 344.मदघूर्णितलोचनःमद से घूर्णित नेत्र वाले
- 345.उच्छिष्टगणःउच्छिष्ट-गण रूप
- 346.उच्छिष्टगणेशःउच्छिष्ट-गणेश रूप
- 347.गणनायकःगणों के नायक
- 348.सार्वकालिकसंसिद्धिःसर्वकालिक सिद्धि रूप
- 349.नित्यशैवःनित्य शिव-स्वरूप
- 350.दिगम्बरःदिशाएँ ही वस्त्र वाले
- 351.अनपायःअविनाशी
- 352.अनन्तदृष्टिःअनंत दृष्टि वाले
- 353.अप्रमेयःअप्रमेय
- 354.अजरामरःजरा-मरण रहित
- 355.अनाविलःनिर्मल
- 356.अप्रतिरथःजिनका कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं
- 357.अच्युतःअच्युत (अविचल)
- 358.अमृतःअमृत-स्वरूप
- 359.अक्षरःअक्षर (अविनाशी)
- 360.अप्रतर्क्यःतर्क से परे
- 361.अक्षयःक्षय-रहित
- 362.अजय्यःअजेय
- 363.अनाधारःआधार-रहित
- 364.अनामयःरोग-रहित
- 365.अमलःनिर्मल
- 366.अमोघसिद्धिःअमोघ सिद्धि वाले
- 367.अद्वैतःअद्वैत-स्वरूप
- 368.अघोरःअघोर (शांत)
- 369.अप्रमिताननःअपरिमित मुख वाले
- 370.अनाकारःआकार-रहित
- 371.अब्धिभूम्यग्निबलघ्नःजल-भूमि-अग्नि के बल का नाश करने वाले
- 372.अव्यक्तलक्षणःअव्यक्त लक्षणों वाले
- 373.आधारपीठःआधार-पीठ रूप
- 374.आधारःसमस्त के आधार
- 375.आधाराधेयवर्जितःआधार-आधेय से रहित
- 376.आखुकेतनःमूषक-ध्वज वाले
- 377.आशापूरकःआशा पूर्ण करने वाले
- 378.आखुमहारथःमूषक रूपी महारथ वाले
- 379.इक्षुसागरमध्यस्थःइक्षु-सागर के मध्य स्थित
- 380.इक्षुभक्षणलालसःइक्षु-भक्षण के इच्छुक
- 381.इक्षुचापातिरेकश्रीःइक्षु-धनुष से अधिक श्री वाले
- 382.इक्षुचापनिषेवितःइक्षु-धनुष से सेवित
- 383.इन्द्रगोपसमानश्रीःइंद्रगोप (बीरबहूटी) सम श्री वाले
- 384.इन्द्रनीलसमद्युतिःइंद्रनील मणि सम कांति वाले
- 385.इन्दीवरदलश्यामःनीलकमल-दल सम श्याम
- 386.इन्दुमण्डलनिर्मलःचंद्र-मंडल सम निर्मल
- 387.इध्मप्रियःसमिधा के प्रिय
- 388.इडाभागःइडा-नाड़ी के भाग रूप
- 389.इराधामःवाणी के धाम
- 390.इन्दिराप्रियःइंदिरा (लक्ष्मी) के प्रिय
- 391.इक्ष्वाकुविघ्नविध्वंसीइक्ष्वाकु के विघ्न का नाश करने वाले
- 392.इतिकर्तव्यतेप्सितःकर्तव्य-पूर्ति के लिए वांछित
- 393.ईशानमौलिःईशान रूपी मौलि वाले
- 394.ईशानःईश्वर
- 395.ईशानसुतःईशान (शिव) के पुत्र
- 396.ईतिहाईतियों (उपद्रवों) का नाश करने वाले
- 397.ईषणात्रयकल्पान्तःतीन एषणाओं के लिए कल्पांत रूप
- 398.ईहामात्रविवर्जितःसमस्त चेष्टा से रहित
- 399.उपेन्द्रःउपेंद्र (विष्णु) रूप
- 400.उडुभृन्मौलिःचंद्र को मौलि पर धारण करने वाले
पंचम शतक (नाम 401–500)
- 401.उण्डेरकबलिप्रियःमोदक-बलि के प्रिय
- 402.उन्नताननःउन्नत मुख वाले
- 403.उत्तुङ्गःअति उच्च
- 404.उदारत्रिदशाग्रणीःउदार देवताओं में अग्रणी
- 405.ऊर्जस्वान्बल-संपन्न
- 406.ऊष्मलमदःप्रबल मद वाले
- 407.ऊहापोहदुरासदःतर्क-वितर्क से दुर्गम
- 408.ऋग्यजुस्सामसम्भूतिःऋक्-यजुः-साम से प्रकट
- 409.ऋद्धिसिद्धिप्रवर्तकःऋद्धि-सिद्धि के प्रवर्तक
- 410.ऋजुचित्तैकसुलभःसरल चित्त वालों को सुलभ
- 411.ऋणत्रयविमोचकःतीन ऋणों से मुक्त करने वाले
- 412.स्वभक्तलुप्तविघ्नःअपने भक्तों के विघ्न मिटाने वाले
- 413.सुरद्विषांलुप्तशक्तिःदेव-शत्रुओं की शक्ति हरने वाले
- 414.विमुखार्चनलुप्तश्रीःविमुख पूजकों की श्री हरने वाले
- 415.लूताविस्फोटनाशनःमकड़ी-विष व फोड़ों का नाश करने वाले
- 416.एकारपीठमध्यस्थः'एकार' पीठ के मध्य स्थित
- 417.एकपादकृतासनःएक पाद पर आसन करने वाले
- 418.एजिताखिलदैत्यश्रीःसमस्त दैत्यों की श्री हिला देने वाले
- 419.एधिताखिलसंश्रयःसमस्त आश्रितों को बढ़ाने वाले
- 420.ऐश्वर्यनिधिःऐश्वर्य के निधि
- 421.ऐश्वर्यम्ऐश्वर्य-स्वरूप
- 422.ऐहिकामुष्मिकप्रदःइहलोक-परलोक का फल देने वाले
- 423.ऐरम्मदसमोन्मेषःऐरम्मद (विद्युत) सम उन्मेष वाले
- 424.ऐरावतनिभाननःऐरावत सम मुख वाले
- 425.ओङ्कारवाच्यःॐकार से वाच्य
- 426.ओङ्कारःॐकार-स्वरूप
- 427.ओजस्वान्ओजस्वी
- 428.ओषधीपतिःऔषधियों के पति
- 429.औदार्यनिधिःउदारता के निधि
- 430.औद्धत्यधुर्यःउद्धतों के नायक
- 431.औन्नत्यनिस्स्वनःउन्नति-नाद वाले
- 432.सुरनागानामङ्कुशःदेव-नागों के लिए अंकुश रूप
- 433.सुरविद्विषामङ्कुशःदेव-शत्रुओं के लिए अंकुश रूप
- 434.अःसमस्तविसर्गान्तपदेषुपरिकीर्तितःसमस्त विसर्गांत पदों में कीर्तित
- 435.कमण्डलुधरःकमंडलु धारी
- 436.कल्पःकल्प-स्वरूप
- 437.कपर्दीजटाजूट धारी
- 438.कलभाननःगज-शावक सम मुख वाले
- 439.कर्मसाक्षीकर्मों के साक्षी
- 440.कर्मकर्ताकर्मों के कर्ता
- 441.कर्माकर्मफलप्रदःकर्म-अकर्म का फल देने वाले
- 442.कदम्बगोलकाकारःकदंब-गोलक सम आकार वाले
- 443.कूष्माण्डगणनायकःकूष्माण्ड-गणों के नायक
- 444.कारुण्यदेहःकरुणामय देह वाले
- 445.कपिलःकपिल वर्ण वाले
- 446.कथकःकथावाचक रूप
- 447.कटिसूत्रभृत्कटि-सूत्र धारी
- 448.खर्वःबौने रूप
- 449.खड्गप्रियःखड्ग के प्रिय
- 450.खड्गखान्तान्तःस्थःखड्ग व 'ख' के अंत में स्थित
- 451.खनिर्मलःआकाश सम निर्मल
- 452.खल्वाटशृङ्गनिलयःखल्वाट-शिखर पर निवास करने वाले
- 453.खट्वाङ्गीखट्वांग धारी
- 454.खदुरासदःआकाश सम दुर्गम
- 455.गुणाढ्यःगुणों से समृद्ध
- 456.गहनःगहन (गूढ़)
- 457.गस्थः'ग' में स्थित
- 458.गद्यपद्यसुधार्णवःगद्य-पद्य रूपी अमृत-सागर
- 459.गद्यगानप्रियःगद्य-गान के प्रिय
- 460.गर्जःगर्जना रूप
- 461.गीतगीर्वाणपूर्वजःदेवताओं से पूर्वज (अग्रपूज्य)
- 462.गुह्याचाररतःगुह्याचार में रत
- 463.गुह्यःगुह्य (गोपनीय)
- 464.गुह्यागमनिरूपितःगुह्य आगमों में निरूपित
- 465.गुहाशयःहृदय-गुहा में शयन करने वाले
- 466.गुहाब्धिस्थःगुहा-सागर में स्थित
- 467.गुरुगम्यःगुरु द्वारा गम्य
- 468.गुरोर्गुरुःगुरुओं के भी गुरु
- 469.घण्टाघर्घरिकामालीघंटा-घर्घरिका की माला वाले
- 470.घटकुम्भःघट सम कुंभ (मस्तक) वाले
- 471.घटोदरःघट सम उदर वाले
- 472.चण्डःप्रचंड
- 473.चण्डेश्वरसुहृत्चंडेश्वर के सुहृद
- 474.चण्डीशःचंडी के ईश
- 475.चण्डविक्रमःप्रचंड पराक्रम वाले
- 476.चराचरपतिःचर-अचर के पति
- 477.चिन्तामणिचर्वणलालसःचिंतामणि-चर्वण के इच्छुक
- 478.छन्दःछंद-स्वरूप
- 479.छन्दोवपुःछंद रूपी देह वाले
- 480.छन्दोदुर्लक्ष्यःछंदों से दुर्लक्ष्य
- 481.छन्दविग्रहःछंद रूपी विग्रह वाले
- 482.जगद्योनिःजगत् के उद्गम
- 483.जगत्साक्षीजगत् के साक्षी
- 484.जगदीशःजगत् के ईश
- 485.जगन्मयःजगत्-स्वरूप
- 486.जपःजप-स्वरूप
- 487.जपपरःजप में तत्पर
- 488.जप्यःजप करने योग्य
- 489.जिह्वासिंहासनप्रभुःजिह्वा रूपी सिंहासन के प्रभु
- 490.झलज्झलोल्लसद्दानझङ्कारिभ्रमराकुलःमद-झंकार करते भौंरों से युक्त
- 491.टङ्कारस्फारसंरावःटंकार के विशाल नाद वाले
- 492.टङ्कारिमणिनूपुरःटंकार करते मणि-नूपुर वाले
- 493.ठद्वयीपल्लवान्तःस्थसर्वमन्त्रैकसिद्धिदः'ठठ' पल्लवांत में स्थित सर्वमंत्र-सिद्धि देने वाले
- 494.डिण्डिमुण्डःडिंडि-मुंड रूप
- 495.डाकिनीशःडाकिनियों के ईश
- 496.डामरःडामर रूप
- 497.डिण्डिमप्रियःडिंडिम-वाद्य के प्रिय
- 498.ढक्कानिनादमुदितःढक्का-नाद से प्रसन्न
- 499.ढौकःसमीप आने वाले/भेंट रूप
- 500.ढुण्ढिविनायकःढुंढि-विनायक रूप
षष्ठ शतक (नाम 501–600)
- 501.तत्त्वानां परमतत्त्वम्तत्त्वों के परम तत्त्व
- 502.तत्त्वम्पदनिरूपितः'तत्त्वम्' पद से निरूपित
- 503.तारकान्तरसंस्थानःताराओं के मध्य स्थित
- 504.तारकःतारने वाले
- 505.तारकान्तकःतारकासुर का अंत करने वाले (के प्रेरक)
- 506.स्थाणुःस्थिर (अचल)
- 507.स्थाणुप्रियःस्थाणु (शिव) के प्रिय
- 508.स्थातास्थित रहने वाले
- 509.स्थावरजङ्गमजगत्स्थावर-जंगम जगत् रूप
- 510.दक्षयज्ञप्रमथनःदक्ष-यज्ञ का विध्वंस करने वाले
- 511.दातादान देने वाले
- 512.दानवमोहनःदानवों को मोहित करने वाले
- 513.दयावान्दयालु
- 514.दिव्यविभवःदिव्य ऐश्वर्य वाले
- 515.दण्डभृत्दंड धारण करने वाले
- 516.दण्डनायकःदंड के नायक
- 517.दन्तप्रभिन्नाभ्रमालःदाँत से मेघ-माला भेदने वाले
- 518.दैत्यवारणदारणःदैत्य रूपी गजों का विदारण करने वाले
- 519.दंष्ट्रालग्नद्विपघटःदाढ़ में गज-समूह लटकाने वाले
- 520.देवार्थनृगजाकृतिःदेवताओं के हेतु नर-गज आकृति वाले
- 521.धनधान्यपतिःधन-धान्य के पति
- 522.धन्यःधन्य-स्वरूप
- 523.धनदःधन देने वाले
- 524.धरणीधरःपृथ्वी को धारण करने वाले
- 525.ध्यानैकप्रकटःध्यान से ही प्रकट होने वाले
- 526.ध्येयःध्यान करने योग्य
- 527.ध्यानःध्यान-स्वरूप
- 528.ध्यानपरायणःध्यान में तत्पर
- 529.नन्द्यःवंदनीय
- 530.नन्दिप्रियःनंदी के प्रिय
- 531.नादःनाद-स्वरूप
- 532.नादमध्यप्रतिष्ठितःनाद के मध्य प्रतिष्ठित
- 533.निष्कलःनिष्कल (अखंड)
- 534.निर्मलःनिर्मल
- 535.नित्यःनित्य
- 536.नित्यानित्यःनित्य व अनित्य रूप
- 537.निरामयःरोग-रहित
- 538.परं व्योमपरम आकाश रूप
- 539.परं धामपरम धाम
- 540.परमात्मापरमात्मा
- 541.परं पदम्परम पद
- 542.परात्परःपरे से भी परे
- 543.पशुपतिःपशुओं (जीवों) के पति
- 544.पशुपाशविमोचकःपशु-पाश (बंधन) से मुक्त करने वाले
- 545.पूर्णानन्दःपूर्ण आनंद रूप
- 546.परानन्दःपरम आनंद रूप
- 547.पुराणपुरुषोत्तमःपुराण-पुरुषोत्तम
- 548.पद्मप्रसन्ननयनःकमल सम प्रसन्न नयन वाले
- 549.प्रणताज्ञाननाशनःशरणागतों के अज्ञान का नाश करने वाले
- 550.प्रमाणप्रत्ययातीतःप्रमाण व प्रत्यय से परे
- 551.प्रणतार्तिनिवारणःशरणागतों की पीड़ा निवारण करने वाले
- 552.फलहस्तःहाथ में फल वाले
- 553.फणिपतिःनागों के पति
- 554.फेत्कारःफेत्कार-नाद रूप
- 555.फाणितप्रियःगुड़-राब के प्रिय
- 556.बाणार्चिताङ्घ्रियुगलःबाणासुर द्वारा पूजित चरण-युगल वाले
- 557.बालकेलिकुतूहलीबाल-क्रीड़ा के कौतुकी
- 558.ब्रह्मब्रह्म-स्वरूप
- 559.ब्रह्मार्चितपदःब्रह्मा द्वारा पूजित चरण वाले
- 560.ब्रह्मचारीब्रह्मचारी
- 561.बृहस्पतिःबृहस्पति रूप
- 562.बृहत्तमःसबसे महान
- 563.ब्रह्मपरःब्रह्म से परे
- 564.ब्रह्मण्यःब्रह्म-हितैषी
- 565.ब्रह्मवित्प्रियःब्रह्मवेत्ताओं के प्रिय
- 566.बृहन्नादाग्र्यचीत्कारःउच्च नाद व चीत्कार वाले
- 567.ब्रह्माण्डावलिमेखलःब्रह्मांड-समूह रूपी मेखला वाले
- 568.भ्रूक्षेपदत्तलक्ष्मीकःभ्रू-संकेत से लक्ष्मी प्रदान करने वाले
- 569.भर्गःतेज-स्वरूप
- 570.भद्रःकल्याणकारी
- 571.भयापहःभय को हरने वाले
- 572.भगवान्षड्ऐश्वर्य-संपन्न भगवान
- 573.भक्तिसुलभःभक्ति से सुलभ
- 574.भूतिदःऐश्वर्य देने वाले
- 575.भूतिभूषणःभस्म से विभूषित
- 576.भव्यःभव्य (कल्याण रूप)
- 577.भूतालयःभूतों के आलय
- 578.भोगदाताभोग प्रदान करने वाले
- 579.भ्रूमध्यगोचरःभ्रू-मध्य में गोचर
- 580.मन्त्रःमंत्र-स्वरूप
- 581.मन्त्रपतिःमंत्रों के पति
- 582.मन्त्रीमंत्र-ज्ञाता
- 583.मदमत्तमनोरमःमद से मत्त व मनोरम
- 584.मेखलावान्मेखला धारी
- 585.मन्दगतिःमंद गति वाले
- 586.मतिमत्कमलेक्षणःबुद्धिमानों को कमल सम दृष्टि वाले
- 587.महाबलःमहाबलशाली
- 588.महावीर्यःमहावीर्यवान
- 589.महाप्राणःमहाप्राण रूप
- 590.महामनाःउदार मन वाले
- 591.यज्ञःयज्ञ-स्वरूप
- 592.यज्ञपतिःयज्ञों के पति
- 593.यज्ञगोप्तायज्ञ के रक्षक
- 594.यज्ञफलप्रदःयज्ञ का फल देने वाले
- 595.यशस्करःयश देने वाले
- 596.योगगम्यःयोग द्वारा गम्य
- 597.याज्ञिकःयज्ञकर्ता रूप
- 598.याजकप्रियःयाजकों के प्रिय
- 599.रसःरस-स्वरूप
- 600.रसप्रियःरस के प्रिय
सप्तम शतक (नाम 601–700)
- 601.रस्यःरस्य (आस्वाद्य)
- 602.रञ्जकःआनंदित करने वाले
- 603.रावणार्चितःरावण द्वारा पूजित
- 604.रक्षोरक्षाकरःराक्षसों से रक्षा करने वाले
- 605.रत्नगर्भःरत्न-गर्भ वाले
- 606.राजसुखप्रदःराज-सुख देने वाले
- 607.लक्ष्यःलक्ष्य-स्वरूप
- 608.लक्ष्यप्रदःलक्ष्य प्रदान करने वाले
- 609.लयस्थःलय में स्थित
- 610.लड्डुकप्रियःलड्डू के प्रिय
- 611.लानप्रियःआलिंगन-प्रिय
- 612.लास्यपरःलास्य-नृत्य में तत्पर
- 613.लाभकृल्लोकविश्रुतःलाभ देने वाले व लोक-विख्यात
- 614.वरेण्यःवरणीय (श्रेष्ठ)
- 615.वह्निवदनःअग्नि सम मुख वाले
- 616.वन्द्यःवंदनीय
- 617.वेदान्तगोचरःवेदांत द्वारा गोचर
- 618.विकर्तासृष्टि-कर्ता
- 619.विश्वतश्चक्षुःसर्वत्र दृष्टि वाले
- 620.विधाताविधाता
- 621.विश्वतोमुखःसर्वत्र मुख वाले
- 622.वामदेवःवामदेव (शिव) रूप
- 623.विश्वनेताविश्व के नेता
- 624.वज्रिवज्रनिवारणःइंद्र-वज्र का निवारण करने वाले
- 625.विश्वबन्धनविष्कम्भाधारःविश्व-बंधन के विष्कंभ-आधार
- 626.विश्वेश्वरप्रभुःविश्वेश्वर प्रभु
- 627.शब्दब्रह्मशब्द-ब्रह्म रूप
- 628.शमप्राप्यःशम (शांति) से प्राप्य
- 629.शम्भुशक्तिगणेश्वरःशम्भु-शक्ति रूपी गणेश्वर
- 630.शास्ताशासक
- 631.शिखाग्रनिलयःशिखाग्र में निवास करने वाले
- 632.शरण्यःशरण देने योग्य
- 633.शिखरीश्वरःपर्वतों के ईश
- 634.षड्ऋतुकुसुमस्रग्वीछह ऋतुओं के पुष्प-हार वाले
- 635.षडाधारःछह आधार (चक्र) वाले
- 636.षडक्षरःषडक्षर-स्वरूप
- 637.संसारवैद्यःसंसार-रोग के वैद्य
- 638.सर्वज्ञःसर्वज्ञ
- 639.सर्वभेषजभेषजःसमस्त औषधियों की औषधि
- 640.सृष्टिस्थितिलयक्रीडःसृष्टि-स्थिति-लय की क्रीड़ा करने वाले
- 641.सुरकुञ्जरभेदनःदेव-गजों का भेदन करने वाले
- 642.सिन्दूरितमहाकुम्भःसिंदूर-चर्चित विशाल कुंभ वाले
- 643.सदसद्व्यक्तिदायकःसत्-असत् की व्यक्ति देने वाले
- 644.साक्षीसाक्षी-स्वरूप
- 645.समुद्रमथनःसमुद्र-मंथन के (प्रेरक)
- 646.स्वसंवेद्यःस्वयं से ज्ञेय
- 647.स्वदक्षिणःउदार दक्षिण वाले
- 648.स्वतन्त्रःस्वतंत्र
- 649.सत्यसङ्कल्पःसत्य संकल्प वाले
- 650.सामगानरतःसामगान में रत
- 651.सुखीसुखस्वरूप
- 652.हंसःहंस (परमात्मा) रूप
- 653.हस्तिपिशाचीशःहस्तिपिशाची-शक्ति के ईश
- 654.हवनःहवन-स्वरूप
- 655.हव्यकव्यभुक्हव्य-कव्य का भोग करने वाले
- 656.हव्यःहव्य (आहुति) रूप
- 657.हुतप्रियःहवन के प्रिय
- 658.हर्षःहर्ष-स्वरूप
- 659.हृल्लेखामन्त्रमध्यगःहृल्लेखा-मंत्र के मध्य स्थित
- 660.क्षेत्राधिपःक्षेत्रों के अधिपति
- 661.क्षमाभर्ताक्षमा के धारक
- 662.क्षमापरपरायणःक्षमा में परम तत्पर
- 663.क्षिप्रक्षेमकरःशीघ्र कल्याण करने वाले
- 664.क्षेमानन्दःकल्याण व आनंद रूप
- 665.क्षोणीसुरद्रुमःपृथ्वी पर देव-कल्पवृक्ष रूप
- 666.धर्मप्रदःधर्म प्रदान करने वाले
- 667.अर्थदःअर्थ (धन) देने वाले
- 668.कामदाताकाम (इच्छा) पूर्ण करने वाले
- 669.सौभाग्यवर्धनःसौभाग्य बढ़ाने वाले
- 670.विद्याप्रदःविद्या देने वाले
- 671.विभवदःवैभव देने वाले
- 672.भुक्तिमुक्तिफलप्रदःभोग व मोक्ष फल देने वाले
- 673.आभिरूप्यकरःसौंदर्य प्रदान करने वाले
- 674.वीरश्रीप्रदःवीर-श्री प्रदान करने वाले
- 675.विजयप्रदःविजय प्रदान करने वाले
- 676.सर्ववश्यकरःसबको वश में करने वाले
- 677.गर्भदोषहागर्भ-दोषों का नाश करने वाले
- 678.पुत्रपौत्रदःपुत्र-पौत्र देने वाले
- 679.मेधादःमेधा (बुद्धि) देने वाले
- 680.कीर्तिदःकीर्ति देने वाले
- 681.शोकहारीशोक हरने वाले
- 682.दौर्भाग्यनाशनःदुर्भाग्य का नाश करने वाले
- 683.प्रतिवादिमुखस्तम्भःप्रतिवादियों के मुख स्तंभित करने वाले
- 684.रुष्टचित्तप्रसादनःरुष्ट चित्त को प्रसन्न करने वाले
- 685.पराभिचारशमनःपर-अभिचार (टोना) का शमन करने वाले
- 686.दुःखभञ्जनकारकःदुःखों का नाश करने वाले
- 687.लवःलव (काल-अंश) रूप
- 688.त्रुटिःत्रुटि (काल-अंश) रूप
- 689.कलाकला-स्वरूप
- 690.काष्ठाकाष्ठा (काल-अंश) रूप
- 691.निमेषःनिमेष (काल) रूप
- 692.तत्परःतत्पर (काल-अंश) रूप
- 693.क्षणःक्षण-स्वरूप
- 694.घटीघटी (काल) रूप
- 695.मुहूर्तःमुहूर्त-स्वरूप
- 696.प्रहरःप्रहर-स्वरूप
- 697.दिवानक्तःदिन-रात रूप
- 698.अहर्निशःअहोरात्र रूप
- 699.पक्षःपक्ष-स्वरूप
- 700.मासःमास-स्वरूप
अष्टम शतक (नाम 701–800)
- 701.अयनःअयन-स्वरूप
- 702.वर्षःवर्ष-स्वरूप
- 703.युगःयुग-स्वरूप
- 704.कल्पःकल्प-स्वरूप
- 705.महालयःमहाप्रलय रूप
- 706.राशिःराशि-स्वरूप
- 707.तारातारा (नक्षत्र) रूप
- 708.तिथिःतिथि-स्वरूप
- 709.योगःयोग (पंचांग) रूप
- 710.वारःवार-स्वरूप
- 711.करणःकरण-स्वरूप
- 712.अंशकःअंश-स्वरूप
- 713.लग्नःलग्न-स्वरूप
- 714.होराहोरा-स्वरूप
- 715.कालचक्रःकालचक्र-स्वरूप
- 716.मेरुःमेरु-स्वरूप
- 717.सप्तर्षिःसप्तर्षि-स्वरूप
- 718.ध्रुवःध्रुव-स्वरूप
- 719.राहुःराहु-स्वरूप
- 720.मन्दःशनि-स्वरूप
- 721.कविःशुक्र-स्वरूप
- 722.जीवःबृहस्पति-स्वरूप
- 723.बुधःबुध-स्वरूप
- 724.भौमःमंगल-स्वरूप
- 725.शशीचंद्र-स्वरूप
- 726.रविःसूर्य-स्वरूप
- 727.कालःकाल-स्वरूप
- 728.सृष्टिःसृष्टि-स्वरूप
- 729.स्थितिःस्थिति-स्वरूप
- 730.विश्वःविश्व-स्वरूप
- 731.भूःपृथ्वी-स्वरूप
- 732.आपःजल-स्वरूप
- 733.अग्निःअग्नि-स्वरूप
- 734.मरुत्वायु-स्वरूप
- 735.व्योमआकाश-स्वरूप
- 736.अहङ्कृतिःअहंकार-तत्त्व रूप
- 737.प्रकृतिःप्रकृति-स्वरूप
- 738.पुमान्पुरुष-स्वरूप
- 739.ब्रह्माब्रह्मा-स्वरूप
- 740.विष्णुःविष्णु-स्वरूप
- 741.शिवःशिव-स्वरूप
- 742.रुद्रःरुद्र-स्वरूप
- 743.ईशःईश्वर-स्वरूप
- 744.शक्तिःशक्ति-स्वरूप
- 745.सदाशिवःसदाशिव-स्वरूप
- 746.त्रिदशःदेवता-स्वरूप
- 747.पितृःपितर-स्वरूप
- 748.सिद्धःसिद्ध-स्वरूप
- 749.यक्षःयक्ष-स्वरूप
- 750.रक्षःराक्षस-स्वरूप
- 751.किन्नरःकिन्नर-स्वरूप
- 752.साध्यःसाध्य-स्वरूप
- 753.विद्याधरःविद्याधर-स्वरूप
- 754.भूतःभूत-स्वरूप
- 755.मनुष्यःमनुष्य-स्वरूप
- 756.पशुःपशु-स्वरूप
- 757.खगःपक्षी-स्वरूप
- 758.समुद्रःसमुद्र-स्वरूप
- 759.सरित्नदी-स्वरूप
- 760.शैलःपर्वत-स्वरूप
- 761.भूतःप्राणी-स्वरूप
- 762.भव्यःभव्य (भविष्य) रूप
- 763.साङ्ख्यःसांख्य-दर्शन रूप
- 764.पातञ्जलःपातंजल-योग रूप
- 765.योगःयोग-दर्शन रूप
- 766.पुराणःपुराण-स्वरूप
- 767.श्रुतिःश्रुति (वेद) रूप
- 768.स्मृतिःस्मृति-स्वरूप
- 769.वेदाङ्गःवेदांग-स्वरूप
- 770.सदाचारःसदाचार-स्वरूप
- 771.मीमांसामीमांसा-दर्शन रूप
- 772.न्यायविस्तरःन्याय-दर्शन के विस्तार रूप
- 773.आयुर्वेदःआयुर्वेद-स्वरूप
- 774.धनुर्वेदःधनुर्वेद-स्वरूप
- 775.गान्धर्वःगांधर्व (संगीत) वेद रूप
- 776.काव्यनाटकःकाव्य-नाटक रूप
- 777.वैखानसःवैखानस-मत रूप
- 778.भागवतःभागवत-मत रूप
- 779.सात्वतःसात्वत-मत रूप
- 780.पाञ्चरात्रकःपांचरात्र-मत रूप
- 781.शैवःशैव-मत रूप
- 782.पाशुपतःपाशुपत-मत रूप
- 783.कालामुखःकालामुख-मत रूप
- 784.भैरवशासनःभैरव-शासन रूप
- 785.शाक्तःशाक्त-मत रूप
- 786.वैनायकःवैनायक-मत रूप
- 787.सौरःसौर-मत रूप
- 788.जैनःजैन-मत रूप
- 789.आर्हतसंहिताआर्हत-संहिता रूप
- 790.सत्सत् (विद्यमान) रूप
- 791.असत्असत् (अव्यक्त) रूप
- 792.व्यक्तःव्यक्त रूप
- 793.अव्यक्तःअव्यक्त रूप
- 794.सचेतनःसचेतन रूप
- 795.अचेतनःअचेतन रूप
- 796.बन्धःबंधन-स्वरूप
- 797.मोक्षःमोक्ष-स्वरूप
- 798.सुखम्सुख-स्वरूप
- 799.भोगःभोग-स्वरूप
- 800.अयोगःयोग-रहित रूप
नवम शतक (नाम 801–900)
- 801.सत्यम्सत्य-स्वरूप
- 802.अणुःअणु (सूक्ष्म) रूप
- 803.महान्महान (विराट) रूप
- 804.स्वस्तिस्वस्ति-स्वरूप
- 805.हुम्'हुं' बीज रूप
- 806.फट्'फट्' मंत्रांग रूप
- 807.स्वधास्वधा-स्वरूप
- 808.स्वाहास्वाहा-स्वरूप
- 809.श्रौषट्'श्रौषट्' वषट्कार रूप
- 810.वौषट्'वौषट्' वषट्कार रूप
- 811.वषट्'वषट्' वषट्कार रूप
- 812.नमो नमःनमस्कार-स्वरूप
- 813.ज्ञानम्ज्ञान-स्वरूप
- 814.विज्ञानम्विज्ञान-स्वरूप
- 815.आनन्दःआनंद-स्वरूप
- 816.बोधःबोध-स्वरूप
- 817.संविद्संवित् (चेतना) रूप
- 818.शमःशम (शांति) रूप
- 819.यमःयम (संयम) रूप
- 820.एकःएक (अद्वितीय)
- 821.एकाक्षराधारःएकाक्षर (ॐ) के आधार
- 822.एकाक्षरपरायणःएकाक्षर में तत्पर
- 823.एकाग्रधीःएकाग्र बुद्धि वाले
- 824.एकवीरःअद्वितीय वीर
- 825.एकानेकस्वरूपधृक्एक व अनेक रूप धारण करने वाले
- 826.द्विरूपःदो रूप वाले
- 827.द्विभुजःदो भुजाओं वाले
- 828.द्व्यक्षःदो नेत्रों वाले
- 829.द्विरदःदो दाँतों वाले
- 830.द्वीपरक्षकःद्वीपों के रक्षक
- 831.द्वैमातुरःदो माताओं वाले
- 832.द्विवदनःदो मुख वाले
- 833.द्वन्द्वातीतःद्वंद्वों से परे
- 834.द्व्यातिगःद्वंद्व से परे जाने वाले
- 835.त्रिधामातीन धाम वाले
- 836.त्रिकरःतीन कर वाले
- 837.त्रेतात्रिवर्गफलदायकःत्रेता व त्रिवर्ग का फल देने वाले
- 838.त्रिगुणात्मातीन गुण-स्वरूप
- 839.त्रिलोकादिःतीन लोकों के आदि
- 840.त्रिशक्तीशःतीन शक्तियों के ईश
- 841.त्रिलोचनःतीन नेत्रों वाले
- 842.चतुर्बाहुःचार भुजाओं वाले
- 843.चतुर्दन्तःचार दाँतों वाले
- 844.चतुरात्माचार रूप-स्वरूप
- 845.चतुर्मुखःचार मुख वाले
- 846.चतुर्विधोपायमयःचार उपायों (साम आदि) रूप
- 847.चतुर्वर्णाश्रमाश्रयःचार वर्ण-आश्रमों के आश्रय
- 848.चतुर्विधवचोवृत्तिपरिवृत्तिप्रवर्तकःचार वाणी-वृत्तियों के प्रवर्तक
- 849.चतुर्थीपूजनप्रीतःचतुर्थी-पूजन से प्रसन्न होने वाले
- 850.चतुर्थीतिथिसम्भवःचतुर्थी तिथि पर प्रकट
- 851.पञ्चाक्षरात्मापञ्चाक्षर-स्वरूप
- 852.पञ्चात्मापाँच रूप-स्वरूप
- 853.पञ्चास्यःपाँच मुख वाले
- 854.पञ्चकृत्यकृत्पाँच कृत्य (सृष्टि आदि) करने वाले
- 855.पञ्चाधारःपाँच आधार वाले
- 856.पञ्चवर्णःपाँच वर्णों वाले
- 857.पञ्चाक्षरपरायणःपञ्चाक्षर में तत्पर
- 858.पञ्चतालःपाँच ताल वाले
- 859.पञ्चकरःपाँच कर वाले
- 860.पञ्चप्रणवभावितःपाँच प्रणवों से भावित
- 861.पञ्चब्रह्ममयस्फूर्तिःपञ्च-ब्रह्ममयी स्फूर्ति रूप
- 862.पञ्चावरणवारितःपाँच आवरणों से वेष्टित
- 863.पञ्चभक्ष्यप्रियःपाँच भक्ष्यों के प्रिय
- 864.पञ्चबाणःपाँच बाण वाले
- 865.पञ्चशिवात्मकःपञ्च-शिव स्वरूप
- 866.षट्कोणपीठःषट्कोण पीठ वाले
- 867.षट्चक्रधामाषट्चक्रों के धाम
- 868.षड्ग्रन्थिभेदकःछह ग्रंथियों का भेदन करने वाले
- 869.षड्ध्वध्वान्तविध्वंसीछह मार्गों के अंधकार का नाश करने वाले
- 870.षडङ्गुलमहाह्रदःषडङ्गुल महाह्रद रूप
- 871.षण्मुखःछह मुख वाले
- 872.षण्मुखभ्राताषण्मुख (कार्तिकेय) के भ्राता
- 873.षट्शक्तिपरिवारितःछह शक्तियों से घिरे
- 874.षड्वैरिवर्गविध्वंसीछह शत्रुओं (काम आदि) का नाश करने वाले
- 875.षडूर्मिमायाभञ्जनःछह ऊर्मियों की माया का नाश करने वाले
- 876.षट्तर्कदूरःछह तर्कों से परे
- 877.षट्कर्मनिरतःछह कर्मों में रत
- 878.षड्रसाश्रयःछह रसों के आश्रय
- 879.सप्तपातालचरणःसात पातालरूपी चरण वाले
- 880.सप्तद्वीपोरुमण्डलःसात द्वीपरूपी विशाल मण्डल वाले
- 881.सप्तस्वर्लोकमुकुटःसात स्वर्गलोक रूपी मुकुट वाले
- 882.सप्तसप्तिवरप्रदःसप्त-अश्व (सूर्य) को वर देने वाले
- 883.सप्ताङ्गराज्यसुखदःसप्तांग राज्य का सुख देने वाले
- 884.सप्तर्षिगणमण्डितःसप्तर्षिगण से मण्डित
- 885.सप्तच्छन्दोनिधिःसात छंदों के निधि
- 886.सप्तहोतासात होताओं रूप
- 887.सप्तस्वराश्रयःसात स्वरों के आश्रय
- 888.सप्ताब्धिकेलिकासारःसात समुद्ररूपी क्रीड़ा-सरोवर वाले
- 889.सप्तमातृनिषेवितःसप्त-मातृकाओं द्वारा सेवित
- 890.सप्तच्छन्दोमोदमदःसात छंदों के आनंद-मद वाले
- 891.सप्तच्छन्दोमखप्रभुःसात छंदों के यज्ञ के प्रभु
- 892.अष्टमूर्तिध्येयमूर्तिःअष्टमूर्ति में ध्येय मूर्ति वाले
- 893.अष्टप्रकृतिकारणःआठ प्रकृतियों के कारण
- 894.अष्टाङ्गयोगफलभूःअष्टांग योग के फल रूप
- 895.अष्टपत्राम्बुजासनःअष्टदल कमल पर आसीन
- 896.अष्टशक्तिसमृद्धश्रीःआठ शक्तियों से समृद्ध श्री वाले
- 897.अष्टैश्वर्यप्रदायकःआठ ऐश्वर्य देने वाले
- 898.अष्टपीठोपपीठश्रीःआठ पीठ-उपपीठ की श्री वाले
- 899.अष्टमातृसमावृतःआठ मातृकाओं से घिरे
- 900.अष्टभैरवसेव्यःआठ भैरवों द्वारा सेव्य
दशम शतक (नाम 901–996)
- 901.अष्टवसुवन्द्यःआठ वसुओं द्वारा वंदित
- 902.अष्टमूर्तिभृत्आठ मूर्तियाँ धारण करने वाले
- 903.अष्टचक्रस्फुरन्मूर्तिःआठ चक्रों में स्फुरित मूर्ति वाले
- 904.अष्टद्रव्यहविःप्रियःआठ द्रव्यों की हवि के प्रिय
- 905.नवनागासनाध्यासीनौ नागासन पर विराजमान
- 906.नवनिध्यनुशासितःनौ निधियों के अनुशासक
- 907.नवद्वारपुराधारःनवद्वार-पुर (देह) के आधार
- 908.नवाधारनिकेतनःनौ आधारों के निकेतन
- 909.नवनारायणस्तुत्यःनौ नारायणों द्वारा स्तुत्य
- 910.नवदुर्गानिषेवितःनवदुर्गाओं द्वारा सेवित
- 911.नवनाथमहानाथःनौ नाथों के महानाथ
- 912.नवनागविभूषणःनौ नागों से विभूषित
- 913.नवरत्नविचित्राङ्गःनवरत्नों से विचित्र अंगों वाले
- 914.नवशक्तिशिरोधृतःनौ शक्तियों को शिरोधार्य करने वाले
- 915.दशात्मकःदश रूप वाले
- 916.दशभुजःदस भुजाओं वाले
- 917.दशदिक्पतिवन्दितःदस दिक्पालों द्वारा वंदित
- 918.दशाध्यायःदश अध्याय रूप
- 919.दशप्राणःदस प्राण रूप
- 920.दशेन्द्रियनियामकःदस इंद्रियों के नियामक
- 921.दशाक्षरमहामन्त्रःदशाक्षर महामंत्र रूप
- 922.दशाशाव्यापिविग्रहःदसों दिशाओं में व्यापक विग्रह वाले
- 923.एकादशादिभीरुद्रैःस्तुतःएकादश रुद्रों आदि द्वारा स्तुत
- 924.एकादशाक्षरःएकादशाक्षर रूप
- 925.द्वादशोद्दण्डदोर्दण्डःबारह उद्दंड भुजादंड वाले
- 926.द्वादशान्तनिकेतनःद्वादशांत में निवास करने वाले
- 927.त्रयोदशाभिदाभिन्नविश्वेदेवाधिदैवतःतेरह भेदों वाले विश्वेदेवों के अधिदैवत
- 928.चतुर्दशेन्द्रवरदःचौदह इंद्रों को वर देने वाले
- 929.चतुर्दशमनुप्रभुःचौदह मनुओं के प्रभु
- 930.चतुर्दशविद्याढ्यःचौदह विद्याओं से समृद्ध
- 931.चतुर्दशजगत्प्रभुःचौदह भुवनों के प्रभु
- 932.सामपञ्चदशःसमान पंद्रह कलाओं वाले
- 933.पञ्चदशीशीतांशुनिर्मलःपूर्ण चंद्रकला सम निर्मल
- 934.षोडशाधारनिलयःसोलह आधारों के निलय
- 935.षोडशस्वरमातृकासोलह स्वर-मातृका रूप
- 936.षोडशान्तपदवासःषोडशांत पद में वास करने वाले
- 937.षोडशेन्दुकलात्मकःसोलह चंद्रकला स्वरूप
- 938.कलासप्तदशीसत्रहवीं कला रूप
- 939.सप्तदशःसत्रह रूप
- 940.सप्तदशाक्षरःसत्रह अक्षर रूप
- 941.अष्टादशद्वीपपतिःअठारह द्वीपों के पति
- 942.अष्टादशपुराणकृत्अठारह पुराणों के रचयिता
- 943.अष्टादशौषधिसृष्टिःअठारह औषधियों की सृष्टि करने वाले
- 944.अष्टादशविधिस्मृतःअठारह विधियों में स्मृत
- 945.अष्टादशलिपिव्यष्टिसमष्टिज्ञानकोविदःअठारह लिपियों के व्यष्टि-समष्टि ज्ञान में निपुण
- 946.एकविंशपुरुषःइक्कीस रूप वाले पुरुष
- 947.एकविंशत्यङ्गुलिपल्लवःइक्कीस अंगुलिरूपी पल्लव वाले
- 948.चतुर्विंशतितत्त्वात्माचौबीस तत्त्व-स्वरूप
- 949.पञ्चविंशाख्यपुरुषःपच्चीस नामक पुरुष रूप
- 950.सप्तविंशतितारेशःसत्ताईस ताराओं (नक्षत्रों) के ईश
- 951.सप्तविंशतियोगकृत्सत्ताईस योग करने वाले
- 952.द्वात्रिंशद्भैरवाधीशःबत्तीस भैरवों के अधीश
- 953.चतुस्त्रिंशन्महाह्रदःचौंतीस महाह्रद रूप
- 954.षट्त्रिंशत्तत्त्वसम्भूतिःछत्तीस तत्त्वों की उत्पत्ति
- 955.अष्टत्रिंशकलातनुःअड़तीस कलाओं वाले तनु
- 956.एकोनपञ्चाशन्मरुद्वर्गनिरर्गलःउनचास मरुद्गणों में निर्बाध
- 957.पञ्चाशदक्षरश्रेणीपचास अक्षरों की श्रेणी रूप
- 958.पञ्चाशद्रुद्रविग्रहःपचास रुद्र विग्रह वाले
- 959.पञ्चाशद्विष्णुशक्तीशःपचास विष्णु-शक्तियों के ईश
- 960.पञ्चाशन्मातृकालयःपचास मातृकाओं के आलय
- 961.द्विपञ्चाशद्वपुःश्रेणीबावन रूपों की श्रेणी वाले
- 962.त्रिषष्ट्यक्षरसंश्रयःतिरसठ अक्षरों के आश्रय
- 963.चतुःषष्ट्यर्णनिर्णेताचौंसठ अक्षरों के निर्णायक
- 964.चतुःषष्टिकलानिधिःचौंसठ कलाओं के निधि
- 965.चतुःषष्टिमहासिद्धयोगिनीवृन्दवन्दितःचौंसठ महासिद्ध योगिनी-वृंद द्वारा वंदित
- 966.अष्टषष्टिमहातीर्थक्षेत्रभैरवभावनःअड़सठ महातीर्थ-क्षेत्रों के भैरवरूप भावन
- 967.चतुर्नवतिमन्त्रात्माचौरानवे मंत्र-स्वरूप
- 968.षण्णवत्यधिकप्रभुःछियानवे से अधिक के प्रभु
- 969.शतानन्दःसौ आनंद रूप
- 970.शतधृतिःसौ धारण करने वाले
- 971.शतपत्रायतेक्षणःशतदल कमल सम विशाल नेत्रों वाले
- 972.शतानीकःसौ सेनाओं वाले
- 973.शतमखःसौ यज्ञों वाले
- 974.शतधारवरायुधःसौ धार वाले श्रेष्ठ आयुध वाले
- 975.सहस्रपत्रनिलयःसहस्रदल कमल के निलय
- 976.सहस्रफणभूषणःसहस्र फणों से भूषित
- 977.सहस्रशीर्षपुरुषःसहस्र शीर्ष वाले पुरुष
- 978.सहस्राक्षःसहस्र नेत्रों वाले
- 979.सहस्रपात्सहस्र चरणों वाले
- 980.सहस्रनामसंस्तुत्यःसहस्रनाम से संस्तुत्य
- 981.सहस्राक्षबलापहःसहस्राक्ष (इंद्र) का बल हरने वाले
- 982.दशसहस्रफणभृत्फणिराजकृतासनःदस सहस्र फण वाले नागराज को आसन बनाने वाले
- 983.अष्टाशीतिसहस्राद्यमहर्षिस्तोत्रयन्त्रितःअट्ठासी सहस्र महर्षियों के स्तोत्र से आबद्ध
- 984.लक्षाधीशप्रियाधारःलाखों ईशों के प्रिय आधार
- 985.लक्ष्याधारमनोमयःलक्ष्य के आधार व मनोमय
- 986.चतुर्लक्षजपप्रीतःचार लाख जप से प्रसन्न
- 987.चतुर्लक्षप्रकाशितःचार लाख योनियों में प्रकाशित
- 988.चतुराशीतिलक्षाणां जीवानां देहसंस्थितःचौरासी लाख जीवों की देह में स्थित
- 989.कोटिसूर्यप्रतिकाशःकरोड़ों सूर्यों सम प्रकाश वाले
- 990.कोटिचन्द्रांशुनिर्मलःकरोड़ों चंद्र-किरणों सम निर्मल
- 991.शिवभवाध्युष्टकोटिविनायकधुरन्धरःसाढ़े तीन करोड़ विनायकों के धुरंधर
- 992.सप्तकोटिमहामन्त्रमन्त्रितावयवद्युतिःसात करोड़ महामंत्रों से मंत्रित अंग-कांति वाले
- 993.त्रयस्त्रिंशत्कोटिसुरश्रेणीप्रणतपादुकःतैंतीस करोड़ देवों द्वारा प्रणत चरण-पादुका वाले
- 994.अनन्तनामाअनंत नाम वाले
- 995.अनन्तश्रीःअनंत श्री वाले
- 996.अनन्तानन्तसौख्यदःअनंत-अनंत सुख देने वाले
अर्थ (हिन्दी)
- वक्र सूँड वाले, विशाल काय, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हे देव! मेरे समस्त कार्यों को सदा निर्विघ्न कीजिए।
लाभ
- कार्यों में विघ्नों का नाश व सफलता मिलती है।
- बुद्धि, विवेक व एकाग्रता बढ़ती है।
- रोग, दोष व नकारात्मकता का नाश होता है।
- घर में सुख-समृद्धि व मंगल का वास होता है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
गणेश जी के समक्ष दूर्वा व मोदक अर्पित कर ध्यान-श्लोक से आरंभ करें, फिर शुद्ध उच्चारण से नामावली का पाठ करें। बुधवार व गणेश चतुर्थी पर विशेष शुभ।
प्रामाणिकता व स्रोत
देव परिचय
श्री गणेश
Lord Ganesha
विघ्नहर्ता श्री गणेश हर शुभ कार्य के प्रथम पूज्य देव हैं — बुद्धि, विवेक और समृद्धि के दाता।
