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FAQ
करवा चौथ व्रत कथा — सामान्य प्रश्न
रात्रि चंद्रोदय पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर, छलनी से चंद्र व पति का मुख देखकर, पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोला जाता है।
हाँ, कुछ परंपराओं में कुँवारी कन्याएँ भविष्य में अच्छे वर की कामना से (प्रायः बिना निर्जल नियम के) यह व्रत रखती हैं।
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