ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

oṃ śrīṃ mahālakṣmyai namaḥ

Lakshmi Mantra

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
शुक्रवार; दीपावली
उद्देश्य:धन (Wealth)समृद्धि (Prosperity)सौभाग्य (Fortune)
✓ संपूर्ण बीज मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः माँ महालक्ष्मी का बीज मंत्र है — इसमें "श्रीं" लक्ष्मी का बीजाक्षर है, और अर्थ है "माँ महालक्ष्मी को नमस्कार"। इसे धन, समृद्धि और सौभाग्य के भाव से जपा जाता है, प्रायः 108 बार, विशेषकर शुक्रवार और दीपावली पर।

परिचय

माँ लक्ष्मी धन, समृद्धि और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी हैं — भगवान विष्णु की शक्ति।

स्रोत: पारंपरिक महालक्ष्मी बीज मंत्र

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
IASToṃ śrīṃ mahālakṣmyai namaḥ
प्रकारबीज मंत्र (मूल मंत्र भी)
देवतामाँ लक्ष्मी
मूल स्रोतपारंपरिक महालक्ष्मी बीज मंत्र
जप संख्या108
मालाकमलगट्टा या स्फटिक माला
शुभ दिनशुक्रवार; दीपावली
पाठ समय30 सेकंड
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः पारंपरिक महालक्ष्मी बीज मंत्र के रूप में जाना जाता है। माँ महालक्ष्मी को नमस्कार। यहाँ "श्रीं" माँ लक्ष्मी का बीजाक्षर है, जो धन, समृद्धि और शुभता का प्रतीक है।

मंत्र के प्रत्येक पद का अपना अर्थ है: ॐ — प्रणव — परब्रह्म का प्रतीक; श्रीं — लक्ष्मी का बीजाक्षर (श्री-तत्त्व); महालक्ष्म्यै — महालक्ष्मी को; नमः — नमस्कार। इन्हीं पदों के मेल से पूरे मंत्र का भाव बनता है, इसलिए जप करते समय इनका स्मरण रखना उपयोगी कहा जाता है।

यह बीज मंत्र है — अर्थात इसका केंद्र बीजाक्षर है, जिसका अर्थ शब्दकोश से नहीं, ध्वनि व परंपरा से लिया जाता है। इसी कारण बीज मंत्रों में उच्चारण-शुद्धि पर सबसे अधिक बल दिया जाता है, और परंपरा इनके लिए गुरु-दीक्षा को श्रेष्ठ मानती है।

परंपरा में इसका जप 108 बार — एक माला — कहा जाता है, और इसके लिए कमलगट्टा या स्फटिक माला बताई जाती है। इसके लिए शुक्रवार; दीपावली विशेष कहे जाते हैं। परंपरा में यह भी कहा जाता है कि संख्या से अधिक महत्व नियमितता का है।

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मंत्र

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ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

oṃ śrīṃ mahālakṣmyai namaḥ ||

Om Shreem Mahalakshmyai Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "श्रीं" को "श्री" के बाद अनुस्वार की नासिक्य ध्वनि सहित ("श्रीम्") बोलें। फिर "म-हा-ल-क्ष्म्यै" में "क्ष्म्यै" का स्पष्ट उच्चारण करें और अंत में "न-मः"।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
श्रींलक्ष्मी का बीजाक्षर (श्री-तत्त्व)
महालक्ष्म्यैमहालक्ष्मी को
नमःनमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. माँ महालक्ष्मी को नमस्कार। यहाँ "श्रीं" माँ लक्ष्मी का बीजाक्षर है, जो धन, समृद्धि और शुभता का प्रतीक है।

लाभ

  • धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
  • आर्थिक बाधाएँ व दरिद्रता दूर होती हैं।
  • घर में सुख-शांति और सौभाग्य का वास होता है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: कमलगट्टा या स्फटिक माला

उत्तम समय: संध्या व शुक्रवार

जप का उत्तम समय

शुक्रवार कोदीपावली व धनतेरस परसंध्या पूजा में

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

माँ लक्ष्मी के समक्ष कमल पुष्प व मिठाई अर्पित कर कमलगट्टा या स्फटिक माला से 108 बार जप करें। दीपावली व शुक्रवार को नित्य जप विशेष शुभ माना जाता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराsharandham.com — लक्ष्मी मंत्र
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

माँ लक्ष्मी

Goddess Lakshmi

माँ लक्ष्मी धन, समृद्धि और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी हैं — भगवान विष्णु की शक्ति।

देवता वर्गधन · समृद्धि · ऐश्वर्य · सौभाग्य
वाहनउल्लू
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मुख्य मंत्रॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
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