FAQ
माँ लक्ष्मी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माँ लक्ष्मी धन, समृद्धि और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी हैं — भगवान विष्णु की शक्ति। माँ लक्ष्मी धन, ऐश्वर्य, सौंदर्य और सौभाग्य की देवी तथा भगवान विष्णु की पत्नी हैं। समुद्र मंथन से प्रकट हुई माता कमल पुष्प पर विराजमान रहती हैं।
परंपरा के अनुसार माँ लक्ष्मी का वाहन उल्लू है। उनकी शक्ति/संगिनी भगवान विष्णु मानी जाती हैं।
माँ लक्ष्मी का बीज मंत्र "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" है। रोमन में इसे "Om Shreem Mahalakshmyai Namah" लिखा जाता है। मंत्र-जप श्रद्धा व नियमितता पर आधारित परंपरा है।
परंपरा में माँ लक्ष्मी की आराधना के लिए शुक्रवार विशेष माना जाता है। इस दिन व्रत, मंत्र-जप और संबंधित पाठ का विधान बताया जाता है।
माँ लक्ष्मी को महालक्ष्मी, श्री, पद्मा, कमला आदि नामों से भी जाना जाता है। हर नाम उनके किसी एक स्वरूप या गुण की ओर संकेत करता है।
कमलासना, चतुर्भुजा, दो हाथों में कमल, एक वरमुद्रा में तथा एक से स्वर्ण-वर्षा; साथ में दो हाथी। परंपरा में उन्हें धन, समृद्धि, ऐश्वर्य, सौभाग्य का अधिष्ठाता माना जाता है।
इस पृष्ठ पर माँ लक्ष्मी से जुड़े 9 भक्ति पाठ उपलब्ध हैं — आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र सहित। हर पाठ हिन्दी, IAST और रोमन तीनों लिपियों में पढ़ा जा सकता है।
