श्री एकलिंगजी आरती
śrī ekaliṃgajī āratī
Eklingji Aarti (Eklingnath Mahadev)
परिचय
महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।
स्रोत: पारंपरिक एकलिंगजी (शिव) आरती
उद्भव / पृष्ठभूमि
श्री एकलिंगजी (एकलिंगनाथ) भगवान शिव का चतुर्मुख स्वरूप हैं, जो उदयपुर (राजस्थान) के कैलाशपुरी में विराजमान हैं तथा मेवाड़ के अधिष्ठाता देव माने जाते हैं। यह आरती सोमवार, प्रदोष व महाशिवरात्रि पर गाई जाती है।
आरती (लिरिक्स)
जय एकलिंग महादेवा, स्वामी जय एकलिंग देवा। मेवाड़ के अधिपति, करूँ मैं तव सेवा॥
हे एकलिंग महादेव, आपकी जय हो! हे मेवाड़ के अधिपति, मैं आपकी सेवा करता हूँ।
चतुर्मुख रूप विराजे, श्याम-शिला अति प्यारी। कैलाशपुरी में शोभे, छवि अति न्यारी॥
चतुर्मुख (चार मुख वाले) रूप में विराजमान, अति प्रिय श्याम-शिला स्वरूप; कैलाशपुरी में सुशोभित आपकी छवि अति अनुपम है।
जल-बेलपत्र अर्पित, भक्त करें पूजा। हर-हर महादेव कहकर, ध्यावें नहिं दूजा॥
भक्त जल व बेलपत्र अर्पित कर पूजा करते हैं; "हर-हर महादेव" कहकर वे आप ही का ध्यान करते हैं, किसी अन्य का नहीं।
रोग-शोक भय हरते, संकट सब टारो। शरण पड़े की रक्षा, प्रभु करो हमारी॥
आप रोग, शोक व भय हरते हैं; हमारे समस्त संकट दूर कीजिए; हे प्रभु, शरण में आए हम सबकी रक्षा कीजिए।
एकलिंगजी की आरती, जो जन श्रद्धा गावे। सुख-शान्ति वह पावे, मनवांछित फल पावे॥
जो भक्त श्रद्धा से एकलिंगजी की यह आरती गाता है, वह सुख-शांति तथा मनोवांछित फल प्राप्त करता है।
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अर्थ (हिन्दी)
- हे एकलिंग महादेव, आपकी जय हो! हे मेवाड़ के अधिपति, मैं आपकी सेवा करता हूँ।
- चतुर्मुख (चार मुख वाले) रूप में विराजमान, अति प्रिय श्याम-शिला स्वरूप; कैलाशपुरी में सुशोभित आपकी छवि अति अनुपम है।
- भक्त जल व बेलपत्र अर्पित कर पूजा करते हैं; "हर-हर महादेव" कहकर वे आप ही का ध्यान करते हैं, किसी अन्य का नहीं।
- आप रोग, शोक व भय हरते हैं; हमारे समस्त संकट दूर कीजिए; हे प्रभु, शरण में आए हम सबकी रक्षा कीजिए।
- जो भक्त श्रद्धा से एकलिंगजी की यह आरती गाता है, वह सुख-शांति तथा मनोवांछित फल प्राप्त करता है।
लाभ
- मन को शांति व स्थिरता प्राप्त होती है।
- भय, रोग व संकट से रक्षा होती है।
- भक्ति व आध्यात्मिक उन्नति बढ़ती है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
एकलिंगजी (शिवलिंग) पर जल व बेलपत्र अर्पित करें, दीप-धूप जलाकर "ॐ नमः शिवाय" का स्मरण करते हुए आरती गाएँ। सोमवार व महाशिवरात्रि पर विशेष फलदायी।
प्रामाणिकता व स्रोत
देव परिचय
श्री शिव
Lord Shiva
महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।
