ॐ श्री गणेशाय नमः

oṃ śrī gaṇeśāya namaḥ

Om Shri Ganeshaya Namah

समय
20 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
बुधवार व चतुर्थी
उद्देश्य:शुभ आरंभ (Auspicious Start)विघ्न नाश (Obstacle Removal)
✓ संपूर्ण नाम जाप

ॐ श्री गणेशाय नमः भगवान गणेश का सबसे सरल नाम-मंत्र है — अर्थ है "श्री गणेश को नमस्कार"। किसी भी पूजा या काम की शुरुआत इसी से की जाती है, इसलिए "श्रीगणेश करना" शुभ आरंभ का दूसरा नाम बन गया। इसका जप प्रायः 108 बार किया जाता है।

परिचय

विघ्नहर्ता श्री गणेश हर शुभ कार्य के प्रथम पूज्य देव हैं — बुद्धि, विवेक और समृद्धि के दाता।

स्रोत: पारंपरिक गणेश नाम मंत्र

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ श्री गणेशाय नमः
IASToṃ śrī gaṇeśāya namaḥ
प्रकारनाम जाप
देवताश्री गणेश
मूल स्रोतपारंपरिक गणेश नाम मंत्र
जप संख्या108
मालारुद्राक्ष या स्फटिक माला
शुभ दिनबुधवार व चतुर्थी
पाठ समय20 सेकंड
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

ॐ श्री गणेशाय नमः पारंपरिक गणेश नाम मंत्र के रूप में जाना जाता है। श्री गणेश को नमस्कार। यह सरल नाम मंत्र हर शुभ कार्य के आरंभ में गणेश-वंदना हेतु जपा जाता है।

मंत्र के प्रत्येक पद का अपना अर्थ है: ॐ — प्रणव — परब्रह्म का प्रतीक; श्री — मंगल/शोभा सूचक आदरार्थक; गणेशाय — गणेश को; नमः — नमस्कार। इन्हीं पदों के मेल से पूरे मंत्र का भाव बनता है, इसलिए जप करते समय इनका स्मरण रखना उपयोगी कहा जाता है।

यह नाम-मंत्र है, अर्थात इष्ट के नाम का जप। परंपरा में नाम-जप का मार्ग सबके लिए खुला कहा गया है — इसमें पात्रता की शर्त भाव है, विधि नहीं।

परंपरा में इसका जप 108 बार — एक माला — कहा जाता है, और इसके लिए रुद्राक्ष या स्फटिक माला बताई जाती है। इसके लिए बुधवार व चतुर्थी विशेष कहे जाते हैं। परंपरा में यह भी कहा जाता है कि संख्या से अधिक महत्व नियमितता का है।

मंत्र

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ॐ श्री गणेशाय नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ श्री गणेशाय नमः॥

oṃ śrī gaṇeśāya namaḥ ||

Om Shri Ganeshaya Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "श्री" को स्पष्ट, "ग-णे-शाय" को सम स्वर में और अंत में "न-मः" बोलें। सरल व मधुर स्वर में दोहराएँ।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
श्रीमंगल/शोभा सूचक आदरार्थक
गणेशायगणेश को
नमःनमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. श्री गणेश को नमस्कार। यह सरल नाम मंत्र हर शुभ कार्य के आरंभ में गणेश-वंदना हेतु जपा जाता है।

लाभ

  • हर शुभ कार्य का मंगलमय आरंभ होता है।
  • विघ्न दूर होकर कार्य सफल होते हैं।
  • घर में सुख-शांति व सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष या स्फटिक माला

उत्तम समय: प्रातः व बुधवार

जप का उत्तम समय

किसी कार्य के आरंभ मेंबुधवार व चतुर्थी कोप्रातः पूजा में

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

गणेश जी के समक्ष दीप जलाकर व दूर्वा अर्पित कर इस मंत्र का 108 बार जप करें। किसी नए कार्य के आरंभ में इसका स्मरण शुभ माना जाता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराblog.shlokmantra.com — 108 देवताओं के गायत्री मंत्र
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री गणेश

Lord Ganesha

विघ्नहर्ता श्री गणेश हर शुभ कार्य के प्रथम पूज्य देव हैं — बुद्धि, विवेक और समृद्धि के दाता।

देवता वर्गविघ्न नाश · बुद्धि · शुभारंभ · समृद्धि
वाहनमूषक (चूहा)
संबंधित वारबुधवार
मुख्य मंत्रॐ गं गणपतये नमः
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ॐ श्री गणेशाय नमः — सामान्य प्रश्न

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