मुरासुर वध की कथा
प्राचीन काल में मुर नामक एक अत्यंत बलशाली असुर ने देवताओं को पराजित कर त्रिलोक में आतंक मचा दिया। देवगण भगवान विष्णु की शरण में गए।
भगवान विष्णु ने मुर से दीर्घकाल तक युद्ध किया। एक समय विश्राम हेतु वे गुफा में गए, तभी मुर ने आक्रमण किया। उसी क्षण विष्णु के शरीर से एक तेजस्विनी देवी प्रकट हुईं और उन्होंने मुर का संहार कर दिया।
प्रसन्न होकर विष्णु ने उस देवी को "एकादशी" नाम दिया और वरदान दिया — जो भी एकादशी के दिन व्रत करेगा, उसके समस्त पाप नष्ट होंगे और उसे विष्णुलोक की प्राप्ति होगी। तभी से एकादशी व्रत का माहात्म्य प्रचलित हुआ।