गणेश सहस्रनाम

gaṇeśa sahasranāma

Ganesha Sahasranama

समय
30–40 मिनट (सम्पूर्ण)
श्लोक
1
कुल नाम
1000
कठिनाई
कठिन (Advanced)
शुभ दिन
बुधवार व गणेश चतुर्थी
उद्देश्य:विघ्न नाश (Obstacle Removal)बुद्धि (Knowledge)समृद्धि (Prosperity)
🚧 निर्माणाधीन

परिचय

विघ्नहर्ता श्री गणेश हर शुभ कार्य के प्रथम पूज्य देव हैं — बुद्धि, विवेक और समृद्धि के दाता।

स्रोत: गणेश पुराण (ध्यान व प्रमुख नाम; सम्पूर्ण नामावली क्रमशः जोड़ी जा रही है)

उद्भव / पृष्ठभूमि

गणेश सहस्रनाम भगवान गणेश के एक हजार नामों का स्तोत्र है, जो गणेश पुराण के उपासना खण्ड में वर्णित है। प्रत्येक नाम गणपति के किसी रूप, गुण या महिमा को प्रकट करता है।

यह पृष्ठ ध्यान-श्लोक व प्रमुख आरंभिक नाम प्रस्तुत करता है; सम्पूर्ण नामावली क्रमशः जोड़ी जा रही है।

ध्यान व आरंभिक श्लोक

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॥ ध्यानम् ॥ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

वक्र सूँड वाले, विशाल काय, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हे देव! मेरे समस्त कार्यों को सदा निर्विघ्न कीजिए।

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नाम सूची (Name List)

लिपि:

आरंभिक नाम (नाम 1–10)

  1. 1.
    गणेश्वरःगणों के ईश्वर
  2. 2.
    गणक्रीडःगणों के साथ क्रीड़ा करने वाले
  3. 3.
    गणनाथःगणों के नाथ
  4. 4.
    गणाधिपःगणों के अधिपति
  5. 5.
    एकदन्तःएक दाँत वाले
  6. 6.
    वक्रतुण्डःवक्र सूँड वाले
  7. 7.
    गजवक्त्रःगजमुख वाले
  8. 8.
    महोदरःविशाल उदर वाले
  9. 9.
    लम्बोदरःलंबे उदर वाले
  10. 10.
    धूम्रवर्णःधूम्र वर्ण वाले

अर्थ (हिन्दी)

  1. वक्र सूँड वाले, विशाल काय, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हे देव! मेरे समस्त कार्यों को सदा निर्विघ्न कीजिए।

लाभ

  • कार्यों में विघ्नों का नाश व सफलता मिलती है।
  • बुद्धि, विवेक व एकाग्रता बढ़ती है।
  • घर में सुख-समृद्धि व मंगल का वास होता है।

कब करें पाठ

बुधवार कोगणेश चतुर्थी परकिसी नए कार्य के आरंभ में

पाठ विधि

गणेश जी के समक्ष दूर्वा व मोदक अर्पित कर ध्यान-श्लोक से आरंभ करें, फिर शुद्ध उच्चारण से नामावली का पाठ करें। बुधवार व गणेश चतुर्थी पर विशेष शुभ।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति🚧 निर्माणाधीन
मूल ग्रंथगणेश पुराण (उपासना खण्ड)
स्रोत परंपरागणेश पुराण — उपासना खण्ड
रचयितागणेश पुराण परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

संपादकीय टिप्पणी: यह पृष्ठ परिचय व संरचना प्रस्तुत करता है; सम्पूर्ण पाठ क्रमशः जोड़ा जा रहा है।

देव परिचय

श्री गणेश

Lord Ganesha

विघ्नहर्ता श्री गणेश हर शुभ कार्य के प्रथम पूज्य देव हैं — बुद्धि, विवेक और समृद्धि के दाता।

देवता वर्गविघ्न नाश · बुद्धि · शुभारंभ · समृद्धि
वाहनमूषक (चूहा)
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मुख्य मंत्रॐ गं गणपतये नमः
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गणेश सहस्रनाम — सामान्य प्रश्न

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