शिव सहस्रनाम

śiva sahasranāma

Shiva Sahasranama

समय
35–45 मिनट (सम्पूर्ण)
श्लोक
2
कुल नाम
1037
कठिनाई
कठिन (Advanced)
शुभ दिन
सोमवार, प्रदोष व महाशिवरात्रि
उद्देश्य:मन की शांति (Peace)रक्षा (Protection)आध्यात्मिक उन्नति (Spiritual Growth)
✓ संपूर्ण

परिचय

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

स्रोत: महाभारत — अनुशासन पर्व; भगवान कृष्ण द्वारा युधिष्ठिर को उपदिष्ट (तण्डि-कथित सहस्रनाम)

उद्भव / पृष्ठभूमि

शिव सहस्रनाम भगवान शिव के एक हजार नामों का स्तोत्र है। इसका प्रमुख रूप महाभारत के अनुशासन पर्व में मिलता है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को ऋषि तण्डि द्वारा कथित यह सहस्रनाम सुनाया (अन्य रूप लिंग पुराण, वायु पुराण व पद्म पुराण में भी हैं)। प्रत्येक नाम शिव के किसी गुण, रूप या लीला का द्योतक है।

यह पृष्ठ शिव सहस्रनाम का सम्पूर्ण पाठ — ध्यान-श्लोक तथा सभी नामों का क्रमबद्ध अर्थ-सहित संग्रह — प्रस्तुत करता है। (अनुशासन पर्व के सम्पूर्ण नाम-श्लोकों — स्थिरः स्थाणुः से श्रीमान् श्रीवर्धनो जगत् तक — के व्याकरण-सम्मत पद-विच्छेद से 1037 नाम प्राप्त होते हैं; परम्परागत रूप से इसे "सहस्र" (एक हजार) नाम कहा जाता है, क्योंकि विभिन्न संस्करणों में समासों का विभाजन व पुनरुक्त नामों की गणना भिन्न-भिन्न होने से संख्या 1000–1008 के आसपास रहती है।)

ध्यान व आरंभिक श्लोक

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॥ ध्यानम् ॥ ॐ नमः शिवाय शान्ताय कारणत्रयहेतवे। निवेदयामि चात्मानं त्वं गतिः परमेश्वर॥

शांत स्वरूप, सृष्टि-स्थिति-संहार तीनों के कारण भगवान शिव को नमस्कार। हे परमेश्वर, मैं अपने आत्मा को आपको समर्पित करता हूँ; आप ही मेरी गति हैं।

ॐ स्थिरः स्थाणुः प्रभुर्भीमः प्रवरो वरदो वरः। सर्वात्मा सर्वविख्यातः सर्वः सर्वकरो भवः॥

आरंभिक श्लोक: शिव स्थिर, स्थाणु (अचल), प्रभु, भीम, श्रेष्ठ, वरदाता व वरण-योग्य हैं; वे सबकी आत्मा, सर्वविख्यात, सर्वस्वरूप, सब कुछ करने वाले व संसार के कारण हैं। (इसी क्रम में आगे एक हजार नाम आते हैं।)

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नाम सूची (Name List)

लिपि:

आरंभिक नाम (नाम 1–32)

  1. 1.
    स्थिरःसदा स्थिर, अचल
  2. 2.
    स्थाणुःनित्य, अविचल स्तंभ-रूप
  3. 3.
    प्रभुःसर्वसमर्थ स्वामी
  4. 4.
    भीमःभयंकर (दुष्टों हेतु)
  5. 5.
    प्रवरःसर्वश्रेष्ठ
  6. 6.
    वरदःवर देने वाले
  7. 7.
    वरःश्रेष्ठ, वरण करने योग्य
  8. 8.
    सर्वात्मासमस्त की आत्मा
  9. 9.
    सर्वविख्यातःसर्वत्र विख्यात
  10. 10.
    सर्वःसर्वस्वरूप
  11. 11.
    सर्वकरःसब कुछ करने वाले
  12. 12.
    भवःसंसार-रूप, उत्पत्ति के कारण
  13. 13.
    जटीजटाधारी
  14. 14.
    चर्मीचर्म (मृगचर्म) धारण करने वाले
  15. 15.
    शिखीशिखा (चूड़ा) धारण करने वाले
  16. 16.
    खड्गीखड्ग धारण करने वाले
  17. 17.
    सर्वाङ्गःसर्व अंगस्वरूप, पूर्ण
  18. 18.
    सर्वभावनःसबको उत्पन्न व भावित करने वाले
  19. 19.
    हरःपाप व दुःख हरने वाले
  20. 20.
    हरिणाक्षःमृग जैसे नेत्रों वाले
  21. 21.
    सर्वभूतहरःप्रलय में समस्त प्राणियों का संहार करने वाले
  22. 22.
    प्रभुःसर्वसमर्थ स्वामी
  23. 23.
    प्रवृत्तिःसृष्टि-प्रवृत्ति के कारण
  24. 24.
    निवृत्तिःनिवृत्ति (विरक्ति) स्वरूप
  25. 25.
    नियतःनियमबद्ध, संयत
  26. 26.
    शाश्वतःनित्य, सनातन
  27. 27.
    ध्रुवःअचल, स्थिर
  28. 28.
    श्मशानवासीश्मशान में निवास करने वाले
  29. 29.
    भगवान्षड्ऐश्वर्य-सम्पन्न
  30. 30.
    खचरःआकाश में विचरण करने वाले
  31. 31.
    गोचरःइन्द्रिय-गोचर, सर्वत्र विचरने वाले
  32. 32.
    अर्दनःदुष्टों को पीड़ित करने वाले

रूप व लीला नाम (नाम 33–63)

  1. 33.
    अभिवाद्यःवंदना के योग्य
  2. 34.
    महाकर्मामहान कर्म करने वाले
  3. 35.
    तपस्वीमहान तपस्वी
  4. 36.
    भूतभावनःप्राणियों का पालन व उत्पादन करने वाले
  5. 37.
    उन्मत्तवेषप्रच्छन्नःउन्मत्त वेष में अपना स्वरूप छिपाने वाले
  6. 38.
    सर्वलोकप्रजापतिःसमस्त लोकों के प्रजापति
  7. 39.
    महारूपःविशाल रूप वाले
  8. 40.
    महाकायःविशाल शरीर वाले
  9. 41.
    वृषरूपःधर्म (वृष) रूप वाले
  10. 42.
    महायशाःमहान यशस्वी
  11. 43.
    महात्मामहान आत्मा
  12. 44.
    सर्वभूतात्मासमस्त प्राणियों की आत्मा
  13. 45.
    विश्वरूपःविश्व-रूप धारण करने वाले
  14. 46.
    महाहनुःविशाल हनु (ठोड़ी) वाले
  15. 47.
    लोकपालःलोकों के रक्षक
  16. 48.
    अन्तर्हितात्माअन्तर्यामी, गूढ़ आत्मा
  17. 49.
    प्रसादःप्रसन्नता व कृपा स्वरूप
  18. 50.
    हयगर्दभिःअश्व व गर्दभ रूपों में भी व्याप्त
  19. 51.
    पवित्रम्परम पवित्र करने वाले
  20. 52.
    महान्महान, सर्वोपरि
  21. 53.
    नियमःनियमस्वरूप
  22. 54.
    नियमाश्रितःनियमों में स्थित रहने वाले
  23. 55.
    सर्वकर्मासमस्त कर्म करने वाले
  24. 56.
    स्वयम्भूतःस्वयं प्रकट होने वाले
  25. 57.
    आदिःसबके आदिकारण
  26. 58.
    आदिकरःआदि (प्रथम) सृष्टि करने वाले
  27. 59.
    निधिःसमस्त निधियों के आधार
  28. 60.
    सहस्राक्षःसहस्र नेत्रों वाले
  29. 61.
    विशालाक्षःविशाल नेत्रों वाले
  30. 62.
    सोमःउमा-सहित (सोम) व चन्द्रस्वरूप
  31. 63.
    नक्षत्रसाधकःनक्षत्रों को नियंत्रित-साधने वाले

ग्रह व तप नाम (नाम 64–91)

  1. 64.
    चन्द्रःचन्द्रस्वरूप, आह्लादक
  2. 65.
    सूर्यःसूर्यस्वरूप, प्रकाशक
  3. 66.
    शनिःशनि-रूप
  4. 67.
    केतुःकेतु-रूप, ध्वजस्वरूप
  5. 68.
    ग्रहःग्रहस्वरूप, ग्रहण करने वाले
  6. 69.
    ग्रहपतिःग्रहों के स्वामी
  7. 70.
    वरःश्रेष्ठ, वरदायी
  8. 71.
    अत्रिःअत्रि-रूप, त्रिगुणातीत
  9. 72.
    अत्र्यानमस्कर्ताअत्रि-पत्नी अनसूया द्वारा नमस्कृत
  10. 73.
    मृगबाणार्पणःयज्ञ-मृग पर बाण चढ़ाने वाले
  11. 74.
    अनघःनिष्पाप, निर्दोष
  12. 75.
    महातपाःमहान तप करने वाले
  13. 76.
    घोरतपाःउग्र तप करने वाले
  14. 77.
    अदीनःकभी दीन न होने वाले
  15. 78.
    दीनसाधकःदीनों का उद्धार करने वाले
  16. 79.
    संवत्सरकरःसंवत्सर (काल) के रचयिता
  17. 80.
    मन्त्रःमन्त्रस्वरूप
  18. 81.
    प्रमाणम्प्रमाणस्वरूप, प्रमाता
  19. 82.
    परमं तपःपरम तपस्वरूप
  20. 83.
    योगीयोगयुक्त, महायोगी
  21. 84.
    योज्यःयोग द्वारा प्राप्य
  22. 85.
    महाबीजःसृष्टि के महाबीज
  23. 86.
    महारेताःमहान तेज (रेतस्) वाले
  24. 87.
    महाबलःमहाबलशाली
  25. 88.
    सुवर्णरेताःस्वर्णमय तेज वाले
  26. 89.
    सर्वज्ञःसब कुछ जानने वाले
  27. 90.
    सुबीजःउत्तम बीजस्वरूप
  28. 91.
    बीजवाहनःसृष्टि-बीज को धारण-वहन करने वाले

गण व आयुध नाम (नाम 92–119)

  1. 92.
    दशबाहुःदस भुजाओं वाले
  2. 93.
    अनिमिषःपलक न झपकाने वाले, सदा जागृत
  3. 94.
    नीलकण्ठःनीले कण्ठ वाले (विषपान से)
  4. 95.
    उमापतिःउमा (पार्वती) के पति
  5. 96.
    विश्वरूपःविश्व-रूप
  6. 97.
    स्वयंश्रेष्ठःस्वयं ही सर्वश्रेष्ठ
  7. 98.
    बलवीरःबल व वीरता से युक्त
  8. 99.
    बलःबलस्वरूप
  9. 100.
    गणःगणस्वरूप, समूहरूप
  10. 101.
    गणकर्तागणों के रचयिता
  11. 102.
    गणपतिःगणों के स्वामी
  12. 103.
    दिग्वासाःदिशाएँ ही जिनका वस्त्र (दिगम्बर)
  13. 104.
    कामःकामनाओं को पूर्ण करने वाले
  14. 105.
    मन्त्रवित्मन्त्रों के ज्ञाता
  15. 106.
    परमःपरम, सर्वोच्च
  16. 107.
    मन्त्रःमन्त्रस्वरूप
  17. 108.
    सर्वभावकरःसमस्त भावों के रचयिता
  18. 109.
    हरःसमस्त पाप व दुःख हरने वाले
  19. 110.
    कमण्डलुधरःकमण्डलु धारण करने वाले
  20. 111.
    धन्वीधनुषधारी
  21. 112.
    बाणहस्तःहाथ में बाण धारण करने वाले
  22. 113.
    कपालवान्कपाल धारण करने वाले
  23. 114.
    अशनीवज्र धारण करने वाले
  24. 115.
    शतघ्नीशतघ्नी अस्त्र धारण करने वाले
  25. 116.
    खड्गीखड्गधारी
  26. 117.
    पट्टिशीपट्टिश (परशु-सदृश अस्त्र) धारण करने वाले
  27. 118.
    आयुधीसमस्त आयुधों से युक्त
  28. 119.
    महान्महान, सर्वोपरि

तेज व रूप नाम (नाम 120–144)

  1. 120.
    स्रुवहस्तःहाथ में स्रुवा (यज्ञपात्र) धारण करने वाले
  2. 121.
    सुरूपःसुन्दर रूप वाले
  3. 122.
    तेजःतेजस्वरूप
  4. 123.
    तेजस्करःतेज प्रदान करने वाले
  5. 124.
    निधिःसमस्त निधियों के आधार
  6. 125.
    उष्णीषीउष्णीष (शिरोवेष्टन) धारण करने वाले
  7. 126.
    सुवक्त्रःसुन्दर मुख वाले
  8. 127.
    उदग्रःअत्यंत उन्नत, उग्र
  9. 128.
    विनतःभक्तों के प्रति विनम्र
  10. 129.
    दीर्घःदीर्घ (विशाल) स्वरूप
  11. 130.
    हरिकेशःहरित (पिंगल) केश वाले
  12. 131.
    सुतीर्थःउत्तम तीर्थस्वरूप
  13. 132.
    कृष्णःआकर्षक, श्याम स्वरूप
  14. 133.
    शृगालरूपःशृगाल (सियार) रूप भी धारण करने वाले
  15. 134.
    सिद्धार्थःजिनके समस्त प्रयोजन सिद्ध हैं
  16. 135.
    मुण्डःमुण्डित-शिर रूप
  17. 136.
    सर्वशुभङ्करःसबका कल्याण करने वाले
  18. 137.
    अजःअजन्मा
  19. 138.
    बहुरूपःअनेक रूप धारण करने वाले
  20. 139.
    गन्धधारीदिव्य गंध धारण करने वाले
  21. 140.
    कपर्दीजटाजूट (कपर्द) धारण करने वाले
  22. 141.
    ऊर्ध्वरेताःऊर्ध्वरेता, परम संयमी
  23. 142.
    ऊर्ध्वलिङ्गःऊर्ध्वलिङ्ग स्वरूप
  24. 143.
    ऊर्ध्वशायीऊर्ध्व (उन्नत) स्थिति में शयन करने वाले
  25. 144.
    नभःस्थलःआकाश ही जिनका स्थल है

रुद्र व काल नाम (नाम 145–177)

  1. 145.
    त्रिजटीतीन जटाओं वाले
  2. 146.
    चीरवासाःवल्कल (चीर) वस्त्र धारण करने वाले
  3. 147.
    रुद्रःदुःख व रुदन का नाश करने वाले
  4. 148.
    सेनापतिःदेव-सेनाओं के नायक
  5. 149.
    विभुःसर्वव्यापी, समर्थ
  6. 150.
    अहश्चरःदिन में विचरण करने वाले
  7. 151.
    नक्तञ्चरःरात्रि में विचरण करने वाले
  8. 152.
    तिग्ममन्युःतीव्र क्रोध (मन्यु) वाले
  9. 153.
    सुवर्चसःउत्तम तेज (वर्चस्) वाले
  10. 154.
    गजहागजासुर का वध करने वाले
  11. 155.
    दैत्यहादैत्यों का नाश करने वाले
  12. 156.
    कालःकालस्वरूप
  13. 157.
    लोकधातालोकों के धारक
  14. 158.
    गुणाकरःसमस्त गुणों के आकर
  15. 159.
    सिंहशार्दूलरूपःसिंह व व्याघ्र रूप धारण करने वाले
  16. 160.
    आर्द्रचर्माम्बरावृतःगीले चर्म-वस्त्र से ढके हुए
  17. 161.
    कालयोगीकाल के साथ योगयुक्त रहने वाले
  18. 162.
    महानादःमहान नाद (ध्वनि) वाले
  19. 163.
    सर्वकामःसमस्त कामनाओं के स्वरूप व दाता
  20. 164.
    चतुष्पथःचारों मार्गों (पुरुषार्थों) के स्वरूप
  21. 165.
    निशाचरःरात्रि में विचरने वाले
  22. 166.
    प्रेतचारीप्रेतों के बीच विचरण करने वाले
  23. 167.
    भूतचारीभूतगणों के साथ विचरने वाले
  24. 168.
    महेश्वरःमहान ईश्वर
  25. 169.
    बहुभूतःअनेक भूतों के स्वामी
  26. 170.
    बहुधरःअनेक रूपों को धारण करने वाले
  27. 171.
    स्वर्भानुःस्वर्ग को प्रकाशित करने वाले
  28. 172.
    अमितःअपरिमित, असीम
  29. 173.
    गतिःसमस्त की परम गति
  30. 174.
    नृत्यप्रियःनृत्य के प्रेमी
  31. 175.
    नित्यनर्तःसदा नृत्य करने वाले
  32. 176.
    नर्तकःनटराज, नर्तक स्वरूप
  33. 177.
    सर्वलालसःसबमें रुचि रखने वाले, सर्वप्रिय

घोर व गम्भीर नाम (नाम 178–210)

  1. 178.
    घोरःभयंकर स्वरूप
  2. 179.
    महातपाःमहान तपस्वी
  3. 180.
    पाशःपाश (बंधन) स्वरूप
  4. 181.
    नित्यःशाश्वत, नित्य
  5. 182.
    गिरिरुहःपर्वत पर स्थित रहने वाले
  6. 183.
    नभःआकाशस्वरूप
  7. 184.
    सहस्रहस्तःसहस्र हाथों वाले
  8. 185.
    विजयःविजयस्वरूप
  9. 186.
    व्यवसायःदृढ़ संकल्प स्वरूप
  10. 187.
    अतन्द्रितःआलस्यरहित, सदा सजग
  11. 188.
    अधर्षणःजिसे कोई पराभूत न कर सके
  12. 189.
    धर्षणात्मादुष्टों का दमन करने वाले
  13. 190.
    यज्ञहादक्ष-यज्ञ का विध्वंस करने वाले
  14. 191.
    कामनाशकःकामदेव का नाश करने वाले
  15. 192.
    दक्षयागापहारीदक्ष के यज्ञ को नष्ट करने वाले
  16. 193.
    सुसहःसबको सहने वाले, सहनशील
  17. 194.
    मध्यमःमध्यस्थ, सर्वत्र समभाव
  18. 195.
    तेजोपहारीशत्रुओं का तेज हरने वाले
  19. 196.
    बलहादुष्टों का बल नष्ट करने वाले
  20. 197.
    मुदितःसदा प्रसन्न रहने वाले
  21. 198.
    अर्थःसमस्त पुरुषार्थों के स्वरूप
  22. 199.
    अजितःअपराजेय
  23. 200.
    अवरःसबसे निकट, आश्रयदाता
  24. 201.
    गम्भीरघोषःगंभीर ध्वनि वाले
  25. 202.
    गम्भीरःगहन, अथाह
  26. 203.
    गम्भीरबलवाहनःगंभीर बल व वाहन वाले
  27. 204.
    न्यग्रोधरूपःवटवृक्ष-रूप
  28. 205.
    न्यग्रोधःवटवृक्ष स्वरूप, आश्रयदाता
  29. 206.
    वृक्षपर्णस्थितिःवृक्ष-पत्र पर स्थित रहने वाले
  30. 207.
    विभुःसर्वव्यापक
  31. 208.
    सुतीक्ष्णदशनःतीक्ष्ण दाँतों वाले
  32. 209.
    महाकायःविशाल शरीर वाले
  33. 210.
    महाननःविशाल मुख वाले

यज्ञ व तेज नाम (नाम 211–244)

  1. 211.
    विष्वक्सेनःसर्वत्र व्याप्त सेना वाले
  2. 212.
    हरिःपाप हरने वाले, हरि-रूप
  3. 213.
    यज्ञःयज्ञस्वरूप
  4. 214.
    संयुगापीडवाहनःयुद्ध में पीड़ादायक वाहन वाले
  5. 215.
    तीक्ष्णतापःतीव्र ताप (तेज) वाले
  6. 216.
    हर्यश्वःहरित अश्वों वाले
  7. 217.
    सहायःसबके सहायक
  8. 218.
    कर्मकालवित्कर्म व काल के ज्ञाता
  9. 219.
    विष्णुप्रसादितःविष्णु द्वारा प्रसन्न किए गए
  10. 220.
    यज्ञःयज्ञस्वरूप
  11. 221.
    समुद्रःसमुद्र के समान गंभीर
  12. 222.
    वडवामुखःवडवानल (समुद्राग्नि) रूप
  13. 223.
    हुताशनसहायःअग्नि के सहायक
  14. 224.
    प्रशान्तात्मापरम शांत आत्मा
  15. 225.
    हुताशनःअग्निस्वरूप, हवि का भोक्ता
  16. 226.
    उग्रतेजाःउग्र तेज वाले
  17. 227.
    महातेजाःमहान तेजस्वी
  18. 228.
    जन्यःसबके उत्पादक
  19. 229.
    विजयकालवित्विजय के उपयुक्त काल को जानने वाले
  20. 230.
    ज्योतिषामयनम्ज्योतिर्गणों की गति-पथ स्वरूप
  21. 231.
    सिद्धिःसिद्धिस्वरूप
  22. 232.
    सर्वविग्रहःसमस्त रूपों के धारक
  23. 233.
    शिखीशिखाधारी
  24. 234.
    मुण्डीमुण्डित शिर वाले
  25. 235.
    जटीजटाधारी
  26. 236.
    ज्वालीज्वालामय, तेजस्वी
  27. 237.
    मूर्तिजःमूर्त रूप में प्रकट होने वाले
  28. 238.
    मूर्धगःसर्वोच्च (मस्तक) पर स्थित
  29. 239.
    बलीबलवान
  30. 240.
    वेणवीवेणु (बाँसुरी/दण्ड) धारण करने वाले
  31. 241.
    पणवीपणव (ढोल) धारण करने वाले
  32. 242.
    तालीताल (झाँझ) धारण करने वाले
  33. 243.
    खलीखल (अधमों) का दमन करने वाले
  34. 244.
    कालकटङ्कटःकाल को भी भयभीत करने वाले उग्र रूप

प्रजापति व गुहा नाम (नाम 245–279)

  1. 245.
    नक्षत्रविग्रहमतिःनक्षत्र-रूप शरीर व बुद्धि वाले
  2. 246.
    गुणबुद्धिःगुणों की बुद्धि-स्वरूप
  3. 247.
    लयःप्रलय (लय) स्वरूप
  4. 248.
    गमःसर्वत्र पहुँचने वाले
  5. 249.
    प्रजापतिःप्रजाओं के स्वामी
  6. 250.
    विश्वबाहुःविश्वव्यापी भुजाओं वाले
  7. 251.
    विभागःसबका विभाजन करने वाले
  8. 252.
    सर्वगोमुखःसब ओर मुख वाले
  9. 253.
    विमोचनःबंधनों से मुक्त करने वाले
  10. 254.
    सुसरणःसुगम शरण देने वाले
  11. 255.
    हिरण्यकवचोद्भवःस्वर्ण-कवच में प्रकट होने वाले
  12. 256.
    मेढ्रजःसृष्टि-बीज से प्रकट
  13. 257.
    बलचारीबलपूर्वक विचरण करने वाले
  14. 258.
    महीचारीपृथ्वी पर विचरण करने वाले
  15. 259.
    स्रुतःसर्वत्र विख्यात, श्रुत
  16. 260.
    सर्वतूर्यनिनादीसमस्त वाद्यों की ध्वनि करने वाले
  17. 261.
    सर्वातोद्यपरिग्रहःसमस्त वाद्य-यंत्रों को ग्रहण करने वाले
  18. 262.
    व्यालरूपःसर्प-रूप धारण करने वाले
  19. 263.
    गुहावासीगुहा (हृदय-गुफा) में निवास करने वाले
  20. 264.
    गुहःगूढ़, गुप्त स्वरूप
  21. 265.
    मालीमाला धारण करने वाले
  22. 266.
    तरङ्गवित्सृष्टि-तरंगों (गति) के ज्ञाता
  23. 267.
    त्रिदशःदेवस्वरूप (तीनों अवस्थाओं में व्याप्त)
  24. 268.
    त्रिकालधृक्तीनों कालों को धारण करने वाले
  25. 269.
    कर्मसमस्त कर्मों के स्वरूप
  26. 270.
    सर्वबन्धविमोचनःसमस्त बंधनों से मुक्त करने वाले
  27. 271.
    असुरेन्द्राणां बन्धनःअसुर-राजाओं को बाँधने वाले
  28. 272.
    युधि शत्रुविनाशनःयुद्ध में शत्रुओं का नाश करने वाले
  29. 273.
    साङ्ख्यप्रसादःसांख्य-ज्ञान से प्रसन्न होने वाले
  30. 274.
    दुर्वासाःदुर्वासा-रूप, कठोर वस्त्र वाले
  31. 275.
    सर्वसाधुनिषेवितःसमस्त साधुओं द्वारा सेवित
  32. 276.
    प्रस्कन्दनःशत्रुओं को परास्त करने वाले
  33. 277.
    विभागज्ञःविभाजन (अंश) के ज्ञाता
  34. 278.
    अतुल्यःजिसकी कोई तुलना नहीं
  35. 279.
    यज्ञभागवित्यज्ञ-भाग के ज्ञाता

सर्वधारी व बल नाम (नाम 280–305)

  1. 280.
    सर्ववासःसबमें निवास करने वाले
  2. 281.
    सर्वचारीसर्वत्र विचरण करने वाले
  3. 282.
    दुर्वासाःकठिन तप व वेष वाले
  4. 283.
    वासवःइन्द्र-रूप, ऐश्वर्यवान
  5. 284.
    अमरःअमर, मृत्युरहित
  6. 285.
    हैमःस्वर्णमय
  7. 286.
    हेमकरःस्वर्ण उत्पन्न करने वाले
  8. 287.
    यज्ञःयज्ञस्वरूप
  9. 288.
    सर्वधारीसबको धारण करने वाले
  10. 289.
    धरोत्तमःधारकों में सर्वोत्तम
  11. 290.
    लोहिताक्षःलाल नेत्रों वाले
  12. 291.
    महाक्षःविशाल नेत्रों वाले
  13. 292.
    विजयाक्षःविजयी नेत्रों वाले
  14. 293.
    विशारदःसर्व विद्याओं में निपुण
  15. 294.
    सङ्ग्रहःसबका संग्रह करने वाले
  16. 295.
    निग्रहःदुष्टों का निग्रह करने वाले
  17. 296.
    कर्तासमस्त कर्मों के कर्ता
  18. 297.
    सर्पचीरनिवासनःसर्प व वल्कल वस्त्र धारण करने वाले
  19. 298.
    मुख्यःप्रधान, सर्वप्रमुख
  20. 299.
    अमुख्यःगौण रूपों में भी व्याप्त
  21. 300.
    देहःसमस्त देहों के स्वरूप
  22. 301.
    काहलिःरणवाद्य (काहल) स्वरूप
  23. 302.
    सर्वकामदःसमस्त कामनाएँ पूर्ण करने वाले
  24. 303.
    सर्वकामप्रसादःसमस्त कामनाओं में कृपा करने वाले
  25. 304.
    सुबलःउत्तम बल वाले
  26. 305.
    बलरूपधृत्बल-रूप को धारण करने वाले

सर्वद व वेग नाम (नाम 306–329)

  1. 306.
    सर्वकामवरःसमस्त कामनाओं का श्रेष्ठ वर देने वाले
  2. 307.
    सर्वदःसब कुछ देने वाले
  3. 308.
    सर्वतोमुखःसब ओर मुख वाले
  4. 309.
    आकाशनिर्विरूपःआकाश के समान निराकार
  5. 310.
    निपातीदुष्टों पर आक्रमण करने वाले
  6. 311.
    अवशःकिसी के वश में न आने वाले, स्वतंत्र
  7. 312.
    खगःआकाश में गमन करने वाले
  8. 313.
    रौद्ररूपःरौद्र (भयंकर) रूप वाले
  9. 314.
    अंशुःकिरण-स्वरूप
  10. 315.
    आदित्यःसूर्य-स्वरूप
  11. 316.
    बहुरश्मिःअनेक किरणों वाले
  12. 317.
    सुवर्चसीउत्तम तेज वाले
  13. 318.
    वसुवेगःवसुओं के समान वेग वाले
  14. 319.
    महावेगःमहान वेग वाले
  15. 320.
    मनोवेगःमन के समान वेगवान
  16. 321.
    निशाचरःरात्रि में विचरने वाले
  17. 322.
    सर्ववासीसबमें निवास करने वाले
  18. 323.
    श्रियावासीश्री (ऐश्वर्य) में निवास करने वाले
  19. 324.
    उपदेशकरःज्ञान का उपदेश देने वाले
  20. 325.
    अकरःकर्मफल से अलिप्त, निष्क्रिय स्वरूप
  21. 326.
    मुनिःमननशील, मौनी
  22. 327.
    आत्मनिरालोकःआत्मा में ही दृष्टि रखने वाले
  23. 328.
    सम्भग्नःअहंकार आदि को भग्न करने वाले
  24. 329.
    सहस्रदःसहस्रों वरदान देने वाले

काम व सिद्धि नाम (नाम 330–356)

  1. 330.
    पक्षीपक्षी-रूप (गरुड़ आदि)
  2. 331.
    पक्षरूपःपक्ष (पंख) रूप धारण करने वाले
  3. 332.
    अतिदीप्तःअत्यंत प्रकाशमान
  4. 333.
    विशाम्पतिःप्रजा के स्वामी
  5. 334.
    उन्मादःउन्माद (परम आनन्द) स्वरूप
  6. 335.
    मदनःआह्लाद उत्पन्न करने वाले
  7. 336.
    कामःइच्छित फल देने वाले
  8. 337.
    अश्वत्थःअश्वत्थ (पीपल) वृक्ष स्वरूप
  9. 338.
    अर्थकरःअर्थ (प्रयोजन) सिद्ध करने वाले
  10. 339.
    यशःयशस्वरूप
  11. 340.
    वामदेवःवामदेव-रूप, सुन्दर देव
  12. 341.
    वामःसुन्दर, प्रिय
  13. 342.
    प्राग्दक्षिणःपूर्व व दक्षिण दिशाओं में व्याप्त
  14. 343.
    वामनःवामन (लघु) रूप धारण करने वाले
  15. 344.
    सिद्धयोगीसिद्ध योगी
  16. 345.
    महर्षिःमहान ऋषि
  17. 346.
    सिद्धार्थःजिनके प्रयोजन सिद्ध हैं
  18. 347.
    सिद्धसाधकःसिद्धि प्रदान करने वाले
  19. 348.
    भिक्षुःभिक्षु-रूप
  20. 349.
    भिक्षुरूपःभिक्षु का वेष धारण करने वाले
  21. 350.
    विपणःव्यापार-रहित, निःस्पृह
  22. 351.
    मृदुःकोमल स्वभाव वाले
  23. 352.
    अव्ययःअविनाशी
  24. 353.
    महासेनःमहान सेना वाले
  25. 354.
    विशाखःविशाखा-रूप (कार्तिकेय से संबद्ध)
  26. 355.
    षष्टिभागःकाल के षष्टि अंशों के स्वरूप
  27. 356.
    गवाम्पतिःगौओं व किरणों के स्वामी

नन्दी व ईशान नाम (नाम 357–389)

  1. 357.
    वज्रहस्तःहाथ में वज्र धारण करने वाले
  2. 358.
    विष्कम्भीसबको धारण-रोक रखने वाले
  3. 359.
    चमूस्तम्भनःशत्रु-सेना को स्तंभित करने वाले
  4. 360.
    वृत्तावृत्तकरःसृष्टि-चक्र को चलाने व रोकने वाले
  5. 361.
    तालःताल (लय) स्वरूप
  6. 362.
    मधुःमधुर स्वभाव वाले
  7. 363.
    मधुकलोचनःमधुर नेत्रों वाले
  8. 364.
    वाचस्पत्यःवाणी के स्वामी
  9. 365.
    वाजसनःअन्न व बल प्रदान करने वाले
  10. 366.
    नित्यमाश्रमपूजितःसभी आश्रमों में नित्य पूजित
  11. 367.
    ब्रह्मचारीब्रह्मचर्य में स्थित
  12. 368.
    लोकचारीलोकों में विचरण करने वाले
  13. 369.
    सर्वचारीसर्वत्र विचरने वाले
  14. 370.
    विचारवित्विवेक व विचार के ज्ञाता
  15. 371.
    ईशानःसर्वशासक, ईशान-रूप
  16. 372.
    ईश्वरःसर्वसमर्थ नियंता
  17. 373.
    कालःकालस्वरूप
  18. 374.
    निशाचारीरात्रि में विचरने वाले
  19. 375.
    पिनाकवान्पिनाक धनुष धारण करने वाले
  20. 376.
    निमित्तस्थःसमस्त कारणों में स्थित
  21. 377.
    निमित्तम्सृष्टि के निमित्त-कारण
  22. 378.
    नन्दिःआनन्द-स्वरूप
  23. 379.
    नन्दिकरःआनन्द प्रदान करने वाले
  24. 380.
    हरिःदुःख हरने वाले
  25. 381.
    नन्दीश्वरःनन्दी के स्वामी
  26. 382.
    नन्दीआनन्दमय, नन्दी-रूप
  27. 383.
    नन्दनःसबको आनन्दित करने वाले
  28. 384.
    नन्दिवर्धनःआनन्द को बढ़ाने वाले
  29. 385.
    भगहारीभग (दक्ष-यज्ञ में) का हरण करने वाले
  30. 386.
    निहन्तादुष्टों का संहार करने वाले
  31. 387.
    कालःकालस्वरूप, संहारक
  32. 388.
    ब्रह्माब्रह्मा-रूप, सृष्टिकर्ता
  33. 389.
    पितामहःसमस्त लोकों के पितामह

लिङ्ग व ब्रह्म नाम (नाम 390–424)

  1. 390.
    चतुर्मुखःचार मुख वाले (ब्रह्मा-रूप)
  2. 391.
    महालिङ्गःमहान लिङ्ग-स्वरूप
  3. 392.
    चारुलिङ्गःसुन्दर लिङ्ग-स्वरूप
  4. 393.
    लिङ्गाध्यक्षःसमस्त लिङ्गों (चिह्नों) के अध्यक्ष
  5. 394.
    सुराध्यक्षःदेवताओं के अध्यक्ष
  6. 395.
    योगाध्यक्षःयोग के अध्यक्ष
  7. 396.
    युगावहःयुगों को प्रवर्तित करने वाले
  8. 397.
    बीजाध्यक्षःसृष्टि-बीज के अध्यक्ष
  9. 398.
    बीजकर्तासृष्टि-बीज के रचयिता
  10. 399.
    अध्यात्मानुगतःअध्यात्म-ज्ञान में अनुस्यूत
  11. 400.
    बलःबलस्वरूप
  12. 401.
    इतिहासःइतिहास-स्वरूप
  13. 402.
    सकल्पःकल्प (विधि) सहित
  14. 403.
    गौतमःगौतम-रूप ऋषि
  15. 404.
    निशाकरःचन्द्र-स्वरूप (रात्रि-कर्ता)
  16. 405.
    दम्भःदुष्टों के प्रति दम्भ-स्वरूप
  17. 406.
    अदम्भःनिष्कपट, दम्भरहित
  18. 407.
    वैदम्भःदम्भियों का दमन करने वाले
  19. 408.
    वश्यःभक्तों के वश में रहने वाले
  20. 409.
    वशकरःसबको वश में करने वाले
  21. 410.
    कलिःकलह व संघर्ष के स्वरूप
  22. 411.
    लोककर्तालोकों के रचयिता
  23. 412.
    पशुपतिःसमस्त जीवों (पशुओं) के स्वामी
  24. 413.
    महाकर्तामहान कर्ता
  25. 414.
    अनौषधःजिनके लिए कोई औषधि-उपाय अपेक्षित नहीं
  26. 415.
    अक्षरम्अविनाशी अक्षर-ब्रह्म
  27. 416.
    परमं ब्रह्मपरब्रह्म
  28. 417.
    बलवत्बलयुक्त
  29. 418.
    शक्रःसामर्थ्यवान (इन्द्र-रूप)
  30. 419.
    नीतिःनीति-स्वरूप
  31. 420.
    अनीतिःनीति से परे, मायातीत
  32. 421.
    शुद्धात्मापरम शुद्ध आत्मा
  33. 422.
    शुद्धःनिर्मल, पवित्र
  34. 423.
    मान्यःसबके लिए माननीय
  35. 424.
    गतागतःआवागमन (गति-आगति) के स्वरूप

अग्नि व महाकाय नाम (नाम 425–473)

  1. 425.
    बहुप्रसादःबहुत प्रसन्न होने व कृपा करने वाले
  2. 426.
    सुस्वप्नःशुभ स्वप्न देने वाले
  3. 427.
    दर्पणःदर्पण के समान सब प्रतिबिंबित करने वाले
  4. 428.
    अमित्रजित्शत्रुओं को जीतने वाले
  5. 429.
    वेदकारःवेदों के रचयिता
  6. 430.
    मन्त्रकारःमन्त्रों के रचयिता
  7. 431.
    विद्वान्सर्वज्ञ विद्वान
  8. 432.
    समरमर्दनःयुद्ध में शत्रुओं का मर्दन करने वाले
  9. 433.
    महामेघनिवासीमहामेघों में निवास करने वाले
  10. 434.
    महाघोरःअत्यंत घोर रूप वाले
  11. 435.
    वशीकरःसबको वश में करने वाले
  12. 436.
    अग्निःअग्नि-स्वरूप
  13. 437.
    ज्वालःज्वाला-स्वरूप
  14. 438.
    महाज्वालःमहान ज्वाला वाले
  15. 439.
    अतिधूम्रःअत्यंत धूम्रवर्ण वाले
  16. 440.
    हुतःहवि (आहुति) स्वरूप
  17. 441.
    हविःयज्ञ-हवि स्वरूप
  18. 442.
    वृषणःधर्म व कामनाओं की वर्षा करने वाले
  19. 443.
    शङ्करःकल्याण करने वाले
  20. 444.
    नित्यःशाश्वत
  21. 445.
    वर्चस्वीतेजस्वी
  22. 446.
    धूमकेतनःधूम-ध्वज (अग्नि) वाले
  23. 447.
    नीलःनील-वर्ण (कण्ठ) वाले
  24. 448.
    अङ्गलुब्धःअपने स्वरूप में रमे रहने वाले
  25. 449.
    शोभनःअत्यंत शोभायमान
  26. 450.
    निरवग्रहःकिसी से न रुकने वाले, स्वतंत्र
  27. 451.
    स्वस्तिदःकल्याण (स्वस्ति) देने वाले
  28. 452.
    स्वस्तिभावःमंगल-स्वरूप
  29. 453.
    भागीयज्ञ-भाग के अधिकारी
  30. 454.
    भागकरःसबको उनका भाग देने वाले
  31. 455.
    लघुःसूक्ष्म व सुगम स्वरूप
  32. 456.
    उत्सङ्गःसबका आश्रय (गोद) स्वरूप
  33. 457.
    महाङ्गःविशाल अंगों वाले
  34. 458.
    महागर्भपरायणःमहान गर्भ (सृष्टि-मूल) में स्थित
  35. 459.
    कृष्णवर्णःश्याम वर्ण वाले
  36. 460.
    सुवर्णःस्वर्ण के समान कांति वाले
  37. 461.
    इन्द्रियम्समस्त देहधारियों की इन्द्रिय-शक्ति स्वरूप
  38. 462.
    महापादःविशाल चरणों वाले
  39. 463.
    महाहस्तःविशाल हाथों वाले
  40. 464.
    महाकायःविशाल शरीर वाले
  41. 465.
    महायशाःमहान यश वाले
  42. 466.
    महामूर्धाविशाल मस्तक वाले
  43. 467.
    महामात्रःमहान परिमाण वाले
  44. 468.
    महानेत्रःविशाल नेत्रों वाले
  45. 469.
    निशालयःरात्रि (तमस्) के आश्रय
  46. 470.
    महान्तकःमहान अन्तक (मृत्यु को भी नियंत्रित करने वाले)
  47. 471.
    महाकर्णःविशाल कानों वाले
  48. 472.
    महोष्ठःविशाल ओष्ठों वाले
  49. 473.
    महाहनुःविशाल हनु वाले

अन्तरात्मा व महामुख नाम (नाम 474–501)

  1. 474.
    महावक्षाःविशाल वक्षःस्थल वाले
  2. 475.
    महोरस्कःविशाल छाती वाले
  3. 476.
    अन्तरात्मासबकी अन्तरात्मा
  4. 477.
    मृगालयःमृगों के आश्रय (वनवासी)
  5. 478.
    लम्बनःसबको अवलंबन देने वाले
  6. 479.
    लम्बितोष्ठःलंबे ओष्ठ वाले
  7. 480.
    महामायःमहामाया के स्वामी
  8. 481.
    पयोनिधिःसमुद्र-स्वरूप, करुणा-निधि
  9. 482.
    महादन्तःविशाल दाँतों वाले
  10. 483.
    महादंष्ट्रःविशाल दाढ़ों वाले
  11. 484.
    महाजिह्वःविशाल जिह्वा वाले
  12. 485.
    महामुखःविशाल मुख वाले
  13. 486.
    महानखःविशाल नखों वाले
  14. 487.
    महारोमाविशाल रोमों वाले
  15. 488.
    महाकेशःघने केशों वाले
  16. 489.
    महाजटःविशाल जटाओं वाले
  17. 490.
    प्रसन्नःसदा प्रसन्न रहने वाले
  18. 491.
    प्रसादःकृपा-स्वरूप
  19. 492.
    प्रत्ययःज्ञान व विश्वास के स्वरूप
  20. 493.
    गिरिसाधनःपर्वत (कैलास) को साधन बनाने वाले
  21. 494.
    स्नेहनःस्नेह (प्रेम) करने वाले
  22. 495.
    अस्नेहनःआसक्ति-रहित
  23. 496.
    अजितःअपराजेय
  24. 497.
    महामुनिःमहान मननशील मुनि
  25. 498.
    वृक्षाकारःवृक्ष के समान स्थिर व आश्रयदाता
  26. 499.
    वृक्षकेतुःवृक्ष-ध्वज वाले
  27. 500.
    अनलःअग्नि-स्वरूप
  28. 501.
    वायुवाहनःवायु को वाहन बनाने वाले

वेद व प्रकाश नाम (नाम 502–535)

  1. 502.
    गण्डलीगणसमूह से युक्त
  2. 503.
    मेरुधामामेरु पर्वत को धाम बनाने वाले
  3. 504.
    देवाधिपतिःदेवताओं के अधिपति
  4. 505.
    अथर्वशीर्षःअथर्ववेद ही जिनका शीर्ष
  5. 506.
    सामास्यःसामवेद ही जिनका मुख
  6. 507.
    ऋक्सहस्रामितेक्षणःसहस्र ऋचाओं रूपी असीम नेत्रों वाले
  7. 508.
    यजुःपादभुजःयजुर्वेद ही जिनके पाद-भुज
  8. 509.
    गुह्यःगूढ़, रहस्यमय
  9. 510.
    प्रकाशःस्वयं-प्रकाश स्वरूप
  10. 511.
    जङ्गमःचराचर में व्याप्त, गतिशील
  11. 512.
    अमोघार्थःजिनका प्रयोजन कभी निष्फल नहीं
  12. 513.
    प्रसादःकृपा-स्वरूप
  13. 514.
    अभिगम्यःसहज प्राप्य
  14. 515.
    सुदर्शनःसुन्दर दर्शन वाले
  15. 516.
    उपकारःसबका उपकार करने वाले
  16. 517.
    प्रियःसबके प्रिय
  17. 518.
    सर्वःसर्वस्वरूप
  18. 519.
    कनकःस्वर्ण के समान कांतिमान
  19. 520.
    काञ्चनच्छविःस्वर्ण-सी छवि वाले
  20. 521.
    नाभिःसृष्टि के केन्द्र-स्वरूप
  21. 522.
    नन्दिकरःआनन्द देने वाले
  22. 523.
    भावःसत्ता व भाव-स्वरूप
  23. 524.
    पुष्करस्थपतिःपुष्कर (आकाश/जल) के स्वामी
  24. 525.
    स्थिरःअचल, स्थिर
  25. 526.
    द्वादशःद्वादश आदित्यों के स्वरूप
  26. 527.
    त्रासनःदुष्टों को भयभीत करने वाले
  27. 528.
    आद्यःसबसे आदि
  28. 529.
    यज्ञःयज्ञ-स्वरूप
  29. 530.
    यज्ञसमाहितःयज्ञ में समाहित (स्थित)
  30. 531.
    नक्तम्रात्रि-स्वरूप
  31. 532.
    कलिःकलह-स्वरूप
  32. 533.
    कालःकाल-स्वरूप
  33. 534.
    मकरःमकर-स्वरूप
  34. 535.
    कालपूजितःकाल द्वारा भी पूजित

भस्म व शुचि नाम (नाम 536–571)

  1. 536.
    सगणःगणों सहित रहने वाले
  2. 537.
    गणकारःगणों के रचयिता
  3. 538.
    भूतवाहनसारथिःभूतगणों के वाहन व सारथि
  4. 539.
    भस्मशयःभस्म पर शयन करने वाले
  5. 540.
    भस्मगोप्ताभस्म से रक्षा करने वाले
  6. 541.
    भस्मभूतःभस्म-रूप (विभूति) धारण करने वाले
  7. 542.
    तरुःवृक्ष-स्वरूप, आश्रयदाता
  8. 543.
    गणःगण-स्वरूप
  9. 544.
    लोकपालःलोकों के रक्षक
  10. 545.
    लोकःसमस्त लोक-स्वरूप
  11. 546.
    महात्मामहान आत्मा
  12. 547.
    सर्वपूजितःसबके द्वारा पूजित
  13. 548.
    शुक्लःश्वेत, शुद्ध स्वरूप
  14. 549.
    त्रिशुक्लःत्रिगुण से शुद्ध
  15. 550.
    सम्पन्नःसमस्त ऐश्वर्य से सम्पन्न
  16. 551.
    शुचिःपरम पवित्र
  17. 552.
    भूतनिषेवितःसमस्त प्राणियों द्वारा सेवित
  18. 553.
    आश्रमस्थःसमस्त आश्रमों में स्थित
  19. 554.
    क्रियावस्थःसमस्त क्रियाओं में स्थित
  20. 555.
    विश्वकर्ममतिःविश्वकर्मा-सदृश बुद्धि वाले
  21. 556.
    वरःश्रेष्ठ, वरदायी
  22. 557.
    विशालशाखःविशाल शाखाओं (भुजाओं) वाले
  23. 558.
    ताम्रोष्ठःताम्र-वर्ण ओष्ठ वाले
  24. 559.
    अम्बुजालःजल-समूह (सृष्टि) के आधार
  25. 560.
    सुनिश्चलःअत्यंत अचल, स्थिर
  26. 561.
    कपिलःकपिल-वर्ण (पिंगल) वाले
  27. 562.
    कपिशःभूरे-वर्ण वाले
  28. 563.
    शुक्लःश्वेत स्वरूप
  29. 564.
    आयुःआयु-स्वरूप (जीवन-शक्ति)
  30. 565.
    परःपरम, सर्वोच्च
  31. 566.
    अपरःअपर (निकटतम) भी
  32. 567.
    गन्धर्वःगन्धर्व-स्वरूप
  33. 568.
    अदितिःअदिति-रूप, अखण्ड
  34. 569.
    तार्क्ष्यःगरुड़-स्वरूप
  35. 570.
    सुविज्ञेयःभक्तों द्वारा सहज जान लिए जाने वाले
  36. 571.
    सुशारदःशरद् ऋतु-सा निर्मल, ज्ञानप्रद

देव व वंश नाम (नाम 572–605)

  1. 572.
    परश्वधायुधःपरशु (फरसा) आयुध धारण करने वाले
  2. 573.
    देवःदेव-स्वरूप, द्योतमान
  3. 574.
    अनुकारीभक्तों का अनुसरण करने वाले
  4. 575.
    सुबान्धवःसबके सच्चे बन्धु
  5. 576.
    तुम्बवीणःतुम्बी की वीणा धारण करने वाले
  6. 577.
    महाक्रोधःदुष्टों पर महान क्रोध करने वाले
  7. 578.
    ऊर्ध्वरेताःपरम संयमी (ऊर्ध्वरेता)
  8. 579.
    जलेशयःजल में शयन करने वाले
  9. 580.
    उग्रःउग्र स्वरूप
  10. 581.
    वंशकरःवंश (परम्परा) चलाने वाले
  11. 582.
    वंशःवंश-स्वरूप
  12. 583.
    वंशनादःवंशी (वेणु) का नाद करने वाले
  13. 584.
    अनिन्दितःनिन्दा-रहित, निर्दोष
  14. 585.
    सर्वाङ्गरूपःसमस्त अंगों में व्याप्त रूप वाले
  15. 586.
    मायावीमाया के स्वामी
  16. 587.
    सुहृत्सबके हितैषी मित्र
  17. 588.
    अनिलःवायु-स्वरूप
  18. 589.
    अनलःअग्नि-स्वरूप
  19. 590.
    बन्धनःदुष्टों को बाँधने वाले
  20. 591.
    बन्धकर्तासंसार-बन्धन रचने वाले
  21. 592.
    सुबन्धनविमोचनःबन्धनों से सुगमता से मुक्त करने वाले
  22. 593.
    यज्ञारिःदक्ष-यज्ञ के शत्रु
  23. 594.
    कामारिःकामदेव के शत्रु
  24. 595.
    महादंष्ट्रःविशाल दाढ़ों वाले
  25. 596.
    महायुधःमहान आयुध वाले
  26. 597.
    बहुधानिन्दितःअज्ञानियों द्वारा अनेक प्रकार से अनिन्दित
  27. 598.
    शर्वःसंहारकर्ता
  28. 599.
    शङ्करःकल्याण करने वाले
  29. 600.
    शङ्करःसुख व मंगल देने वाले
  30. 601.
    अधनःधन-रहित (अपरिग्रही)
  31. 602.
    अमरेशःदेवताओं के ईश
  32. 603.
    महादेवःदेवों के देव, महादेव
  33. 604.
    विश्वदेवःसमस्त विश्व के देव
  34. 605.
    सुरारिहादेव-शत्रुओं (असुरों) का नाश करने वाले

देवरूप व ग्रह नाम (नाम 606–643)

  1. 606.
    अहिर्बुध्न्यःअहिर्बुध्न्य (रुद्र) स्वरूप
  2. 607.
    अनिलाभःवायु के समान आभा वाले
  3. 608.
    चेकितानःसर्वज्ञ, चैतन्यमय
  4. 609.
    हविःयज्ञ-हवि स्वरूप
  5. 610.
    अजैकपात्अजैकपात् (रुद्र) स्वरूप
  6. 611.
    कापालीकपाल धारण करने वाले
  7. 612.
    त्रिशङ्कुःत्रिशंकु-रूप, तीन लोकों में स्थित
  8. 613.
    अजितःअपराजेय
  9. 614.
    शिवःपरम कल्याणकारी
  10. 615.
    धन्वन्तरिःधन्वन्तरि-रूप (आरोग्यदाता)
  11. 616.
    धूमकेतुःधूम-ध्वज (अग्नि/केतु) स्वरूप
  12. 617.
    स्कन्दःस्कन्द (कार्तिकेय) स्वरूप
  13. 618.
    वैश्रवणःकुबेर-स्वरूप
  14. 619.
    धातासबके धारक व विधाता
  15. 620.
    शक्रःइन्द्र-स्वरूप
  16. 621.
    विष्णुःविष्णु-स्वरूप, सर्वव्यापी
  17. 622.
    मित्रःसबके मित्र
  18. 623.
    त्वष्टारूपों के निर्माता
  19. 624.
    ध्रुवःअचल, ध्रुव
  20. 625.
    धरःसबको धारण करने वाले
  21. 626.
    प्रभावःसमस्त ऐश्वर्य के मूल
  22. 627.
    सर्वगःसर्वत्र व्याप्त
  23. 628.
    वायुःवायु-स्वरूप
  24. 629.
    अर्यमाअर्यमा (पितरों के अधिपति) स्वरूप
  25. 630.
    सवितासृष्टि के प्रेरक सूर्य
  26. 631.
    रविःसूर्य-स्वरूप
  27. 632.
    उषङ्गुःभक्तों के प्रति हितकारी
  28. 633.
    विधातासृष्टि-विधान करने वाले
  29. 634.
    मान्धाताजगत् का मनन व धारण करने वाले
  30. 635.
    भूतभावनःप्राणियों का पालन-पोषण करने वाले
  31. 636.
    विभुःसर्वव्यापक
  32. 637.
    वर्णविभावीवर्णों (रूप-रंग) को प्रकट करने वाले
  33. 638.
    सर्वकामगुणावहःसमस्त कामनाओं व गुणों को प्रदान करने वाले
  34. 639.
    पद्मनाभःनाभि-कमल वाले
  35. 640.
    महागर्भःमहान गर्भ (सृष्टि-मूल) वाले
  36. 641.
    चन्द्रवक्त्रःचन्द्र-सा मुख वाले
  37. 642.
    अनिलःवायु-स्वरूप
  38. 643.
    अनलःअग्नि-स्वरूप

अन्तिम नाम (नाम 644–694)

  1. 644.
    बलवान्बलशाली
  2. 645.
    उपशान्तःपरम शांत
  3. 646.
    पुराणःसनातन, अति प्राचीन
  4. 647.
    पुण्यचञ्चुरीपुण्य में निपुण व पुण्यदायी
  5. 648.
    कुरुकर्तासत्कर्म करने व कराने वाले
  6. 649.
    कुरुवासीकुरुक्षेत्र आदि पवित्र स्थलों में निवास करने वाले
  7. 650.
    कुरुभूतःसमस्त कर्मों के रूप में विद्यमान
  8. 651.
    गुणौषधःगुणों रूपी भवरोग की औषधि
  9. 652.
    सर्वाशयःसबके आश्रय व अन्तःकरण में स्थित
  10. 653.
    दर्भचारीकुश (दर्भ) पर विचरण करने वाले तपस्वी
  11. 654.
    सर्वेषां प्राणिनां पतिःसमस्त प्राणियों के स्वामी
  12. 655.
    देवदेवःदेवों के भी देव
  13. 656.
    सुखासक्तःपरम आनन्द में स्थित
  14. 657.
    सत्सत्-स्वरूप (नित्य सत्ता)
  15. 658.
    असत्असत् (परिवर्तनशील) रूप में भी व्याप्त
  16. 659.
    सर्वरत्नवित्समस्त रत्नों (मूल्यवान तत्वों) के ज्ञाता
  17. 660.
    कैलासगिरिवासीकैलास पर्वत पर निवास करने वाले
  18. 661.
    हिमवद्गिरिसंश्रयःहिमालय पर्वत का आश्रय लेने वाले
  19. 662.
    कूलहारीतटों (मर्यादाओं) का संहार करने वाले
  20. 663.
    कूलकर्तातट (आश्रय व मर्यादा) रचने वाले
  21. 664.
    बहुविद्यःअनेक विद्याओं के ज्ञाता
  22. 665.
    बहुप्रदःबहुत कुछ प्रदान करने वाले
  23. 666.
    वणिजःव्यापारी (कर्मफल का लेन-देन करने वाले) स्वरूप
  24. 667.
    वर्धकीसृष्टि का निर्माण-संवर्धन करने वाले
  25. 668.
    वृक्षःवृक्ष-स्वरूप, आश्रयदाता
  26. 669.
    बकुलःबकुल वृक्ष-स्वरूप
  27. 670.
    चन्दनःचन्दन के समान शीतल व सुगंधित
  28. 671.
    छदःसबको ढकने व आश्रय देने वाले
  29. 672.
    सारग्रीवःदृढ़ (सारयुक्त) ग्रीवा वाले
  30. 673.
    महाजत्रुःविशाल कंधों वाले
  31. 674.
    अलोलःचंचलता-रहित, स्थिरचित्त
  32. 675.
    महौषधःभवरोग की महान औषधि
  33. 676.
    सिद्धार्थकारीभक्तों के प्रयोजन सिद्ध करने वाले
  34. 677.
    सिद्धार्थःजिनके समस्त प्रयोजन सिद्ध हैं
  35. 678.
    छन्दोव्याकरणोत्तरःछन्द व व्याकरण में सर्वोत्तम
  36. 679.
    सिंहनादःसिंह-गर्जना करने वाले
  37. 680.
    सिंहदंष्ट्रःसिंह जैसी दाढ़ों वाले
  38. 681.
    सिंहगःसिंह पर गमन करने वाले
  39. 682.
    सिंहवाहनःसिंह को वाहन बनाने वाले
  40. 683.
    प्रभावात्माप्रभावशाली आत्मा
  41. 684.
    जगत्कालस्थालःजगत् व काल के आधार
  42. 685.
    लोकहितःलोकों का हित करने वाले
  43. 686.
    तरुःवृक्ष-सा आश्रयदाता
  44. 687.
    सारङ्गःसार-तत्व में रमने वाले
  45. 688.
    नवचक्राङ्गःनौ चक्रों (शरीर-केन्द्रों) में व्याप्त
  46. 689.
    केतुमालीतेज-किरणों की माला वाले
  47. 690.
    सभावनःसबको भावित (उत्पन्न-पालित) करने वाले
  48. 691.
    भूतालयःसमस्त प्राणियों के आश्रय
  49. 692.
    भूतपतिःसमस्त भूतों के स्वामी
  50. 693.
    अहोरात्रम्दिन-रात (काल) के स्वरूप
  51. 694.
    अनिन्दितःनिन्दा-रहित, परम पावन

धृति व गोपति नाम (नाम 695–734)

  1. 695.
    सर्वभूतवाहितासमस्त प्राणियों को धारण-वहन करने वाली शक्ति
  2. 696.
    निलयःसबके आश्रय-स्थान
  3. 697.
    विभुःसर्वव्यापक
  4. 698.
    भवःसंसार के मूल
  5. 699.
    अमोघःअमोघ, कभी निष्फल न होने वाले
  6. 700.
    संयतःपूर्ण संयमी
  7. 701.
    अश्वःव्यापक व वेगवान अश्व-स्वरूप
  8. 702.
    भोजनःपालक, भोग्य प्रदान करने वाले
  9. 703.
    प्राणधारणःप्राणों के धारक
  10. 704.
    धृतिमान्धैर्यवान
  11. 705.
    मतिमान्बुद्धिमान
  12. 706.
    दक्षःकुशल, समर्थ
  13. 707.
    सत्कृतःसबके द्वारा सम्मानित
  14. 708.
    युगाधिपःयुगों के अधिपति
  15. 709.
    गोपालिःगौ व पृथ्वी के पालक
  16. 710.
    गोपतिःगौओं व इन्द्रियों के स्वामी
  17. 711.
    ग्रामःसमूह-स्वरूप
  18. 712.
    गोचर्मवसनःगोचर्म (मृगचर्म) वस्त्र वाले
  19. 713.
    हरिःपाप व दुःख हरने वाले
  20. 714.
    हिरण्यबाहुःस्वर्ण-भुजाओं वाले
  21. 715.
    गुहापालःगुहा (हृदय-गुफा) में प्रवेश करने वालों के रक्षक
  22. 716.
    प्रकृष्टारिःप्रबल शत्रुओं का नाश करने वाले
  23. 717.
    महाहर्षःमहान आनन्द वाले
  24. 718.
    जितकामःकाम को जीतने वाले
  25. 719.
    जितेन्द्रियःइन्द्रियों को जीतने वाले
  26. 720.
    गान्धारःगान्धार (संगीत-स्वर) स्वरूप
  27. 721.
    सुवासःसुगंधमय, उत्तम निवास वाले
  28. 722.
    तपःसक्तःतप में रत
  29. 723.
    रतिःआनन्द-स्वरूप
  30. 724.
    नरःसनातन पुरुष
  31. 725.
    महागीतःमहान संगीत के प्रेमी
  32. 726.
    महानृत्यःमहान नृत्य करने वाले
  33. 727.
    अप्सरोगणसेवितःअप्सरा-गणों द्वारा सेवित
  34. 728.
    महाकेतुःमहान ध्वजा वाले
  35. 729.
    महाधातुःमहान धातु व आधार
  36. 730.
    नैकसानुचरःअनेक शिखरों पर विचरने वाले
  37. 731.
    चलःगतिशील
  38. 732.
    आवेदनीयःजानने व प्रार्थना करने योग्य
  39. 733.
    आदेशःउपदेश व आदेश-स्वरूप
  40. 734.
    सर्वगन्धसुखावहःसमस्त सुगंध व सुख देने वाले

तोरण व युक्त नाम (नाम 735–761)

  1. 735.
    तोरणःप्रवेश-द्वार (तोरण) स्वरूप
  2. 736.
    तारणःभवसागर से तारने वाले
  3. 737.
    वातःवायु-स्वरूप
  4. 738.
    परिधिःसबको घेरने वाली सीमा
  5. 739.
    पतिःस्वामी
  6. 740.
    खेचरःआकाशचारी
  7. 741.
    संयोगःयोग व मिलन-स्वरूप
  8. 742.
    वर्धनःवृद्धि करने वाले
  9. 743.
    वृद्धःसबसे प्राचीन
  10. 744.
    अतिवृद्धःअत्यंत प्राचीन
  11. 745.
    गुणाधिकःगुणों में सबसे अधिक
  12. 746.
    नित्यःशाश्वत
  13. 747.
    आत्मसहायःस्वयं ही अपने सहायक (स्वावलंबी)
  14. 748.
    देवासुरपतिःदेव व असुर दोनों के स्वामी
  15. 749.
    पतिःसर्वस्वामी
  16. 750.
    युक्तःयोगयुक्त
  17. 751.
    युक्तबाहुःसुगठित भुजाओं वाले
  18. 752.
    देवःद्योतमान देव
  19. 753.
    सुपर्वास्वर्ग में श्रेष्ठ (देवों में पूज्य)
  20. 754.
    आषाढःआषाढ (दण्डधारी मुनि) स्वरूप
  21. 755.
    सुषाढःसब कुछ सहने व जीतने वाले
  22. 756.
    ध्रुवःअचल, स्थिर
  23. 757.
    हरिणःहरित व हरिण-स्वरूप
  24. 758.
    हरःहरने वाले
  25. 759.
    वपुःदिव्य रूप-स्वरूप
  26. 760.
    वसुश्रेष्ठःवसुओं में श्रेष्ठ
  27. 761.
    महापथःमहान मार्ग-स्वरूप

योग व तीर्थ नाम (नाम 762–785)

  1. 762.
    शिरोहारी(दक्ष/ब्रह्मा का) शिर हरने वाले
  2. 763.
    विमर्शःविवेक व विचार-स्वरूप
  3. 764.
    सर्वलक्षणलक्षितःसमस्त शुभ लक्षणों से युक्त
  4. 765.
    अक्षःधुरी व इन्द्रिय-स्वरूप
  5. 766.
    रथयोगीरथ पर आरूढ़ योगी
  6. 767.
    सर्वयोगीसमस्त योगों से युक्त
  7. 768.
    महाबलःमहाबलशाली
  8. 769.
    समाम्नायःवेद-परम्परा स्वरूप
  9. 770.
    असमाम्नायःपरम्परा से परे
  10. 771.
    तीर्थदेवःतीर्थों के देव
  11. 772.
    महारथःमहान रथी
  12. 773.
    निर्जीवःप्राण-धर्म से परे (निर्विकार)
  13. 774.
    जीवनःजीवन देने वाले
  14. 775.
    मन्त्रःमन्त्र-स्वरूप
  15. 776.
    शुभाक्षःशुभ नेत्रों वाले
  16. 777.
    बहुकर्कशःदुष्टों के प्रति अत्यंत कठोर
  17. 778.
    रत्नप्रभूतःरत्नों के उद्भव-स्थान
  18. 779.
    रत्नाङ्गःरत्नमय अंगों वाले
  19. 780.
    महार्णवनिपानवित्महासागर रूपी जलाशय के ज्ञाता
  20. 781.
    मूलम्सबके मूल कारण
  21. 782.
    विशालःविशाल, व्यापक
  22. 783.
    अमृतःअमर
  23. 784.
    व्यक्ताव्यक्तःव्यक्त व अव्यक्त दोनों स्वरूप
  24. 785.
    तपोनिधिःतप के भण्डार

रूप व आयुध नाम (उत्तर) (नाम 786–821)

  1. 786.
    आरोहणःउन्नति (आरोहण) देने वाले
  2. 787.
    अधिरोहःआरोहण-स्वरूप
  3. 788.
    शीलधारीशील (सदाचार) धारण करने वाले
  4. 789.
    महायशाःमहायशस्वी
  5. 790.
    सेनाकल्पःसेना-सदृश सामर्थ्य वाले
  6. 791.
    महाकल्पःमहान कल्प (विधि) स्वरूप
  7. 792.
    योगःयोग-स्वरूप
  8. 793.
    युगकरःयुगों के रचयिता
  9. 794.
    हरिःहरने वाले
  10. 795.
    युगरूपःयुग-रूप
  11. 796.
    महारूपःमहान रूप वाले
  12. 797.
    महानागहनःमहान नागों/शत्रुओं का नाश करने वाले
  13. 798.
    वधःदुष्टों के वध-स्वरूप
  14. 799.
    न्यायनिर्वपणःन्याय की स्थापना करने वाले
  15. 800.
    पादःसबके आधार (चरण) स्वरूप
  16. 801.
    पण्डितःपरम ज्ञानी
  17. 802.
    अचलोपमःपर्वत के समान अचल
  18. 803.
    बहुमालःअनेक मालाओं वाले
  19. 804.
    महामालःमहान माला वाले
  20. 805.
    शशीचन्द्र धारण करने वाले
  21. 806.
    हरसुलोचनःसुन्दर नेत्रों वाले हर
  22. 807.
    विस्तारःविस्तार-स्वरूप
  23. 808.
    लवणःसमुद्र (लवण) स्वरूप, रसमय
  24. 809.
    कूपःगहन आश्रय-स्वरूप
  25. 810.
    त्रियुगःतीन युगों में प्रकट होने वाले
  26. 811.
    सफलोदयःसफल उदय वाले
  27. 812.
    त्रिलोचनःतीन नेत्रों वाले
  28. 813.
    विषण्णाङ्गःगंभीर (संहार-काल में क्षीण) अंगों वाले
  29. 814.
    मणिविद्धःमणियों से जड़े (आभूषित)
  30. 815.
    जटाधरःजटा धारण करने वाले
  31. 816.
    बिन्दुःनाद-बिन्दु स्वरूप
  32. 817.
    विसर्गःविसर्जन (प्रलय) स्वरूप
  33. 818.
    सुमुखःसुन्दर मुख वाले
  34. 819.
    शरःबाण-स्वरूप
  35. 820.
    सर्वायुधःसमस्त आयुधों से युक्त
  36. 821.
    सहःसहनशील

गन्ध व लोक नाम (नाम 822–850)

  1. 822.
    निवेदनःआत्म-निवेदन (समर्पण) स्वरूप
  2. 823.
    सुखाजातःसुखपूर्वक प्रकट होने वाले
  3. 824.
    सुगन्धारःउत्तम गंध वाले
  4. 825.
    महाधनुःमहान धनुष वाले
  5. 826.
    गन्धपालीगन्ध (पृथ्वी) के पालक
  6. 827.
    भगवान्षड्ऐश्वर्य-सम्पन्न
  7. 828.
    सर्वकर्मोत्थानःसमस्त कर्मों के उत्थान व प्रेरक
  8. 829.
    मन्थानःमथने वाले (समुद्र-मंथन)
  9. 830.
    बहुलःविस्तृत, बहुल
  10. 831.
    वायुःवायु-स्वरूप
  11. 832.
    सकलःसमस्त कलाओं से युक्त
  12. 833.
    सर्वलोचनःसब ओर नेत्रों वाले
  13. 834.
    तलःआधार-स्वरूप
  14. 835.
    तालःताल (लय) स्वरूप
  15. 836.
    करस्थालीहाथ ही जिनका पात्र
  16. 837.
    ऊर्ध्वसंहननःऊर्ध्व (दृढ़) गठन वाले
  17. 838.
    महान्महान
  18. 839.
    छत्रम्छत्र (रक्षक) स्वरूप
  19. 840.
    सुच्छत्रःउत्तम छत्र वाले
  20. 841.
    विख्यातःसर्वविख्यात
  21. 842.
    लोकःलोक-स्वरूप
  22. 843.
    सर्वाश्रयःसबके आश्रय
  23. 844.
    क्रमःक्रम (व्यवस्था) स्वरूप
  24. 845.
    मुण्डःमुण्डित-शिर रूप
  25. 846.
    विरूपःविचित्र रूप वाले
  26. 847.
    विकृतःनाना विकृत रूप धारण करने वाले
  27. 848.
    दण्डीदण्डधारी
  28. 849.
    कुण्डीकमण्डलु धारण करने वाले
  29. 850.
    विकुर्वणःनाना रूप रचने वाले

सहस्रमूर्धा व ब्रह्म नाम (नाम 851–884)

  1. 851.
    हर्यक्षःसिंह-नेत्र / पीत-नेत्र वाले
  2. 852.
    ककुभःदिशा-स्वरूप, श्रेष्ठ
  3. 853.
    वज्रःवज्र-स्वरूप
  4. 854.
    शतजिह्वःसौ जिह्वाओं वाले
  5. 855.
    सहस्रपात्सहस्र चरणों वाले
  6. 856.
    सहस्रमूर्धासहस्र मस्तकों वाले
  7. 857.
    देवेन्द्रःदेवों के इन्द्र
  8. 858.
    सर्वदेवमयःसमस्त देवमय
  9. 859.
    गुरुःजगद्गुरु
  10. 860.
    सहस्रबाहुःसहस्र भुजाओं वाले
  11. 861.
    सर्वाङ्गःसर्व-अंगमय
  12. 862.
    शरण्यःशरण देने योग्य
  13. 863.
    सर्वलोककृत्समस्त लोकों के रचयिता
  14. 864.
    पवित्रम्परम पवित्र
  15. 865.
    त्रिककुत्तीन शिखरों/लोकों के स्वामी
  16. 866.
    मन्त्रःमन्त्र-स्वरूप
  17. 867.
    कनिष्ठःसूक्ष्मतम रूप में भी व्याप्त
  18. 868.
    कृष्णपिङ्गलःश्याम व पिंगल वर्ण वाले
  19. 869.
    ब्रह्मदण्डविनिर्माताब्रह्मदण्ड (दिव्य अस्त्र) के निर्माता
  20. 870.
    शतघ्नीपाशशक्तिमान्शतघ्नी, पाश व शक्ति आयुध धारी
  21. 871.
    पद्मगर्भःकमल-गर्भ में स्थित
  22. 872.
    महागर्भःमहान गर्भ (सृष्टि-मूल)
  23. 873.
    ब्रह्मगर्भःब्रह्म को गर्भ में धारण करने वाले
  24. 874.
    जलोद्भवःजल से प्रकट होने वाले
  25. 875.
    गभस्तिःकिरण-स्वरूप
  26. 876.
    ब्रह्मकृत्ब्रह्म (वेद व सृष्टि) के कर्ता
  27. 877.
    ब्रह्मीब्रह्म-स्वरूप
  28. 878.
    ब्रह्मविद्ब्रह्म के ज्ञाता
  29. 879.
    ब्राह्मणःब्रह्मनिष्ठ, ब्राह्मण-स्वरूप
  30. 880.
    गतिःपरम गति
  31. 881.
    अनन्तरूपःअनन्त रूप वाले
  32. 882.
    नैकात्माअनेक रूपों में विद्यमान आत्मा
  33. 883.
    तिग्मतेजाःतीव्र तेज वाले
  34. 884.
    स्वयम्भूःस्वयं प्रकट होने वाले

उमापति व वराह नाम (नाम 885–916)

  1. 885.
    ऊर्ध्वगात्माऊर्ध्वगामी आत्मा
  2. 886.
    पशुपतिःजीवों के स्वामी
  3. 887.
    वातरंहाःवायु के समान वेग वाले
  4. 888.
    मनोजवःमन के समान वेगवान
  5. 889.
    चन्दनीचन्दन-लेपित, शीतल
  6. 890.
    पद्मनालाग्रःकमल-नाल के अग्र पर स्थित
  7. 891.
    सुरभ्युत्तरणःगौ (सुरभि) का उद्धार करने वाले
  8. 892.
    नरःपुरुष-स्वरूप
  9. 893.
    कर्णिकारमहास्रग्वीकर्णिकार-पुष्पों की महामाला वाले
  10. 894.
    नीलमौलिःनील मुकुट वाले
  11. 895.
    पिनाकधृत्पिनाक धनुष धारण करने वाले
  12. 896.
    उमापतिःउमा के पति
  13. 897.
    उमाकान्तःउमा के प्रिय
  14. 898.
    जाह्नवीधृक्गंगा को धारण करने वाले
  15. 899.
    उमाधवःउमा के स्वामी
  16. 900.
    वरःश्रेष्ठ
  17. 901.
    वराहःवराह-स्वरूप
  18. 902.
    वरदःवर देने वाले
  19. 903.
    वरेण्यःवरण योग्य, श्रेष्ठ
  20. 904.
    सुमहास्वनःमहान ध्वनि वाले
  21. 905.
    महाप्रसादःमहान कृपालु
  22. 906.
    दमनःदमन करने वाले
  23. 907.
    शत्रुहाशत्रुओं का नाश करने वाले
  24. 908.
    श्वेतपिङ्गलःश्वेत व पिंगल वर्ण वाले
  25. 909.
    पीतात्मापवित्र (पीत-वर्ण) आत्मा
  26. 910.
    परमात्मापरम आत्मा
  27. 911.
    प्रयतात्मासंयमित आत्मा
  28. 912.
    प्रधानधृत्प्रकृति (प्रधान) को धारण करने वाले
  29. 913.
    सर्वपार्श्वमुखःसब ओर मुख वाले
  30. 914.
    त्र्यक्षःतीन नेत्रों वाले
  31. 915.
    धर्मसाधारणःधर्म के समान सर्वाधार
  32. 916.
    वरःश्रेष्ठ, वरदायी

काल व कला नाम (नाम 917–950)

  1. 917.
    चराचरात्माचर-अचर की आत्मा
  2. 918.
    सूक्ष्मात्मासूक्ष्म आत्मा
  3. 919.
    अमृतःअमर
  4. 920.
    गोवृषेश्वरःवृषभ (नन्दी) के स्वामी
  5. 921.
    साध्यर्षिःसाध्य-गण व ऋषि स्वरूप
  6. 922.
    वसुःवसु-स्वरूप, निवास-स्थान
  7. 923.
    आदित्यःआदित्य-स्वरूप
  8. 924.
    विवस्वान्सूर्य-स्वरूप
  9. 925.
    सविताप्रेरक सूर्य
  10. 926.
    अमृतःअमरस्वरूप
  11. 927.
    व्यासःविस्तारक, व्यास-स्वरूप
  12. 928.
    सर्गःसृष्टि-स्वरूप
  13. 929.
    सुसङ्क्षेपःसंक्षेप (संहार) स्वरूप
  14. 930.
    विस्तरःविस्तार-स्वरूप
  15. 931.
    पर्ययःपरिवर्तन व क्रम स्वरूप
  16. 932.
    नरःपुरुष-स्वरूप
  17. 933.
    ऋतुःऋतु-स्वरूप
  18. 934.
    संवत्सरःवर्ष-स्वरूप
  19. 935.
    मासःमास-स्वरूप
  20. 936.
    पक्षःपक्ष-स्वरूप
  21. 937.
    सङ्ख्यासमापनःकाल-गणना के समापक
  22. 938.
    कलाकला (काल-अंश) स्वरूप
  23. 939.
    काष्ठाकाष्ठा (काल-अंश) स्वरूप
  24. 940.
    लवालव (काल-अंश) स्वरूप
  25. 941.
    मात्रामात्रा (काल-अंश) स्वरूप
  26. 942.
    मुहूर्तःमुहूर्त-स्वरूप
  27. 943.
    अहःदिन-स्वरूप
  28. 944.
    क्षपारात्रि-स्वरूप
  29. 945.
    क्षणःक्षण-स्वरूप
  30. 946.
    विश्वक्षेत्रम्विश्व-रूपी क्षेत्र
  31. 947.
    प्रजाबीजम्प्रजा (सृष्टि) के बीज
  32. 948.
    लिङ्गम्लिङ्ग (चिह्न व कारण) स्वरूप
  33. 949.
    आद्यःसबसे आदि
  34. 950.
    निर्गमःसबका उद्गम व लय-स्थान

द्वार व देवासुर नाम (नाम 951–982)

  1. 951.
    सत्सत्-स्वरूप (नित्य सत्ता)
  2. 952.
    असत्असत् (परिवर्तनशील) स्वरूप
  3. 953.
    व्यक्तम्व्यक्त (प्रकट) स्वरूप
  4. 954.
    अव्यक्तम्अव्यक्त (अप्रकट) स्वरूप
  5. 955.
    पितासबके पिता
  6. 956.
    मातासबकी माता
  7. 957.
    पितामहःसबके पितामह
  8. 958.
    स्वर्गद्वारम्स्वर्ग के द्वार
  9. 959.
    प्रजाद्वारम्प्रजा (सृष्टि) के द्वार
  10. 960.
    मोक्षद्वारम्मोक्ष के द्वार
  11. 961.
    त्रिविष्टपम्त्रिलोक व स्वर्ग-स्वरूप
  12. 962.
    निर्वाणम्निर्वाण (परम शांति) स्वरूप
  13. 963.
    ह्लादनःआह्लाद देने वाले
  14. 964.
    ब्रह्मलोकःब्रह्मलोक-स्वरूप
  15. 965.
    परा गतिःपरम गति
  16. 966.
    देवासुरविनिर्मातादेव व असुरों के निर्माता
  17. 967.
    देवासुरपरायणःदेव-असुर दोनों के आश्रय
  18. 968.
    देवासुरगुरुःदेव-असुरों के गुरु
  19. 969.
    देवःदेव
  20. 970.
    देवासुरनमस्कृतःदेव-असुरों द्वारा नमस्कृत
  21. 971.
    देवासुरमहामात्रःदेव-असुरों में महान
  22. 972.
    देवासुरगणाश्रयःदेव-असुर गणों के आश्रय
  23. 973.
    देवातिदेवःदेवों से भी श्रेष्ठ देव
  24. 974.
    देवर्षिःदेवर्षि-स्वरूप
  25. 975.
    देवासुरवरप्रदःदेव-असुरों को वर देने वाले
  26. 976.
    देवासुरेश्वरःदेव-असुरों के ईश्वर
  27. 977.
    विश्वःविश्व-स्वरूप
  28. 978.
    देवासुरमहेश्वरःदेव-असुरों के महेश्वर
  29. 979.
    सर्वदेवमयःसमस्त देवमय
  30. 980.
    अचिन्त्यःचिन्तन से परे
  31. 981.
    देवतात्मादेवताओं की आत्मा
  32. 982.
    आत्मसम्भवःस्वयं से प्रकट होने वाले

अन्तिम दिव्य नाम (नाम 983–1037)

  1. 983.
    उद्भित्सृष्टि को अंकुरित-प्रकट करने वाले
  2. 984.
    त्रिविक्रमःतीन पगों में जगत् नापने वाले
  3. 985.
    वैद्यःभवरोग के वैद्य
  4. 986.
    विरजःरजोगुण-रहित, निर्मल
  5. 987.
    नीरजःमल-रहित, शुद्ध
  6. 988.
    अमरःअमर
  7. 989.
    ईड्यःस्तुति के योग्य
  8. 990.
    हस्तीश्वरःगजेन्द्र व हाथियों के स्वामी
  9. 991.
    व्याघ्रःव्याघ्र-स्वरूप
  10. 992.
    देवसिंहःदेवों में सिंह
  11. 993.
    नरर्षभःनरों में श्रेष्ठ (वृषभ)
  12. 994.
    विबुधःपरम ज्ञानी, देव
  13. 995.
    अग्रवरःसर्वश्रेष्ठ
  14. 996.
    सूक्ष्मःसूक्ष्म
  15. 997.
    सर्वदेवःसमस्त देव-स्वरूप
  16. 998.
    तपोमयःतपोमय
  17. 999.
    सुयुक्तःभली-भाँति योगयुक्त
  18. 1000.
    शोभनःशोभायमान
  19. 1001.
    वज्रीवज्रधारी
  20. 1002.
    प्रासानां प्रभवःप्रास (अस्त्रों) के उद्गम
  21. 1003.
    अव्ययःअविनाशी
  22. 1004.
    गुहःगूढ़, गुहा में स्थित
  23. 1005.
    कान्तःकमनीय, सुन्दर
  24. 1006.
    निजःनित्य स्व-स्वरूप
  25. 1007.
    सर्गःसृष्टि-स्वरूप
  26. 1008.
    पवित्रम्पवित्र करने वाले
  27. 1009.
    सर्वपावनःसबको पवित्र करने वाले
  28. 1010.
    शृङ्गीशृंग (शिखर/सींग) धारण करने वाले
  29. 1011.
    शृङ्गप्रियःशृंग (पर्वत-शिखर) के प्रेमी
  30. 1012.
    बभ्रुःभरण करने वाले, भूरे वर्ण
  31. 1013.
    राजराजःराजाओं के राजा
  32. 1014.
    निरामयःरोग-रहित
  33. 1015.
    अभिरामःपरम सुन्दर, आनन्ददायी
  34. 1016.
    सुरगणःदेवगण-स्वरूप
  35. 1017.
    विरामःविश्राम (लय) स्वरूप
  36. 1018.
    सर्वसाधनःसमस्त साधनों के स्वरूप
  37. 1019.
    ललाटाक्षःललाट में नेत्र वाले
  38. 1020.
    विश्वदेवःविश्व के देव
  39. 1021.
    हरिणःहरिण-स्वरूप
  40. 1022.
    ब्रह्मवर्चसःब्रह्मतेज से युक्त
  41. 1023.
    स्थावराणां पतिःस्थावर (अचल) जगत् के स्वामी
  42. 1024.
    नियमेन्द्रियवर्धनःनियम व इन्द्रिय-संयम को बढ़ाने वाले
  43. 1025.
    सिद्धार्थःजिनके प्रयोजन सिद्ध हैं
  44. 1026.
    सिद्धभूतार्थःजिनके समस्त अर्थ सिद्ध हो चुके हैं
  45. 1027.
    अचिन्त्यःअचिन्त्य
  46. 1028.
    सत्यव्रतःसत्य-व्रती
  47. 1029.
    शुचिःपवित्र
  48. 1030.
    व्रताधिपःव्रतों के अधिपति
  49. 1031.
    परं ब्रह्मपरब्रह्म
  50. 1032.
    भक्तानां परमा गतिःभक्तों की परम गति
  51. 1033.
    विमुक्तःपूर्णतः मुक्त
  52. 1034.
    मुक्ततेजाःअबाधित तेज वाले
  53. 1035.
    श्रीमान्श्री-सम्पन्न
  54. 1036.
    श्रीवर्धनःश्री (ऐश्वर्य) बढ़ाने वाले
  55. 1037.
    जगत्सम्पूर्ण जगत्-स्वरूप

अर्थ (हिन्दी)

  1. शांत स्वरूप, सृष्टि-स्थिति-संहार तीनों के कारण भगवान शिव को नमस्कार। हे परमेश्वर, मैं अपने आत्मा को आपको समर्पित करता हूँ; आप ही मेरी गति हैं।
  2. आरंभिक श्लोक: शिव स्थिर, स्थाणु (अचल), प्रभु, भीम, श्रेष्ठ, वरदाता व वरण-योग्य हैं; वे सबकी आत्मा, सर्वविख्यात, सर्वस्वरूप, सब कुछ करने वाले व संसार के कारण हैं। (इसी क्रम में आगे एक हजार नाम आते हैं।)

लाभ

  • मन को शांति व निर्भयता प्राप्त होती है।
  • रोग, भय व बाधाओं का नाश माना जाता है।
  • शिव के प्रति गहन भक्ति व आध्यात्मिक उन्नति होती है।

कब करें पाठ

सोमवार व प्रदोष काल मेंमहाशिवरात्रि परप्रातः पूजा में

पाठ विधि

शिवलिंग पर जल व बेलपत्र अर्पित कर ध्यान-श्लोक से आरंभ करें, फिर शुद्ध उच्चारण से नामावली का पाठ करें। सोमवार व महाशिवरात्रि पर विशेष फलदायी।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
मूल ग्रंथमहाभारत — अनुशासन पर्व (शिव सहस्रनाम स्तोत्र)
स्रोत परंपरामहाभारत — अनुशासन पर्व (शिव सहस्रनाम स्तोत्र)
रचयितावेदव्यास (महाभारत)
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री शिव

Lord Shiva

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

देवता वर्गसंहार · योग · ध्यान · कल्याण · मोक्ष
वाहननंदी (वृषभ)
संबंधित वारसोमवार
मुख्य मंत्रॐ नमः शिवाय
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शिव सहस्रनाम — सामान्य प्रश्न

श्री शिव भक्ति संग्रह

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