दीपावली

Diwali

अक्टूबर–नवंबर

महत्व

दीपावली प्रकाश, समृद्धि व शुभता का महापर्व है और कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है।

यह एक दिन का नहीं, पाँच दिन का पर्व है — धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली (लक्ष्मी-गणेश पूजन), गोवर्धन पूजा तथा भाई दूज। मुख्य दिन अमावस्या की रात्रि है, जब दीप जलाकर लक्ष्मी व गणेश का पूजन किया जाता है।

परंपरा इसे श्रीराम के चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटने से जोड़ती है, जब नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था।

पूजन विधि व परंपरा

  • प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश पूजन
  • दीप प्रज्वलन तथा रंगोली
  • धनतेरस पर धातु व बर्तन की खरीद
  • बही-खाता तथा तिजोरी का पूजन
  • लक्ष्मी आरती व लक्ष्मी चालीसा का पाठ
  • कनकधारा स्तोत्र का पाठ
  • मिष्ठान्न व प्रसाद वितरण

तिथि / पंचांग

तिथिअमावस्या
पक्षकृष्ण
माहकार्तिक
समय (लगभग)अक्टूबर–नवंबर
आराध्यमाँ लक्ष्मी, श्री गणेश
स्रोतhi.wikipedia.org/wiki/दीपावली — कार्तिक अमावस्या; पाँच दिवसीय पर्व (धनतेरस से भाई दूज); श्रीराम के अयोध्या लौटने की परंपरा
आज का पंचांग

दीपावली — सामान्य प्रश्न

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