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FAQ
वैभव लक्ष्मी व्रत कथा — सामान्य प्रश्न
साधक अपनी श्रद्धा व संकल्प के अनुसार ग्यारह अथवा इक्कीस शुक्रवार यह व्रत रखते हैं, और मनोकामना पूर्ण होने पर विधिपूर्वक उद्यापन करते हैं।
इसमें माँ महालक्ष्मी के "श्री" स्वरूप का पूजन प्रमुख है। स्वच्छता तथा श्रद्धा इस व्रत के दो मुख्य नियम बताए गए हैं।
यह व्रत धन, वैभव तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति हेतु किया जाता है। परंपरा में इसे शुक्रवार के दिन रखने का विधान है, क्योंकि वह माता लक्ष्मी का वार माना जाता है।
संकल्प अनुसार सामान्यतः 11 या 21 शुक्रवार व्रत रखा जाता है और मनोकामना पूर्ण होने पर उद्यापन किया जाता है।
माँ लक्ष्मी को खीर या सफेद मिठाई का भोग प्रिय है; पूजन में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
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