ॐ गं गणपतये नमः

oṃ gaṃ gaṇapataye namaḥ

Ganesh Beej Mantra

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
बुधवार; गणेश चतुर्थी
उद्देश्य:विघ्न नाश (Obstacle Removal)बुद्धि (Knowledge)शुभारंभ (Auspicious Start)
✓ संपूर्ण

परिचय

विघ्नहर्ता श्री गणेश हर शुभ कार्य के प्रथम पूज्य देव हैं — बुद्धि, विवेक और समृद्धि के दाता।

स्रोत: पारंपरिक तांत्रिक/पौराणिक बीज मंत्र

मंत्र

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ॐ गं गणपतये नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ गं गणपतये नमः॥

oṃ gaṃ gaṇapataye namaḥ ||

Om Gam Ganapataye Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "गं" को अनुस्वार सहित नासिक्य ध्वनि ("गम्") के रूप में बोलें। फिर "ग-ण-प-त-ये" स्पष्ट रूप से और अंत में "न-मः" (विसर्ग की हल्की ह् ध्वनि)।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

प्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
गंगणेश का बीजाक्षर (बीज मंत्र)
गणपतयेगणपति को
नमःनमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. गणपति को नमस्कार। यहाँ "गं" श्री गणेश का बीजाक्षर है, जो उनकी समस्त शक्ति व कृपा का संक्षिप्त रूप है।

लाभ

  • कार्यों में आने वाले विघ्न दूर होते हैं।
  • बुद्धि, एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • किसी भी शुभ कार्य का सफल आरंभ होता है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष या लाल चंदन माला

उत्तम समय: प्रातः व बुधवार

जप का उत्तम समय

बुधवार कोकिसी नए कार्य के आरंभ मेंप्रातः पूजा में

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

गणेश जी के समक्ष दूर्वा व मोदक अर्पित कर रुद्राक्ष या लाल चंदन माला से 108 बार जप करें। नए कार्य से पूर्व इसका जप विशेष शुभ माना जाता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक बीज मंत्र परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री गणेश

Lord Ganesha

विघ्नहर्ता श्री गणेश हर शुभ कार्य के प्रथम पूज्य देव हैं — बुद्धि, विवेक और समृद्धि के दाता।

देवता वर्गविघ्न नाश · बुद्धि · शुभारंभ · समृद्धि
वाहनमूषक (चूहा)
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